West Asia Tensions: मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा दावे ने हालात को और गंभीर बना दिया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि बीती रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर गश्त के दौरान ईरान ने अमेरिकी एडवांस्ड अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया.
फिर बढ़ सकता है तनाव
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हेलिकॉप्टर में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई है. इसके बावजूद ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका इस हमले का जवाब जरूर देगा. इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि पहले से ही ईरान और अमेरिका के बीच हालात नाजुक बने हुए हैं.
एक दिन पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों का जवाब न देने की अपील की थी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि इससे पिछले तीन महीनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रही शांति वार्ता पर असर पड़ सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से बातचीत की और उनसे संयम बरतने को कहा. ट्रंप ने ईरान से भी बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह किया.
ट्रंप बोले- इजरायल स्वीकार करे समझौता
ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा कि अमेरिका समझौते के बेहद करीब है और उम्मीद जताई कि यह जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है. उन्होंने ईरान से कहा कि अब मिसाइल हमले बंद कर बातचीत की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के हमलों से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है और उम्मीद जताई कि इजराइल जवाबी कार्रवाई से बचेगा. ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि इजराइल पलटवार करता है, तो हालात फिर से लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रह सकते हैं.
वहीं, ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जो भी समझौता होगा, उसे इजराइल को स्वीकार करना पड़ेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ते तनाव से शांति प्रयास पूरी तरह पटरी से उतर सकते हैं. इस बीच, ट्रंप ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइली हमलों की भी आलोचना की और कहा कि वह इससे संतुष्ट नहीं हैं। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और किसी भी बड़े फैसले से क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा असर पड़ सकता है.
