पाकिस्तान में बुधवार (26 नवंबर 2025) देर रात सोशल मीडिया पर अचानक यह खबर फैलने लगी कि पूर्व प्रधानमंत्री और PTI संस्थापक इमरान खान की हालत बेहद खराब है या उनकी मौत हो चुकी है. देखते ही देखते यह अफवाह इतनी तेज़ी से फैली कि अदियाला जेल के बाहर हजारों लोग जमा हो गए और पूरे देश में हलचल मच गई. रावलपिंडी, पेशावर और कई शहरों में PTI कार्यकर्ताओं ने आपात प्रदर्शन शुरू कर दिया.

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अफवाहों के बढ़ते दबाव के बीच जेल प्रशासन को आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा. अधिकारियों का कहना है कि इमरान खान जेल में पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इमरान को किसी भी दूसरी जगह नहीं ले जाया गया है और सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं.

PTI का आरोप

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जेल प्रशासन के बयान के बावजूद PTI नेताओं का दावा है कि इमरान खान को गुप्त रूप से किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है. उनका कहना है कि कई दिनों से न परिवार को अंदर जाने दिया जा रहा है और न ही वकीलों को मुलाकात की अनुमति दी जा रही है. इसी वजह से पेशावर में एक बड़ी रैली रखी गई है और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इमरान से मुलाकात करने की घोषणा की है.

अफवाह फैलने के पीछे बुशरा बीबी के पुराने आरोप

माहौल को और तनावपूर्ण बनाने में इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के पहले किए गए आरोपों को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा था कि इमरान खान को जहर देने की योजना बनाई गई थी और सेना प्रमुख आसिम मुनीर उन्हें खत्म करना चाहते हैं. इन बयानों ने लोगों के मन में पहले ही गहरे संदेह पैदा कर दिए थे, जिनके कारण यह अफवाह बहुत तेजी से फैल गई.

सरकार चुप क्यों? लोगों के मन में बढ़ रहे सवाल

इमरान खान के समर्थक लगातार पूछ रहे हैं कि अगर वे स्वस्थ हैं तो मुलाकात पर पाबंदी क्यों है. जेल के अंदर क्या हो रहा है, इस पर सरकार और सेना की चुप्पी ने PTI समर्थकों के संदेह को और गहरा कर दिया है. इमरान और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच लंबे समय से चले आ रहे टकराव के कारण लोग घटनाओं को राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं.

पाकिस्तान का बढ़ता राजनीतिक तनाव

इमरान खान की गिरफ्तारी, कोर्ट केस, सेना से संघर्ष और अब मौत की अफवाहों ने पाकिस्तान की राजनीति को अस्थिर कर दिया है. देश पहले ही आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में यह घटना और तनाव पैदा कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है.

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