जिम्बाब्वे में मंगलावर (11 अगस्त) को एक नाव पलटने की वजह से हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर चालीस के पार पहुंच गई है. AP न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने जानकारी दी है कि जिम्बाब्वे में एक झील में क्षमता से ज्यादा भरी नाव पलटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है. 

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हादसा करीबा झील में हुआ था. इस नाव पर करीबन 95 लोग सवार थे. पुलिस के मुताबिक, नाव में 90 यात्रियों और पांच क्रू सदस्यों के बैठने की क्षमता थी. नाव नॉर्थ शहर करीबा और कई द्विपों और मछली पकड़ने वाले कैंपों के बीच लोगों को लाने और ले जाने का काम करती थी. तेज लहरों की चपेट में आने की वजह से पलट गई. करीबा झील जिम्बाब्वे और जाम्बिया की बॉर्डर पर स्थित है. यह राजधानी हरारे से 300 किमी से ज्यादा उत्तर पूर्व में है. 

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा था कि एक नाव के डूबने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. 27 लोग लापता बताए जा रहे. बीबीसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि नाव एक तेज लहर की चपेट में आकर पलट गई. ऑनलाइन शेयर किए गए फुटेज में नाव का पलटा हुआ हिस्सा पानी में तैरता हुआ दिखाई दे रहा था. राष्ट्रपति एमरसन मनांगाग्वा ने इमरजेंसी घोषित कर दी थी. 

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स्थानीय सांसद मुत्सा ने क्या दी जानकारी? 

वहीं, स्थानीय सांसद मुत्सा मुरोम्बेदजी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा है कि यह वही नाव है, जो यात्रा की शुरुआत में दिखाई दी थी. स्थानीय लोग करीबा शहर जाने के लिए झील पार करने के वास्ते इस नाव का इस्तेमाल करते थे. इस यात्रा में लगभग पांच घंटे लगते हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हमारे पास बहुत कठिन सवाल है. इनके ईमानदार जवाब चाहिए. अधिकारियों को नाव पर सवार लोगों की सही संख्या बतानी चाहिए. 

चश्मदीद ने सुनाई हादसे की इनसाइड स्टोरी

चश्मदीद ने AFP न्यूज एजेंसी को बताया, 'नाव सुबह खराब मौसम के बावजूद सामन्य रूप से रवाना हुई थी. शायद किसी लहर की टक्कर से नाव का इंजन बंद हो गया. मैक्सटन कान्हेमा ने कहा है कि जब हम पानी में थे, तो मदद के लिए संकेत दिखाई दिया. आसपास मौजूद नावें मदद के लिए आगे आईं. कान्हेमा ने बताया कि बचाव कार्य में मदद के लिए मटुसाडो नेशनल पार्क ने एक हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराया. साथ ही स्थानीय इलाके और सेना की बड़ी नावें और गोताखोर भी मदद में शामिल हुए.'

उन्होंने कहा, 'लोग मुसीबत में थे. पानी में शव तैर रहे थे. यह मंजर बहुत दुखद था. जिन्हें बचाया जा सकता था, उन्हें बचा लिया गया. हालांकि, खराब मौसम के कारण मदद पहुंचने में थोड़ी देर हो गई. नाव तक पहुंचने में समय लगा. दुर्भाग्य से लोगों की जान चली गई. कान्हेमा ने बताया कि लगभग 60 लोगों को बचा लिया गया है. मरने वाले शवों को करीबा ले जाए जाने की उम्मीद है. पुलिस ने कहा है कि और जानकारी सही समय पर दी जाएगी.'