इस्लामाबाद: पाकिस्तान की संसद ने कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आम राय से एक प्रस्ताव पारित किया और कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताने के भारत के रुख को ‘हास्यास्पद’ बताते हुए खारिज कर दिया. रेडियो पाकिस्तान की ख़बर के मुताबिक कश्मीर मामलों के मंत्री बर्जीस ताहिर के नेशनल एसेंबली में पेश किए गए प्रस्ताव ने‘‘संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए कश्मीरियों के जायज संघर्ष को राजनीतिक, नैतिक और कूटनीतिक समर्थन दिया.’ इसमें कहा गया, ‘‘प्रस्ताव में भारत के हास्यास्पद दावे को खारिज कर दिया गया कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है क्योंकि भारत दो संप्रभु देशों के बीच का इसे विवाद बताते हुए खुद यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के पास ले गया था.’’ प्रस्ताव में कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की निंदा की गयी और इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की लंबी चुप्पी पर अफसोस जताया गया. इससे पहले कल प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को ‘विभाजन का अधूरा एजेंडा’ और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में विवाद का सबसे पुराना मुद्दा बताया था. उन्होंने कल ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के मौके पर कहा था, ‘‘जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान और भारत के बीच मुख्य विवाद है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार इस मुद्दे को हल किए बिना शांति और क्षेत्र के लोगों की खुशहाली का सपना अधूरा रहेगा.’’ प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कश्मीरियों को आत्मनिर्णय का अधिकार देने के लिए अपने प्रस्तावों के लागू करने की खातिर ठोस कदम उठाने का आह्वान किया गया. इसमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्थिति की गंभीरता पर ध्यान देने और भारत को मानवाधिकारों और आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान करने की अपील करने की मांग की गयी. प्रस्ताव ने पाकिस्तान और भारत से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह से उसे सौंपा गया काम पूरा करने की अपील की है.