Bangladesh Rohingya News: बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों को यूनाइटेड नेशन (यूएन) ने झटका दिया है. संयुक्त राष्ट्र अगले महीने बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए फूड फंड को 12.50 डॉलर से घटाकर 6 डॉलर प्रति महीना कर देगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि यूएन को फंड नहीं मिल रहा है. ऐसा करने से दुनिया की सबसे बड़ी शरणार्थी बस्ती (रोहिंग्या) में भुखमरी का खतरा मंडराने लगा है.

UN के एक्शन ने बांग्लादेश हुआ परेशान

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक शरणार्थी शिविरों की देखरेख करने वाले बांग्लादेश के शीर्ष अधिकारी मोहम्मद मिजानुर रहमान ने कहा कि उन्हें मंगलवार (4 मार्च 2025) को मौखिक रूप से इस बात की जानकारी दी गई थी और आज यानी बुधवार (5 मार्च 2025) 6.50 डॉलर की कटौती वाला लेटर भी भेजा गया, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा. उन्होंने बताया कि अभी तक जो फंडिंग उन्हें मिल रही है, वह पहले से ही पर्याप्त नहीं है और ऊपर से नई कटौती होने की दिक्कतें बढ़ गई है.

बांग्लादेश ने 10 लाख से अधिक रोहिंग्या को दी शरण

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) के प्रवक्ता ने इस पर जवाब नहीं दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश ने दस लाख से अधिक रोहिंग्या को शरण दी है, जो 2016 और 2017 में पड़ोसी म्यांमार के रखाइन राज्य से भागकर आ गए थे. वो लोग नरसंहार के इरादे से की गई म्यांमार सेना की कार्रवाई से बचने के लिए बांग्लादेश भाग आए थे.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 लगभग 70,000 लोग बांग्लादेश भाग गए, जिसका एक कारण उनके गृह राज्य रखाइन में बढ़ती भूखमरी भी थी. डब्ल्यूएफपी ने कहा है कि वह राशन की कीमत 12.50 डॉलर प्रति माह रखने के लिए पैसे जुटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे दुनिया के कई देशों से फंडिंग नहीं मिल पाया.

अमेरिका देता था सबसे ज्यादा फंड

डब्ल्यूएफपी ने स्वीकार किया कि इस कटौती से शरणार्थियों के परिवार पर दवाब बढ़ेगा ओर शिविरों के भीतर तनाव बढ़ेगा. मिजानुर रहमान ने कहा, "डब्ल्यूएफपी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या यह कटौती संयुक्त राज्य अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ओर से वैश्विक स्तर पर विदेशी सहायता में कटौती के कारण हुई है या कोई और वजह है, क्योंकि अमेरिका सबसे ज्यादा फंड देता था."

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