पाकिस्तान में शनिवार (21 फरवरी 2026) की सुबह 09:57:59 बजे (IST) रिक्टर पैमाने पर 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. यह जानकारी भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी है. NCS के अनुसार, भूकंप का केंद्र  जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई. 3.9 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर हल्के से मध्यम झटकों की श्रेणी में आता है. ऐसी तीव्रता के भूकंप से सामान्यतः बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना कम रहती है, हालांकि स्थानीय स्तर पर लोगों को झटके महसूस हो सकते हैं.

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फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. पाकिस्तान भूकंप के नजरिए से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि 10 किमी की गहराई पर आए भूकंप के झटके सतह पर अधिक स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं, लेकिन तीव्रता कम होने के कारण बड़े नुकसान की आशंका कम रहती है. स्थिति पर आगे की जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट का इंतजार किया जा रहा है.

पाकिस्तान में क्यों आता है भूकंप?

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पाकिस्तान को दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है. इसकी मुख्य वजह इसका भौगोलिक स्थान है. यह उस क्षेत्र में स्थित है जहां इंडियन टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती हैं. इन प्लेटों की लगातार गति और दबाव के कारण इस इलाके में भूकंपीय गतिविधियां बार-बार होती रहती हैं. बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे क्षेत्र प्रमुख फॉल्ट लाइनों के पास स्थित हैं. इन इलाकों में ज़मीन के नीचे प्लेटों की हलचल अधिक सक्रिय रहती है, जिससे यहां बड़े और विनाशकारी भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है. इतिहास में बलूचिस्तान और उत्तरी पाकिस्तान कई भीषण भूकंप झेल चुके हैं, जिनसे भारी जान-माल का नुकसान हुआ.