Israel US Iran War Highlights: ब्रिटेन पीएम की अमेरिका को खरी-खरी, बोले - 'ये हमारा युद्ध नहीं'
Israel US Iran War Highlights: यूएस और ईरान के बीच छिड़ीं जंग का आज 33वां दिन है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप को ईरान दो बार मारने की कोशिश कर चुका है.

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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध का आज 33वां दिन है. मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि...More
ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने कहा कि हम इस युद्ध में नहीं पड़ेंगे. ब्रिटेन का हित सबसे ऊपर है.
पाकिस्तानी सरकार ने युद्ध की शुरुआत के बाद से तीसरी बार तरल ईंधन गैस (LPG) की बिक्री मूल्य में 34% की वृद्धि करने का निर्णय लिया है. यह वृद्धि ओगरा (OGRA) द्वारा अधिसूचित की गई है, जिसमें 11.8 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 923.71 रुपये बढ़कर 3,588.59 रुपये हो गई है। यह वृद्धि वैश्विक बाजार में LPG की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है. यह वृद्धि पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है, जहां पहले से ही ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है. LPG की कीमतों में वृद्धि से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, खासकर निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों पर.
ईरान के साथ जारी जंग के बीच, कम से कम 18 अमेरिकी ए-10 फाइटर जेट मिडिल ईस्ट की ओर जा रहे हैं, जो ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी अभियान का संकेत दे रहे हैं.
इजरायली सेना ने लेबनान में ईरानी कुद्स फोर्स के कमांडर हुसैन महमूद मर्शाद अल-जौहरी को मार गिराने का दावा किया है. अल-जौहरी लेबनान में ईरानी कुद्स फोर्स की ऑपरेशंस यूनिट के कमांडर थे और सीरिया-लेबनान क्षेत्र में इजरायल के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल थे. इजरायली सेना ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है.
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान पर अमेरिका और इजरायल ने बड़ा हमला किया. शहर के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी. जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई. इसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई को तैयार दिख रहा है. टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार यूएई अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को सैन्य कार्रवाई के जरिए खोलने पर विचार कर रहा है.
ईरान ने दावा किया कि यूस और इजरायल ने तेहरान में टोफिघ दारू फार्मास्युटिकल प्लांट पर हमला किया है. इससे देश की मेडिकल चेन सप्लाई प्रभावित हुई है. अधिकारियों के मुताबिक प्लांट प्रभावित होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है.
आईडीएफ ने बुधवार (1 अप्रैल) को कहा कि उसकी जांच में दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के शांति सैनिकों की हत्या की घटना में आईडीएफ की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई. एक्स पर एक पोस्ट में आईडीएफ ने कहा, 'पिछले दिन, आईडीएफ ने कल (31 मार्च) की घटना की समीक्षा पूरी कर ली, जिसमें दक्षिणी लेबनान के बानी हैयान क्षेत्र में हुए विस्फोट में UNIFIL सैनिकों की मौत की सूचना मिली थी.'
कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन डिपो पर ईरानी ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया, जिससे घटनास्थल पर भीषण आग लग गई. सार्वजनिक नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (PACA) के प्रवक्ता ने बुधवार (1 अप्रैल) को बताया कि ईरान और उसके सहयोगी सशस्त्र मिलिशिया द्वारा किए गए इस हमले से ईंधन टैंकों को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है.
ईरान इजराइल युद्ध के बीच एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.19 किलो के कमर्शियल और 5 किलो के सिलेंडर शहरों में महंगे हुए. दिल्ली में, 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 195.50 रुपये बढ़कर 2,078.50 रुपये हो गई है. वहीं 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर की कीमत अब 51 रुपये बढ़कर 549 रुपये प्रति रिफिल हो गई है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा, 'अमेरिका फर्स्ट" का सबसे अच्छा उदाहरण किसी विदेशी सरकार के लिए युद्ध छेड़ना और युवा सैनिकों को मरने के लिए भेजकर फ़ायदा उठाने की कोशिश करना है. यह अपनी मर्ज़ी का युद्ध अमेरिकियों और ईरानियों दोनों पर थोपा गया है.
ईरान जंग खत्म करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, 'ईरान युद्ध दो से तीन सप्ताह में खत्म हो जाएगा. उन्होंने यह भी दोहराया कि युद्ध को खत्म करने के लिए किसी भी समझौते की जरूरत नहीं है. हमारा एक ही टारगेट था कि उनके पास परमाणु हथियार न हों और वह लक्ष्य पूरा हो गया है. उनके पास परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन हम काम पूरा कर रहे हैं. मुझे लगता है कि शायद दो सप्ताह के भीतर, या शायद कुछ और दिनों में काम पूरा हो जाएगा.'
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इजरायली हवाई हमलों में दक्षिणी बेरूत में सात लोग मारे गए. मंत्रालय ने बताया कि बेरूत के जनाह इलाके में हुए हमले में पांच लोग मारे गए और 21 अन्य घायल हो गए, जबकि राजधानी के ठीक दक्षिण में स्थित खालदेह में एक वाहन पर हुए अलग हमले में दो लोग मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष में ज्यादा समय तक शामिल नहीं रहेगा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अभियानों ने देश की क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'हम वहां ज्यादा समय तक नहीं रहेंगे. ईरान की क्षमता को खत्म करने के लिए हमें अभी और काम करना है. हमला करने की उनकी जो भी क्षमता है उसे खत्म करना होगा.'
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक हमले में सेना के शीर्ष अधिकारी के मारे जाने की पुष्टि की है. आईआरजीसी के अनुसार, सेना के ब्रिगेडियर जनरल और चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ के सलाहकार जमशेद इशाकी का निधन हो गया है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मिडिल ईस्ट जंग केवल वाशिंगटन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तय शर्तों पर ही समाप्त होगा. उन्होंने आगे कहा कि अन्य देशों को महत्वपूर्ण जलमार्गों (होर्मुज स्ट्रेट) की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहना चाहिए. हेगसेथ ने नाटो सहयोगियों की भी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका से मदद मांगने पर भी उसकी सहायता नहीं की.
डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से कहा कि या तो अमेरिका से जेट ईंधन खरीदें या होर्मुज से खुद ले आएं. उन्होंने कहा, 'अब आपको अपने लिए खुद लड़ना सीखना होगा. अमेरिका अब आपकी मदद के लिए वहां मौजूद नहीं रहेगा.'
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले से क्षेत्र में परमाणु सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ गया है. उन्होंने, 'यह ईरान और उसके पड़ोसी देशों को परमाणु हथियार विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है.'
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि ईरान युद्ध बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल चाहते हैं कि ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं रहे.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के खतम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि देश की सशस्त्र सेनाएं किसी भी आक्रमण का जोरदार जवाब देंगी. आईआरजीसी ने कहा कि वह हमलावरों के पैर काट देगा.
चीन ने पाकिस्तान के साथ ईरान वार्ता पर सहयोग बढ़ाने की घोषणा की है. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने चीन का दौरा किया और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात की, जिसमें उन्होंने ईरान-यूएस वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका के लिए चीन का समर्थन मांगा. चीन ने ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें 25 साल के सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करना शामिल है, जिसमें चीन ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उद्योगों में 400 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा.
बौद्ध आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने कहा है कि हिंसा से केवल और अधिक संघर्ष ही उत्पन्न होता है. स्थायी समाधान केवल संवाद के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा, मध्य पूर्व या रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्षों सहित किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान संवाद, कूटनीति और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए'
ईरान ने इजरायल पर क्लस्टर बम से हमला किया. जिसमें 4 लोगों की मौत की आशंका है, जबकि कई घायल हुए हैं. तेल अवीव में 10 जगह नुकसान हुआ. इजरायली सेना ने बताया है कि ईरान ने मध्य इजराय में कई स्थानों पर क्लस्टर बम से हमला किया है, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं.
दक्षिण लेबनान में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच भीषण जंग जारी है . लेबनॉन में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) ने दक्षिणी लेबनॉन में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन इंडोनेशियन शांति सैनिकों की मौत की घोषणा की है. UNIFIL के अनुसार, बानी हयान शहर के पास एक विस्फोट में दो सैनिक मारे गए और दो अन्य घायल हो गए, जबकि एक अन्य सैनिक अडशित अल-कुसायर शहर के पास एक गोले के विस्फोट में मारा गया और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया. इंडोनेशिया ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि शांति सैनिकों पर हमला अस्वीकार्य है. इंडोनेशिया ने दक्षिणी लेबनॉन में इज़रायली हमलोंकी भी निंदा की है.
ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच इलाके में चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने सऊदी, मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की थी. अब पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इश्हाक डार चीन के दौरे पर जाएंगे.
ईरान की न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक, कल रात (30 मार्च) को मरकजी प्रांत के महल्लात शहर पर हुए हमले में 11 लोग मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए.
एजेंसी ने बताया कि महल्लात शहर में तीन आवासीय इकाइयों पर "सीधे गोले दागे गए", जिससे भारी नुकसान हुआ.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक बीते कुछ घंटों में उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 10 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक
क्षेत्र में चलाए जा रहे सुरक्षा ऑपरेशनों के बीच यह कार्रवाई की गई और सभी हवाई खतरों को समय रहते खत्म कर दिया गया.
ईरान की सेना ने दावा किया कि उन्होंने इस्फहान के ऊपर एक एमक्यू-9 ड्रोन को एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग करके निशाना बनाया है.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बाघेई ने खाड़ी देशों को जेलेंस्की (यूक्रेन) से दूर रहने की चेतावनी देते हुए कहा, जिस शख्स (जेलेंस्की) ने अपने देश को जंग में झोंक दिया और अपने लोगों के लिए तबाही का कारण बन गया, उसके बहाकवे में ना आएं. जेलेंस्की इन दिनों सऊदी, यूएई इत्यादि की यात्रा पर हैं. उन्होंने ड्रोन इंटरसेप्टर मुहैया कराए हैं, ताकि शहीद ड्रोन के अटैक रोके जा सकें.
ईरान ने इजरायल पर बड़ा साइबर अटैक किया. 50 इजरायली कंपनियों के डाटा को हैक किया गया है, साथ ही सिक्योरिटी कैमरे भी हैक किए गए. इनमें से एक हैकर की लोकेशन तेहरान की पाई गई.
इजरायली सेना के मुताबिक दक्षिणी लेबनान में उसके चार सैनिक मारे गए हैं. ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद 2 मार्च से अब तक दक्षिणी लेबनान में 10 इजरायली सैनिकों की मौत हो चुकी है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की. यह हमला सोमवार (30 जनवरी) की रात किया गया. इसके लिए 2 हजार पाउंड के बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया.
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरेफ ने खार्ग द्वीप को लेकर अमेरिका को धमकी दी है. उन्होंने कहा, अगर डोनाल्ड ट्रंप वहां अमेरिकी सैनिक भेजते हैं, तो उन्हें वापस लाना आसान नहीं होगा. 'नरक से कोई वापस नहीं आता'. यानि अमेरिकी सैनिकों के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं.'
