पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के विवादित टिप्पणीकार जैद हामिद का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. इस ऑडियो में उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ नाराजगी जताई है और उनके लिए बेहद कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया है. जैद हामिद ने कथित तौर पर कहा कि PoK में प्रदर्शन करने वाले लोग पाकिस्तानी सेना के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और सेना पर हमले कर रहे हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को नाशुक्रा बताते हुए कहा कि अगर भारत इन इलाकों पर कब्जा कर ले तो उन्हें पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना की अहमियत समझ में आ जाएगी.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो क्लिप में दावा किया जा रहा है कि यह आवाज जैद हामिद की है. क्लिप में वह पीओके में हो रहे प्रदर्शनों और हिंसा पर बात करते सुनाई देते हैं. कथित तौर पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना को इन इलाकों में बहुत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि उन्हें पाकिस्तान और उसकी सेना की अहमियत समझ में आए. ऑडियो में वह यह भी कहते सुनाई देते हैं कि प्रदर्शनकारियों को मार-मारकर पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना की कद्र कराई जाएगी. उनके अनुसार, ऐसे लोग केवल सख्ती की भाषा समझते हैं और उनके खिलाफ कड़ा रवैया अपनाना जरूरी है.
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पाकिस्तान की सेना को याद करेंगे- जैद हामिद
जैद हामिद ने कथित तौर पर यह भी कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि रावलकोट और अन्य वे इलाके, जहां सेना के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं, भारत के कब्जे में चले जाएं. उनका कहना था कि अगर ऐसा हुआ तो वहां के लोगों को वास्तविक स्थिति का पता चलेगा और वे फिर पाकिस्तान की सेना को याद करेंगे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए कई अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया. इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी PoK के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बयान दे चुके हैं. उन्होंने प्रदर्शन करने वालों को राष्ट्र विरोधी बताते हुए कहा था कि ऐसे लोगों से किसी प्रकार की बातचीत नहीं की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी.
JAAC के नेतृत्व में लंबे समय से प्रदर्शन
PoK में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में लंबे समय से प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारी PoK विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा लोग महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय कश्मीरियों को अधिक अधिकार देने की मांग भी उठा रहे हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान कई जगह हिंसा और झड़पों की घटनाएं भी सामने आई हैं. रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है. क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
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