पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ आसिम मुनीर की सेना नौटंकी कर रही है. उन्हें मेडिकल जांच के बाद वापस अदियाला जेल भेज दिया गया है. शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने उनका चेकअप किया. जांच के बाद डॉक्टरों ने माना कि उनका जेल में रखना फिलहाल ज्यादा सुरक्षित है.
इमरान खान को कड़ी सुरक्षा के बीच रात में ही 1 बजे अदियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया था. अस्पताल में उनकी जांच 6 एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने की. जांच पूरी होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करने के बजाय वापस जेल भेजने का फैसला लिया गया.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल ले जाया गया
इमरान खान को अस्पताल ले जाने का फैसला पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ. कोर्ट ने उनकी सेहत को देखते हुए 2 दिनों के अंदर मेडिकल जांच और इलाज के लिए उन्हें शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने इमरान खान की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने को भी कहा था. साथ ही डॉ. उज़मा और उनके निजी डॉक्टर को जांच और इलाज के दौरान मौजूद रहने की अनुमति दी गई थी. इलाज का खर्च उनके परिवार को उठाना था.
अस्पताल के बाहर कड़ी सुरक्षा
इमरान खान के अस्पताल पहुंचने से पहले शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. इससे पहले इस्लामाबाद के पुलिस इंस्पेक्टर जनरल सैयद अली नासिर रिजवी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अस्पताल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था.
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जताई थी आपत्ति
इमरान खान को निजी अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर की थी. सरकार ने दावा किया था कि कोर्ट का 18 अगस्त का अंतरिम आदेश कानूनी दायरे से बाहर है. सरकार ने यह भी कहा था कि इमरान खान की पहले भी कई बार मेडिकल जांच हो चुकी है और उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाए गए हैं. सरकार का कहना था कि जेल से अस्पताल भेजने का फैसला मेडिकल विशेषज्ञों की राय के आधार पर होना चाहिए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ऑफिस ने रिव्यू पिटीशन में कुछ आपत्तियां जताईं और उसे वापस कर दिया.
73 साल के इमरान खान लंबे समय से जेल में
इमरान खान 2023 से जेल में हैं. उन्हें कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है. इमरान खान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते रहे हैं. अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद इमरान खान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटाया गया था. इसके बाद उनके खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज हुए.
पाकिस्तान सरकार की याचिका वापस ले ली गई
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका वापस ले ली गई है. यह याचिका इस्लामाबाद के चीफ कमिश्नर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने याचिका में कुछ तकनीकी कमियां बताई थीं. इसके बाद सरकार ने अपनी पुनर्विचार याचिका वापस लेने का फैसला किया.
