Marco Rubio India Visit: भारत जल्द ही क्वाड देशों की अहम बैठक की मेजबानी करेगा. अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को जानकारी दी कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस बैठक में हिस्सा लेने भारत आएंगे. हालांकि, दूतावास की ओर से अभी इस मंत्रीस्तरीय बैठक की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है. इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल होंगे.

Continues below advertisement

अमेरिकी दूतावास ने जारी किया बयान

अमेरिकी दूतावास ने अपने बयान में कहा कि वह मार्को रुबियो के भारत के पहले दौरे, क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठकों, उच्चस्तरीय वार्ताओं और अमेरिका के 250 साल पूरे होने के अवसर का स्वागत करने के लिए उत्साहित है. इससे पहले भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिए थे कि मार्को रुबियो सप्ताहांत तक नई दिल्ली पहुंच सकते हैं.

Continues below advertisement

चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ बना क्वाड

क्वाड समूह को हिंद महासागर और व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक रणनीतिक संतुलन के तौर पर देखा जाता है. इस गठबंधन की अवधारणा सबसे पहले जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखी थी. उन्होंने चीन से घिरे लोकतांत्रिक देशों के बीच करीबी सहयोग की वकालत की थी. वहीं, चीन लगातार इस समूह की आलोचना करता रहा है और उसका आरोप है कि यह गठबंधन चीन को घेरने के उद्देश्य से बनाया गया है.

ये भी पढ़ें- ईरान को धुआं-धुआं करने वाले थे ट्रंप, इन तीन देशों के कहने पर टाला सबसे बड़ा हमला, बोले - 'अगर...'

क्वाड ने शुरू किया था क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव

मार्को रुबियो ने जुलाई 2025 में अपने क्वाड समकक्षों की मेजबानी की थी. उस दौरान चारों देशों ने क्वाड “क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव” की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित और विविध बनाना है. यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई थी जब उभरती तकनीकों में इस्तेमाल होने वाले रणनीतिक खनिजों पर चीन के बढ़ते नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ रही थी.

ग्रेफाइट समेत कई खनिजों पर चीन का दबदबा

चीन के पास कई महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार हैं. इनमें दुनिया के अधिकांश ग्रेफाइट भंडार भी शामिल हैं, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों में किया जाता है. हालांकि, चीन को लेकर समान चिंताओं के बावजूद क्वाड देशों के बीच कई वैश्विक मुद्दों पर मतभेद भी रहे हैं. इनमें रूस-यूक्रेन युद्ध और हाल ही में ईरान से जुड़े हमले भी शामिल हैं.

भारत ने हाल ही में की थी ब्रिक्स बैठक की मेजबानी

इसी बीच भारत ने पिछले सप्ताह ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी भी की थी. इस बैठक में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी शामिल हुए थे.