पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में अपने अधिकारों की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से बड़े स्तर पर प्रदर्शन जारी होने का दावा किया जा रहा है. पीओके के अलग-अलग शहरों से 80 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी रावलाकोट पहुंचे और उन्होंने पाकिस्तान की सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. खबर के अनुसार, रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में कथित तौर पर 16 प्रदर्शनकारियों की पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की कार्रवाई में मौत हो जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे. इसके बाद आधी रात को हजारों लोगों ने पाकिस्तान और चीन के खिलाफ आज़ादी के नारे लगाए.

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प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हम क्या चाहते, आज़ादी जैसे नारे लगाए. इसके बाद पाकिस्तान से लेंगे आज़ादी, चीन से लेंगे आज़ादी, गिलगिट भी मांगे आज़ादी जैसे नारे भी लगाए गए. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही अवामी एक्शन कमेटी की कई प्रमुख मांगें सामने आई हैं.

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अवामी एक्शन कमेटी की मुख्य मांग

अवामी एक्शन कमेटी की एक मुख्य मांग यह बताई गई है कि पीओके में चुने जाने वाले सांसदों, प्रधानमंत्री और मंत्रियों की शपथ में बदलाव किया जाए. वर्तमान व्यवस्था के अनुसार वे पाकिस्तान और पीओके के पाकिस्तान में विलय के प्रति वफादारी की शपथ लेते हैं. संगठन की मांग है कि इसकी जगह ऐसी शपथ हो, जिसमें जनप्रतिनिधि जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक एकता और जम्मू-कश्मीर राज्य के प्रति वफादारी की बात करें. संगठन ने यह भी मांग की है कि पीओके में मौजूद 12 कथित शरणार्थी सीटों को समाप्त किया जाए. उनका आरोप है कि इन सीटों के जरिए पाकिस्तान की सरकार और आईएसआई राजनीतिक हस्तक्षेप करती है और अपनी पसंद की सरकार बनाने में भूमिका निभाती है. इसके अलावा नई जनगणना और परिसीमन के आधार पर नई सीटें बनाई जाएं, नई मतदाता सूची तैयार की जाए और निर्वासित कश्मीरियों को डिजिटल माध्यम से मतदान का अधिकार दिया जाए. साथ ही नेताओं को मिलने वाली विशेष सुविधाओं को भी समाप्त करने की मांग की गई है.

पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में 53 लोगों की मौत

अवामी एक्शन कमेटी की कई मांगें ऐसी हैं, जो पीओके में पाकिस्तान के हस्तक्षेप को खत्म करने और क्षेत्र को पाकिस्तान से अलग करने की दिशा में मानी जा रही हैं. इसी कारण दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है और टकराव की स्थिति बनी हुई है. दावे के अनुसार, पीओके में प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में अब तक 53 आम लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. प्रदर्शन को रोकने के लिए मुख्य आयोजकों शौकत नवाज़ मीर, सरदार उस्मान नज़ीर, सरदार अमान खान और ख्वाजा मेहरान पर पीओके की सरकार ने एक-एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया है. उनके खिलाफ देशद्रोह और दंगा भड़काने के आरोपों में मामले दर्ज किए गए हैं और अवामी एक्शन कमेटी को आतंकी संगठन घोषित किए जाने का भी दावा किया गया है.

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