ईरान पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का रक्षा समझौते को लेकर नाराजगी जता रहा है। उसे लग रहा है कि यह समझौता उसके खिलाफ है।
मक्का रक्षा समझौते पर भड़का ईरान तो आया तुर्किए का रिएक्शन, कहा - 'ये केवल...'
Iran on Mecca Defence Pact: तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि तुर्किए, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में साइन किए गए मक्का रक्षा समझौता किसी भी तरह से ईरान के खिलाफ नहीं किया है.

- तुर्की ने ईरान विरोधी मक्का समझौते के दावों को खारिज किया।
- विदेश मंत्री ने बताया यह समझौता सिर्फ रक्षात्मक प्रकृति का है।
- सऊदी ने अमेरिका को ईरान से बातचीत का सुझाव दिया था।
- क्राउन प्रिंस सलमान ने ट्रंप को भी यही संदेश दिया।
पश्चिम एशिया में अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए मक्का रक्षा समझौते को लेकर तीखा रुख अपनाया है, जिसके बाद इस मामले पर अब तुर्किए के विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया सामने आई है. तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि तुर्किए, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में साइन किए गए मक्का रक्षा समझौता किसी भी तरह से ईरान के खिलाफ नहीं किया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक रक्षात्मक प्रकृति का समझौता है, जिसका असली मकसद किसी भी देश पर हमला बोलना या उसे खत्म कर देना नहीं है.
ईरान के साथ भंसे मामले पर बोले हकान फिदान
तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान ने शनिवार (8 अगस्त, 2026) को अनादोलू एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सऊदी अरब के रुख के बारे में बताते हुए कहा कि सऊदी अरब ने ईरान पर हमला करने या उसे तबाह करने को लेकर कोई रणनीति नहीं बनाई है, बल्कि सऊदी अरब का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास हो रही हिंसा को खत्म करना है.
उन्होंने कहा कि रियाद ने अमेरिका के पहले ही बता दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बनाने से परेशानी का हल नहीं निकल सकता है और उसने ईरान के साथ अमेरिका के विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत और समझौते के माध्यम का इस्तेमाल करने का समर्थन किया है.
MBS की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप को क्या मैसेज दिया गया?
तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) को लेकर एक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मक्का में हाल ही में हुई बैठक के दौरान ही इस बात को साफ-साफ स्पष्ट कर दिया था. इसक बाद सलमान की तरफ से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई उनकी बातचीत के दौरान भी यह मैसेज दे दिया गया है.
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Frequently Asked Questions
ईरान किस बात को लेकर नाराजगी जता रहा है?
तुर्किए के विदेश मंत्री ने मक्का रक्षा समझौते के बारे में क्या कहा?
तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि यह समझौता ईरान के खिलाफ नहीं है। इसका मकसद किसी देश पर हमला करना या उसे खत्म करना नहीं, बल्कि यह केवल रक्षात्मक प्रकृति का है।
सऊदी अरब का ईरान के प्रति क्या उद्देश्य है?
सऊदी अरब का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हो रही हिंसा को खत्म करना है। सऊदी अरब ने ईरान पर हमला करने या उसे तबाह करने की कोई रणनीति नहीं बनाई है।
सऊदी अरब अमेरिका-ईरान विवाद को कैसे सुलझाना चाहता है?
सऊदी अरब ने अमेरिका को बताया है कि सैन्य दबाव से समस्या का हल नहीं निकल सकता। रियाद बातचीत और समझौते के माध्यम से विवाद सुलझाने का समर्थन करता है।






















