नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से शहर से लेकर गांव तक सभी तबाह हो गए हैं. इस तबाही से करीब 1 हजार लोगों की जान जा चुकी है. वहीं हजारों लोग लापता हैं. बाढ़ के बाद राहत-बचाव कार्य तेजी से चल रहा है. भारत ने मेडिकल सहायता, विशेष टनल रेस्क्यू टीम और राहत सामग्री भेजी है. वहीं नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट भी बचाव अभियान में लगी हुई हैं.
प्रिया अधिकारी का बचाव अभियान पर कहना है कि "हमें इसी काम की ट्रेनिंग मिली है.'' प्रिया अधिकारी ने नेपाल में आई भीषण भूस्खलन और बाढ़ की आपदा के दौरान एक हफ्ते से भी कम समय में लगभग 100 बचाव मिशन पूरे किए हैं और कई लोगों की जान बचाई है.
''जान बचाकर लाने में होती है खुशी''काठमांडू में सीएनएन (CNN) के पत्रकार एंडरसन कूपर से बात करते हुए उन्होंने इस तबाही के बड़े स्तर पर दुख जताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि हर बार किसी की जान बचाकर सुरक्षित लाने पर उन्हें बेहद खुशी महसूस होती है.
कंधे से कंधा मिलाकर भारत दे रहा साथबाढ़ की वजह से देश के कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में भारी संख्या में फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना के साथ-साथ अब भारतीय सेना की विशेष टनल रेस्क्यू टीम भी कंधे से कंधा मिलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. भारतीय सेना के जवान, नेपाल स्पेशल फोर्सेज (Nepal SF) के साथ मिलकर बेहद कठिन परिस्थितियों में इस संयुक्त राहत और बचाव कार्य को अंजाम दे रहे हैं. सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के बाद भारतीय सेना और नेपाल स्पेशल फोर्स ने रविवार (30 अगस्त, 2026) को लंगटांग टनल (Langtang Tunnel) के भीतर बेहद जोखिम भरा सर्च ऑपरेशन चलाया और दुर्गम परिस्थितियों का सामना करते हुए बचावकर्मी सुरंग के अंदर करीब 170 मीटर तक प्रवेश करने में सफल रहे.
बता दें नेपाल में पिछले हफ्ते 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ से अभी तक 962 लोगों की मौत हो चुकी है और 4000 से ज्यादा लोग लापता हैं.
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