US Israel Iran War: तेहरान के तेल डिपो पर इजरायली हमलों में 4 टैंकर ड्राइवरों की मौत, ईरान ने कुवैत के अल-अदिरी एयरबेस को बनाया निशाना
Israel US Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. ईरान ने अब अमेरिकी ठिकानों पर हमले का नया वीडियो जारी किया है.

बैकग्राउंड
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ शुरू हुई जंग आज सातवें दिन में पहुंच गई है. ये सब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की जॉइंट स्ट्राइक्स से शुरू...More
ईरान की आर्मी ने दावा किया है कि उनके सुरक्षाबलों ने कुवैत के अल-अदिरी एयरबेस को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया. ये दावा फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट में किया गया है. IRGC के हवाले से कहा गया है कि इस हमले में अमेरिकी हेलीकॉप्टर मरम्मत केंद्र, ईंधन टैंक और कमांड सेंटर भी तबाह गए. हमले के बाद इस बेस में भीषण आग लग गई और काला धुआं उठ रहा है.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव लारीजानी के बयान 'ट्रंप को कीमत चुकानी होगी' पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा," मुझे नहीं पता कि वह क्या कह रहे हैं, वह कौन हैं. मुझे कोई परवाह नहीं है. उनका इरादा मिडिल ईस्ट पर कब्जा करने का था और मेरी वजह से उन्होंने उन सभी देशों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है."
न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक बहरीन ने रविवार सुबह बताया कि ईरान के ड्रोन हमले में एक Desalination Plant (अलवणीकरण संयंत्र) को भारी नुकसान पहुंचा है. 9 दिनों से चल रहे इस युद्ध के दौरान किसी अरब देश के विलवणीकरण संयंत्र को ईरान द्वारा निशाना बनाए जाने की यह पहली घटना है.
फ़ार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान और अल्बोर्ज़ प्रांत में ईरानी तेल डिपो पर हुए इजरायली हमलों में 4 टैंकर ड्राइवर की मौत हो गई है तो वहीं दूसरी ओर लेबनान की राजधानी में बेरूत में संघर्ष बढ़ने से 4 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं.
अमेरिका-इजरायल ने ईरान के इस्फ़हान प्रांत में कई निर्माणाधीन वर्कशॉप घुड़सवारी क्लब पर हमला किया है, जिसमें 11 लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल भी हुए हैं. ये दावा तसनीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में किया गया है.
ईरान ने इजरायल पर क्लस्टर बम से अटैक कर दिया है. इसके साथ ही उसने मिसाइलें भी दागी हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर कह, 'मैंने कहा था कि बिना शर्त सरेंडर कर दें. नहीं तो उनकी ऐसी हालत कर दी जाएगी कि वे लड़ ही नहीं सकेंगे. हम उनके नेताओं को पहले ही खत्म कर चुके हैं.'
ईरान की राजधानी तेहरान में भयंकर बमबारी हुई है. इजरायल और अमेरिका ने मेहराबाद एयरपोर्ट को निशाना बनाया है. वहीं एयरक्राफ्ट फ्यूल डिपो पर भी अटैक किया गया है.
ईरान ने फिलिस्तीन पर भी अटैक कर दिया है. हमले के बाद फिलिस्तीन में तबाही का मंजर देखने को मिला. उसने मिसाइल से हमला किया.
नॉर्वे के ओस्लो में जोरदार धमाका हुआ है. ओस्लो में अमेरिका का दूतावास भी है, जिसके पास ब्लास्ट हुआ है.
ईरान ने खाड़ी देशों पर अपने ताबड़तोड़ हमले जारी रखे हैं. ताजा हमले दुबई में सुने गए हैं. वहीं यूएई ने कहा कि वह ईरान से आने वाली मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर रहा है. यूएई के प्रेसिडेंट ने कहा है कि युद्ध के बाद हमारा देश और मजबूत होकर निखरेगा.
अमेरिका ने ईरान के केशम में मौजूद पानी को पीने लायक बनाने वाले प्लांट पर मिसाइलें दागकर तबाह कर दिया. ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इसकी निंदा की है. उन्होंने इसे हताशा में किया गया अपराध करार दिया है.
राष्ट्रपति पेजेशकियान की माफी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने पड़ोसी देशों को फिर धमकी दी है. ईरान में अंतरिम नेतृत्व परिषद के सदस्य गुलामहुसैन मोहसेनी एजेई ने कहा, 'ईरान के सशस्त्र बलों से मिले सबूत बताते हैं कि कुछ देशों का भूगोल खुले तौर पर और गुप्त रूप से दुश्मन के कब्जे में है.' उन्होंने आगे कहा कि इस्लामी गणराज्य अपने क्षेत्रीय पड़ोसियों को निशाना बनाना जारी रखेगा.
