Dakshin Korea Driverless Bus: दक्षिण कोरिया की राजधानी में हाल ही में सेल्फ-ड्राइविंग बस का ट्रायल किया गया, जो एक प्रयोग का हिस्सा था. इस बारे में इंजीनियरों ने कहा कि सेल्फ-ड्राइविंग बस का उद्देश्य सड़क पर चालक रहित वाहनों के साथ लोगों को अधिक सहज महसूस कराना है. नई बस एक नॉर्मल बस की तरह नहीं दिखती है. ये किनारे से गोल है, बड़ी खिड़कियां हैं जो एक खिलौने की तरह दिखाई देती है.
सेल्फ-ड्राइविंग बस एक सामान्य बस जैसी नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह से सिस्टेमैटिक्स है, इसके कोने गोल है, चौड़ी खिड़कियां हैं. देखने में ऐसा लगता है ये बस मॉडर्न मोड की तुलना में एक खिलौना अधिक है. ये सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को 42 डॉट विकसित की है, जो अब दक्षिण कोरियाई व्यवसाय हुंडई के स्वामित्व में है. 42 डॉट में सेल्फ-ड्राइविंग के प्रमुख जियोंग सेओंग-ग्युन का कहना है कि ऐसा डिजाइन जानबूझकर तैयार किया गया है.
कैसी चलती है बस
सेओंग-ग्युन ने बताया, ये बस महंगे सेंसर के बजाय रास्ते को नेविगेट करने के लिए कैमरों और रडार का इस्तेमाल करती है. कंपनी का लक्ष्य कम खर्च वाली सुरक्षित तकनीक और भविष्य में कई प्रकार के वाहनों के लिए आसानी से हस्तांतरणीय बनाना था. उदाहरण के लिए, डिलीवरी ट्रक. फिलहाल अभी सेल्फ-ड्राइविंग बस को एक सुरक्षा चालक बारीकी से निगरानी कर रहा है .
ट्रायल में लोगों ने अपना अनुभव बताया
सेल्फ-ड्राइविंग बस में एक ऐप के जरिए मुफ्त सीट बुक करने के बाद यहां की जनता दो निर्धारित स्टॉप पर सवार हो सकती है. शुक्रवार को बस में सवारी के बाद, 68 वर्षीय किम यी हे-रन ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं भविष्य की यात्रा करने के लिए टाइम मशीन में कूद गया हूं. मैंने सोचा कि यह मुझे अचानक तेज गति से चक्कर आ सकता है लेकिन मुझे ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ."
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