प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (15 दिसंबर 2025) को दो दिवसीय दौरे पर जॉर्डन पहुंचे, जिसका उद्देश्य अरब देश के साथद्विपक्षीयसंबंधोंकोऔरमजबूतकरनाहै. हुसैनियापैलेसमेंजॉर्डनकेशाहअब्दुल्लाद्वितीयइब्नअलहुसैनसे मुलाकात की और द्विपक्षीय और क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा कि जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने भारत-जॉर्डन रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बहुत पॉजिटिवआइडिया शेयर किए.

पीएम मोदी ने कहा, "इस साल हम अपने डिप्लोमैटिक रिश्तों की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं. यह मील का पत्थर हमें आने वाले कई सालों तक नई एनर्जी के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा. मुझे यकीन है कि आज की मीटिंग हमारे रिश्तों को एक नई तेजी और गहराई देगी. हम ट्रेड, फर्टिलाइज़र, डिजिटलटेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे. वैश्विर स्तर पर भी हम करीब रहे है."

आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को दिया संदेश

इस दौरान पीएम मोदी ने गाजा और आतंकवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "गाजा पर शुरूआत से ही आपकी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका रही है. हमसभीउम्मीदकरतेहैंकिक्षेत्रमेंशांति और स्थिरता बनी रहे." इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है. उन्होंने कहा आतंकवाद के खिलाफ में हमारा साझा और स्पष्ट रूख है. आपके (अब्दुल्ला हुसैन) नेतृत्व में जॉर्डन ने आतंकवाद, उग्रवाद, कट्टरता के खिलाफ सशक्त और रणनीतिक संदेश दिए हैं."

मोदी के तीन देशों के चार दिवसीय दौरे का पहला पड़ाव जॉर्डन है. इसके बाद वह इथियोपिया और ओमान भी जाएंगे. जॉर्डन के प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आजजॉर्डनमेंभारतकेप्रधानमंत्रीनरेन्द्रमोदीकाएकसम्मानितअतिथिकेरूपमेंस्वागतकरनाहमारेलिएसम्मानकीबातहै. यहयात्राहमारे 75 वर्षोंकेघनिष्ठऔर स्थायी संबंधों को दर्शाती है.हम दोनों देशों के बीच विशेष रूप से आर्थिक, निवेश और तकनीकीक्षेत्रोंमेंसहयोगकेनएआयामतलाशनेकेइच्छुकहैं.’’

भारत-जॉर्डन व्यापार कार्यक्रम को संबोधित करेंगे PM मोदी

प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीऔरशाहअब्दुल्लाकेमंगलवार (16 जनवरी 2025) कोभारत-जॉर्डनव्यापारकार्यक्रमकोसंबोधितकरनेकी उम्मीद है, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख व्यवसायी शामिल होंगे. पीएम मोदी जॉर्डन में भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे और देश के युवराज के साथ पेत्रा शहर का दौरा करेंगे, जो भारत के साथ प्राचीन व्यापारिक संबंधों को साझा करने वाला एक ऐतिहासिक शहर है. हालांकि, उनका यह दौरा मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जॉर्डन की यह पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है. पीएम मोदी फरवरी 2018 में फलस्तीन जाते समय जॉर्डन में कुछ देर रुके थे. विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते दिल्ली में कहा था, ‘‘हालांकि यह एक ट्रांसिटट्रीप थी, लेकिन शाह अब्दुल्ला की ओर से उन्हें ‍विशेष सम्मान दिया गया था, जिससे यह महज एक ट्रांसिटट्रीप से कहीं अधिक बन गई. किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह वर्तमान पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा 37 वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है.’’

भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जॉर्डन

भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं. दिल्ली अम्मान का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों देशों के बीच 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है. जॉर्डन भारत को उर्वरकों, विशेष रूप से फॉस्फेट और पोटाश का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता भी है. इस अरब देश में 17,500 से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो कपड़ा, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं.