अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ईरानी सरकार पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है. उनका कहना है कि इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान की इकॉनोमी पर दबाव बढ़ाना और उसकी सरकार को कमजोर करना है.

Continues below advertisement

बेसेंट ने CNBC को दिए इंटव्यू में कहा कि हम उन देशों को भी चेतावनी दे रहे हैं, जो ईरान के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

चीन ने अमेरिकी दबाव अभियान की आलोचना की

Continues below advertisement

ईरान पर अमेरिकी आर्थिक दबाव को लेकर चीन ने भी आपत्ति जताई है. बीजिंग का कहना है कि नए प्रतिबंध मौजूदा विवादों का समाधान नहीं करेंगे. चीन ने बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने पर जोर दिया है. चीन और ईरान के बीच लंबे समय से व्यापारिक संबंध हैं. ऐसे में अमेरिकी प्रतिबंधों का असर दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों पर भी पड़ सकता है.

ईरान ने प्रतिबंधों को बताया गैर-कानूनी

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की नई प्रतिबंधों की धमकी को खारिज किया है. तेहरान ने प्रस्तावित अमेरिकी कदमों को गैर-कानूनी और अमानवीय बताया है. ईरान का कहना है कि इस तरह का आर्थिक दबाव समस्या का समाधान करने के बजाय क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है.

अमेरिकी सेना की कार्रवाई से बढ़ी चिंता

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले समुद्री रास्तों पर अमेरिकी कार्रवाई के दौरान 67 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि दो अन्य जहाजों पर अमेरिकी बलों ने चढ़कर कार्रवाई की.

यमन के पास जहाज हाईजैक होने की खबर

इस बीच समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एक और घटना सामने आई है. UK मैरिटाइम ट्रे़ड ऑपरेशन के अनुसार, यमन के पास 6 हथियारबंद लोगों ने एक जहाज पर चढ़कर उसे अपने कब्जे में ले लिया और जहाज को सोमालिया की दिशा में ले गए. इस घटना ने लाल सागर और आसपास के समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है. इस क्षेत्र से दुनिया के बड़े पैमाने पर व्यापारिक जहाज गुजरते हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी दुनिया की नजर

ओमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर कहा है कि लंबे समय तक स्थिरता क्षेत्रीय शांति पर निर्भर करती है. ओमान ने तनाव बढ़ाने या किसी टकराव में शामिल होने से इनकार किया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाले तेल और गैस के बड़े हिस्से के लिए यह रास्ता बेहद अहम है.