ईरान के रणनीतिक रूप से अहम खर्ग द्वीप पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं. स्थानीय सूत्रों के अनुसार हमले के दौरान द्वीप पर लगातार कई विस्फोटों की आवाज सुनी गईं और कुछ इलाकों से धुआं उठता देखा गया. हालांकि प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि इन हमलों में ईरान के तेल से जुड़े अहम ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

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हमले के दौरान 15 से अधिक धमाकों की आवाजफील्ड सूत्रों ने बताया कि हमलों के दौरान खर्ग द्वीप पर 15 से अधिक धमाकों की आवाज सुनी गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोटों के बाद द्वीप के कुछ हिस्सों से घना धुआं उठता देखा गया, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशानासूत्रों के अनुसार हमलों में दुश्मन ने मुख्य रूप से सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की. इनमें सेना की एयर डिफेंस प्रणाली, जोशन नौसैनिक अड्डा, हवाई अड्डे का कंट्रोल टावर और कॉन्टिनेंटल शेल्फ हेलीकॉप्टर हैंगर शामिल थे.

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तेल ढांचे को नहीं हुआ नुकसानमैदान से मिली जानकारी के मुताबिक इन हमलों के बावजूद द्वीप के तेल से जुड़े किसी भी प्रमुख ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है. खर्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है.

ऊर्जा ढांचे पर हमले के परिणामों को लेकर ईरान की चेतावनीईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. ईरान का कहना है कि ऐसी स्थिति में पूरे क्षेत्र में मौजूद तेल और गैस के उन ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है जिनमें अमेरिका और उसके सहयोगियों की हिस्सेदारी है.

ट्रंप का दावा: सभी सैन्य ठिकाने निशाने परहमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने खर्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है. दुश्मन की ओर से पहले यह दावा किया गया था कि द्वीप की एयर डिफेंस प्रणाली पूरी तरह नष्ट कर दी गई है. लेकिन हमले के लगभग एक घंटे बाद ही एयर डिफेंस की गतिविधियां फिर से देखी गईं, जिससे इन दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं.

मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारीट्रंप पहले भी ईरान की मिसाइल क्षमताओं के पूरी तरह खत्म होने का दावा कर चुके हैं. हालांकि ईरान की ओर से जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला अब 48वें दौर तक पहुंच चुका है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.