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी सेना ने बहरीन के जुफैर स्थित सैन्य अड्डे पर अमेरिकी सेना को निशाना बनाया. यह हमला ईरान के केशम द्वीप पर किया गए हमले के जवाब में किया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हमने तीन दिन में ईरानी नेवी के 42 जहाजों को तबाह कर दिया, जिनमें से कुछ बहुत बड़े थे. इससे ईरान की नेवी का खात्मा हो गया. हमने उनकी वायु सेना को भी नष्ट कर दिया. हमने उनके संचार तंत्र को ठप कर दिया और सभी दूरसंचार व्यवस्था ठप हो गई. मुझे नहीं पता कि वे कैसे संवाद करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे कोई न कोई तरीका निकाल लेंगे. यह ठीक से काम नहीं कर रहा है और वे बुरे लोग हैं. यह करना ही पड़ा.'
ट्रंप ने कहा कि वे परमाणु हथियार के बहुत करीब थे. अगर हमने अपना B-2 हमला, मिडनाइट हैमर नहीं किया होता तो उनके पास परमाणु हथियार होता. उनके पास यह आठ महीने पहले ही होता. इसलिए हमने दुनिया पर एक उपकार किया है'
ईरान ने आधी रात से अब तक इजरायल पर आठवीं बार मिसाइलें दागीं हैं. टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, ये मिसाइलें तेल अवीव की ओर दागीं गईं. हालांकि इन हमलों में कोई घायल नहीं हुआ.
ईरान के साथ जंग में शहीद हुए अमेरिका के सैनिकों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी श्रद्धांजलि देंगे. यह कार्यक्रम डोवर एयरफोर्स पर आयोजित किया जाएगा. इसके बाद अंतिम संस्कार में भी ट्रंप मौजूद रहेंगे.
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान के ऑफिस के डिप्टी चीफ ने कहा कि हम कभी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे. उन्होंने कहा कि आज सुबह राष्ट्रपति का संदेश क्लीयर है. अगर इस क्षेत्र के देश ईरान पर अमेरिकी हमले में सहयोग नहीं करते हैं तो हम उन पर हमला नहीं करेंगे. ईरान कभी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों से होने वाले किसी भी आक्रमण का निर्णायक जवाब देंगी.
ईरान ने कहा कि अब वो खाड़ी देशों पर हमला नहीं करेगा, बशर्ते वो अमेरिका की मदद न करें. पेजेशकियन के ऑफिस के डिप्टी चीफ ने कहा कि अगर इस क्षेत्र के देश अमेरिका के साथ सहयोग नहीं करते हैं तो हम उन पर हमला नहीं करेंगे.
जॉर्डन ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद क्षेत्रीय युद्ध शुरू होने के बाद पिछले सात दिनों में सीधे तौर पर जॉर्डन में स्थित ठिकानों को निशाना बनाया है और 119 मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन सेना के प्रवक्ता ने एक बताया कि इनमें से 108 मिसाइलों और ड्रोनों को रोक दिया गया है.
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा कि ईरानी लोग अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के सामने पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने ऐलान किया है कि वे या तो जीतेंगे या कोशिश करते हुए मर जाएंगे.
ईरान ने आज (शनिवार) को यूएई पर कम से कम 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 121 ड्रोन दागे हैं. अलजजीरा ने UAE के अधिकारियों के हवाले से बताया है.
इजरायल ने ईरान में बड़ा हमला किया है. आईडीएफ ने सिर्फ 30 मिनट के अंदर तेहरान में कई जगहों पर मिसाइलें दागीं हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अपने पड़ोसियों से माफी मांगकर आत्म समर्पण कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट पर कब्जा करके शासन करना चाहता था. हजारों सालों में यह पहली बार है कि ईरान अपने पड़ोसी मिडिल ईस्ट देशों से हारा है. उन्होंने कहा कि ईरान अब "मिडिल ईस्ट का दादा" नहीं रहा, बल्कि "मिडिल ईस्ट का हारा हुआ" है और कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा जब तक कि वह आत्मसमर्पण नहीं कर देता या अधिक संभावना है, पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाता.
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में अल धाफरा हवाई अड्डे पर स्थित अमेरिकी हवाई युद्ध केंद्र और उपग्रह संचार केंद्र को निशाना बनाया. रॉयटर्स ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से यह जानकारी दी है.
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका का खतरनाक रॉकवेल B-1 लांसर ब्रिटेन के एयरबेस पर उतर गया है. अब ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं जाएंगी. ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की ओर से इजाजत मिलने के बाद यूएस का सुपरसोनिक बॉम्बर यहां पहुंचा है. गुरुवार को अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा था कि ईरान पर अब हमले तेज होंगे.
ईरान ने बीते सात दिनों में मिडिल ईस्ट देशों में मौजूद अमेरिका के 14 एयरबेसों को टारगेट किया है. ईरान की आर्म्ड फोर्स के प्रवक्ता ने ईरानी न्यूज एजेंसी MEHR को बताया कि इनमें से अमेरिका के कई एयरबेस पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं और उन्हें मरम्मत करके संचालन करने लायक बनाने में कम से कम पांच साल का समय लगेगा.
