तुर्किए ने नॉर्थ साइप्रस में तैनात किए F-16 फाइटर जेट, इजरायल-ईरान जंग के बीच एर्दोगन को क्यों उठाना पड़ा ये कदम?
तुर्किए ने साइप्रस में यूरोपीय तैनाती की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे द्वीप को लड़ाई में घसीटने का खतरा बढ़ता है.

मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों के बीच तुर्किए ने नॉर्थ साइप्रस में फाइटर जेट तैनात किए हैं. सोमवार (9 मार्च, 2026) को तुर्किए के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने सुरक्षा के तौर पर उत्तरी साइप्रस में छह एफ-16 फाइटर जेट तैनात किए हैं. टर्किश डिफेंस मिनिस्टरी का यह बयान कुछ दिनों पहले द्वीप पर हुए ड्रोन हमले के बाद जारी किया गया है.
बयान में तुर्किए के रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'हमारे इलाके में हाल के घटनाक्रम को देखते हुए, सोमवार से छह एफ-16 फाइटर एयरक्राफ्ट और एयर डिफेंस सिस्टम तुर्की रिपब्लिक ऑफ नॉर्दर्न साइप्रस (TRNC) में तैनात किए गए हैं.' यह बयान उस इलाके के बारे में है जिसे अंकारा ने मान्यता दी है.
हाल के दिनों में, यूरोपीय ताकतों ने नस्लीय आधार पर बंटे इस द्वीप पर सैन्य दखल बढ़ा दिया है. ऐसा पिछले हफ्ते साइप्रस में ब्रिटिश अक्रोटिरी एयर बेस पर ड्रोन हमले के बाद हुआ है. सिक्योरिटी अधिकारियों का मानना है कि यह ड्रोन हिज्बुल्लाह ने दागा था, जो लेबनान में ईरान का सहयोगी है.
हजारों की संख्या में ब्रिटिश सेना के लोग (जिन्हें ब्रिटिश फोर्स साइप्रस भी कहा जाता है) साइप्रस में अक्रोटिरी और ढेकेलिया के यूके सॉवरेन बेस एरिया में तैनात हैं. रक्षा मंत्रालय ने बयान में यह भी कहा कि यह अलग हुए देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना का हिस्सा है.
बयान में आगे कहा गया, 'डेवलपमेंट के आधार पर मूल्यांकन होगा और जो भी नतीजे सामने आएंगे, उसी आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे.' तुर्किए द्वीप यूरोपीय संघ के सदस्य ग्रीक साइप्रस प्रशासन को मान्यता नहीं देता है, और उत्तर में टर्किश साइप्रस देश को मान्यता देने वाला अकेला देश है.
पिछले हफ्ते, नाटो डिफेंस ने ईरान से तुर्किए के एयरस्पेस में दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया था. तुर्किए ने साइप्रस में यूरोपीय तैनाती की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे द्वीप को लड़ाई में घसीटने का खतरा बढ़ता है.
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