US Iran Peace Talks In Pakistan: 'शांति की उम्मीद...', US-ईरान की नहीं बनी बात, पाकिस्तान की भूमिका पर क्या बोले कमर चीमा?
Pakistan on Islamabad Talks Result: कमर चीमा ने कहा कि पाकिस्तान का काम था दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना, दूरी कम करना और विश्वास को फिर से बहाल करना और पाकिस्तान ने यह काम कर दिया है.

- इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा, शांति बहाली में असफलता.
- ईरान को युद्धविराम के लिए अंतिम प्रस्ताव दिया गया.
- पाकिस्तान ने कूटनीतिक भूमिका निभाई, दोनों पक्ष सराह रहे.
- निरंतर प्रक्रिया, भविष्य में फिर बातचीत की उम्मीद.
पाकिस्तान की मेजबानी में शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को इस्लामाबाद में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने और शांति बहाल करने के मुद्दे पर बातचीत हुई. हालांकि, 21 घंटे की बातचीत और गंभीर चर्चा के बाद भी यह बैठक बेनतीजा रही और इस्लामाबाद वार्ता फेल हो गई. हालांकि, इस वार्ता के बाद सामने आए नतीजों से पाकिस्तान बेहद निराश है, लेकिन पाकिस्तानी विदेश नीति के एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा कि नतीजा चाहे कुछ भी रहा हो, पाकिस्तान हार नहीं मानेगा.
ईरान को दिया गया है आखिरी प्रस्तावः चीमा
अल जजीरा से बातचीत में फॉरेन पॉलिसी थिंक टैंक सैनोबर इंस्टीट्यूट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कमर चीमा ने कहा कि पाकिस्तान इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता के नतीजों से निराश जरूर है, लेकिन वह हार नहीं मानेगा. उन्होंने कहा कि यह वार्ता पिछले एक दशक में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीति के सबसे गंभीर कोशिशों में से एक थी.
उन्होंने आगे कहा कि ईरान को एक आखिरी प्रस्ताव दिया गया है और अब ईरानी प्रतिनिधिमंडल को इस प्रस्ताव पर अपने शीर्ष नेतृत्व से राय लेनी होगी, जिसमें कई नए पहलू शामिल हैं, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के हमलों में तेहरान के कई प्रमुख नेताओं की मौत हो चुकी है.
पाकिस्तान ने इस वार्ता में अपनी भूमिका निभाईः चीमा
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश नीति एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण वार्ता में पाकिस्तान ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई है. पाकिस्तान का काम था दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना, पाकिस्तान का काम था दोनों के बीच दूरी कम करना और विश्वास को फिर से बहाल करना और पाकिस्तान ने यह काम कर दिया है.
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को इसके लिए वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है. दोनों पक्ष पाकिस्तान की सराहना कर रहे हैं. हमने युद्धविराम हासिल कर लिया, यही सबसे महत्वपूर्ण बात थी और हमें विश्वास है कि आने वाले दिनों में वे (अमेरिका और ईरान) फिर से वापस आएंगे और जो प्रस्ताव उन्हें दिया गया है, उस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देंगे. यह एक निरंतर चलते रहने वाली प्रक्रिया है और हम इसका इंतजार कर रहे हैं.
Source: IOCL

























