PM Modi France visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (10 फरवरी, 2025) को फ्रांस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचेंगे. वह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे, जो पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित होगा.
इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक नवाचार, एआई सुरक्षा और नीति-निर्माण पर चर्चा करना है. इसमें दुनिया के प्रमुख नेता, टॉप टेक एग्जीक्यूटिव एंड पॉलिसी मेकर्स भाग लेंगे. इस वैश्विक मंच में कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी.
कौन-कौन सी हस्तियां होंगी शामिल?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति: जेडी वेंसचीनी उप प्रधानमंत्री: झांग गुओकिंगयूरोपीय आयोग की अध्यक्ष: उर्सुला वॉन डेर लेयेनजर्मन चांसलर: ओलाफ स्कोल्ज़ओपनएआई के सीईओ: सैम ऑल्टमैनगूगल के सीईओ: सुंदर पिचाई
इसके अलावा, 80 से अधिक देशों के शीर्ष सीईओ और सरकारी अधिकारी इस शिखर सम्मेलन का हिस्सा होंगे.
शिखर सम्मेलन का मुख्य एजेंडा1. एआई से जुड़े जोखिमों और साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा.2. एआई-संचालित नौकरियों और निवेश की संभावनाओं पर ध्यान.3. एआई के नैतिक दायित्वों और इसके प्रभावों पर विमर्श.4. एआई के उपयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय नियम और नीतियां तय करना.
यह चीनी स्टार्टअप डीपसीक पर केंद्रित होगा, जिसने कम लागत वाले, उच्च-प्रदर्शन वाले एआई मॉडल से उद्योग में हलचल मचा दी है. फ्रांस इस आयोजन का उपयोग यूरोपीय एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए करेगा. मिस्ट्रल एक फ्रांसीसी ओपन-सोर्स एआई स्टार्टअप है, जिसे इस शिखर सम्मेलन में ध्यान मिलने की संभावना है. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है. यह साझेदारी 2047 क्षितिज रोडमैप के अनुरूप होगी.
भारत-फ्रांस रक्षा सौदे का अंतिम चरण में वार्ताफ्रांस भारत का एक प्रमुख रक्षा साझेदार है. दोनों देशों के बीच 26 राफेल लड़ाकू जेट और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद को लेकर बातचीत चल रही है. भारतीय अधिकारियों के अनुसार, यह सौदा अंतिम चरण में है और जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.
मोदी की अगली यात्राफ्रांस की अपनी यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राज्य अमेरिका जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा न केवल एआई और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत-फ्रांस रणनीतिक संबंधों को भी एक नई दिशा देगी. मार्सिले में नया वाणिज्य दूतावास और रक्षा सौदों पर अंतिम वार्ता इस दौरे के महत्वपूर्ण बिंदु हैं. इसके बाद, अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रम्प के साथ उनकी बैठक भारत की वैश्विक रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करेगी.