लाहौर: पाकिस्तान में अपने दोस्त को व्हाट्सअप पर इस्लाम के लिए अपमानजनक संदेश भेजने पर एक ईसाई को मृत्युदंड की सजा सुनायी गयी. नदीम जेम्स मसीह पर जुलाई में इसका आरोप लगा था. उससे पहले उसके दोस्त ने पुलिस में शिकायत की थी कि मसीह ने व्हाट्सअप पर एक कविता भेजी थी जो इस्लाम का अपमान कर रह रही थी.
इस घटना के बाद मसीह पंजाब प्रांत के सारा ए आलमगीर कस्बे में गुस्साई भीड़ से बचने के लिए अपने घर से भाग गया था लेकिन बाद में उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. उसकी सुनवाई सुरक्षा कारणों से जेल में एक साल से अधिक समय तक चली. यह जेल लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर है.
अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि उपसपर 300,000 रुपये प्रति महीने का जुर्माना भी लगाया गया है. मासिह के वकील अंजुम वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल बेगुनाह है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मुवक्किल लाहौर हाई कोर्ट में अपील करेगा क्योंकि एक मुस्लिम लड़की से प्रेमप्रसंग के चलते उसे फंसाया गया है.’’ अंजुम वकील के अनुसार सुरक्षा कारणों से जेल के अंदर सुनवाई हुई.
