पाकिस्तानी जनता पर ही तोप क्यों चलवा रहे मुनीर? कुर्रम में सेना का बड़ा अभियान शुरू, शिया-सुन्नी जंग से है कनेक्शन
Pak Army Operation: पाक सेना ने आतंकियों के ठिकानों के तबाह करने के लिए तोपखाने का भी जमकर इस्तेमाल किया है. जंग का मैदान बने पैराचिनार को जोड़ने वाली सड़क को भी पिछले 3 महीने से बंद रखा गया है.

Pakistan Army Kurram Operation: पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम इलाके में एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है. बताया गया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के आदेश के बाद बड़े पैमाने पर भारी हथियारों के साथ सेना को कुर्रम इलाके में भेजा गया है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, पाक सेना ने आतंकियों के ठिकानों के तबाह करने के लिए तोपखाने का भी जमकर इस्तेमाल किया है. बता दें कि पाकिस्तानी सेना ने कुर्रम जिले के 4 गांवों बगान, मांदोरी, चापरी और चापरी पड़ाव में सैन्य अभियान चलाया है. वहीं, शिया और सुन्नी मुस्लिमों के बीच जंग का मैदान बने पैराचिनार को जोड़ने वाली सड़क को भी पिछले 3 महीने से बंद रखा गया है.
शिया और सुन्नी मुस्लिमों के बीच जारी है हिंसा का दौर
दरअसल, पाकिस्तान के कुर्रम इलाके में पिछले कई दशकों से शिया और सुन्नी मुस्लिमों के बीच भारी हिंसा का दौर अभी भी जारी है. पिछले साल 21 नवंबर, 2024 को सुन्नी मुस्लिमों ने 45 शिया यात्रियों को मार दिया था. इसके बाद दोनों गुटों के बीच कई दिनों तक लड़ाई चलती रही, जिसमें करीब 140 लोगों की मौत हो गई.
इसके बाद पाकिस्तान की सरकार और सेना ने दोनों गुटों के बीच सुलह कराने की कोशिश की, हालांकि वह इसमें नाकाम रहे. बता दें कि इन इलाकों में दोनों ही गुटों ने अपने कई बंकर बना लिए हैं, जहां से पाकिस्तानी सेना और सरकार के लोगों पर भी हमले कर रहे हैं.
पाकिस्तानी सेना बरसा रही है तोप के गोले
कुर्रम इलाके में शिया और सुन्नी गुटों के बीच जारी जंग को रोकने के लिए अब पाकिस्तानी सेना सक्रिय हो गई है. पाक सेना इन इलाकों को खाली कराने के लिए बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है. वहीं, इस इलाके से भारी संख्या में लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजा गया है और इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है. इससे पहले एक सहायता सामग्री ले जा रहे ट्रक पर भी बड़ा हमला हुआ था, जिसमें 6 सहायताकर्मी मारे गए थे और कई लोगों का अपहरण कर लिया गया था.
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