इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति की योजना को खारिज कर दिया है. इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा को लेकर 15 सूत्रीय बोर्ड ऑफ पीस योजना का प्रस्ताव रखा था . इजरायल की मीडिया के मुताबिक, 'नेतन्याहू ने साफ कहा है कि हमास के पूरी तरह हथियार डालने तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी.'

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उन्होंने कहा, 'इजरायल हमास के वास्तिवक और पूरी तरह खत्म होने की मांग कर रहा है. सिर्फ दिखावटीतौर पर संगठन को कमजोर करने से बात नहीं बनेगी.'

इसके अलावा इजरायल के पीएम ने बताया कि इस मु्द्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी है. ट्रंप प्रशासन की कुछ योजनाएं इजरायल को मंजूर है. कुछ पर वह सहमत नहीं हैं.

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पिछले हफ्ते हुई थी बोर्ड के डायरेक्टर-नेतन्याहू के बीच मीटिंगअलजजीरा के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिका के नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ पीस के डायरेक्टर निकोले म्लानदेनोव और नेतन्याहू के बीच हुई मीटिंग के बाद बोर्ड ने कहा है कि गाजा से इजरायली सेना तभी हटेगी, जब हमास के हथियार पूरी तरह से जब्त कर लिए जाएंगे.

ट्रंप ने किया था दावा- युद्ध खत्म करने की योजना में मिली बड़ी कामयाबी

इधर, ट्रंप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि युद्ध खत्म करने की उनकी योजना में एक बड़ी कामयाबी मिली है. इस योजना पर इजरायल और हमास ने पिछले साल सहमति जताई थी. इसकी शुरुआत युद्ध विराम से हुई थी. पिछले साल अक्टूबर से सीजफायर होने के बावजूद इजरायल गाजा पर हमले करता रहा है. 

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, 'हमास हथियार डालने पर सहमत हो गया था. हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला करके गाजा युद्ध शुरू करने से पहले लगभग दो दशकों तक शासन किया था.'

दरअसल, इजरायल और गाजा के बीच मुख्य रूप से जमीन के अधिकार, संप्रभुता  और सुरक्षा से जुड़ा विवाद है. ऐतिहासिक आधारों के मुताबिक,1948 में इजरायल की स्थापना के समय करीबन 7 लाख फिलिस्तीनी विस्थापित हुए थे. इनमें से बहुत लोग शरणार्थी बनकर गाजा पट्टी में ही बस गए थे.