पाकिस्तान ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने की उसकी कोशिशों में रुकावट आ गई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंदराबी ने इन खबरों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किए जा रहे हैं, जिनका किसी आधिकारिक जानकारी से कोई संबंध नहीं है.
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक ताहिर अंदराबी ने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी सरकारी सूत्र के हवाले से दी गई जानकारी गलत है. उनके मुताबिक, यह विवाद विदेश मंत्रालय में हुई एक बंद बैठक की जानकारी को गलत समझने की वजह से पैदा हुआ है. अंदराबी ने मीडिया से अपील की कि बिना पुष्टि के खबरें न चलाएं और सिर्फ आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है.
पाकिस्तान ने रिपोर्ट्स को किया खारिज
दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने का काम किया, लेकिन ईरान की तरफ से साफ जवाब नहीं मिलने की वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई. एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि ईरान ने इस्लामाबाद में किसी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया है. इन रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान और चीन दोनों ने ईरान को बातचीत के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन अब तक ईरान ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया है. हालांकि, पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कोशिशें अभी भी जारी हैं और वह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के संपर्क में बना हुआ है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंडराया खतरा
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में जंग शुरू हुई थी, जिसमें ईरान के शीर्ष नेता अली खामेनेई की भी मौत हो गई थी. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और संघर्ष बढ़ता गया. इस जंग का असर खाड़ी क्षेत्र तक फैल गया है और खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है.
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