ईरान ने एक और अमेरिकी ठिकाने पर हमला किया है. इस बीच अरब देशों में भी हड़कंप मचा हुआ है. अरब लीग ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है.
इजरायल ने ईरान पर बहुत बड़ा हमला किया है. उसने ईरान के सैन्य अड्डों को टारगेट किया है. दावा किया गया है कि इजरायल के 80 फाइटर जेट्स ने हमलों को अंजाम दिया है.
एमिरेट्स एयरलाइंस ने अगले आदेश तक दुबई की सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है. ईरान ने दुबई एयरपोर्ट के बाद अटैक कर दिया था, इसी के बाद यह फैसला लिया गया.
ईरान ने अमेरिका की एक कंपनी पर ड्रोन से अटैक किया है. यह कंपनी इराक में स्थित है. हमले के बाद चारों तरफ आग का गुबार देखने को मिला.
दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन के जरिए हमला हुआ है. ईरान के इस अटैक की वजह से उड़ानों की आवाजाही रोक दी गई है.
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आग और ज्यादा भड़क गई है. अमेरिका ने तेहरान में काफी तबाही मचाई है. दूसरी ईरान ने भी करारा जवाब दिया है.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से कच्चे तेल और गैस की कीमत लगातार बढ़ रही है. 6 मार्च को कच्चे तेल की कीमत 8310 प्रति बैरल पहुंच गया है.
लेबनान में इजरायली हमले की वजह से संयुक्त राष्ट्र का सैन्य कैंप आग की चपेट में आ गया है. इजरायल और लेबनान के बॉर्डर पर यूएन पीस कीपिंग फोर्सेज की तैनाती की गई थी.
ईरान में नए सुप्रीम लीडर का चुनाव पूरा हो चुका है. अब जल्द ही नए नेता के नाम का एलान हो सकता है.
ईरान ने अमेरिका के बेस पर सुसाइड ड्रोन से अटैक किया है. उसने यूएस विक्टोरिया मिलिट्री बेस को निशाना बनाया है.
ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अटैक कर दिया है. यहां अमेरिकी सैनिक मौजूद थे. हमले की वजह से बेस पर काम कर रहे कई लोग घायल हो गए.
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रही जंग को लेकर बड़ा दावा किया है. उसने कहा है कि पिछले 7 दिनों में ईरान के 3000 ठिकानों को तबाह कर दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि वे डोवर एयरफोर्स बेस जाएंगे. उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'मैं कल फर्स्ट लेडी और अपने कैबिनेट के सदस्यों के साथ डोवर एयर फोर्स बेस जाऊंगा, जिससे अपने महान वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दे सकूं.'
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध और ज्यादा घातक हो गया है. ईरान की राजधानी तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भारी हवाई हमले हुए हैं.
अमेरिका में एक ईरानी सेना का एजेंट दोषी करारा दिया गया है. उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश करने का आरोप लगा था.
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने कहा, 'हम गैर-सैन्य स्थानों पर हमले के आरोप की जांच कर रहे हैं. हमारी शुरुआती जांच में पता चला है कि इन घटनाओं में से कुछ अमेरिका के डिफेंस सिस्टम से किए गए इंटरसेप्शन के कारण हुई हो सकती हैं, जिससे मिसाइलें अपने तय सैन्य लक्ष्यों से भटक गई थीं.'
ईरान की नौसेना ने एक नया वीडियो जारी किया है. दावा किया गया है कि उसने अमेरिकी सेना के बेस पर ड्रोन से अटैक किया है.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि मिडिल ईस्ट और उसके बाहर हो रहे सभी गैर-कानूनी हमलों से पूरे इलाके में आम लोगों को बहुत नुकसान हो रहा है और इससे ग्लोबल इकोनॉमी, खासकर सबसे कमजोर लोगों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा हो रहा है. हालात किसी के भी कंट्रोल से बाहर हो सकते हैं. अब लड़ाई रोकने और सीरियस डिप्लोमैटिक बातचीत करने का समय आ गया है. इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता.
इजरायली वायु सेना ने युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान भर में 6,500 से अधिक बम गिराए हैं और लगभग 2,500 हवाई हमले 150 चरणों में किए हैं. आईडीएफ का कहना है कि वह अब तेहरान में शासन के ठिकानों और देशभर में हथियार उत्पादन स्थलों पर हमले तेज कर रहा है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ऑपरेशन एपिक क्यूरी में अभी तक 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है.