ईरान ने इराक पर फिर बड़ा हमला किया है. सुलेमानियाह में स्थित अमेरिकी यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया गया है. तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद ईरान ने हमले की धमकी दी थी.
हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में इजरायल पर 43 हमले किए हैं. लेबनान के सशस्त्र संगठन के मुताबिक इन अटैक में 26 लेबनान की सीमा में मौजूद इजरायली सैनिकों पर किए गए. जबकि 17 उत्तरी इजरायल में हुए.
कुवैत की सरकारी तेल कंपनी के हवाले से आधिकारिक समाचार एजेंसी KUNA ने बताया, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई बंदरगाह पर मौजूद एक कुवैती कच्चे तेल के टैंकर पर हमला कर दिया. इससे कुवैती तेल टैंकर में आग लग गई. हालांकि, इसमें कोई घायल नहीं हुआ है.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने बताया, 'अमेरिका ने ईरान की 11 हजार जगहों को टारगेट किया गया है. तेहरान की बैलिस्टिक और ड्रोन कैपेबिलिटी और नेवी को तबाह कर दिया गया है. यूनाइटेड स्टेट्स ईरानी शासन से पैदा हुए खतरे को खत्म करने के लिए हर गुजरते दिन के साथ और ज़्यादा तेज, टारगेटेड हमले कर रहा है.'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन उत्पादन संयंत्र पूरी तरह नष्ट किए जाएंगे. अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं. मार्को रुबियो ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने पर ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, 'अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करता है तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.'
मिडिल ईस्ट जंग में ईरान के एक और बड़े अधिकारी की हत्या कर दी गई है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया अधिकारी अली खोसरोवी की हत्या कर दी गई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से फोन पर बातचीत की, जिसमें मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा हुआ. उन्होंने सेमीकंडक्टर, जल परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता की जल्द बहाली पर चर्चा की.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष को बताया कि तेहरान अपनी रक्षा के लिए क्षेत्रीय देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला करता रहेगा. उन्होंने कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर हमला इसलिए कर रहा है क्योंकि अमरिका ने इस जमीन का इस्तेमाल तेहरान के खिलाफ अवैध जंग छेड़ दिया है. अराघची ने यह भी चेतावनी दी, 'हमलावरों और उनके समर्थकों द्वारा कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में की गई कार्रवाई भी शामिल है, स्थिति को और अधिक जटिल बना देगी.'
हिजबुल्ला के हमले में इजरायल के डिफेंस मिनिस्टर काट्ज बाल-बाल बचे. हिजबुल्ला की मिसाइल मिनिस्टर के काफिले से कुछ दूरी पर गिरी. बॉर्डर एरिया के दौरे के दौरान रविवार (30 मार्च 2026) को हिजबुल्लाह इजरायली डिफेंस मिनिस्टर काट्ज की हत्या की कोशिश की.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि कूटनीति बेहतर है, लेकिन बातचीत विफल होने पर अमेरिका को तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा, 'हम हमेशा कूटनीति के जरिए मामलों को सुलझाना पसंद करते हैं, लेकिन हमें इस बात के लिए भी तैयार रहना होगा कि हमारी कोशिश असफल हो सकती है. हम 47 साल पुराने शासन से निपट रहे हैं जिसमें अभी भी कई ऐसे लोग शामिल हैं जो कूटनीति या शांति के समर्थक नहीं हैं.'
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दो टूक कहा, 'हमारा रुख पक्का है. ईरान का युद्ध हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें नहीं पड़ेंगे. हम दबाव के आगे नहीं झुकेंगे, चाहे उसका सोर्स कुछ भी हो और हम इस इलाके में अपने साथियों की रक्षा करेंगे और अपने हितों की रक्षा करेंगे'
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के नए नेतृत्व के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने धमकी देते हुए कहा, 'अगर ईरान किसी भी कारण से जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खुलता है तो हम ईरान के पावर प्लांट, ऑयल वेल, खार्ग द्वीप को तबाह कर देंगे. हमने जानबूझकर अभी तक इन जगहों को छुआ नहीं है.'
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार कर दिया. ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका की अधिकतर मांगें अनुचित थी.
ईरान के साथ छिड़ी जंग के बीच अमेरिका को इजरायल ने बड़ा झटका दिया है. इजरायल ने साफ कहा है कि ग्राउंड ऑपरेशन के लिए उनकी सेना ईरान नहीं जाएगी.
लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला. केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार करने पहुंचे कांग्रेस नेता ने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे प्रधानमंत्री झुक जाते हैं.' उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, 'ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को कंट्रोल करते हैं.'
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने ईरान युद्ध के मकसद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से स्पष्टता की मांग की. साथ ही तनाव कम करने पर भी जोर दिया है. अल्बानीज ने कहा, 'मैं युद्ध के उद्देश्यों में और अधिक स्पष्टता देखना चाहता हूं और तनाव कम करना चाहता हूं.' ऑस्ट्रेलिया ने अनुरोध के बाद संयुक्त अरब अमीरात की रक्षा में सहायता के लिए विमान तैनात किए हैं, लेकिन उसने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद के लिए नौसेना बल भेजने से इनकार कर दिया है.
1 अप्रैल से हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन Aviation Turbine Fuel यानी ATF के नए दाम लागू होंगे और इस बार संकेत अच्छे नहीं नजर आ रहे हैं. कच्चे तेल के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दामों ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि दबाव बढ़ने वाला है. हर महीने एक तारीख को ही इसके दाम अपडेट होते है तो पिछले महीने जंग की शुरुआत में 1 मार्च में जंग का असर नहीं दिखा था पर अब स्थिति अलग हो चुकी है. आज भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम पहले से ऊपर हैं. रुपया भी कमज़ोर है, दोनों मिलकर ATF महंगा करने का पूरा माहौल बना रहे हैं. अगर ATF महंगा होता है तो इसका सीधा असर आपके टिकट पर दिखेगा. एयरलाइंस की लागत बढ़ेगी और उसका बोझ आखिरकार आम यात्री को ही उठाना पड़ेगा.
शहर के अट्टापुर इलाके में रविवार रात CNG संकट को लेकर ऑटो रिक्शा चालकों का गुस्सा फूट पड़ा. हालात इतने बिगड़ गए कि तीन ऑटो ड्राइवर मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जबकि एक अन्य चालक ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.
जानकारी के मुताबिक, अट्टापुर के पिलर नंबर 291 के पास बड़ी संख्या में ऑटो चालकों ने सड़क पर प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि सरकार द्वारा पर्याप्त ईंधन आपूर्ति के दावे के बावजूद जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है. शहर के कई पेट्रोल पंपों पर CNG और LPG के लिए 1 से 2 किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे चालकों की रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच यूएन से जुड़े एक्टिविस्ट मोहम्मद सफा ने बड़ा दावा करते हुए राजनयिक पद से इस्तीफा दे दिया. सफा ने आरोप लगाया कि यूनाइटेड नेशन कहीं न कहीं ईरान पर संभावित परमाणु हमले की प्लानिंग कर रहा हो सकता है. उन्होने कहा, इस 'crime against humanity' का हिस्सा या गवाह नहीं बनना चाहते. अपने पोस्ट में उन्होंने तेहरान की एक फोटो शेयर कर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि तेहरान कोई खाली रेगिस्तान नहीं है, बल्कि यहां लाखों परिवार, बच्चे और आम लोग रहते हैं, जिनके अपने सपने हैं. उन्होंने कहा, 'आप बीमार हैं अगर आप जंग चाहते हैं.'
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, आज सुबह (31 मार्च) को तब्रीज़ पेट्रोकेमिकल कंपनी की एक इकाई को निशाना बनाकर किए गए संदिग्ध अमेरिकी-इजरायली हमले के परिणामस्वरूप आग लग गई, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया.
इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इजरायल के चैनल-12 को बताया कि इजरायल पहली बार ट्रंप प्रशासन को अपनी जमीन पर अमेरिकी सैन्य अड्डों के विकास का प्रस्ताव देने की योजना बना रहा है, जिसमें मध्य पूर्व के देशों में नए अड्डों का निर्माण और मौजूदा सैन्य अड्डों का स्थानांतरण शामिल है.
हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर और हमलों का दावा किया है. लेबनानी आर्म्ड फोर्स का कहना है कि उसके लड़ाकों ने डोवेव गांव और गजार गांव में एक ठिकाने पर रॉकेट दागे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, 'ईरान के लिए बड़ा दिन. हमारी महान सेना, जो दुनिया की सबसे बेहतरीन और घातक सेना है, ने कई बहुप्रतीक्षित लक्ष्यों को नष्ट कर दिया है.'
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच जंग को खत्म कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इसको लेकर तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक भी हुई. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के ज़रिए ईरान के साथ इनडायरेक्ट बातचीत में प्रोग्रेस का दावा किया. उन्होंने कहा, 'डील काफी जल्दी हो सकती है.'
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने बड़ा फैसला लेते हुए फ्यूल टैक्स को अगले तीन महीने के लिए आधा कर दिया है. यह फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कंट्रोल करने के मकसद से लिया गया. इससे जनता को बड़ी राहत मिलेगी.
ईरान की न्यूज एजेंसी आईएसएनए के अनुसार, ईरान के प्राकृतिक संसाधन संगठन की सुरक्षा इकाई के कमांडर माजिद ज़कारियाई की अमेरिका-इजरायल हमले में लगी चोटों के कारण मौत हो गई.
ईरान की सेना ने कुवैत के पावर और डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला किया. इस हमले में वहां काम करने वाले एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई. कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोमवार (31 मार्च) को इसकी पुष्टि की है.
अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन जहां ईरान की ओर बढ़ रहा है, वहीं पाकिस्तान में मिडिल ईस्ट में शांति बनाए रखने के लिए बैठकें शुरू हो गई हैं. इस्लामाबाद में पाकिस्तान के साथ-साथ सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्री बैठक में शामिल हुए.
ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका का अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर हमारी सीमा में घुसता है तो वह उस पर मिसाइलें दागना शुरू कर देगा. तेहरान टाइम्स के अनुसार, नौसेना कमांडर ने चेतावनी दी, 'जैसे ही अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर हमारी सीमा में आएगा, हम तट से समुद्र की ओर विभिन्न प्रकार की मिसाइलें दागकर देना के शहीदों के खून का बदला लेंगे.'
भारत का तिरंगा लगा हुए दो और एलपीजी के टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकल चुके हैं और अगले कुछ दिन में इनके भारतीय तटों पर पहुंचने की उम्मीद है. इन जहाज पर देश के लगभग एक दिन के इस्तेमाल का रसोई गैस का भंडार है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया, 'दो एलपीजी जहाज BW TYR और BW ELM, जो लगभग 94,000 टन का एलपीजी कार्गो ले जा रहे हैं, सुरक्षित रूप से इस क्षेत्र से गुजर चुके हैं और भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं.'
ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध के 30वें दिन देश के नाम संदेश जारी किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'अब यह कहा जा सकता है कि युद्ध की बुराई अपने प्रवर्तक के पास लौट आई है. रमज़ान का युद्ध अपने सबसे संवेदनशील दौर में है; इसी कारण मैं ईरान के लोगों को संबोधित करना आवश्यक समझता हूं, जो इन 30 रातों में 90 मिलियन आत्माओं के साथ एक शरीर बनकर रहे हैं.'
ईरान का दावा है कि उसने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर अमेरिकी AWACS एयरक्राफ्ट को तबाह कर दिया है. इरना न्यूज एजेंसी की ओर से इस एयरक्राफ्ट को टारगेट करते हुए इमेज जारी की गई हैं. IRNA ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'तबाह हो चुके अमेरिकी वायु सेना रक्षा प्रणालियों (AWACS) की जारी की गई तस्वीरें दिखाती हैं कि अमेरिकियों द्वारा पेश की गई कहानी के उलट उनका एयर डिफेंस सिस्टम सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करने में भी असमर्थ हैं.'
पाकिस्तान ने तेल संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. शहबाज सरकार ने पूरे देश में स्मार्ट लॉकडाउन की घोषणा कर दी है, जिसके तहत पूरे पाकिस्तान में अगले आदेश तक शनिवार रात 12 बजकर 1 मिनट से रविवार 11 बज कर 59 तक स्मार्ट लॉकडाउन रहेगा. स्मार्ट लॉकडाउन के तहत शनिवार और रविवार को बाज़ार, दुकानें बंद रहेंगी, मोटरवेज़ और हाईवेज बंद रहेंगे. साथ ही शादी ब्याह भी नहीं हो सकेंगे.
ईरान की संसद के स्पीकर गालिबाफ ने कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं अमेरिका के संभावित जमीनी हमले के लिए तैयार हैं और उन्होंने चेतावनी दी कि वे वाशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों को दंडित करेंगे.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को इस्लामाबाद में एक शिखर सम्मेलन के दौरान मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब समेत चार देशों की मीटिंग से पहले हुई इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने पर फोकस किया गया.
ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका दुनिया को दिखाकर शांति पर बातचीत करता है, लेकिन जमीनी हमले की प्लानिंग सीक्रेट रूप से करता है.' बता दें कि गालिबाफ की ये कमेंट वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर आई है.
इजरायली मीडिया की खबर के अनुसार, ईरान ने इजरायल के दक्षिणी हिस्से की ओर तीन मिसाइलें दागी हैं. इजरायल प्रसारण प्राधिकरण (Israel Broadcasting Authority) ने बताया कि इन तीन में से दो मिसाइलों को रोक लिया गया, जबकि तीसरी मिसाइल खुले क्षेत्र में गिर गई.
इजरायली रेडियो की अलग रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले 24 घंटे में पूरे इजरायल में 40 बार सायरन बजाए गए. चैनल 12 के अनुसार, दक्षिणी इजरायल में एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों को प्रभावी ढंग से इंटरसेप्ट किया. इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. यह मिसाइल हमलों की मध्यरात्रि के बाद ईरान की ओर से इजरायल की दिशा में चौथी लॉन्चिंग है.
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया कि देश के दक्षिणी नबातियाह गवर्नरेट के अब्बा कस्बे में इजरायल के हवाई हमले में एक घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रातभर के इस हमले में नबातियाह शहर को भी निशाना बनाया गया, जहां एक शॉपिंग सेंटर को भारी नुकसान पहुंचा. इस शॉपिंग सेंटर में दर्जनों दुकानें, कार्यालय और क्लीनिक स्थित हैं.
ईरान द्वारा मिसाइलें दागे जाने के बाद इजरायल भर में रात भर सायरन बजते रहे. हालांकि इन मिसाइलों को हवाई सुरक्षा बलों ने रोक दिया. लेबनान से हिज्बुल्लाह ने रॉकेट हमले तेज कर दिए, जहां एक इजरायली सैनिक युद्ध में शहीद हो गया.
'मन की बात' कार्यक्रम में पश्चिम एशिया युद्ध का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं सभी देशवासियों से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें और अफवाहों के झांसे में न आएं. पीएम मोदी ने अपने मासिक रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के 132वें एपिसोड को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस एपिसोड की शुरुआत में मिडिल ईस्ट तनाव और ऊर्जा संकट का जिक्र किया. पीएम मोदी ने नौकरी की वजह से मध्य पूर्व के देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और मदद के लिए गल्फ और खाड़ी देशों की सरकार का धन्यवाद किया. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान ऊर्जा संकट की स्थिति में भारत डटकर इसका मुकाबला कर रहा है.
बेरूत में पत्रकारों की मौत के शोक में डूबी भीड़ के ऊपर से इजरायली ड्रोन के गुजरने के दौरान 'अमेरिका मुर्दाबाद, इजरायल मुर्दाबाद' के लगे नारे.
पिछले सप्ताह सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर ईरानी हमलों में 24 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो गए. न्यूज एजेंसी एपी ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी.
चैनल 12 के अनुसार, इजरायली सेना ने एक ईरानी मिसाइल को रोका है और इस हमले के बाद दक्षिणी इजरायल के नेगेव और डेड सी क्षेत्रों में सायरन बजने लगे.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष की वजह से दुनिया के दूसरे देशों में तनाव बढ़ता जा रहा है. दोनों तरफ से हमले जारी हैं. इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इजरायल पर ये आरोप लगाया है कि दोनों देश जानबूझकर विश्वविद्यालयों पर हमले कर रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने युद्ध के दौरान जानबूझकर कई विश्वविद्यालयों और रिसर्च सेंटर पर हमला किया. इन हमलों में इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान में यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं.
ईरानी सांसद मालेक शरियाती ने एक विधेयक पेश किया है जिसमें तेहरान से परमाणु हथियारों के अप्रसार से हटने और 2015 के परमाणु समझौते के आधारभूत कानून को रद्द करने का आग्रह किया गया है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाकर हमले कर रहे हैं.
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान और IRGC चीफ अहमद वाहिदी के बीच युद्ध को खत्म करने को लेकर मतभेद की खबर आई सामने. पेजेश्कियान को नरमपंथी माना जाता है जबकि IRGC कट्टरपंथी विचारधारा से ताल्लुर रखते हैं और अमेरिका-इजरायल को जानी दुश्मन मानते हैं.
होर्मुज को लेकर पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री ने नया दावा किया है. उनका कहना है कि ईरान 20 और जहाजों के निकालने पर सहमत हुआ है. पाकिस्तान के लगे झंडे वाले जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित जाने दिया जाएगा.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने के लिए मध्यस्थता करने की पहल की, हालांकि पाकिस्तान खुद अफगानिस्तान के साथ खुद अपने झगड़े नहीं सुलझा पा रहा है, लेकिन उसने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कराने के लिए मध्यस्थता की बात कही है. इसी सिलसिले में पाकिस्तान 29-30 मार्च को सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्रियों की मेजबानी करेगा.
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर फिर से घातक हमला किया है. इस बार के अटैक में सामान्य लोगों से जुड़ी जगह को निशाना बनाया गया है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पानी रखने की जगह को तबाह कर दिया गया है.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने 3500 सैनिकों को खाड़ी देशों में भेजा है. अब यह लड़ाई जमीन के जरिए भी लड़ी जा सकती है.
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते ऊर्जा आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं की घरेलू उपलब्धता, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की मजबूती और भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं की समीक्षा के लिए आज (28 मार्च ) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में कई वरिष्ठ मंत्रियों के इनफॉर्मल ग्रुप की बैठक हुई. इस बैठक में सरकार की ओर से उठाए जा रहे सभी उपायों पर चर्चा हुई. उन्होंने बताया, सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और संघर्ष के किसी भी प्रभाव से जनता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
एएफपी पत्रकारों के अनुसार, इजरायली सेना ने ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता चलने के बाद यरुशलम के ऊपर दो धमाकों की आवाजें सुनी गईं. यह हमला इजरायल द्वारा ईरानी राजधानी तेहरान में विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों की श्रृंखला पूरी करने के कुछ ही समय बाद हुआ.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में शनिवार (28 मार्च) को मंत्रियों की नई दिल्ली में बैठक हुई. जिसमें पश्चिमी एशिया संकट के चलते बने हालात को लेकर चर्चा की गई.
ईरान की सेना का कहना है कि उसने UAE में स्थित यूक्रेन के एंटी ड्रोन सिस्टम डिपो को टारगेट किया है. रॉयटर्स ने फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि मिसाइलों ने दुबई में स्थित यूक्रेनी वायु रक्षा डिपो को 'नष्ट' कर दिया है.
ईरान ने युद्ध में कथित भूमिका को लेकर संयुक्त अरब अमीरात पर लगाए गए 'संयम' को खत्म करने का संकेत दिया है. ईरान के प्रेस टीवी ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि UAE ने ईरान के खिलाफ युद्ध की शुरुआत और उसे जारी रखने में सक्रिय रूप से समर्थन दिया था और अब तेहरान के नेतृत्व ने देश के प्रति हफ्तों से चले आ रहे अपने संयम को खत्म करने का फैसला किया है.
यूएई की राजधानी अबू धाबी और दुबई के बीच मौजूद खलीफा इकोनॉमिक जोन में शनिवार सुबह आग लग गई. बैलिस्टिक मिसाइलों के टुकड़े गिरने से लगी आग में छह लोग घायल हो गए. अबू धाबी के गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस के अनुसार, इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइलों के मलबे गिरने से तीन जगह आग लगी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से एक घंटा तक फोन पर बात की है. उन्होंने बताया कि मैंने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचों पर इजरायली हमलों के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से निंदा दोहराई. उन्होंने लिखा, 'मैंने क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने और संवाद को सुगम बनाने के लिए पाकिस्तान के ईमानदार प्रयासों की सराहना करने के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया.'
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने फिर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारे बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया तो हम कड़ा जवाब देंगे. उन्होंने खाड़ी देशों से दो टूक कहा कि अगर आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं तो हमारे दुश्मनों को अपनी जमीन से युद्ध न चलाने दें.
केंद्र सरकार के अनुसार, 'एलपीजी और पीएनजी दोनों के संबंध में स्थिति संतोषजनक है. हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से या उससे भी अधिक क्षमता से काम कर रही हैं, और घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की वृद्धि हुई है. भारत आयात पर ज्यादा निर्भर है. LPG आयात का लगभग 90 फीसदी होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से होता है. इसलिए सरकार ने कॉमर्शियल आपूर्ति की तुलना में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है.
थाईलैंड की पीएम अनुतिन चर्नविराकुल ने बताया कि थाईलैंड ने होर्मुज स्ट्रेट से अपने तेल टैंकरों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान के साथ समझौता किया है.
यमन के हूती समूह ने कहा कि उन्होंने वेस्ट बैंक के दक्षिण में इजरायली सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया. समूह ने बताया कि यह कदम अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया है और उनके ऑपरेशन तब तक जारी रहेंगे, जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते.
