'भारत ने बंद कर दिया रूस से तेल खरीदना', पुतिन के देश से आया ट्रंप को मिर्ची लगाने वाला मैसेज, 'कोई वजह नहीं...'
रूस ने वॉशिंगटन के इस दावे का खंडन किया है कि भारत ने कच्चे रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है.

रूस ने बुधवार (18 फरवरी) को वॉशिंगटन के उस दावे का खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि भारत ने कच्चे रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है. रूस ने कहा कि उसके पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि नई दिल्ली ने एनर्जी इंपोर्ट पर अपना रुख बदला है.
क्या बोलीं मारिया ज़खारोवा
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि भारत द्वारा रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करती है. उन्होंने कहा, “हमारे पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि भारत ने रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदने के मुद्दे पर अपना रुख बदल लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दावों में कुछ भी नया नहीं है, जिन्होंने स्वतंत्र देशों को निर्देश देने का अधिकार हथिया लिया है.”
ट्रंप ने किया था दावा
रूस का ये बयान वॉशिंगटन के उस दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि नई दिल्ली ने रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने की प्रतिबद्धता जताई है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गया है. हाल ही में में भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया था कि भारत अब रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा.
ये बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन पर हुई बातचीत के बाद आया. बाद में दोनों पक्षों ने भारतीय सामान पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की. इस कटौती में वो 25 प्रतिशत टैरिफ भी शामिल था, जो ट्रंप ने पिछले साल अगस्त में भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर लगाया था.
भारत का स्टैंड
भारत ने रूसी कच्चे तेल के आयात को रोकने के वॉशिंगटन के दावे की ना तो पुष्टि की है और ना ही खंडन किया है. नई दिल्ली का कहना है कि ऊर्जा खरीद संबंधी निर्णयों में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेंगे. रूस ने पहले भी अमेरिका पर भारत और अन्य देशों को रूसी तेल खरीदने से रोकने का आरोप लगाया है और कहा कि वॉशिंगटन टैरिफ, प्रतिबंध जैसे दबाव वाले उपायों का इस्तेमाल कर रहा है. जखारोवा ने यूक्रेन के यूरोपीय सहयोगियों की भी आलोचना करते हुए कहा कि वे शांति समझौते में रुचि नहीं रखते.
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Source: IOCL

























