India-Japan on Pahalgam Terror Attack: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद शुक्रवार को जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. दोनों नेताओं ने हमले के जिम्मेदार लोगों, आयोजकों और वित्तीय मददगारों को बिना देरी न्याय के कटघरे में लाने की मांग की.

संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्री आतंकवाद और चरमपंथ के सभी रूपों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें सीमा पार से होने वाला आतंकवाद भी शामिल है. इसमें लश्कर ए तैयबा (LeT), जैश ए मोहम्मद (JeM), अल कायदा, ISIS/दाएश और इनके सहयोगियों सहित सभी UN सूचीबद्ध आतंकी संगठनों के खिलाफ संयुक्त और ठोस कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया.

पहलगाम हमले को लेकर गहरी चिंता

दोनों देशों ने 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए 26 निर्दोष लोगों की मौत पर दुख जताया. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. प्रधानमंत्री इशिबा ने इस पर गहरी चिंता जाहिर की.

यूक्रेन में स्थायी शांति का समर्थन

संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप यूक्रेन में स्थायी शांति का समर्थन किया. उन्होंने विभिन्न देशों के राजनयिक प्रयासों का स्वागत किया, जो युद्ध समाप्त करने और स्थायी समाधान लाने के लिए किए जा रहे हैं. भारत और जापान ने मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा करने और ऐसे कदम न उठाने का आह्वान किया. गाजा की मानवीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि तत्काल और स्थायी युद्धविराम होना चाहिए, सभी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की जानी चाहिए और बिगड़ती मानवीय स्थिति से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने जरूरी हैं.