जग वसंत जहाज गुजरात के जामनगर स्थित वडिनार टर्मिनल (DPA कांडला) पर 47,000 मीट्रिक टन LPG लेकर पहुंचा है. यह कार्गो एंकरिज पर शिप टू शिप (STS) ट्रांसफर के लिए तैयार है, जिससे देश की एनर्जी सप्लाई चेन को बिना रुकावट मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी.
ईरान के नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के चीफ इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल-अरब गठबंधन ने अब हर सीमा पार कर दी है, यह कोई धमकी नहीं, बल्कि निकल जाने का नोटिस है.
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने तेहरान के साथ समझौता किया है, जिसके तहत थाई तेल वाहनों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जाएगी. अनुरिन ने कहा कि यह कदम थाईलैंड की ऊर्जा आपूर्ति की चिंता को कम करेगा, क्योंकि देश बहुत अधिक तेल आयात पर निर्भर है, खासकर मध्य पूर्व से. इस महीने की शुरुआत में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई झंडे वाली कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रक्षेप्य से हमला हुआ था. जहाज के चालक दल को बाद में ओमान की नौसेना ने बचाया, लेकिन तीन चालक अब भी लापता हैं.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध में यमन भी कूद पड़ा है. उसने इजरायल पर हमला कर दिया है. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक यमन ने कई मिसाइलें दागी हैं.
अबू धाबी में रोकी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के मलबे गिरने से पांच लोग घायल हो गए हैं. सरकारी मीडिया कार्यालय के अनुसार, घायल हुए पांचों लोग भारतीय नागरिक हैं. इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि शहर के खलीफा आर्थिक क्षेत्र में मिसाइल के मलबे गिरने से दो जगह आग लग गई थी, जिसे बुझाने का काम किया जा रहा है.
हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने लितानी नदी की ओर बढ़ रहे इज़राइली सैनिकों को निशाना बनाया है. हिजबुल्लाह का कहना है कि शुक्रवार रात से अब तक उसने कई हमले किए हैं. ये हमले उन इज़राइली सैनिकों पर किए गए, जो सीमा पार कर लेबनानी इलाके में दाखिल हुए थे.
हिजबुल्लाह के अनुसार, मरजायून जिले के अल-कंतारा कस्बे के पास पानी के जलाशय के नजदीक दो इज़राइली मर्कावा टैंकों पर भी हमला किया गया. इसके अलावा तैयबेह कस्बे के पास लितानी नदी की ओर बढ़ रहे इज़राइली सैनिकों पर रॉकेट, तोप के गोले और ड्रोन से हमला किया गया.
वहीं, इज़राइल के शीर्ष अधिकारियों पहले ही लेबनान के अंदर लितानी नदी तक कब्जा करने की धमकी दे चुके हैं. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि यह अभियान उत्तरी इज़राइल की सुरक्षा के लिए लेबनान के अंदर एक बफर ज़ोन बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो की कड़ी आलोचना करते हुए उसे कागजी शेर बताया और सवाल उठाया कि क्या वाशिंगटन को उन सहयोगियों का बचाव जारी रखना चाहिए, जो उनके अनुसार जरूरत के समय अमेरिका का समर्थन करने में विफल रहे.मियामी में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब गठबंधन ने उसका साथ नहीं दिया.ट्रंप ने गठबंधन के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धताओं पर पुनर्विचार का सुझाव दिया. उन्होंने कहा, अगर वे हमारे लिए मौजूद नहीं हैं, तो हम उनके लिए क्यों मौजूद रहेंगे? उन्होंने नाटो की प्रतिक्रिया को एक बहुत बड़ी गलती बताया.
ईरान ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से मानवीय सहायता को पहुंचाने और उसमें तेजी लाने में मदद करेगा.
संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि वह ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली और लड़ाकू विमान इन आने वाले खतरों को रोकने में लगे हुए हैं. मंत्रालय ने यह भी बताया कि अलग-अलग इलाकों में जो तेज आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे दरअसल हवा में ही मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने की कार्रवाई के कारण हैं.
ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइलें दागी गई हैं. इजरायल की सेना ने बताया कि कुछ ही देर पहले मिसाइल लॉन्च का पता चला और हवाई सुरक्षा प्रणाली उन्हें रोकने में लगी हुई है. संभावित हमले को देखते हुए पूरे इजरायल में मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेजे गए हैं. लोगों को कहा गया है कि वे तुरंत सुरक्षित स्थानों में चले जाएं और अगली सूचना तक वहीं बने रहें.
सीरिया की राजधानी दमिश्क में धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं. सरकारी टीवी के मुताबिक, दमिश्क और उसके आसपास के इलाकों में ये विस्फोट सुने गए, लेकिन इनके कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है. जैसे ही इस मामले में और जानकारी सामने आएगी, अपडेट दिया जाएगा.
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान ने बड़ा हमला कर दिया है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. इस हमले में कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, वहीं सैन्य विमानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है. गौर करने वाली बात यह है कि ईरान पहले ही कह चुका था कि जहां भी अमेरिकी सैनिक मौजूद होंगे, उन सभी जगहों को निशाना बनाया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक, इस हमले में मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि कम से कम 12 सैनिक जख्मी हुए हैं, जिनमें से दो की हालत नाजुक बनी हुई है. हमले के दौरान अमेरिकी वायुसेना के ईंधन भरने वाले विमान को भी क्षति पहुंची है, जिससे आगे की सैन्य कार्रवाई प्रभावित हो सकती है. वहीं, प्रेस टीवी की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों में यह भी दिखाया गया है कि ईरान के जवाबी हमले में अमेरिकी बोइंग केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर को निशाना बनाया गया, जिसके स्पष्ट निशान देखे जा सकते हैं.
बहरीन में पिछले एक घंटे के दौरान दो बार खतरे के सायरन बजाए गए हैं. बहरीन के गृह मंत्रालय ने इस दौरान दो बार लोगों के लिए चेतावनी जारी की और कहा कि सभी लोग तुरंत अपने नजदीकी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और शांत रहें. यह चेतावनी उस घटना के बाद दी गई है, जब मंत्रालय ने बताया कि बहरीन में एक अज्ञात स्थान पर लगी आग पर काबू पा लिया गया है. बताया गया है कि यह आग पहले हुए ईरान के हमले के बाद लगी थी.
ईरान ने तेल अवीव में मिसाइल से अटैक कर दिया है. इसकी वजह से काफी नुकसान हुआ है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति की मौत हुई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया है कि बुशेहर परमाणु संयंत्र पर एक बार फिर हमला हुआ है. यह संयंत्र खाड़ी के किनारे बसे बुशेहर शहर के पास स्थित है. बताया जा रहा है कि यह तीसरी बार है जब इस परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कुछ दिन पहले 101 मिसाइलों से हमला किया गया था. यह हमला समुद्र में तैनात दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत पर हुआ था. ट्रंप के अनुसार, दागी गई सभी 101 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया और उनका मलबा समुद्र में गिर गया. उन्होंने कहा कि अब उनकी सेना सीधे दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना रही है. उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन के पास हवाई सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए उनकी सेना आसानी से ऊपर से उड़कर अपने निशाने चुन रही है. उनके मुताबिक अभी 3,554 निशाने बाकी हैं, जिन्हें जल्द खत्म किया जाएगा.
अमेरिका की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एएनआई से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं और उनकी हाल की बातचीत भी काफी उपयोगी रही.
दरअसल, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंगलवार (24 मार्च) को हुई इस बातचीत में एलन मस्क भी शामिल थे. बताया जा रहा है कि इस बातचीत में पश्चिम एशिया के तनाव पर चर्चा हुई थी.
इज़रायल ने ईरान के अराक हेवी वॉटर न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स पर हमला किया है, जो ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़ी एक अहम जगह है.
अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर तकरार बढ़ गई है.पश्चिमी मीडिया ने नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति के बीच टेलीफोन कॉल के आधार पर यह दावा किया है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक तनावपूर्ण बातचीत में ईरान युद्ध के बारे में उनकी राय पर असहमति जताई है. वेंस ने नेतन्याहू पर ट्रंप को आसानी से ईरान युद्ध में घसीटने का आरोप लगाया है.
अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि एफबीआई निदेशक काश पटेल का निजी ईमेल खाता हैक कर लिया गया था. ईरान से जुड़े एक समूह द्वारा फोटो जारी करने के बाद यह जानकारी सामने आई है.
जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने के बावजूद सुरक्षित और सक्रिय हैं. अली बहरेनी ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण है और उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वाह कर रहे हैं और देश की राजनीतिक व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है.
US और इज़रायली हमले शुरू होने के बाद से ईरान में 1,900 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और कम से कम 20,000 घायल हुए हैं. इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ़ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज़ की मारिया मार्टिनेज़ ने ये आंकड़े दिए हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि कुवैत के प्रिंस शेख सबाह अल खालिद अल हमद अल सबाह ने उन्हें कॉल किया था. शहबाज ने कहा कि उन्होंने कुवैत पर हुए हमलों की निंदा की और कुवैत के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई. मैं कुवैत के प्रिसं का आभारी हूं जिन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया और मौजूदा संकट में कुवैत को पाकिस्तान के समर्थन की सराहना की. मैंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए रचनात्मक भूमिका निभाते रहने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराया.
ईरान ने दावा किया है कि इस्फहान में अमेरिका और इजरायल के हमले में 26 लोग मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे. न्यूज एजेंसी Mehr ने बताया कि मरने वालों में 14 महिलाएं और बच्चे शामिल थे.
इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज़ ने कहा कि हमने ईरान को नागरिकों पर गोलीबारी रोकने की चेतावनी दी थी. चूंकि वह गोलीबारी जारी रखे हुए है, इसलिए हमारे हमले और तेज होंगे और उसकी युद्ध क्षमताओं का समर्थन करने वाले अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाएंगे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चिंता बढ़ गई है. WHO ने कहा है एयर ट्रैफिक के रुकने की वजह से सप्लाई चेन में रुकावटें ऐसी चुनौतियां खड़ी कर रही हैं, जो हमने पहले कभी नहीं देखीं.
White House के आधिकारिक हैंडल से आज के बाद एक पिक्सलेट वाली तस्वीरें साझा की जा रही है. ये गलती से नहीं हुआ है. सोच समझकर किया गया है. एक के बाद एक तीन पोस्ट और फोटो अपलोड की गई हैं. इसके बाद व्हाइट हाउस ने इस इमोजी 🤫 के साथ 06 सेकंड का वीडियो अपलोड किया है 👇🏽
अमेरिका ने ईरान के साथ चार सप्ताह के युद्ध के दौरान 850 से अधिक टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागी हैं. वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस तेजी से मिसाइल उपयोग ने पेंटागन को चिंतित कर दिया है और सटीक हथियारों की घटती आपूर्ति के बारे में सवाल उठाए हैं.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने बिगड़ती स्थिति को रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति से बात की. ईरान की कार्रवाइयां और उसके सहयोगियों के समर्थन के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में है और यह मध्य पूर्व में युद्ध हमारा युद्ध नहीं है. हम इसमें शामिल नहीं होना चाहते हैं.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद क्षेत्र को निशाना बनाने वाले दो और ड्रोनों को मार गिराया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक घंटे के भीतर सऊदी अरब की राजधानी पर यह दूसरा हवाई हमला है.
