एक्सप्लोरर

ट्रंप को खुश करने के चक्कर में बुरा फंसा पाकिस्तान, BoP को लेकर पाकिस्तान में मचा बवाल, शहबाज के गले पड़ी मुसीबत

Board of Peace: डावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के चार्टर पर हस्ताक्षर किए.

Board of Peace: स्विट्जरलैंड के डावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) के चार्टर पर हस्ताक्षर किए. इसे शहबाज शरीफ ने एक अहम कूटनीतिक कदम बताया, लेकिन पाकिस्तान लौटते ही यह फैसला जबरदस्त राजनीतिक विवाद में घिर गया. विपक्षी दलों ने इस कदम को गैर पारदर्शी और नैतिक रूप से अस्वीकार्य करार दिया है.

गाजा संघर्ष के लिए ट्रंप की नई पहल

‘बोर्ड ऑफ पीस’ को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष समाप्त करने के लिए अपने 20 सूत्री शांति प्रस्ताव के दूसरे चरण के तहत औपचारिक रूप से पेश किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बोर्ड केवल गाजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय तंत्र के रूप में काम करेगा.
इसका दायरा शासन क्षमता निर्माण, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर फंड जुटाने तक फैला हुआ है. कई देशों में इसे संयुक्त राष्ट्र के विकल्प के रूप में उभरती व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है.

पाकिस्तान में विपक्ष का तीखा विरोध

डावोस में हुए इस हस्ताक्षर के बाद इस्लामाबाद में राजनीतिक हलचल तेज हो गई. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) ने सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. पार्टी ने एक कड़े बयान में कहा कि वह ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के सरकार के निर्णय को स्वीकार नहीं करती.

पीटीआई का कहना है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय महत्व के फैसलों में “पूर्ण पारदर्शिता और सभी प्रमुख राजनीतिक हितधारकों से व्यापक परामर्श” जरूरी है. पार्टी नेताओं ने जोर देकर कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय शांति पहल को संयुक्त राष्ट्र की बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए, न कि ऐसी “समानांतर संरचनाएं” बनानी चाहिए जो वैश्विक शासन व्यवस्था को और जटिल कर दें.

उठाई गई ये मांग

पीटीआई ने सरकार से मांग की है कि जब तक पाकिस्तान की संसद की निगरानी में व्यापक परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं होती और इसमें इमरान खान को भी शामिल नहीं किया जाता, तब तक ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में औपचारिक भागीदारी से पीछे हटना चाहिए. पार्टी ने इस फैसले पर राष्ट्रीय जनमत संग्रह कराने की भी मांग रखी है. साथ ही, पीटीआई ने स्पष्ट किया कि वह फिलिस्तीनी जनता के समर्थन में है, लेकिन गाजा या पूरे फिलिस्तीन की जनता की इच्छा के खिलाफ किसी भी योजना को स्वीकार नहीं करेगी.

सीनेट में विपक्ष के नेता ने भी जताया विरोध

शहबाज शरीफ पर दबाव उस समय और बढ़ गया जब मजलिस वहदत ए मुस्लिमीन (MWM) के प्रमुख और सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने भी इस कदम की आलोचना की. उन्होंने इसे नैतिक रूप से गलत और अस्वीकार्य बताया. इसी मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि फिलिस्तीनी सशस्त्र संगठन हमास को हथियार डालने होंगे, नहीं तो उसे “समाप्त” कर दिया जाएगा. ट्रंप के इस बयान ने भी विवाद को और हवा दी है.

‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर उठते सवाल

खुद ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहल भी सवालों के घेरे में है. ट्रंप प्रशासन ने भारत और चीन समेत करीब 60 देशों को आमंत्रित किया था, लेकिन डावोस लॉन्च के दौरान 20 से भी कम देशों ने इसमें भाग लिया. बताया जा रहा है कि इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता के लिए एक अरब डॉलर की फीस तय की गई है.

कौन कौन से देश हुए शामिल

वॉशिंगटन इस बोर्ड को गाजा और उससे आगे शांति और स्थिरता लाने वाले नए अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में पेश कर रहा है. इससे यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि यह अन्य वैश्विक संघर्षों में भी हस्तक्षेप कर सकता है. ट्रंप के आमंत्रण को स्वीकार करने वाले देशों में अर्जेंटीना, अल्बानिया, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, बुल्गारिया, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाखस्तान, कोसोवो, मोरक्को, मंगोलिया, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

लिव-इन रिलेशन में दहेज उत्पीड़न कानून लागू हो सकता है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट करेगा इस पर विचार
लिव-इन रिलेशन में दहेज उत्पीड़न कानून लागू हो सकता है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट करेगा इस पर विचार
'टाइम बम के एंगल की भी जांच होनी चाहिए', अजित पवार का जिक्र कर NCP नेता का बड़ा बयान
'टाइम बम के एंगल की भी जांच होनी चाहिए', अजित पवार का जिक्र कर NCP नेता का बड़ा बयान
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, एयरपोर्ट पर क्यों गुस्साए सूर्यकुमार यादव?
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, क्यों गुस्साए सूर्या?
Advertisement

वीडियोज

Sadhguru के आश्रम के Production Designer ने बताया किस खास तरीके से डिजाइन होता है महाशिवरात्रि का सेट!
Sadhguru और शिव जी के लिए क्यों विदेश में सब कुछ छोड़कर आते हैं लोग? | Isha Foundation
IPO Alert: Marushika Technology IPO में Invest करने से पहले जानें GMP, Price Band | Paisa Live
Imran Khan अंधे हो रहे हैं और कोई ध्यान नहीं दे रहा! Pakistan में फिर हुआ दिग्गजों का अपमान| ABPLIVE
Gold-Silver में गिरावट, क्यों बढ़ रही है Market Volatility? | Paisa Live
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लिव-इन रिलेशन में दहेज उत्पीड़न कानून लागू हो सकता है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट करेगा इस पर विचार
लिव-इन रिलेशन में दहेज उत्पीड़न कानून लागू हो सकता है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट करेगा इस पर विचार
'टाइम बम के एंगल की भी जांच होनी चाहिए', अजित पवार का जिक्र कर NCP नेता का बड़ा बयान
'टाइम बम के एंगल की भी जांच होनी चाहिए', अजित पवार का जिक्र कर NCP नेता का बड़ा बयान
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, एयरपोर्ट पर क्यों गुस्साए सूर्यकुमार यादव?
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, क्यों गुस्साए सूर्या?
Box Office Update: 'ओ रोमियो' कर रही है धमाकेदार कमाई, Border का कलेक्शन घटा, Shahid Kapoor की फिल्म से Sunny Deol का बड़ा नुकसान
'बॉर्डर 2' की कमाई लाखों में सिमटी, ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया कब्जा, रात 8 बजे तक का कलेक्शन जानें
यादों के झरोखे में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, जहां कभी देश की तकदीर लिखी जाती थी!
यादों के झरोखे में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, जहां कभी देश की तकदीर लिखी जाती थी!
जब जिंदगी में नहीं है पापा की परी तो किस काम की 14 फरवरी? वैलेंटाइंस डे पर अजब-गजब मीम्स वायरल
जब जिंदगी में नहीं है पापा की परी तो किस काम की 14 फरवरी? वैलेंटाइंस डे पर अजब-गजब मीम्स वायरल
सोने को मात देता है बांग्लादेश का कौड़ियों के भाव बिकने वाला यह गोल्ड, हर कोई खा जाता है धोखा
सोने को मात देता है बांग्लादेश का कौड़ियों के भाव बिकने वाला यह गोल्ड, हर कोई खा जाता है धोखा
Embed widget