इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विपक्ष के नेता इमरान खान अदालत की अवमानना (contempt of court) की कार्यवाही का सामना कर रहे हैं क्योंकि चुनाव आयोग ने ऐसी कार्यवाही शुरु करने के उसके क्षेत्राधिकार को चुनौती देते हुए उनकी आपत्ति दरकिनार कर दी.
तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख ने 10 जुलाई को आयोग के ट्रिब्यूनल में यह जवाब दिया था कि आयोग किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अदालत की अवमानना संबंधी कार्यवाही शुरु नहीं कर सकता क्योंकि यह अधिकार सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पास है.
पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अख़बार द डॉन की खबर है कि पांच सदस्यीय ट्रिब्यूनल ने खान को अयोग्य ठहराने की मांग से जुड़ी अकबर एस बाबर की अर्जी पर सुनवाई की और अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरु करने के उसके क्षेत्राधिकार पर पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ) प्रमुख की आपत्ति खारिज कर दी.
जनवरी में आयोग ने खान को अदालत की अवमानना नोटिस जारी किया था. खान ने आयोग पर कुछ विवादित टिप्पणी की थी.