आईडीएफ ने दावा किया है कि इजरायल ने ईरान के 400 से ज्यादा ठिकानों को टारगेट किया है. इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और मानवरहित हवाई वाहनों के स्टोर रूम भी शामिल थे. हमलों के दौरान, वायु सेना के एक विमान ने हारोद इलाके में एक ट्रक को निशाना बनाया, जो डिफेंस सामान लेकर जा रहा था.
पश्चिमी ईरान में इजरायली एयर फोर्स का हमला जारी है. जिन टारगेट पर हमला हुआ, उनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और सरकार के अनमैन्ड एरियल व्हीकल के लिए स्टोरेज शामिल है. दिनभर पश्चिमी ईरान के कई इलाकों में ईरान के 400 से अधिक ठिकानों पर भारी गोलाबारी की गई. हमलों में शामिल ठिकानों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और मानवरहित हवाई वाहनों के भंडारण केंद्र भी थे.
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच अमेरिका वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हम मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. यह काम चुपचाप बिना किसी शोर-शराबे के विदेश सचिव मार्को रुबियो के नेतृत्व में किए जा रहे हैं.
रूस के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अमेरिका-इजरायल से जंग के बावजूद मॉस्को ईरान का सहयोग करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहे प्रोजेक्ट्स नहीं रोके जाएंगे.
ईरान के हमले में कुवैत के आरिफजान स्थित अमेरिका के मिलिट्री एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा है. हमले के बाद सामने आई फोटो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस एयरबेस पर कितने लोग मारे गए होंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि उसे बिना किसी शर्त के सरेंडर करना होगा. ट्रंप के इस बयान के बाद अयातुल्ला अली खामेनेई के X अकाउंट से इजरायल को धमकी दी गई है. पोस्ट में लिखा है कि ईरान पर हमला करके इजरायल ने बड़ी गलती कर दी है और उसे इसका नतीजा भुगतना होगा.
ईरान से जंग के बीच अमेरिका ने मिनुटमैन III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया है. यूएस डिफेंस डिपार्टमेंट का कहना है कि अमेरिकी वायु सेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के जवानों ने कैलिफोर्निया स्थित वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से इस मिनुटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल का परिचालन परीक्षण प्रक्षेपण किया.
मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने धमकी दी है कि अगर आतंकवादी देश में प्रवेश करते हैं तो वह इराकी कुर्दिस्तान को निशाना बनाएगा. ईरान की रक्षा परिषद के हवाला से न्यूज एजेंसी ने बताया, 'अभी तक केवल अमेरिका और इजराइल के ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद अलगाववादी समूहों को ही निशाना बनाया गया है. इसमें चेतावनी दी गई है कि अगर ईरान में आतंकवादियों की लगातार मौजूदगी, साजिश और प्रवेश की अनुमति दी गई तो इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की सभी सुविधाओं को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जाएगा.'
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य आक्रमण के बाद क्षेत्रीय घटनाक्रमों और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने के लिए भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और श्रीलंका की विदेश मंत्री विजया हेरथ से अलग-अलग फोन पर बातचीत की. बातचीत के दौरान, ईरान के विदेश मंत्री ने हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों को ईरान के खिलाफ उनके सैन्य आक्रमण का हिस्सा बताया और अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करने के लिए सभी सरकारों और संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी पर जोर दिया.
उन्होंने ईरान के तट से लगभग 2,000 मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के अमेरिकी नौसेना के जहाज Dena पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इस बात पर जोर दिया कि इसको लेकर संबंधित अंतरराष्ट्रीय निकायों में कानूनी और अंतरराष्ट्रीय चैनलों के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी. अराघची ने फ्रिगेट Dena के नाविकों के बचाव अभियान में श्रीलंका के प्रयासों की सराहना की और दोनों पक्षों ने अपने देशों के बीच निरंतर संपर्क और परामर्श के महत्व पर भी जोर दिया.
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकी दी है. उन्होंने कहा, 'ईरान के साथ बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई समझौता नहीं होगा. इसके बाद एक स्वीकार्य नेता के चयन के बाद, हम और हमारे साहसी सहयोगी ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने के लिए अथक प्रयास करेंगे, और उसे आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर और मजबूत बनाएंगे.'
इजरायल की ओर से ऐलान किया गया है कि लेबनान में हिजबुल्लाह सरेंडर करने पर तैयार हो गया है. ईरान पर हमले के बाद हिजबुल्लाह ने इसरायल पर रॉकेट हमले शुरू किए थे. इजरायल ने बेरुत में हिजबुल्लाह के गढ़ दाहिए को ग़ज़ा बनाने के लिए ख़ाली करवाया है .
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच चारी युद्ध के बीच ईरान के सैन्य प्रवक्ता का बड़ा बयान सामने आया है. जिसमें ईरान की ओर से खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाने की बात कही. एएफपी ने सेना के केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी के हवाले से बताया, 'कुवैत की सीमा के पास स्थित अमेरिका के स्वामित्व वाले एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया है और उसमें आग लग गई है.'
