आतंकियों को पनाह देने को लेकर दुनियाभर में बदनाम पाकिस्तान ने एक बार फिर नीच हरकत की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के भड़काऊ बयान का समर्थन किया है. चीन की पुरानी आदत रही है कि वह दूसरों की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश करता है और जब ऐसा करने में सफल नहीं हो पाता है तो भी उसे अपना बताता रहता है. चीन ऐसा ही कुछ ताइवान के साथ भी करने की कोशिश करता रहा है.
चीन के भड़काऊ बयान का पाकिस्तान ने किया सपोर्ट
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "हमने अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के बयान पर गौर किया है. पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से संबंधित मामलों में चीन को अपना निरंतर समर्थन देता रहेगा." हाल ही में चीन ने चीन ने अरुणाचल प्रदेश की एक महिला को मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया, जिसके बाद जमकर बवाल मचा. चीन ने उस महिला के पासपोर्ट को अवैध बताया था.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा था कि जांगनान (अरुणाचल प्रदेश) हमारा हिस्सा है. उन्होंने कहा कि चीन ने भारत के अवैध तरीके से बसाए अरुणाचल प्रदेश को कभी मान्यता नहीं दी. भारत ने चीन को सख्त जवाब देते हुए कहा था कि उसके (महिला) पास वैध पासपोर्ट था और वह शंघाई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जापान की अपनी आगे की यात्रा पर जा रही थी.
अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग: भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य अंग है और यह एक स्वतः सिद्ध सच है. चीनी पक्ष की ओर से चाहे जितना भी इनकार किया जाए, यह निर्विवाद वास्तविकता बदलने वाली नहीं है. उन्होंने कहा, "हिरासत के मुद्दे को चीनी पक्ष के समक्ष जोरदार तरीके से उठाया गया है. चीनी अधिकारी अभी भी अपनी कार्रवाई का स्पष्टीकरण नहीं दे पाए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को नियंत्रित करने वाले कई सम्मेलनों का उल्लंघन है.
पुतिन के भारत दौरे के बीच पाकिस्तान की नीच हरकत
पाकिस्तान की तरफ ये आधिकारिक बयान ऐसे समय में जारी किया गया है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं. भारत और रूस के ज्वाइंट स्टेटमेंट में आतंकवाद के खिलाफ एक-दूसरे का साथ देने पर सहमति बनी है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से की गई कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर का रूस ने समर्थन किया था. द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम या क्रोकस सिटी हॉल (रूस) पर कायरपूर्ण हमला इन सबका जड़ एक ही है.
चीन ने 30 हजार नक्शे को किया बर्बाद
अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर में स्थित है. इसकी सीमाएं भूटान, चीन और म्यांमार से सटी हैं. चीन की हालत ये है कि उसने अपने मानचित्र पर अरुणाचल प्रदेश को ही नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर को भी अपना हिस्सा बता दिया. वहीं बीजिंग में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के दूसरे समिट में चीन ने जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा दिखाया था. कुछ समय पहले चीन ने ऐसे लगभग तीस हजार नक्शों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया था, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया था.
2018 में चीनी चैनल सीजीटीएन ने पीओके (PoK) को पाकिस्तान से अलग दिखाया था. चीन ताइवान के साथ भी यही करने की कोशिश में लगा हुआ है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और धमकियां देता रहता है कि वह जबरदस्ती भी ताइवान को हासिल करके रहेगा.