ब्रिटेन में स्थायी रूप से बसने की चाह रखने वाले प्रवासियों को अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त अंग्रेजी भाषा परीक्षण से गुजरना होगा. प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की अगुवाई वाली सरकार अगले हफ्ते नई इमिग्रेशन पॉलिसी पेश करने जा रही है, जिसमें फ्लुएंट इंग्लिश यानी धाराप्रवाह अंग्रेजी की अनिवार्यता शामिल होगी.

The Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक प्रवासियों को केवल जीसीएसई (GCSE) स्तर की बुनियादी अंग्रेजी भाषा ज्ञान की जरूरत होती थी. लेकिन प्रस्तावित नियमों के तहत यह मानक बढ़ाकर A-लेवल (A-Level) कर दिया जाएगा. यह स्तर अंग्रेजी को विदेशी भाषा के रूप में पढ़ने वालों के लिए काफी ऊंचा माना जाता है.

अब सिर्फ बुनियादी अंग्रेजी नहीं, बल्कि A-लेवल की जरूरत

अब तक प्रवासियों को केवल जीसीएसई (GCSE) स्तर की बुनियादी अंग्रेजी भाषा ज्ञान की जरूरत होती थी. लेकिन प्रस्तावित नियमों के तहत यह मानक बढ़ाकर A-लेवल (A-Level) कर दिया जाएगा. यह स्तर अंग्रेजी को विदेशी भाषा के रूप में पढ़ने वालों के लिए काफी ऊंचा माना जाता है.

क्या कहता है होम ऑफिस?

ब्रिटेन के होम ऑफिस के मुताबिक, नया मानक यह सुनिश्चित करेगा कि प्रवासी बिना हिचक के धाराप्रवाह और सहज तरीके से अंग्रेजी में बातचीत कर सकें. साथ ही सामाजिक, पेशेवर और शैक्षणिक माहौल में प्रभावी संवाद स्थापित कर सकें.

क्यों लाया जा रहा यह बदलाव?

ब्रिटेन में नेट माइग्रेशन 2023 में रिकॉर्ड 7.28 लाख तक पहुंच गया है. सरकार चाहती है कि देश के भीतर 90 लाख से ज्यादा बेरोज़गार नागरिकों को काम में लगाया जाए. माना जा रहा है कि प्रवासियों में भाषा दक्षता से समाज में बेहतर घुलने-मिलने और नौकरी पाने की संभावना बढ़ेगी.

क्या होगा असर?

यह नई नीति भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफ्रीकी देशों से आने वाले प्रवासियों पर असर डाल सकती है, जहां अंग्रेजी कई बार दूसरी या तीसरी भाषा होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, अंग्रेजी स्तर बढ़ाने की यह शर्त प्रवासियों को लंबे समय तक अनिश्चितता में डाल सकती है. साथ ही, इससे उन लोगों की संख्या में भी गिरावट आ सकती है जो ब्रिटेन में बसने की योजना बना रहे हैं.

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