अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट डाला. इसमें उन्होंने दावा किया कि US नेवी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर की पूरी सुरक्षा करते हुए उसे एस्कॉर्ट किया. लेकिन पोस्ट डालने के कुछ घंटे बाद ही उन्होंने उसे डिलीट कर दिया. अब इस पोस्ट को लेकर काफी चर्चा हो रही है. वहीं, ईरान ने इस दावे को नकार दिया है.
अमेरिकी ऊर्जा सचिव ने क्या दावा किया था?
क्रिस राइट ने X पोस्ट में लिखा था, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे मिलिट्री ऑपरेशंस के दौरान ग्लोबल एनर्जी की स्थिरता बनाए रखे हुए हैं. US नेवी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ऑयल टैंकर को सफलतापूर्वक एस्कॉर्ट किया है ताकि तेल वैश्विक बाजारों में लगातार बहता रहे.'
अमेरिका के ऊर्जा सचिव का ये दावा इसलिए भी ध्यान खींच रहा है क्योंकि उन्होंने इसे ट्रंप सरकार की बड़ी कामयाबी बताया था. उन्होंने कहा कि ट्रंप ग्लोबल एनर्जी को स्थिर रखने में लगे हैं, लेकिन पोस्ट डिलीट होने के बाद अब लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि पोस्ट हटा दी गई? क्या दावा सच था या फिर कोई गलतफहमी?
ऑइल टैंकर एस्कॉर्ट पर व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी केरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रिफिंग में सफाई दी. उन्होंने कहा, 'US नेवी ने अभी तक किसी टैंकर या जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया है. वह पोस्ट जल्दी डिलीट कर दी गई. अमेरिका के एनर्जी डिपार्टमेंट के एक स्पोक्सपर्सन ने भी कन्फर्म किया कि ये वीडियो क्लिप गलत कैप्शन के साथ पोस्ट हुई थी, इसलिए डिपार्टमेंट के स्टाफ ने इसे हटा दिया.'
लेविट ने ये भी कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने नेवी को टैंकर एस्कॉर्ट करने का ऑप्शन रखा है और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाएगा. फिलहाल ऐसा कोई एक्शन नहीं लिया गया है. पेंटागन और मिलिट्री ऑफिशियल्स ने भी बताया कि शिपिंग इंडस्ट्री की तरफ से रोजाना एस्कॉर्ट की रिक्वेस्ट आ रही है, लेकिन अभी रिस्क ज्यादा होने की वजह से नेवी मना कर रही है.
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की कीमतों में बूम
ये पोस्ट ऐसे समय पर आई जब गल्फ इलाके में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है. अमेरिका और इजरायल ने हाल ही में ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद पूरा इलाका उबाल पर है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है जहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है. अगर यहां कोई दिक्कत होती है तो पूरी दुनिया के तेल के दाम आसमान छू सकते हैं.
ईरान की तरफ से भी इस पूरे मामले पर इनकार किया गया है, लेकिन ये घटना गल्फ में बढ़ते तनाव को और हाइलाइट कर रही है. दुनिया भर के एनर्जी मार्केट इस पर नजर रखे हुए हैं. अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई समस्या हुई तो भारत जैसे देशों पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि हमारा बड़ा हिस्सा तेल इसी रास्ते से आता है. अभी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है.
