पेट्रोल-डीजल की कीमतें होंगी कंट्रोल? भारत आ रहीं वेनेजुएला की एक्टिंग प्रेसिडेंट, ट्रंप दे चुके हैं सस्ते तेल का ऑफर
US ने वेनेजुएला के निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को वहां का एक्टिंग प्रेसिडेंट बनाया गया है. ट्रंप भी उनकी तारीफ कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि वो अच्छा काम कर रही हैं.

होर्मुज संकट की वजह से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी से इजाफा हो रहा है. बीते 10 दिनों में चौथी बार तेल के दाम बढ़े हैं. इस बीच वेनेजुएला की एक्टिंग प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज भारत दौरे पर आने वाली हैं. ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि भारत और वेनेजुएला के बीच तेल को लेकर डील हो सकती है, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों पर लगाम लगेगी.
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा इस्तेमाल करने वाला देश है और अपनी जरूरतों का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा बाहर से खरीदता है. जबसे होर्मुज संकट हुआ है, तबसे देश में तेल की किल्लत होने लगी है. मार्को रुबियो ने कहा है कि भारत को जितना चाहिए, अमेरिका उतना तेल-गैस उसे मुहैया कराएगा. अमेरिका की तरफ से संकेत साफ हैं कि वो भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है.
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मादुरो के बाद अब अमेरिका के कंट्रोल में वेनेजुएला!
दरअसल अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को वहां का एक्टिंग प्रेसिडेंट बनाया गया है. डोनाल्ड ट्रंप भी उनकी तारीफ कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि वो अच्छा काम कर रही हैं और वेनेजुएला अच्छा पैसा कमा रहा है. अमेरिकी रिफाइनरियों में वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आ रहा है. अब अमेरिका इस तेल को भारत जैसे बड़े बाजार में बेचना चाहता है.
रूसी तेल पर नाराज हुआ था अमेरिका
भारत के रूसी तेल खरीदने से अमेरिका को घोर आपत्ति थी और ट्रंप ने भारत को रूस का वॉर मशीन तक करार दिया था. अब मार्को रुबियो ने कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले हफ्ते भारत का दौरा करने वाली हैं. इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका की तरफ से भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन में वेनेजुएला का क्रूड ऑयल एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है.
एस जयशंकर ने एनर्जी को लेकर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रुबियो के साथ प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमारे लिए अमेरिका एनर्जी का एक बहुत ज़रूरी और भरोसेमंद सोर्स है, जैसा कि कुछ दूसरे देश भी हैं. इसलिए होर्मुज में मौजूदा हालात से निपटने का तरीका यह है कि हम अपने एनर्जी सोर्स को अलग-अलग तरह से इस्तेमाल करें. उन्होंने यह भी कहा कि एनर्जी मार्केट को बिगाड़ा या रोका नहीं जाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि इस रिश्ते में दोनों पक्ष अपने-अपने राष्ट्रीय हितों से आगे बढ़ते हैं. ऐसे कई क्षेत्र होंगे जहां हमारे राष्ट्रीय हित मेल खाते हैं. कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जहां वे मेल नहीं खाते, ऐसे में हमें उन स्थितियों को मैनेज करना होगा. हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए, यह ज़रूरी है कि हमारे पास कई सोर्स हों, बड़े, भरोसेमंद और सस्ते.'
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