Space News: अंतरिक्ष बहुत बड़ा है और इसी विशालकाय स्पेस में हमारी पृथ्वी भी है. पृथ्वी के चारों तरफ उसके कई पड़ोसी ग्रह और चंद्रमा है. इन ग्रहों और चंद्रमाओं तक पहुंचने के लिए दुनियाभर की स्पेस एजेंसियां काम कर रही हैं. मंगल ग्रह तक पहुंचने के लिए सबसे ज्यादा तैयारी की जा रही है. मंगल के बगल में ही एक और ग्रह है बृहस्पति, जहां तक पहुंचना बहुत से लोगों का सपना होगा. लेकिन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अब इस सपने को तोड़ दिया है.
नासा ने उम्मीदों और सपनों को तोड़ते हुए कहा है कि जो कोई भी बृहस्पति ग्रह तक सफर करना चाहता है. उन्हें जान लेना चाहिए कि ऐसा कभी नहीं होने वाला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नासा360 अकाउंट से एक मैसेज किया गया. इसमें लिखा गया, 'क्या बृहस्पति ग्रह पर जाना आपकी बकेट लिस्ट में था? अब सच्चाई का सामना कीजिए. ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने वाला है.' हालांकि, ऐसा लगता है कि नासा की तरफ से ऐसा एक विज्ञापन अभियान के लिए कहा गया था.
यूरोपा तक जाने का रखा मिशन
दरअसल, भले ही नासा ने बृहस्पति ग्रह पर जाने के सपने को तोड़ दिया है. मगर उसने इस ग्रह के एक चंद्रमा पर जाने की उम्मीदों को जिंदा रखा है. नासा ने एक अन्य मैसेज में लिखा, 'हम आपके लिए अगली सबसे अच्छी लाए हैं. यूरोपा के क्लिपर मिशन के लिए आप अपना नाम भेज सकते हैं, जो 2024 में होने वाला है. इसके जरिए बृहस्पति ग्रह के बर्फीले चंद्रमा की स्टडी की जाएगी.' बृहस्पति ग्रह का ये चंद्रमा पृथ्वी से 2.8 अरब किलोमीटर दूर अंतरिक्ष की गहराई में मौजूद है.
हालांकि, नासा को जल्द ही अपने पहले मैसेज को लेकर गलती का एहसास भी हो गया, क्योंकि उसे लगा कि उसने लोगों को स्पेस सफर के लिए हतोत्साहित कर दिया है. एक अन्य मैसेज में नासा ने लिखा, 'दोस्तों हमें थोड़ी गड़बड़ कर दी. हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि हम हमारे सितारों (ग्रहों और चंद्रमाओं) तक जाना चाहते हैं. हम आपको भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं. सपने देखना बंद मत करिए.'
बृहस्पति ग्रह तक जाना क्यों कठिन है?
सौरमंडल में सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति ही है. ये पृथ्वी के मुकाबले 11 गुना ज्यादा बड़ा है. लेकिन जहां पृथ्वी पर जीवन मौजूद है, वहीं बृहस्पति ग्रह पर ऐसा नहीं है. ये एक गैस का गोला है, जिस वजह से इसके पास कोई सतह नहीं है. यही वजह है कि अगर किसी स्पेसक्राफ्ट को यहां भेजा जाता है, तो उसके पास लैंड करने के लिए कोई जगह नहीं होगी. ग्रह पर बहुत ही ज्यादा दबाव और तापमान है, जिसकी वजह से यहां कोई भी स्पेसक्राफ्ट मिनटों में भाप बन सकता है.
यह भी पढ़ें: क्या हो अगर सूरज पर कभी हो जाए परमाणु हमला? जानिए अटैक से क्या होगा सूर्य पर असर