पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार (12 जून) को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के अंतिम मसौदे पर सहमति बन गई है. यह ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुई जंग को खत्म करने में बड़ी कामयाबी हो सकती है. 

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शहबाज शरीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान महीनों से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है और अब दोनों के साथ मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा जारी मध्यस्थता प्रयासों के बीच हम शांति समझौते को विफल करने की चाह रखने वालों के दुष्प्रचार अभियान से पूरी तरह अवगत हैं. इन सब बातों को दरकिनार करते हुए हम पुष्टि कर सकते हैं कि शांति समझौते के अंतिम मसौदे पर सहमति बन चुकी है.

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उन्होंने कहा, "हम पुष्टि कर सकते हैं कि शांति समझौते का अंतिम और सर्वसम्मत मसौदा तैयार हो गया है और पाकिस्तान अब इसे अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है. शांति कभी भी इतनी करीब नहीं रही जितनी अब है." शरीफ की यह टिप्पणी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के उस बयान के कुछ ही समय बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच समझौता कभी भी इतना करीब नहीं रहा.

समझौते को लेकर क्या बोले अराघचीअमेरिका ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग बताते हुए अराघची ने मीडिया से अपील की, कि जब तक दस्तावेज़ को औपचारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया जाता, तब तक वे इसके बारे में अटकलें लगाने से बचें. 

ट्रंप ने शेयर किया ईरानी नेता का पोस्टअराघची ने एक्स पर लिखा, "इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग अब तक के सबसे करीब है. ऐसे में इसके अंतिम रूप लेने तक मीडिया को इसकी सामग्री के बारे में अटकलें लगाने से बचना चाहिए." प्रस्तावित समझौते की शर्तों को लेकर बढ़ते मतभेदों के बावजूद अराघची की बातों से कुछ उम्मीद लग रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर अराघची की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिससे इस बात की उम्मीद और बढ़ गई कि जल्द ही कोई घोषणा हो सकती है.

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