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह ने भारत में ऊर्जा की स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, और हम इसे बखूबी कर रहे हैं. भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.'
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं, वहीं तेहरान की ओर से भी पलटवार किया जा रहा है. इजरायल के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद ईरान ने इजरायल पर क्लस्टर बम से हमला किया. जॉर्डन के एक फोटोग्राफर ने बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद बरसते ईरानी क्लस्टर बम का वीडियो शेयर किया है.
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने एक्स पर पोस्टकर लिखा, इस्लामी गणराज्य ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, इराक और सऊदी अरब पर मिसाइलें दागी हैं. यह हमारे पड़ोसी अरब देशों को निशाना बना रहा है. उनकी संप्रभुता का यह उल्लंघन अस्वीकार्य है और हम इसकी निंदा करते हैं. लेकिन यह कोई नई बात नहीं है. इस्लामी गणराज्य हमेशा से ऐसा ही रहा है, इसीलिए इसका अंत होना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, लगभग पांच दशकों से, इस आतंकवादी शासन ने हमारे क्षेत्र में अराजकता और रक्तपात फैलाया है. इसने असद को सत्ता में बनाए रखा, जिससे सीरिया एक कब्रिस्तान में तब्दील हो गया. इसने लेबनान में हिज़्बुल्लाह को एक राज्य के भीतर एक राज्य के रूप में स्थापित किया. इसने अरब प्रायद्वीप को अस्थिर करने के लिए हूथियों को हथियार दिए.
पहलवी ने कहा, 'इसने इराक में उन मिलिशियाओं को सशक्त बनाया जो इराकी संप्रभुता को कमजोर कर रही हैं. इसने सऊदी अरब साम्राज्य और संयुक्त अरब अमीरात के आर्थिक केंद्रों पर हमला किया. ईरानी जनता की यह इच्छा कभी नहीं रही, बल्कि यह हमारे देश पर कब्जा करने वाले शासन की इच्छा रही है, लेकिन अब, स्थिति पूरी तरह से बदल गई है. असद सत्ता से हट गए हैं, हिज़्बुल्लाह पूरी तरह से नष्ट हो चुका है. शासन के सैन्य परमाणु कार्यक्रम को झटका लगा है, उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है.'
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा,'मैं भाजपा और आरएसएस से पूछना चाहता हूं कि ट्रंप के मंत्री ने हमें तेल खरीदने के लिए समय देने की हिम्मत कैसे की? वे हमें हुकुम देने वाले कौन होते हैं? इस पर वे चुप क्यों हैं? यह हमारे देश की संप्रभुता का सवाल है. दूसरों से तेल खरीदना पूरी तरह से हमारा अपना विवेक होना चाहिए."
अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान में क्रूज मिसाइल, एंटी शिप मिसाइल और IRGC एयरफोर्स और नेवी के लिए ड्रोन लेकर जा रहे ट्रक को तबाह कर दिया गया है.
यूएस और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध जारी है. दोनों तरफ से एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. अमेरिका ने समुद्र में ईरानी ड्रोन कैरियर पर हमला किया किया है.
28 फरवरी से इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान अटैक किया गया,जिसके बाद से खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है. लाखों यूरोपीय नागरिक खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं. शुक्रवार (6 मार्च) को ओमान से ब्रिटेन की पहली सरकारी चार्टर्ड उड़ान लंदन के स्टैनस्टेड हवाई अड्डे पर लैंड हुई. ब्रिटेन के लगभग 3 लाख नागरिक खाड़ी देशों में या तो छुट्टियां मनाने, ट्रांजिट में या स्थायी रूप से बसे हुए हैं.
अमेरिका-इजरायल के साथ जारी जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का बड़ा बयान सामने आया है. उन्हों एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'कुछ देशों ने मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं. हम क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता की रक्षा करने में कोई संकोच नहीं है. मध्यस्थता में उन लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिन्होंने ईरानी जनता को कम आंका और इस संघर्ष को भड़काया.'
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने दावा किया है कि खेबर और फत्ताह मिसाइलों की बौछार से हुई, जिसमें इजरायल के कब्जे वाले इलाकों के बीचों-बीच निशाना लगाया गया.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध का आज (6 मार्च) को सातवां दिन है, लेकिन अभी भी दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. ताजा अपडेट के मुताबिक, यूएस और इजरायली हमलों से ईरान का हमेदान एयरबेस तबाह हो गया. जिसके बाद रनवे बर्बाद हो गए. इसकी वजह से ईरान के एयरफोर्स को ग्राउंड होना पड़ा.
इजरायल एयरफोर्स ने दावा किया कि उसकी वायुसेना ने बेरूत के दहियेह में आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर हमले शुरू कर दिए हैं.
