अमेरिका में कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. अमेरिकी न्याय विभाग ने मंगलवार को एपस्टीन से संबंधित कई नई फाइलें सार्वजनिक कीं. इनमें एक ऐसा पत्र भी सामने आया, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी होने का दावा किया गया. हालांकि, न्याय विभाग ने जल्द ही स्पष्ट कर दिया कि यह पत्र नकली है और इसमें किए गए दावे सच नहीं हैं.

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फर्जी पत्र को लेकर DOJ की सफाईन्याय विभाग ने अपने बयान में कहा कि इस कथित पत्र में लिखी बातें तथ्य पर आधारित नहीं हैं. विभाग ने साफ किया कि इस दस्तावेज को किसी भी तरह से प्रमाणिक नहीं माना जाना चाहिए. पत्र के सामने आने के बाद यह चिंता भी जताई गई कि बिना पुष्टि के ऐसे दस्तावेज सामने आने से गलतफहमी फैल सकती है. इसी को लेकर न्याय विभाग ने चेतावनी दी कि किसी भी दस्तावेज को सच मानने से पहले उसकी जांच जरूरी है.

2019 का बताया जा रहा था पत्रबताया गया कि यह पत्र 13 अगस्त 2019 का है, जब जेफरी एपस्टीन जेल में था. यह पत्र लैरी नासर के नाम लिखा गया बताया गया, जो अमेरिका की महिला जिमनास्टिक टीम का पूर्व डॉक्टर रह चुका है. 

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पत्र में किए गए थे आपत्तिजनक दावेपत्र में एक तस्वीर बनी हुई है, जिसमें मेज के पास एक कपल हाथ पकड़े हुए दिखाया गया है. इसके साथ हाथ से लिखा हुआ वाक्य है, जिसमें कहा गया है कि 'हमारे राष्ट्रपति भी कम उम्र की लड़कियों को पसंद करने में हमारे जैसे हैं.' जरूरी दस्तावेज जारी होते रहेंगेन्याय विभाग ने यह भी कहा कि इन दस्तावेजों में ट्रंप के खिलाफ कुछ झूठे और सनसनीखेज दावे शामिल हैं, जो 2020 के चुनाव से ठीक पहले एफबीआई को भेजे गए थे. विभाग ने साफ कहा कि ये दावे पूरी तरह गलत और निराधार हैं. कानून के तहत जरूरी सभी दस्तावेज आगे भी सार्वजनिक किए जाते रहेंगे, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनमें लगाए गए सभी आरोप सही हों. एपस्टीन और नासर का आपराधिक इतिहासगौरतलब है कि जेफरी एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप थे और साल 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई थी. वहीं, लैरी नासर को 2017 में दोषी ठहराया गया था और वह बच्चों से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में लंबी सजा काट रहा है.