अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के तहत सीजफायर लागू करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मजु को फिर से खोलने पर सहमति तो बन गई है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की नई चेतावनी ने विकासशील देशों के भीतर डर भर दिया है. यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कहना है कि मिडिल ईस्ट के टकराव ने ऊर्जा के सबसे बड़े झटके को जन्म दिया है.
एंटोनियो गुटेरेस ऊर्जा संकट को लेकर चेताया
एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव ने अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है. कई विकासशील देशों के लिए यह सिर्फ ऊर्जा का संकट नहीं है, बल्कि यह कर्ज, भोजन और विकास से जुड़ा एक बड़ा झटका भी है. किसी भी शांति समझौते से राहत तो मिलेगी, लेकिन इसके असर लंबे समय तक बने रहने की संभावना है.' विकासशील देशों में भारत का नाम भी आता है. हालांकि भारत सरकार ने लगातार कहा है कि देश में तेल और एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है.
ईरानी तेल निर्यात पर अमेरिका ने दी ढील
अमेरिका ने सोमवार (22 जून 2026) को ईरानी तेल के निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में अगस्त तक के लिए ढील दे दी. यूएस ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने 'ईरान जनरल लाइसेंस एक्स' जारी किया. इसके तहत 21 अगस्त तक ईरान से निकलने वाले कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन, डिलीवरी और बिक्री की अनुमति दी गई है.
लाइसेंस के मुताबिक, ईरानी मूल के कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन, बिक्री, डिलीवरी या उतारने (ऑफलोडिंग) से जुड़े वे सभी जरूरी लेन-देन, जो पहले प्रतिबंधों के दायरे में आते थे, अब 21 अगस्त को रात 12:01 बजे (ईस्टर्न डेलाइट टाइम) तक अधिकृत रहेंगे. यह अनुमति ईरानी ऊर्जा निर्यात से जुड़ी कई तरह की गतिविधियों को कवर करती है, जिनमें उन जहाजों से जुड़े लेनदेन भी शामिल हैं जो अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत ब्लॉक किए गए थे.
लाइसेंस के तहत इन सेवाओं को मंजूरी
ओएफएसी ने कहा कि इस लाइसेंस के तहत ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पाद ले जाने वाले जहाजों के सुरक्षित रूप से बंदरगाह पर लगने और लंगर डालने, चालक दल की सुरक्षा और स्वास्थ्य, आपातकालीन मरम्मत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की भी अनुमति होगी. इसके अलावा जहाजों के प्रबंधन, क्रू उपलब्ध कराने, ईंधन भरने (बंकरिंग), पायलट सेवाओं, रजिस्ट्रेशन, झंडा पंजीकरण (फ्लैगिंग), बीमा और बचाव जैसी सेवाएं भी इस लाइसेंस के तहत मंजूर होंगी.
लाइसेंस के अनुसार, ईरान से आने वाले कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों का अमेरिका में आयात भी किया जा सकेगा, यदि वह अधिकृत बिक्री, डिलीवरी या ऑफलोडिंग से जुड़ा हो. ओएफएसी ने यह भी कहा कि ईरान, ईरानी सरकार या प्रतिबंधित व्यक्तियों को ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद के बदले जो भुगतान किया जाना है, वह अमेरिकी डॉलर में भी किया जा सकता है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड के ब्यूर्गेनस्टॉक में बातचीत जारी रखे हुए हैं.
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