ईरान के ड्रोन अटैक में यूएई के फुजैराह स्थित ऑयल रिफाइनरी तबाह हो गई. जिसकी सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें तबाही का भयानक मंजर देखा जा सकता है जो 5 मार्च को ड्रोन हमले के बाद क्षतिग्रस्त हो गए थे.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज ऑफ स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन लगभग ठप हो गया है, पिछले 24 घंटों में कोई भी तेल टैंकर यहां से नहीं गुजरा है. बता दें अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है. इसका असर होर्मुज ऑफ स्ट्रेट पर भी देखने को मिल रहा है. होर्मुज ऑफ स्ट्रेट को अहम जल मार्ग माना जाता है. यह मुख्य गेटवे के तौर पर काम करता है. इससे मिडल ईस्ट से तेल और गैस इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाते हैं. यहां से दुनिया भर में तेल और गैस आपूर्ति का करीब बीस से पच्चीस फीसद हिस्सा गुजरता है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते क्या भारत का व्यापार प्रभावित हो रहा है, इस सवाल का केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा, 'युद्ध के बीच मंत्रालय हर दिन निर्यातकों से मीटिंग करता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्योगों के साथ खड़ी है.' साथ ही कहा, 'यह सुनिश्चित करना जारी रखेगी कि सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं पूरी हों क्योंकि यही भारत की पहचान है. कोविड के दौरान भी, भारत ने अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा किया, जिससे हमें एक विश्वसनीय भागीदार का दर्जा मिला और हम आगे भी विश्वसनीय भागीदार बने रहेंगे.'
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शिया मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के विरोध में प्रदर्शन किया. अमेरिका और इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अध्यक्ष पीर होसैन कोलीवंद ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों से ईरान में कुल 3,643 सिविलियन साइट्स क्षतिग्रस्त हुई हैं. इनमें सबसे ज्यादा 3,090 घर शामिल हैं. इसके अलावा 528 कमर्शियल और सर्विस सेंटर्स, 14 मेडिकल या फार्मास्यूटिकल फैसिलिटी और 9 रेड क्रिसेंट सोसाइटी की अपनी फैसिलिटी भी प्रभावित हुई हैं. कोलीवंद ने कहा, 'ज्यादातर टारगेट्स घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में थे.' उन्होंने यह आंकड़े ईरानी स्टेट मीडिया और रेड क्रिसेंट की फील्ड रिपोर्ट्स के आधार पर दिए. रेड क्रिसेंट ने अब तक हजारों लोगों को राहत पहुंचाई है, लेकिन उन्होंने कहा कि सिविलियन क्षेत्रों में नुकसान बहुत ज्यादा है और कई जगहों पर लोग बेघर हो गए हैं.
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हो रहे लगातार हमलों के बीच चीन पूरी तरह से स्थिति पर नजर रखे हुए है, लेकिन बीजिंग के सीधे हस्तक्षेप या ईरान को सैन्य मदद देने की संभावना बहुत कम मानी जा रही है. चीन और ईरान के बीच गहरे ऊर्जा और रणनीतिक रिश्ते हैं, लेकिन हाल के विश्लेषणों से साफ हो रहा है कि चीन का मुख्य फोकस ईरान के मौजूदा रिजीम को बचाना नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई बिना रुकावट बनाए रखना है. फॉरेन अफेयर्स में युन सुन के लेख 'Why China Won’t Help Iran' में लिखा गया है कि चीन ईरान को अब पहले जितना भरोसेमंद क्षेत्रीय शक्ति नहीं मानता. 2021 में दोनों देशों के बीच 25 साल का 400 अरब डॉलर का समझौता हुआ था, लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट्स आगे नहीं बढ़े. ईरान को डर था कि चीन ज्यादा प्रभाव डालेगा और चीन को ईरान की अनिश्चितता और अविश्वसनीयता से निराशा हुई.
लंदन में ईरान के लिए जासूसी के शक में चार लोगो को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि ये लोग यहूदियों कम्यूनिटी के लोगो पर नजर रख रहे थे. जो चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं, इनमें एक ईरानी नागरिक है, जबकि तीन 3 ईरानी मूल के हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इजरायल-अमेरिका के ईरान पर किए गए हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. साथ ही उन्होंने कहा है कि ईरान भारत का दोस्त है. ऐसे में पीएम मोदी को बयान देना चाहिए. पीएम क्यों नहीं बोलते. जब विपक्ष आवाजा उठाता है तो सरकार के लोग ईरान के दूतावास जाते हैं.
