अमेरिका-ईरान में एक बार फिर से जंग भड़क गई है. इसके चलते मिडिल ईस्ट में नए सिरे से टेंशन पैदा हो गई है. इसी बीच अमेरिकी डिजिटल मीडिया वेबसाइट Axios के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि ईरानी अधिकारियों ने कुछ देर पहले फोन किया था. वे समझौता करना चाहते हैं.

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ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम अशोभनीय भाषा से नहीं, बल्कि कार्रवाई से जवाब देते हैं. उन्होंने कहा कि ट्रंप के बयान ईरानी जनता की महानता, सम्मान और दृढ़ संकल्प को कम नहीं कर सकते. ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी दबाव या अपमानजनक बयानबाजी से पीछे हटने वाला नहीं है.

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले से गुस्साए अमेरिका ने ईरान पर फिर से धावा बोल दिया है. चाबहार बंदरगाह से लेकर बंदर अब्बास तक अमेरिकी सेना ने जमकर बमबारी की. इन भीषण हमलों से ईरान पस्त नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक दिन पहले ही ऐलान किया था कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर समझौता खत्म हो चुका है. 

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ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका से संपर्क किया- ट्रंप

अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी हमले के बाद से ईरान बैकफुट पर है. ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका से संपर्क किया है और वो समझौता करना चाहते हैं. ट्रंप के मुताबिक तेहरान ने बातचीत के लिए संपर्क किया था. ट्रंप का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं है कि किसी समझौते का पालन करने के मामले में ईरान पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं.

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन ने तेहरान की तुलना में कहीं अधिक जोरदार जवाब दिया. ट्रंप ने कहा कि हमने उन पर बहुत जोरदार हमला किया. उन्होंने कहा कि हर बार जब वे (ईरानी) हम पर 1 हमला करेंगे तो हम उन पर 20 हमले करेंगे. जब वे हमला करते हैं, तो हम कहीं अधिक जोरदार पलटवार करते हैं.

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