एलपीजी से लदे हुए चार शिप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल कर भारत तक पहुंच चुके हैं. पर्शियन गल्फ में 5 LPG कार्गो मौजूद है.
केंद्र सरकार ने मिडिल ईस्ट विवाद से पैदा होने वाले मामलों पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ दूसरे मंत्री भी इसके सदस्य हैं.
अमेरिका और इजरायल के सहयोगियों से जुड़े जहाजों को होर्मुज से गुजरने से रोका गया. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शुक्रवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है और उसने अमेरिका और इजरायल के सहयोगियों से जुड़े जहाजों को वहां से गुजरने के खिलाफ चेतावनी दी है. IRGC ने कहा कि तीन कंटेनर जहाजों को तय शिपिंग गलियारों में घुसने की कोशिश के बाद वापस भेज दिया गया और ये भी कहा कि होर्मुज से किसी भी तरह से गुजरने पर कड़ा जवाब दिया जाएगा.
ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिकों के आस-पास न रहें, उनसे दूर हो जाएं. IRGC ने कहा, 'हम अपने दुश्मन को टारगेट करेंगे. अमेरिकी सैनिकों को ढूंढकर निशाना बनाएंगे.' ईरान का दावा है कि अरब देशों में सैन्य बेस नष्ट होने के बाद अमेरिकी सैनिक होटलों में रह रहे हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की आपात बैठक में शजरेह तैयबेह स्कूल पर हमले की निंदा की और कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा गैर-कानूनी युद्ध थोपा जा रहा है. उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण और बेहद क्रूर बताया. अराघची ने कहा कि इस हमले में 168 बच्चे मारे गए और कई अन्य घायल हुए. उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर नागरिकों और शैक्षिक संस्थानों पर हमला करने का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई करने की मांग की.
ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा एक्शन लेते हुए इस्फाहान प्रांत में कम से कम 15 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन लोगों ने संवेदनशील सैन्य जानकारी दुश्मन मीडिया नेटवर्क्स को भेजी. ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि उन्होंने सैन्य ठिकानों की लोकेशन, हमलों से हुए नुकसान की तस्वीरें और अन्य संवेदनशील जानकारी विदेशी मीडिया को शेयर की. ईरानी अधिकारी इसे देश की सुरक्षा के खिलाफ गंभीर अपराध मान रहे हैं.
इस्फाहान ईरान का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और सैन्य केंद्र है. यहां कई महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे, मिसाइल फैक्टरियां और परमाणु सुविधाएं भी हैं. ऐसे में इस इलाके से सैन्य जानकारी लीक होने को ईरान बहुत गंभीरता से ले रहा है. ईरानी सुरक्षा बलों का कहना है कि ये लोग सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और दूसरे प्लेटफॉर्म्स के जरिए जानकारी बाहर भेज रहे थे. कुछ लोगों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने हमलों के बाद हुए नुकसान की तस्वीरें और वीडियो विदेशी मीडिया को उपलब्ध कराए, जिससे ईरान की स्थिति कमजोर दिखाई दे.
ईरान के खिलाफ ऑपरेशन शुरू होने के बाद से, इजरायल में 8,000 टन से अधिक गोला-बारूद और सैन्य उपकरण पहुंचे हैं. इजरायल ने अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है, खासकर जब से ईरान ने इजरायल पर हमले शुरू किए हैं. इजरायल का दावा है कि ईरान ने उस पर 400 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल दागीं हैं, जिनमें से 92% को इजरायल की रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया है. इजरायल ने अपनी रक्षा के लिए एंटी-मिसाइल सिस्टम, जैसे कि एरो और आयरन डोम का इस्तेमाल किया है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अब सीधा खतरा देते हुए कहा है कि आने वाले कुछ घंटों में वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और सीरिया के दमिश्क में उन होटलों पर हमला करेंगे, जहां अमेरिकी सैनिक और अधिकारी ठहरे हुए हैं. IRGC ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैनिक अपनी सैन्य बेस छोड़कर नागरिक होटलों में छिप रहे हैं और इन्हें अब वैध सैन्य टारगेट माना जाएगा.
ईरानी मीडिया फार्स के मुताबिक, दमिश्क में Four Seasons Hotel और Sheraton Hotel समेत कई फाइव स्टार होटलों को अमेरिकी और इजरायली सलाहकारों के ठिकाने बताया गया है. IRGC का कहना है कि अमेरिकी सैनिक होटलों में छिपकर स्थानीय नागरिकों को मानव ढाल बना रहे हैं, इसलिए अगर होटल मालिक अमेरिकी सैनिकों को आश्रय देते रहे तो ये होटल भी हमले का निशाना बन सकते हैं.
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची ने अमेरिका की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बातचीत की मांग करते हुए एक साथ सैनिक ताकत बढ़ाना और क्षेत्र में सैन्य बल तथा उपकरण भेजना, अमेरिका के बर्ताव और बयानों में साफ विरोधाभास है. अरागची ने कहा, 'अमेरिका एक तरफ बातचीत की पेशकश कर रहा है तो दूसरी तरफ आक्रामकता जारी रखते हुए इलाके में और ज्यादा सैनिक भेज रहा है. यह उसके व्यवहार और भाषा में स्पष्ट विरोधाभास है.'
उन्होंने आगे कहा कि बातचीत की मांग करते हुए ईरानी लोगों के खिलाफ और अपराध करने के लिए सैन्य ताकत बढ़ाना, अमेरिका की दोहरी नीति को दिखाता है. ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एनर्जी प्लांट्स पर हमले 10 दिन के लिए रोकने की घोषणा की है और बातचीत अच्छी चल रही होने का दावा किया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका की तरफ से मध्यस्थों के जरिए मैसेज भेजे जा रहे हैं, जबकि क्षेत्र में सैनिकों और हथियारों की तैनाती भी बढ़ाई जा रही है.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आज एक बार फिर सियासी तूफान आ गया. नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के विधायकों ने ईरान के समर्थन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. वे ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या का मुद्दा उठाकर खूब नारेबाजी करने लगे. विधायकों ने सदन के अंदर खड़े होकर नारे लगाए, 'खामेनेई की हत्या निंदनीय है', 'अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन' और 'केंद्र सरकार सख्त रुख अपनाए.'
उन्होंने कहा कि यह हत्या न सिर्फ ईरान के खिलाफ है बल्कि पूरे विश्व के कानूनों का खुला उल्लंघन है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक लगातार चिल्लाते रहे और सदन की कार्यवाही को रोक दिया. कुछ विधायकों ने ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग का भी जिक्र किया और कहा कि इस पूरे संघर्ष में ईरान पर हो रहे हमले गलत हैं.
ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच करीब एक महीने से चल रही जंग और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि 'PM मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं.' यह मैसेज अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को भारत में अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया. ट्रंप ने लिखा, 'भारत के साथ हमारा शानदार रिश्ता आगे और मजबूत होगा. PM मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता.'
इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के अरबी प्रवक्ता ने दक्षिणी लेबनान के सज्द गांव के निवासियों को तत्काल निकासी का जरूरी चेतावनी जारी की है. IDF ने कहा कि इलाके में हिजबुल्लाह की गतिविधियां उनके सैन्य अभियानों को मजबूर कर रही हैं, इसलिए लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत घर छोड़कर उत्तर की ओर जाना चाहिए. IDF के मुताबिक, निवासियों को जहरानी नदी के उत्तर की तरफ चले जाने की सलाह दी गई है. प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि इजरायल का इरादा किसी भी आम नागरिक को नुकसान पहुंचाने का नहीं है, लेकिन हिजबुल्लाह की वजह से मजबूरन सैन्य कार्रवाई करनी पड़ रही है. यह चेतावनी अरबी भाषा में जारी की गई है ताकि स्थानीय लोगों तक आसानी से पहुंच सके. IDF ने पहले भी दक्षिणी लेबनान के कई गांवों और इलाकों के लिए इसी तरह की निकासी चेतावनियां जारी की हैं, जिसमें जहरानी नदी के दक्षिण वाले पूरे क्षेत्र को शामिल किया गया था.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज ईरान के मुद्दे पर बंद कमरे में बैठक करने जा रही है. यह बैठक न्यूयॉर्क में होगी. AP की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने ईरान में नागरिक ढांचे पर अमेरिका-इजरायल के हमलों को लेकर इस बैठक की मांग की थी. यह जानकारी दो संयुक्त राष्ट्र राजनयिकों ने दी. वहीं, सुरक्षा परिषद की मौजूदा अध्यक्षता अमेरिका के पास है, जिसने इस बैठक को शेड्यूल किया है.
ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों ने एक बार फिर आवासीय इलाकों को निशाना बनाया है. हमले में कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है और मलबे के नीचे लोग दबे हुए हैं. ईरानी रेड क्रिसेंट की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव कार्य में मदद कर रही हैं. रेड क्रिसेंट के रेस्क्यू वर्कर्स मलबे हटाकर लोगों को निकालने की कोशिश में जुटे हुए हैं. कुछ वीडियो में रेस्क्यू टीमों को मलबे के नीचे से लोगों को सुरक्षित निकालते हुए दिखाया गया है, जिसमें एक छोटी बच्ची और उसके पिता को भी बचाया गया.
जापान सरकार ऊर्जा संकट को कम करने के लिए कोयले से चलने वाले बिजली प्लांट पर लगे प्रतिबंधों में छूट देने की योजना बना रही है. जापान के उद्योग मंत्रालय के अधिकारी ताकाहिदे सोएदा ने AFP न्यूज एजेंसी से बातचीत में इन रिपोर्ट्स की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि इस योजना को शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे होने वाली विशेषज्ञों की बैठक में औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इस कदम से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम होगा और देश में बिजली की कमी से निपटने में मदद मिलेगी.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और दुनिया भर में तेल का संकट गहरा गया है. ऐसे में केंद्र सरकार ने आम जनता और तेल कंपनियों को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बड़ा कटौती का फैसला लिया है. सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. यानी 10 रुपये की कटौती. वहीं डीजल पर जो 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लग रही थी, उसे पूरी तरह खत्म कर दिया गया है यानी अब डीजल पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी जीरो हो गई है. यह फैसला आज से लागू हो गया है. पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सरकार का मकसद साफ है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें न बढ़ने दें. इससे न सिर्फ आम लोगों की जेब पर बोझ कम होगा, बल्कि तेल कंपनियों के मार्जिन में भी सुधार आने की उम्मीद है.