अल-जजीरा के मुताबिक, अमेरिका-ईरान युद्ध के शुरुआती 100 घंटों में अमेरिकी सरकार पर कुल 3.7 अरब डॉलर (करीब 31,000 करोड़ रुपये) का खर्च आया है. यह औसतन प्रति दिन 891.4 मिलियन डॉलर (करीब 750 करोड़ रुपये) बनता है. यह आंकड़ा वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की नई रिपोर्ट में सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के शुरुआती चरण में खर्च सबसे ज्यादा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका ने B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर्स, टॉमहॉक क्रूज मिसाइल्स, प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशंस और अन्य हाई-टेक हथियारों का इस्तेमाल किया. CSIS ने कहा, 'एयर कैंपेन के शुरुआती दिनों में महंगे और स्मार्ट हथियारों का इस्तेमाल होता है, इसलिए लागत बहुत ज्यादा रहती है.'
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नईनी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान 'लंबी जंग' के लिए पूरी तरह तैयार है और जल्द ही ऐसे एडवांस्ड हथियार इस्तेमाल करेगा जो अब तक इस युद्ध में नहीं देखे गए हैं. IRGC के बयान के मुताबिक, नईनी ने कहा, 'ईरान के दुश्मन को आने वाली नई वेव ऑफ अटैक्स में दर्दनाक झटके मिलने वाले हैं. ईरान की नई पहल और हथियार रास्ते में हैं. ये टेक्नोलॉजी अभी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल नहीं हुई हैं.' उन्होंने इस युद्ध को 'पवित्र और वैध जंग' बताया और कहा कि ईरान पिछले साल के 12-दिन के युद्ध से कहीं ज्यादा तैयार है.
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी और तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कम से कम 1,230 लोग मारे गए हैं. इसमें सिविलियंस और मिलिट्री पर्सनल दोनों शामिल हैं. इसमें सबसे बड़ी सिविलियन कैजुअल्टी 28 फरवरी 2026 की है, जब दक्षिणी ईरान के मिनाब में लड़कियों के प्राइमरी स्कूल (शजारेह तैय्येबा गर्ल्स एलीमेंट्री स्कूल) पर हमले में 165-175 लड़कियां और स्टाफ मारे गए. ईरान इसे अमेरिका-इजरायल का हमला बताता है, जबकि अमेरिका कहता है कि जानबूझकर स्कूल को टारगेट नहीं किया गया. कई रिपोर्ट्स में यह 168 बताई गई है. घायल 96-114 तक.
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायल के कमर्शियल हब तेल अवीव पर मिसाइलों और ड्रोन्स की एक नई वेव लॉन्च की है. ईरान की स्टेट न्यूज एजेंसी IRNA ने IRGC के बयान के हवाले से कहा, 'मिसाइलें तेल अवीव की ओर जा रही हैं.' बयान में इसे 'कंबाइंड मिसाइल और ड्रोन अटैक' बताया गया, जो तेल अवीव के दिल में लोकेशंस को टारगेट कर रहा है. लेकिन इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) की तरफ से अभी तक कोई इनकमिंग मिसाइल अटैक का अलर्ट या वार्निंग जारी नहीं की गई है. टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC के इस दावे के बावजूद इजरायल में कोई सराय नहीं बजा और न ही कोई इंटरसेप्शन की खबर आई है.
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध से मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है. भारत में नेचुरल गैस (LNG) की कमी की आशंका बढ़ गई है. देश की सबसे बड़ी गैस मार्केटिंग कंपनी GAIL (India) Ltd. ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि वह अपने उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई में कटौती पर विचार कर रही है. GAIL ने कहा, 'हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं और डाउनस्ट्रीम कस्टमर्स (उपभोक्ताओं) को सप्लाई कटौती की जरूरत पड़ सकती है.' कंपनी ने बताया कि उसके लॉन्ग-टर्म सप्लायर Petronet LNG Ltd. ने 3 मार्च को फोर्स मेजर नोटिस जारी किया, जिसके बाद 4 मार्च से Petronet से GAIL को LNG की सप्लाई जीरो हो गई है.
इंडिगो ने मिडिल ईस्ट और इस्तांबुल की फ्लाइट्स पर फ्री वेवर और फ्लेक्सिबिलिटी को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है. यह फैसला ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध से मिडिल ईस्ट के एयरस्पेस में जारी बंदी और सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया है. एयरलाइन ने कहा कि मिडिल ईस्ट और इस्तांबुल से आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर फुल वेवर ऑन कैंसलेशन दिया जा रहा है, जो 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा.
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच तेहरान के आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बड़ा हमला हुआ है. ईरानी मीडिया और स्टेट एजेंसियों के मुताबिक, US-इजरायल की एयर स्ट्राइक से कॉम्प्लेक्स के अंदर 12,000 सीट वाला इनडोर एरिना पूरी तरह तबाह हो गया. यह हमला गुरुवार (5 मार्च) सुबह हुआ, जिसमें आसपास की इमारतें भी बुरी तरह प्रभावित हुईं. यह इनडोर हॉल ज्यादातर वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और मार्शल आर्ट्स इवेंट्स के लिए इस्तेमाल होता था, जो अब पूरी तरह ढह गया है.
