मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की डेडलाइन दे दी. इस दौरान उन्होंने अपशब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद ईरान ने अमेरिका को 1980 के असफल मिशन ऑपरेशन ईगल क्लॉ की याद दिला दी. दुनियाभर में मौजूद ईरानी दूतावास ने ट्रंप की इस टिप्पणी का मजाक उड़ाया. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका-ईरान के बीच अभी बातचीत चल रही है और 6 अप्रैल को समझौता होने की अच्छी संभावना है.
ईरान ने अमेरिका को ऑपरेशन ईगल क्लॉ की याद दिलाई
ट्रंप के पोस्ट के बाद थाईलैंड स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर लिखा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति जिस तरह से बच्चों की तरह गालियां देते हैं, उससे ऐसा लगता है कि अमेरिका उम्मीद से पहले ही पाषाण युग में पहुंच गया है.' भारत स्थित ईरानी दूतावास ने लिखा, 'इतिहास खुद को दोहराता है. ऑपरेशन ईगल क्लॉ, ईरान के रेगिस्तान में अमेरिकी सेना की एक ऐतिहासिक विफलता. गाली-गलौज और अपशब्द बोलना हारे हुए बच्चों का काम होता है. होश में आओ.' ईरानी दूतावास ने इस घटना की तारीफ 24 अप्रैल, 1980 का भी जिक्र किया.
क्या है अमेरिका का ऑपरेशन ईगल क्लॉ?
ऑपरेशन ईगल क्लॉ अमेरिका के लिए किसी काले अध्याय से कम नहीं है, जब यूएस आर्मी ईरान में बंधकों को छुड़ाने गई और खुद फंस गई थी. 4 नवंबर 1979 को ईरान के चरमपंथी छात्रों ने तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर कब्जा कर 66 अमेरिकियों को बंधक बना लिया था. कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह नाकाम हो जाने के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने 16 अप्रैल 1980 को सैन्य रेस्क्यू मिशन को मंजूरी दे दी. इस ऑपरेशन के लिए यूएस के छह C-130 विमान ओमान के मसिराह द्वीप से उड़े और आठ RH-53D हेलीकॉप्टर यूएसएस निमित्ज से निकले.
खाली हाथ लौटी थी अमेरिकी सेना
ईरान के रेगिस्तान में भयंकर धूल का तूफान उठने लगा, जिससे विजिबिलिटी जीरो हो गई. इस दौरान यूएस के कई हेलीकॉप्टर के खराब आ गई, जिस वजह से इस मिशन को बंद करने फैसला लिया गया. अमेरिकी सेना जब वापस जाने की तैयारी तब एक RH-53D हेलीकॉप्टर पार्क किए हुए C-130 ट्रांसपोर्ट प्लेन से टकरा गया, जिसमें 8 अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे. अमेरिका को खाली हाथ लौटना पड़ा था. तब ईरान ने अमेरिकी लोगों को 270 दिन तक बंधक बनाकर रखा था.
पागल की तरह बड़बड़ा रहे ट्रंप: डेमोक्रेटिक सांसद
न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद चक शुमर ने भी ट्रंप के शब्दों पर आपत्ति जताई. उन्होंने सोशल मीडिया पर अमेरिका के लोगों को ईस्टर की शुभकामनाएं देते हुए कहा, आप लोग चर्च जा रहे हैं और परिवार के साथ जश्न मना रहे हैं. ऐसे समय में राष्ट्रपति ट्रंप सोशल मीडिया पर बेकाबू पागल की तरह बड़बड़ा रहे हैं. ट्रंप ऐसे ही हैं, लेकिन हमारा देश ऐसा नहीं है, बल्कि इससे कहीं बेहतर का हकदार है.'
ट्रंप ने ईरान के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की मोहलत देने का ऐलान किया था. इसके 24 घंटे पहले ही उन्होंने ईरान से गुस्से में कहा है कि होर्मुज खोलो नहीं तो मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को अंजाम भुगतने को तैयार रहो. उन्होंने दावा किया कि यूएस रविवार को ईरान के बिजली घरों और पुलों पर हमला करेगा. ट्रुथ पर एक छोटी और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप ने होर्मुज खोलने का आदेश सुनाया.
उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, 'मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे, दोनों एक साथ होंगे (धमकी कि दोनों ही अमेरिका के निशाने पर होंगे). होर्मुज खोलो, वरना नरक में रहोगे. बस देखते रहो.' आखिर में उन्होंने लिखा, 'अल्लाह की तारीफ करो.'
