कश्मीर मुद्दे पर रूस की राय जानने चला पाकिस्तान, भारत के 'दोस्त' ने सुना दी खरी-खरी
Russia on Kashmir Issue: एक पाकिस्तानी न्यूज एंकर ने हाल ही में अपने कार्यक्रम में पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव से कश्मीर विवाद पर सवाल किया.

जम्मू-कश्मीर का राग अलापने की पाकिस्तान की पुरानी आदत है. इसके चलते वह कई बार शर्मसार भी हो चुका है, लेकिन उसकी यह आदत बदलती नहीं है. पाकिस्तान के खोखले दावे के चलते एक बार फिर उसे विश्व पटल पर शर्मसार होना पड़ा है. ताजा मामला एक पाकिस्तानी चैनल का है. स्थानीय न्यूज चैनल पर रूस ने स्पष्ट रूप से कहा कि कश्मीर विवाद का समाधान केवल भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत से ही संभव है और किसी तीसरे पक्ष का दखल नहीं होना चाहिए.
पाक एंकर के सवाल पर रूस ने दिया साफ जवाब
एक पाकिस्तानी न्यूज एंकर ने हाल ही में अपने कार्यक्रम में पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव से कश्मीर विवाद पर सवाल किया. एंकर ने पूछा कि क्या भारत की हिचकिचाहट के कारण कश्मीर विवाद परमाणु संकट में बदल सकता है. इस पर रूसी राजदूत ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान को यह मुद्दा केवल द्विपक्षीय तरीके से हल करना चाहिए, और तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप कश्मीर विवाद को और जटिल बनाता है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस भारत का पक्ष रखता है और कश्मीर मुद्दे पर कोई तीसरा दखल नहीं होना चाहिए.
Kashmir Issue Should be Resolved Only Bilaterally: Russian Ambassador Backs India’s Stance in Pakistani Media
— Dhairya Maheshwari (@dhairyam14) October 17, 2025
Pakistan anchor: Do you believe that India’s reluctance to solve Kashmir dispute per UN resolutions could lead to a nuclear war?
Russian Ambassador to Islamabad Albert… pic.twitter.com/LQSCyhMxAe
जम्मू-कश्मीर पर भारत का स्पष्ट रुख
भारत ने बार-बार यह साफ किया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है और अब किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस पर बहस नहीं होगी. पाकिस्तान केवल पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) के मसले पर ही बातचीत की मांग कर सकता है.
ऑपरेशन सिंदूर में मिली करारी हार
इस साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया. भारत ने सिंधु जल संधि रद्द की और 7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. इस अभियान में 100 से अधिक लश्कर और जैश के आतंकवादी ढेर हुए. पाकिस्तान ने चीन और तुर्की की मदद लेने की कोशिश की, लेकिन उसके हमले असफल रहे. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला करके उन्हें भी नुकसान पहुंचाया. चार दिन बाद पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की मांग की.
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Source: IOCL


