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रही जंग में हॉर्मुज स्ट्रेट का संकट गहरा गया है, लेकिन ईरान इस संकट से फायदा उठाते हुए रोजाना भारी कमाई कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च महीने में ईरान अपने मुख्य तेल 'ईरानियन लाइट क्रूड' से रोजाना औसतन 139 मिलियन डॉलर कमा रहा है. फरवरी 2026 में यह आंकड़ा 115 मिलियन डॉलर प्रतिदिन था. युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है. साथ ही ईरान का तेल ब्रेंट से सिर्फ 2.10 डॉलर प्रति बैरल सस्ता बिक रहा है, जो पिछले 10 महीनों में सबसे कम डिस्काउंट है. पहले यह डिस्काउंट 10 डॉलर से ज्यादा था. इसी वजह से ईरान की कमाई में अच्छा उछाल आया है.
वियतनाम ने बढ़ती तेल और गैस कीमतों के बीच अपने घरेलू बाजार को स्थिर रखने के लिए पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले टैक्स को अस्थायी रूप से हटा दिया है. वियतनाम के वित्त मंत्रालय ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण टैक्स और विशेष उपभोग टैक्स को हटा दिया गया है. मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला 15 अप्रैल तक लागू रहेगा, ताकि ईंधन की बढ़ती कीमतों के असर को कम किया जा सके और बाजार में स्थिरता बनी रहे.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग में एक और दुखद घटना सामने आई है. ईरान के पवित्र शहर कोम में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में 6 लोगों की जान चली गई. हमला शहर के आवासीय इलाके में तीन घरों को निशाना बनाकर किया गया. कोम के डिप्टी गवर्नर ने फार्स न्यूज एजेंसी को बताया कि इस हमले में तीन आवासीय मकानों पर बमबारी हुई. घायलों की संख्या अभी साफ नहीं है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के इलाके में भारी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. कोम ईरान का एक धार्मिक महत्व का शहर है, जहां कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं. आवासीय क्षेत्रों पर हमला होने से आम नागरिकों की जान जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. ईरानी अधिकारियों ने इसे 'नागरिकों पर जानबूझकर हमला' बताया है, जबकि अमेरिका-इजरायल पक्ष ने अभी इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
अमेरिकी सेना ने कैप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 46 (SLC-46) से अपनी लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल 'डार्क ईगल' (LRHW) का एक और टेस्ट लॉन्च किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह लॉन्च हाल ही में हुआ, जिसमें मिसाइल ने आसमान में तेज रफ्तार से उड़ान भरी. डार्क ईगल असल में अमेरिकी आर्मी का लॉन्ग रेंज हाइपरसोनिक वेपन (LRHW) है.
यह मिसाइल मार्क 5 से भी ज्यादा की स्पीड से उड़ सकती है, यानी आवाज की गति से पांच गुना तेज. इसकी रेंज करीब 3500 किलोमीटर बताई जाती है, जिससे यह चीन या रूस जैसे देशों के अहम टारगेट्स को महज 20 मिनट के अंदर हिट कर सकती है. मिसाइल बूस्टर रॉकेट की मदद से ऊपर जाती है और फिर हाइपरसोनिक ग्लाइड बॉडी अलग होकर लक्ष्य की तरफ तेजी से और घुमावदार रास्ते से बढ़ती है, जिसे एयर डिफेंस सिस्टम पकड़ना बहुत मुश्किल होता है.
इजरायल ने तेहरान में पाकिस्तानी एम्बेसी और एम्बेसडर के घर के पास एयरस्ट्राइक की है, कोई जान का नुकसान नहीं हुआ. तेहरान में पाकिस्तानी एन्क्लेव पाकिस्तान की सॉवरेन जमीन है और इस पर पाकिस्तान सरकार का मालिकाना हक है. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार ईरान में स्थित पाकिस्तान के दूतावास और राजदूत के आवास के पास हवाई स्ट्राइक हुई है. घटना के बाद दूतावास के राजनयिक स्तब्ध हैं ,साथ ही सभी कर्मचारी और राजनयिक सुरक्षित हैं.
ईरान के साथ चल रही जंग में अचानक एक बड़ा टर्न आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की सरकार के अनुरोध पर उन्होंने देश के एनर्जी प्लांट्स और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले 10 दिन के लिए रोक दिए हैं. यह पॉज 6 अप्रैल 2026, शाम 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक रहेगा. ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, 'ईरानी सरकार के अनुरोध पर मैं एनर्जी प्लांट्स के नष्ट किए जाने की अवधि को 10 दिन के लिए रोक रहा हूं. बातचीत चल रही है और वो बहुत अच्छी चल रही है.' उन्होंने मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स को गलत बताते हुए कहा कि बातचीत की प्रगति अच्छी है.
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच इजरायली सेना ने बड़ा खुलासा किया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि फिलहाल उनकी सेना में करीब 15,000 सैनिकों की कमी है. इनमें से आधे यानी 7,000 से 8,000 लड़ाकू सैनिक हैं. जनरल डेफ्रिन ने एक पहले से रिकॉर्ड किए गए संदेश में कहा, 'आज हम दो IDF सैनिकों की मौत की घोषणा कर रहे हैं. स्टाफ सर्जेंट ओरी ग्रीनबर्ग, 21 साल के, पेताह तिकवा के रहने वाले, गोलानी रेकॉनिसेंस बटालियन के फाइटर और सर्जेंट अवियाद एलचानन वोलांस्की, 21 साल के, यरुशलम के रहने वाले, 7वीं ब्रिगेड के बटालियन 77 के फाइटर. दोनों सैनिक दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान शहीद हुए, जबकि वे उत्तरी इलाकों की रक्षा कर रहे थे.'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो फ्रांस पहुंच गए हैं. वे G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. इस बैठक में दुनिया भर की सुरक्षा चिंताओं, मिडिल ईस्ट (ईरान युद्ध) की स्थिति और रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होगी. बियो ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा, 'G7 फॉरेन अफेयर्स मिनिस्टीरियल के लिए फ्रांस जा रहा हूं. विश्व नेताओं से मुलाकात कर दुनिया भर की साझा सुरक्षा चिंताओं और मिडिल ईस्ट तथा रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति पर चर्चा करूंगा.'
इराक के पश्चिमी अंबर प्रांत के अल-काइम कस्बे में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के एक सैन्य ठिकाने पर एयरस्ट्राइक की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं. यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्र में अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े गुटों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है.
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 27 मार्च 2026 को पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने-जाने वाली 22 निर्धारित और गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करेंगी.
ईरान पुलिस ने मध्य शहर यजद में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट के उपयोगकर्ताओं के 61 बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया है, जो अनधिकृत कनेक्टिविटी पर व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है. ईरान में स्टारलिंक का उपयोग अवैध है और इसके लिए सख्त दंड का प्रावधान है. ईरान सरकार ने स्टारलिंक के उपयोग को रोकने के लिए सैटेलाइट जैमर्स और सिग्नल-स्पूफिंग तकनीकों का उपयोग किया है.
अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के साथ दबंगई भरा व्यवहार करता है, लेकिन वही यूरोप होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की योजना में शामिल होने को तैयार नहीं है क्योंकि वह ईरान का सामना करने की कीमत जानता है.
आज अबू धाबी में मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु पर भारतीय दूतावास ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. दूतावास संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के साथ मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए समन्वय कर रहा है.
अमेरिकी युद्ध मंत्री ने कहा है कि वे किसी भी सौदे का स्वागत करते हैं और उन्हें लगता है कि इसे हासिल करने का अवसर है और वे बमों का उपयोग करके बातचीत जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि ईरान में चल रहा सैन्य अभियान अंतहीन युद्ध नहीं है. A-10 और अपाचे विमान ईरान के अंदर और होर्मुज की खाड़ी के आसमान में उड़ान भर रहे हैं और मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं.
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तेज कर दिया है, जिसमें ए-10 वर्थोग और एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर ईरानी तेज हमला करने वाली नौकाओं और ड्रोन को निशाना बना रहे हैं. यह अभियान होर्मुज की खाड़ी में तनाव बढ़ने के बीच हो रहा है, जहां से दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होता है.
मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने ईरान युद्ध के बारे में डिप्लोमैटिक बातचीत के बीच गुरुवार को बेरूत के पास लेबनान के प्रेसिडेंट जोसेफ औन से मुलाकात की. अब्देलती ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच मैसेज भेजने में मिस्र ने दोनों तरफ से 'शांति की बातचीत की संभावना की आपसी इच्छा' देखी है.
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने 24 घंटों में 6 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया है जो डेंजर जोन से बाहर गिरे हैं और एक ड्रोन को नष्ट कर दिया है.
तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने यह युद्ध इजरायल का युद्ध है, लेकिन सबसे पहले मुसलमान और फिर पूरी मानवता इसकी भारी कीमत चुका रही है. नेतन्याहू सरकार न केवल ईरान को निशाना बना रही है, बल्कि वह लेबनान पर चरणबद्ध तरीके से कब्ज़ा करने की अपनी योजना को भी अंजाम दे रही है.
डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने आज पुष्टि की कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ राजनयिक चैनलों के माध्यम से ईरान के साथ बातचीत कर रहा है.
व्हाइट हाउस में कैबिनेट की बैठक के दौरान विटकॉफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कहा, 'मैं आज आपको यह सूचित कर सकता हूं कि हमने आपकी विदेश नीति टीम के साथ मिलकर 15 सूत्री कार्यसूची प्रस्तुत की है जो शांति समझौते का ढांचा तैयार करती है. इसे मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रही पाकिस्तानी सरकार के माध्यम से प्रसारित किया गया है.'
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी इस बात की पुष्टि की कि उनका देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 15 सूत्री योजना पर 'ईरान द्वारा विचार-विमर्श किया जा रहा है.'
विटकॉफ ने कहा कि इस रूपरेखा से अब तक मजबूत और सकारात्मक संदेश और बातचीत हुई है. हालांकि उन्होंने राजनयिक चर्चाओं की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए विशिष्ट शर्तों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया. सीएनएन ने पहले बताया था कि इस योजना में तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे मुद्दों को संबोधित किया गया है.
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है, मैं नहीं. उन्होंने ईरान की लीडरशिप को स्मार्ट बताया है. ट्रंप ने कहा कि वे मूर्ख नहीं हैं, वास्तव में एक तरह से वे बहुत चतुर हैं. वे बेहतरीन वार्ताकार हैं.
ट्रंप ने आगे कहा कि ओबामा ने इजरायल के बजाय ईरान को चुना. ईरानी इजरायल पर परमाणु बम का इस्तेमाल करते और फिर वे हम पर हमला करते. वे बीमार हैं, वे मध्य पूर्व पर कब्ज़ा करना चाहते थे. आप पागलों को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते. यह कहना मुश्किल है कि हम ईरान के साथ समझौता करने में सक्षम हैं या इच्छुक हैं. हम ड्रोन और मिसाइल कारखानों को नष्ट कर रहे हैं, इसे जारी रखेंगे. हम ईरान को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, 'हम ईरानी आतंकवादी शासन के ठिकानों पर लगातार जोरदार हमले कर रहे हैं. कल रात हमने आईआरजीसी नौसेना के कमांडर को मार गिराया. इस व्यक्ति के हाथों पर बहुत खून लगा था. होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का नेतृत्व भी उसी ने किया था. यह युद्ध के उद्देश्यों को प्राप्त करने के साझा लक्ष्य की ओर हमारे और हमारे मित्र, संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सहयोग का एक और उदाहरण है.'
