नई दिल्ली: व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इससे संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 497 को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह महिलाओं की व्यक्तिकता को ठेस पहुंचाता है और इस प्रावधान ने महिलाओं को 'पतियों की संपत्ति' बना दिया था.
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से व्यभिचार से संबंधित 158 साल पुरानी भारतीय दंड संहिता की धारा 497 को असंवैधानिक करार देते हुए इस दंडात्मक प्रावधान को निरस्त कर दिया. शीर्ष अदालत ने इस धारा को स्पष्ट रूप से मनमाना, पुरातनकालीन और समानता के अधिकार और महिलाओं के लिए समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन करने वाला बताया.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में उन देशों का उल्लेख किया गया जहां व्यभिचार अपराध है और जहां यह अपराध नहीं है. आइए, जानते हैं कि किन देशों में ये अपराध है और कहां नहीं है-
वो देश जहां व्यभिचार अपराध है- 1. अफगानिस्तान 2. बांग्लादेश 3. इंडोनेशिया 4. ईरान 5. मालदीव 6. नेपाल 7. पाकिस्तान 8. फिलीपीन 9. संयुक्त अरब अमीरात 10. अमेरिका के कुछ राज्य 11. अल्जीरिया 12. कांगो गणराज्य 13. मिस्र 14. मोरक्को 15. नाइजीरिया के कुछ हिस्से
वे देश जहॉं व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है 1. चीन 2. जापान 3. ब्राजील 4. न्यूजीलैंड 5. ऑस्ट्रेलिया 6. स्कॉटलैंड 7. नीदरलैंड 8. डेनमार्क 9. फ्रांस 10. जर्मनी 11. ऑस्ट्रिया 12. आयरलैंड 13. बारबाडोस 14. बरमूडा 15. जमैका 16. त्रिनिदाद और टोबैगो 17. सेशल्स 18. दक्षिण कोरिया 19. ग्वाटेमाला
ये भी देखें
घंटी बजाओ: 120 करोड़ लोगों की समस्या प्रधानमंत्री को भी होती है!
