Violence In Pakistan: पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने रविवार (24 नवंबर) को राजधानी इस्लामाबाद की ओर बढ़ते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है और पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर लोगों को परेशान करने की कोशिश की है. वहीं कुछ स्थानों से पुलिस फायरिंग की भी खबरें सामने आई हैं. ऐसे में पीटीआई समर्थक इमरान खान की रिहाई और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

जानकारी के अनुसार 13 नवंबर को इमरान खान ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान करते हुए 24 नवंबर को 'चुराए गए जनादेश' और तानाशाही शासन के खिलाफ प्रदर्शन करने की बात कही थी. राजधानी इस्लामाबाद में इस विरोध प्रदर्शन के लिए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. इसके बावजूद पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं जिससे हिंसा और संघर्ष की स्थिति बन गई है. वहीं इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इस विरोध को गैरकानूनी बताते हुए सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखने के आदेश दिए हैं.

क्या है 'गुलामी की बेड़ियां तोड़ने'वाला आंदोलन?विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर कर रहे हैं. बता दें कि एक वीडियो में उन्हें कंटेनर पर खड़ा देखा गया जहां वे पीटीआई कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा रहे थे. बताया जा रहा है कि विरोध से पहले पाकिस्तान के प्रमुख सड़कों को सील कर दिया गया है और कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं. पीटीआई के समर्थकों ने इस मार्च को 'गुलामी की बेड़ियां तोड़ने' वाला आंदोलन बताया है.

विदेशों में भी इमरान समर्थकों का प्रदर्शनपाकिस्तान में हो रहे प्रदर्शनों के साथ-साथ पीटीआई समर्थक विदेशों में भी अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अमेरिका के कैपिटल हिल के बाहर और न्यूयॉर्क में इमरान समर्थकों ने प्रदर्शन किए. इसके अलावा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ग्रीस, यूके, इटली और स्पेन में भी पीटीआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर पाकिस्तान की सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया. सोशल मीडिया पर इस आंदोलन की वीडियो शेयर की जा रही है जिससे दुनियाभर में इमरान खान के समर्थन में आवाजें उठ रही हैं.

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