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के नेवी इंटेलिजेंस के प्रमुख बेहनाम रेजाई की हत्या की खबर है, लेकिन इस बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. इससे पहले आईडीएफ ने दावा किया था कि ईरान के नेवी कमांडर की मौत हो चुकी है.
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबरों के बीच तेल की कीमतों में पांच प्रतिशत की तेजी आई है. अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड की कीमत 5.2 प्रतिशत बढ़कर 107.54 डॉलर प्रति बैरल हो गई. अमेरिका का मुख्य तेल अनुबंध, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 4.9 प्रतिशत बढ़कर 94.71 डॉलर हो गया.
युद्ध में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,937 हो गई है. ईरान के डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर अली जाफरियन ने अल जजीरा को बताया है कि युद्ध के दौरान अब तक कम से कम 1,937 लोग मारे जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि मरने वालों में 240 महिलाएं और 212 बच्चे थे. इसके अलावा, जाफरियन ने कहा कि कम से कम 24,800 लोग घायल हुए हैं, जिनमें लगभग 4,000 महिलाएं और 1,621 बच्चे शामिल हैं.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हमलों का दौर अब भी जारी है. 28 फरवरी को शुरू हुए इस हमले को लगभग एक महीना होने वाला है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अब तक कोई बात नहीं बनी है. इस बीच अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के खिलाफ हूती विद्रोहियों की एंट्री हो सकती है. ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोही इजरायल के खिलाफ जंग में शामिल होने के लिए तैयार हैं.
सऊदी अरब ने एक नया अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर लॉन्च किया है, जो अरब खाड़ी के बंदरगाहों को जॉर्डन और उत्तर के देशों से जोड़ता है. यह कॉरिडोर माल ढुलाई ट्रेनों के माध्यम से संचालित होगा और सऊदी अरब के रियाद, दम्मम और जेद्दा जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा. इस परियोजना का उद्देश्य व्यापार और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देना है, खासकर जब हॉर्मुज की खाड़ी में तनाव बढ़ रहा है. सऊदी अरब का यह कदम क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है.
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लागू करने में मदद करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अगर सीजफायर होता है तो वे शांति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी प्रकार के अभियानों पर चर्चा करेंगे, विशेष रूप से हॉर्मुज की खाड़ी में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए.
पिस्टोरियस ने कहा कि ईरान युद्ध एक आर्थिक आपदा है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि जर्मनी इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता है और इसके लिए कोई रणनीति या स्पष्ट उद्देश्य नहीं है.
ईरान ने खर्ग द्वीप पर हमले को नाकाम करने का बड़ा प्लान तैयार किया है. ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और ईरान आर्मी ने द्वीप की सुरक्षा को कड़ा किया है. खर्ग द्वीप को जोड़ने वाले एरिया में आर्टिलरी के अलावा माइन्स लगाई जा रही हैं. इसके अलावा ईरान यहां 5000 हजार सैनिक और तैनात करने जा रहा है.
खाड़ी देशों ने कहा है कि वर्तमान संकट को हल करने के लिए किसी भी बातचीत या समझौते में उन्हें शामिल करना आवश्यक है. उनका कहना है कि वे इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
खाड़ी देशों ने यह भी कहा है कि वे अपने हितों की रक्षा करेंगे और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके.
ईरानी सैनिकों को आदेश दिया गया है कि अगर अमेरिकी सैनिक जमीनी कार्रवाई करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें बंधक बना लें.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन मिडिल ईस्ट में युद्ध को देखकर खुश हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे तेल की कीमतें बढ़ेंगी और उन्हें फायदा होगा. स्टार्मर ने कहा कि वे ब्रिटेन के हितों की रक्षा करेंगे और रूस के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जिसमें उसकी शैडो बेड़े के खिलाफ कदम उठाना शामिल है. ब्रिटिश पीएम ने यह भी कहा कि वे यूक्रेन के साथ खड़े हैं और रूस को जवाबदेह ठहराएंगे. उन्होंने कहा कि रूस की आक्रामकता को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होना होगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से बातचीत करने वाले नेताओं को अलग और बहुत ही अजीब बताया है. यूएस प्रेसिडेंट ने दावा किया है कि वे हमसे समझौता करने की भीख मांग रहे हैं, जो उन्हें करना ही चाहिए क्योंकि वे सैन्य रूप से पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और उनकी वापसी की कोई संभावना नहीं है.
ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि वे केवल 'हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. ये गलत है. उन्हें जल्द ही गंभीरता दिखानी चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए क्योंकि एक बार ऐसा हो गया तो फिर पीछे मुड़ना संभव नहीं होगा और परिणाम अच्छे नहीं होंगे.
इजरायल ने दावा किया है कि आईडीएफ ने होर्मुज को बंद करने के लिए जिम्मेदार ईरानी अधिकारी को मार गिराया है और IRGC के सदस्यों को 'एक-एक करके' ढूंढ निकालने का संकल्प लिया है.
रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के कमांडर अलीरेजा तंगसिरी एक इज़राइली हमले में मारे गए.
काट्ज़ ने आज सुबह सैन्य अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान कहा, 'IDF ने IRGC नेवी के कमांडर को मार गिराया. उन्होंने कहा कि यह हमला IRGC के लिए एक संदेश है. IDF तुम्हारा पीछा करेगा और तुम्हें एक-एक करके खत्म कर देगा.
उन्होंने आगे कहा, 'युद्ध के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए हम ईरान में पूरी ताकत के साथ अपना अभियान जारी रखेंगे.'
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने हमारी किसी बहुत ही महत्वपूर्ण वस्तुओं पर 100 मिसाइलें दागी हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं यह नहीं बताऊंगा कि वो क्या चीज थी.
भारत के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि देश में पेट्रोलियम और LPG सप्लाई की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और कंट्रोल में है. सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स के पास काफी सप्लाई है. देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय नागरिकों से अपील करता है कि वे जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने के लिए चलाए जा रहे शरारती, कोऑर्डिनेटेड कैंपेन से गुमराह न हों.
ईरान से दागी गई एक मिसाइल इजरायल की वायु रक्षा प्रणालियों को चकमा देते हुए डिमोना शहर में गिरी, जहां देश की मुख्य शिमोन पेरेस नेगेव परमाणु अनुसन्धान केंद्र और रिएक्टर स्थित हैं.
होम फ्रंट कमांड के अनुसार, इलाके में एयर रैड सायरन बजाए गए ताकि आने वाले मिसाइल हमलों की चेतावनी दी जा सके. इजरायली सेना ने आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की कि मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया या नहीं. मागेन डेविड आदोम एम्बुलेंस सेवा ने कहा कि कोई घायल नहीं हुआ.
ईरान पर अमेरिका के इजरायल युद्ध के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट की वजह से थाईलैंड के पटाया में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं.
इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदर अब्बास शहर पर किए गए हमलों में IRGC की नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार गिराया है. अलीरेजा तंगसीरी IRGC नेवी के प्रमुख थे और उन्हें ईरान की समुद्री सैन्य रणनीति का अहम चेहरा माना जाता था. खासतौर पर होर्मुज में जहाजों की निगरानी और सैन्य कार्रवाई में उनकी बड़ी भूमिका रही है.
ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं, जिसकी पुष्टि इजरायली सेना ने की है. सेना के अनुसार, ईरान से छोड़ी गई कई मिसाइलों का पता लगाया गया और देशभर में अलर्ट जारी किया गया. मिसाइल हमले के बाद कई इलाकों में सायरन बजने लगे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए. इजरायल की एयर डिफेंस प्रणाली ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश की. हालांकि, हमले से हुए नुकसान और हताहतों की सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में ईरान और इजरायल के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. फरवरी के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दो घंटे के अंदर चौथी बार ईरान से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च होने की चेतावनी जारी की है. इस बार मिसाइलें केंद्र इजरायल और यरुशलम क्षेत्र की तरफ आ रही हैं. IDF ने कहा कि ईरान से मिसाइलें दागी गई हैं और अगले कुछ मिनटों में इन इलाकों में सायरन बज सकते हैं. लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह पर पहुंचने की सलाह दी गई है.
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान और इजरायल (अमेरिका के साथ) के बीच युद्ध लगातार बढ़ रहा है. पिछले कुछ दिनों में ईरान ने इजरायल पर कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. IDF की एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया, लेकिन कभी-कभी मलबा गिरने या सीधा असर से छोटे-मोटे नुकसान की खबरें भी आई हैं.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के चलते वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा रूस को मिल रहा है. कीव स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (KSE) इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रोजाना कम से कम 760 मिलियन डॉलर तेल और गैस बिक्री से कमा रहे हैं. इस महीने रूस का तेल-गैस राजस्व पिछले महीने के 12 अरब डॉलर से दोगुना होकर करीब 24 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद है. कीमतों में भारी उछाल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैंक्शंस छूट के कारण यह संभव हो रहा है.
सऊदी अरब में अमेरिकी सुविधाओं और संपत्तियों पर नए हमलों की खबर आई है. ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने रिपोर्ट किया कि सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पूर्वी सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ड्रोन हमलों के बाद जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. यह वही एयर बेस है जहां पहले भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम्युनिकेशन उपकरण और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.
ईरान की तरफ से अभी तक इन नए हमलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रेस टीवी ने इसे 'रिपोर्टेड अटैक्स' बताया है. इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में भी सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को नुकसान पहुंचने की बात कही गई थी.
जम्मू के बहु किला स्थित प्रसिद्ध बावे वाली माता मंदिर में इस बार गैस सिलेंडर की कमी का असर ‘लंगर’ पर भी देखने को मिला. आयोजकों को मेन्यू में बदलाव करना पड़ा और परोसे जाने वाले व्यंजनों की संख्या घटानी पड़ी. लंगर के आयोजक अवतार कृष्ण ने बताया, 'हम 2008 से लगातार यह आयोजन कर रहे हैं. पहले पूरे नौ दिनों का भंडारा होता था, लेकिन इस साल खाना बनाने वाली गैस को लेकर थोड़ी समस्या आई. बाजार में गैस हासिल करना काफी मुश्किल रहा. हालांकि गैस की आपूर्ति चुनौती रही, फिर भी हमने तीन व्यंजनों के साथ लंगर जारी रखा. पहले हमें लगभग आठ-नौ सिलेंडर की जरूरत पड़ती थी, इस बार सिर्फ चार सिलेंडर ही मिले.'
