कुवैती रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल-1 (टी1) को कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया. बयान के अनुसार, यह हमला कथित ईरानी आक्रामक कार्रवाई का परिणाम था, जिससे टर्मिनल भवन को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए.

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रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया गया. घायलों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और हमले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके.

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सुरक्षा व्यवस्था सख्तब्रिगेडियर जनरल अल-ओतैबी ने कहा कि कुवैत की सशस्त्र सेनाएं संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही, सेना किसी भी संभावित खतरे या नई परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है. इस घटना के बाद कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है. अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. हवाई अड्डे के संचालन पर संभावित प्रभाव का आकलन भी किया जा रहा है.

खाड़ी में बढ़ा तनाव, आईआरजीसी का दावाविशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच इस प्रकार की घटनाएं खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं. कुवैत सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा. इससे पहले आईआरजीसी की ओर से बयान जारी कर दावा किया गया कि उसने "आत्मरक्षा में क्षेत्र के किसी देश पर अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की है." यह भी पढ़ें :भारत को तगड़ा झटका देंगे ट्रंप, फिर लगाएंगे टैरिफ, लिस्ट में चीन-बांग्लादेश का भी नाम, पाकिस्तान को छूट?