Yoon Suk Yeol: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक योल को रविवार तड़के औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया. सियोल वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने उनके अरेस्ट वॉरेंट को मंजूरी दी. बता दें कि यून सुक योल ने पिछले महीने देश में मार्शल लॉ लागू करने का एलान कर दिया था. उनकी यह कोशिश कुछ ही देर में फेल हो गई थी और इसके बाद उन पर महाभियोग लगा दिया गया था. कुछ दिन पहले ही उन्हें सियोल स्थित राष्ट्रपति भवन से हिरासत में लिया गया था.
बीते बुधवार को बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल भेजकर यून सुक योल को उनके घर से हिरासत में लिया गया. इसके बाद उनकी लीगल टीम ने रिहाई के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. शनिवार को कोर्ट में इस मामले पर देर तक बहस चली. आखिर में कोर्ट ने यून को सबूतों को नष्ट करने के संभावित कारणों के चलते रिहाई देने से मना कर दिया और उनके अरेस्ट वारंट को मंजूरी दे दी.
पुलिस और मिलिट्री के साथ मिलकर भ्रष्टाचार जांच केंद्र के बड़े अधिकारी अब यून की गिरफ्तारी को 20 दिन तक के लिए बढ़ाने की अपील कर सकते हैं. उधर, यून के वकील कोर्ट के अरेस्ट वारंट के खिलाफ याचिका दायर करने की तैयारी में है.
कोर्ट के बाहर भी हुआ जमकर हंगामायून सुक योल को उइवांग स्थित डिटेंशन सेंटर से एक नीली वेन में पूरी सुरक्षा के साथ सियोल की जिला कोर्ट में लाया गया था. जैसे ही वह कोर्ट परिसर में पहुंचे तो उन्हें देखने बड़ी संख्या में उनके समर्थक वहां मौजूद थे. ये समर्थन उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई. 20 प्रदर्शनकारी तो फेंस पर चढ़कर कोर्ट की ओर बढ़ने का प्रयास करते हुए भी पकड़े गए. भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारियों की दो गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई. कुल 40 लोगों को इस दौरान हिरासत में लिया गया.
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