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोक लिया, लेकिन इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से बड़ा हादसा हो गया. इस घटना में स्वीहन स्ट्रीट (Sweihan street) पर दो अज्ञात व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं. साथ ही कई कारों को भी नुकसान पहुंचा है. अबू धाबी अथॉरिटीज ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्पॉन्स दिया. अधिकारियों ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन गिरते मलबे ने सड़क पर खड़ी कारों और लोगों को प्रभावित किया.
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने X पर बयान जारी कर कहा कि संबंधित विभागों ने स्वीहन स्ट्रीट में मलबे गिरने की घटना का तुरंत संज्ञान लिया. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और अफवाहें या अनसत्यापित खबरें न फैलाएं.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है. ईरान के सैन्य सूत्रों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दुश्मन ने ईरानी द्वीपों पर जमीन से हमला किया या वहां कब्जा करने की कोशिश की, तो ईरान दूसरे मोर्चों पर आश्चर्यजनक हमले करेगा. ये बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने हाल ही में ईरान के महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर सैन्य हमला किया था.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, दुश्मन एक क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के किसी द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'हमारी सेनाएं हर हरकत पर नजर रख रही हैं. अगर कोई कदम उठाया गया तो उस क्षेत्रीय देश की सारी महत्वपूर्ण सुविधाओं पर लगातार और बिना रुके हमले किए जाएंगे.'
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का नया रिकॉर्ड बनाया है. IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 81वीं लहर में 70 से ज्यादा इजरायली ठिकानों पर प्रिसीजन गाइडेड मिसाइलें दागीं. IRGC के पब्लिक रिलेशंस विभाग ने बयान जारी कर कहा कि एमाद, कियाम, खोर्रमशहर-4 और कद्र मिसाइलों से हाइफा, दिमोना, हाइफा के पास अल-खुद्रिय्या और तेल अवीव के उत्तर व दक्षिण इलाकों को निशाना बनाया गया. IRGC का दावा है कि पिछले तीन हमलों के बाद इजरायल के हताहतों की संख्या अब 2,500 से ज्यादा हो चुकी है. बयान में कहा गया कि IRGC और ईरानी आर्मी अब 'राष्ट्र के रूप में खड़ी हो गई हैं' और पूरा देश ईरान की रक्षा के लिए तैयार है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी शहर शिराज में एक बड़े मिसाइल बेस को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक किए जाने की खबर सामने आई है. एक अमेरिकी थिंक टैंक/संस्थान के अनुसार, इन हमलों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को टारगेट किया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बेस ईरान के प्रमुख मिसाइल इन्फ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा माना जाता है, जहां मिसाइलों का निर्माण, भंडारण या संचालन किया जाता था. पहले भी इस क्षेत्र में ऐसे सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि हो चुकी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमलों का मकसद ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना और क्षेत्र में उसकी सैन्य ताकत को सीमित करना है. हालांकि, हमले से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक तौर पर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार को फ्रांस पहुंचे, जहां वे G7 फॉरेन मिनिस्टर्स मीटिंग में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संकट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. बैठक का मुख्य फोकस पश्चिमी एशिया की स्थिति को स्थिर करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है. खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चिंता जताई जा रही है, जो दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है.
G7 देशों के विदेश मंत्री इस बात पर विचार करेंगे कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को कैसे खुला और सुरक्षित रखा जाए, ताकि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर कोई असर न पड़े. मौजूदा हालात में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. भारत की भागीदारी इस बैठक में इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि देश ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र पर काफी हद तक निर्भर है. ऐसे में भारत की कोशिश होगी कि क्षेत्र में शांति बनी रहे और वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित न हो.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के 27वें दिन ईरान ने क्षेत्रीय देशों को सख्त चेतावनी दी है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने कहा कि अगर कोई भी क्षेत्रीय देश ईरान के दुश्मनों के साथ मिलकर ईरान के किसी द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश करेगा तो उसकी महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर बिना किसी सीमा के निशाने पर होगी.
कालिबाफ ने अरबी भाषा में X पर लिखा, 'कुछ जानकारी के अनुसार, ईरान के दुश्मन एक क्षेत्रीय देश की मदद से हमारे एक द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं. हमारे सशस्त्र बल हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं. अगर कोई कदम उठाया गया तो उस क्षेत्रीय देश की सारी महत्वपूर्ण सुविधाएं बिना रुके और बिना किसी सीमा के हमारा निशाना बनेंगी.'
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के 27वें दिन ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक नया बड़ा फैसला लिया है. अल जजीरा के मुताबिक, ईरान अब स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने का कानून बनाने जा रहा है. ईरान के विदेश मंत्रालय और संसद दोनों स्तर पर इस कानून को जल्द पास करने की तैयारी चल रही है. अभी अनौपचारिक रूप से कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर तक का टोल लिया जा रहा था, लेकिन अब इसे आधिकारिक कानून बना दिया जाएगा.
ईरान कह रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट उसका आंतरिक जल क्षेत्र है, इसलिए यहां से गुजरने वाले हर जहाज को टोल देना पड़ेगा. कल ही ईरान ने भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक जैसे मित्र देशों के जहाजों के लिए स्ट्रेट खोल दिया था. अब उसी रास्ते से गुजरने वालों से पैसे वसूलने की योजना है. ईरान ने UNCLOS (समुद्री कानून) को कभी मंजूरी नहीं दी थी, इसलिए वह कह रहा है कि फ्री ट्रांजिट का नियम उस पर लागू नहीं होता.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के 27वें दिन इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने ईरान के मध्य शहर इस्फहान समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले पूरे कर लिए हैं. IDF ने कुछ देर पहले आधिकारिक बयान जारी कर कहा, 'इजरायली सेना ने ईरान के आतंकवादी शासन की इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए इस्फहान में विस्तृत हमलों की एक लहर पूरी कर ली है. ईरान के कई इलाकों में व्यापक हमले किए गए हैं. आगे की जानकारी जल्द दी जाएगी.'
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब जंग लगातार बढ़ रही है. इजरायल का कहना है कि ये हमले ईरान की सैन्य और आतंकवाद से जुड़ी सुविधाओं को कमजोर करने के लिए किए गए हैं. इस्फहान ईरान का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और सैन्य केंद्र माना जाता है, जहां मिसाइल, ड्रोन और अन्य रक्षा संबंधी उत्पादन होता है. हालांकि, ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के बीच सऊदी अरब की वायु रक्षा ने एक बार फिर सफलता हासिल की है. सऊदी रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने बताया कि पूर्वी क्षेत्र में दो ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया गया. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने इन ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया. फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की कोई खबर नहीं है. यह घटना सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में हुई, जहां तेल के बड़े भंडार और महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधाएं हैं.
पिछले कई दिनों से सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिशें हो रही हैं, जिनमें से ज्यादातर को सऊदी वायु रक्षा ने रोक लिया है. सऊदी अरब ने पहले भी ईरान से लॉन्च किए गए कई ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक गिराया है. रक्षा मंत्रालय लगातार इन हमलों की निंदा कर रहा है और कहा है कि देश अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के 27वें दिन एक बड़ी खबर सामने आई है. पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का कहना है कि रूस ईरान को ड्रोन, दवाइयां और खाने का सामान भेजने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर चुका है. यह रूस की तरफ से जंग शुरू होने के बाद ईरान को दिया जाने वाला पहला जाना-माना घातक (lethal) समर्थन माना जा रहा है. पश्चिमी खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के तेहरान पर हमलों के कुछ दिन बाद ही रूस और ईरान के सीनियर अधिकारी गुप्त रूप से ड्रोन भेजने पर बातचीत शुरू कर चुके थे. मार्च की शुरुआत में डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू हुई और इस महीने के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है.
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी से फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तनाव कम करने पर जोर दिया. अमीरी दीवान के बयान के मुताबिक, कतर के अमीर ने क्षेत्र के कई देशों को निशाना बना रहे ईरानी हमलों की निंदा की. इसे देशों की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि इन हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए. किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ नहीं होना चाहिए. साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया.
हिजबुल्लाह ने इजरायल के तेल अवीव शहर पर 7 लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया है. इजरायली सेना ने सभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया. इजरायल सेना ने कहा हमारी सीमा पर मौजूद एक आतंकी समूह हिजबुल्लाह ने हमारे शहरों पर लंबी दूरी की मिसाइलें दाग रहा है. हमास के पास 30,000 रॉकेट थे. अब वे मुश्किल से ही उसको दाग पाते हैं, अब हिजबुल्लाह की बारी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर जोरदार बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि हमने दुनिया में अभी तक 8 युद्ध सुलझाए हैं और अब एक और युद्ध जीत रहे हैं. ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को लेकर कहा, 'वैसा कुछ किसी ने पहले कभी नहीं देखा.' उन्होंने दावा किया कि ईरान वाले अभी बातचीत कर रहे हैं.
ट्रंप बोले, 'वे एक समझौता करने के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक हैं, लेकिन उन्हें डर है कि अगर वे ये बात खुलकर कहेंगे तो उनके अपने लोग उन्हें मार डालेंगे. साथ ही उन्हें ये भी डर है कि हम उन्हें मार डालेंगे.' ट्रंप ने ईरान के मौजूदा नेता की स्थिति पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, 'किसी भी देश का कोई भी प्रमुख ऐसा कभी नहीं रहा, जो ईरान का प्रमुख बनने की तुलना में उस पद को कम चाहता हो.'
दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के हारूफ कस्बे पर इजराइल के हवाई हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य घायल हुए हैं. लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमले के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है. इससे पहले भी दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में तीन लोगों की मौत और 11 के घायल होने की खबर सामने आई थी.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच व्हाइट हाउस ने कहा, 'ईरान किसी गलतफहमी में न रहे. हम ईरान पर हमले जारी रखेंगे. हमने उनके 9 हजार से ज्यादा सैन्य ठिकाने और 140 से ज्यादा जहाज को तबाह किया. ईरान हार का सच नहीं माना तो हमला करेंगे.'
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F-18 लड़ाकू विमान को तबाह कर दिया है.
अमेरिका के ग्राउंड अटैक को लेकर ईरान ने अपने बॉर्डर की सुरक्षा कड़ी कर दी है. ईरान के कुल लैंड बॉर्डर की लंबाई करीब 5900 किलोमीटर है. समंदर से सटी तटीय सीमा की लंबाई 2700 किलोमीटर है. खबर ऐसी भी है कि ईरान से सटे अजरबैजान में इजरायली सैनिक इकठ्ठा हो रहे हैं.
ईरान ने UAE और कतर पर ग्राउंड अटैक करने की वार्निंग दे दी है. ईरान के सशस्त्र बलों ने कहा कि अगर अमेरिका ने तेहरान पर ग्राउंड अटैक किया तो यूएई और कतर का नक्शा बदल देंगे. ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जमीन पर हमला किया तो वे संयुक्त अरब अमीरात और बहराइन के तटों पर कब्जा करने के लिए तैयार हैं और क्षेत्र को फिर से आकार देंगे. ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद बाकेरी ने कहा कि ईरान की सेना क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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