Indian Delegation in Malaysia: पाकिस्तान ने मलेशिया में भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रमों को रद्द करवाने की कोशिश की थी, लेकिन उसे कुआलालंपुर सरकार से करारा झटका मिला. पाकिस्तान ने इस्लामी एकता का हवाला देकर मलेशियाई अधिकारियों से भारतीय प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रमों को रोकने की मांग की थी, लेकिन मलेशिया ने पाकिस्तानी हस्तक्षेप को सिरे से खारिज कर दिया. पाकिस्तान नहीं चाहता था भारतीय प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम का आयोजन सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी दूतावास ने मलेशियाई अधिकारियों से भारतीय प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम रद्द करने का आग्रह किया, लेकिन यह कारगर नहीं हुआ और प्रतिनिधिमंडल को पूरा समर्थन मिला. प्रतिनिधिमंडल के सभी कार्यक्रम तय योजना के अनुसार ही हुए. इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है.

संजय झा के नेतृत्व में पांच देशों का दौराइस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडीयू सांसद संजय झा ने किया. इसमें बीजेपी की अपराजिता सारंगी, बृजलाल, प्रधान बरूआ, हेमांग जोशी, टीएमसी के अभिषेक बनर्जी, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, कांग्रेस के सलमान खुर्शीद और पूर्व राजनयिक मोहन कुमार शामिल थे.

प्रतिनिधिमंडल ने जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया का दौरा किया. इसका उद्देश्य था भारत में हालिया आतंकी हमलों में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करना और पहलगाम हमले के बाद भारत के प्रतिकार 'ऑपरेशन सिंदूर' को दुनिया के सामने रखना.

भारत को मिला वैश्विक समर्थनसंजय झा ने IANS से कहा, “यह यात्रा कई मायनों में सफल रही. दुनिया भर के देशों ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और 26 मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की. भारत ने केवल आतंकी ठिकानों और शिविरों को निशाना बनाते हुए संयमित और सटीक हमला किया. जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं, उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं और कैबिनेट बैठक खुद पहलगाम में हो रही है.” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने FATF से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

“हर देश भारत के साथ खड़ा है”- सांसदों का बयानसीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, “हमारा उद्देश्य था कि दूसरे देशों को आतंकवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष के प्रति संवेदनशील बनाया जाए.” बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, “हम पांच देशों की यात्रा से लौटे हैं और एक बात स्पष्ट है, हर देश भारत के साथ है और आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है.”

आतंकवाद के खिलाफ एकजुट भारत की मजबूत आवाजइस प्रतिनिधिमंडल ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की सभी राजनीतिक पार्टियां आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुट हैं और पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर बेनकाब करने का अभियान अब केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का साझा प्रयास है.