5 अमेरिकी विमान, 10 SUV, 3 हेलिकॉप्टर, जैमर... क्या-क्या लेकर जेडी वेंस पाकिस्तान में उतरे, जानें
JD Vance: पाकिस्तान एयरफोर्स ने IL-78 टैंकर और C-130 विमान तैनात किए हैं. इसके अलावा फाइटर जेट्स को ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र के ऊपर तैनात किया गया है

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वांस के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही रावलपिंडी स्थित नूरखान एयरबेस पर अमेरिकी वायुसेना के पांच विमान लैंड कर चुके हैं. यह घटनाक्रम क्षेत्र में उच्च स्तरीय सुरक्षा तैयारियों की ओर संकेत कर रहा है.
सूत्रों के अनुसार इन विमानों में से दो में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारी और जेडी वांस के सुरक्षा दल के सदस्य पहुंचे हैं. वहीं बाकी तीन विमानों में उनके काफिले के लिए 10 शेवरलेट सबअर्बन एसयूवी, तीन हेलीकॉप्टर, जैमिंग उपकरण और अन्य सुरक्षा सामग्री लाई गई है.
CENTCOM कमांडर के दौरे की चर्चा
ताजा जानकारी के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 4 बजे CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर को लेकर अमेरिकी वायुसेना का एक विमान फ्लोरिडा के मैकडिल एयरबेस से उड़ान भर चुका है. हालांकि अमेरिका ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे वार्ता का हिस्सा होंगे या नहीं, लेकिन पाकिस्तान में अटकलें तेज हैं कि वे इस्लामाबाद में होने वाली अहम बातचीत में शामिल हो सकते हैं.
होटल सेरेना में अहम बैठक, सुरक्षा पर सवा
यह महत्वपूर्ण वार्ता इस्लामाबाद के पांच सितारा होटल सेरेना में आयोजित की जाएगी, जो पहले भी कई उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठकों की मेजबानी कर चुका है. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं.
आसमान से भी कड़ी निगरानी
रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने इस बैठक के लिए हवाई सुरक्षा को भी अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया है. पाकिस्तान एयरफोर्स ने IL-78 टैंकर और C-130 विमान तैनात किए हैं. इसके अलावा फाइटर जेट्स को ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र के ऊपर तैनात किया गया है, जो ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को एस्कॉर्ट कर रहे हैं.
साथ ही AWACS सिस्टम भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी संभावित हमले, खासकर इजरायल की ओर से, को रोका जा सके.
वीजा ऑन अराइवल और विशेष इंतजाम
पाकिस्तान सरकार ने इस वार्ता में शामिल सभी प्रतिनिधियों और पत्रकारों के लिए वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देने का निर्णय लिया है. एयरपोर्ट पर विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि सभी प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है ताकि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस अहम वार्ता को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके.
Source: IOCL

