इस हमले से डॉर्मिटरीज (हॉस्टल), साइक्लिंग फेडरेशन की नई बिल्डिंग तबाह हुईं. पास की स्विमिंग पूल और अन्य फैसिलिटी में खिड़कियां टूट गईं और डैमेज हुआ. ईरानी स्टेट मीडिया ने इसे 'क्रिमिनल अटैक' बताया और कहा कि स्पोर्ट्स, एजुकेशन और हेल्थकेयर स्पेस पर हमला इंटरनेशनल लॉ का उल्लंघन है.
AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी नेवी के ईरानी युद्धपोत को डुबोने पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. ओवैसी ने X पर लिखा, 'US Navy ने भारत के इतने करीब ईरानी जहाज डुबोने के बारे में बहुत सारे अनुत्तरित सवाल हैं. अमेरिका ने यह हमला भारत के समंदर में किया है. जवाब सरकार से आने चाहिए, लेकिन PM और EAM चुप हैं. यह हमारे देश के लोगों के प्रति उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी की उपेक्षा है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए नया प्लान-B तैयार किया है. इसके तहत सीरिया, इराक, तुर्किये और ईरान के लगभग 2 लाख कुर्द लड़ाकों को हथियार और फंड देने की योजना है, जिससे ईरान के अंदर अस्थिरता पैदा की जा सके.
ईरान जंग के बीच कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. दूसरी ओर सोना और चांदी के दाम गिर गए. गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई और सेंसेक्स 900 अंक तथा निफ्टी 285 अंक चढ़ गया. एशिया के कई बाजारों में भी तेजी देखी गई.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल 'एरिक' कुरिल्ला ने बड़ा दावा किया है कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल अटैक्स में 90% की कमी आ गई है. इसका मुख्य कारण अमेरिकी B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर्स से किए गए हमले हैं, जिन्होंने ईरान के दफन (अंडरग्राउंड) बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स पर दर्जनों 2,000 पाउंड (लगभग 907 किलो) के भारी बम गिराए. जनरल कुरिल्ला ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, 'हमने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को बुरी तरह कमजोर कर दिया है. B-2 बॉम्बर्स ने सटीक हमले किए, जिससे ईरान के मिसाइल अटैक्स में 90% तक गिरावट आई है.'
उन्होंने बताया कि ये हमले ईरान के दक्षिणी और मध्य इलाकों में छिपे हुए लॉन्च साइट्स पर फोकस्ड थे, जहां ईरान ने मिसाइलों को सुरक्षित रखने के लिए अंडरग्राउंड टनल्स और बंकर बनाए थे. इसके अलावा, CENTCOM ने कहा कि ईरान का एक 'ड्रोन कैरियर शिप' (शायद IRGC नेवी का जहाज जो ड्रोन लॉन्च करने के लिए इस्तेमाल होता था) अभी आग में जल रहा है. इसे अमेरिकी या इजरायली हमले से हिट किया गया है. जहाज की लोकेशन या नाम नहीं बताया गया, लेकिन रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यह फारस की खाड़ी में था. जहाज पर आग लगने के बाद क्रू मेंबर्स को निकाला गया, लेकिन डिटेल्स अभी सीमित हैं.
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 30 दिन की अस्थायी छूट जारी की है, जिससे भारतीय रिफाइनरी कंपनियां रूसी कच्चा तेल खरीद सकती हैं. यह छूट उन जहाजों पर लोड तेल के लिए है जो 5 मार्च 2026 से पहले लोड हो चुके हैं और अभी समुद्र में फंसे हुए हैं. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने X पर कहा, 'ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने भारतीय रिफाइनरी को रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की अस्थायी छूट दी है.' उन्होंने इसे 'स्टॉपगैप मेजर' बताया और कहा कि यह सिर्फ फंसे हुए तेल के लिए है, जिससे रूस को ज्यादा फाइनेंशियल फायदा नहीं होगा. बेसेंट ने कहा, 'यह ईरान की कोशिश से राहत देगा, जो ग्लोबल एनर्जी को होस्टेज बनाने की कोशिश कर रहा है.'
बहरीन में ईरानी ड्रोन और मिसाइल अटैक्स का सिलसिला जारी है. लोकल लोगों और सोशल मीडिया पर रिपोर्ट्स आ रही हैं कि राजधानी मनामा के एयरपोर्ट इलाके में कई धमाके हुए हैं और वहां से भारी धुआं उठ रहा है. यह हमले ईरान के रिटेलिएटरी ऑपरेशंस का हिस्सा हैं, जो अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के जवाब में हो रहे हैं. बहरीन इंटीरियर मिनिस्ट्री और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले भी ईरानी ड्रोन ने मनामा में हाई-राइज बिल्डिंग्स, होटल और रेसिडेंशियल एरिया को हिट किया था, जहां आग लगी और कुछ घायल हुए, लेकिन कोई मौत नहीं हुई. एयरपोर्ट पर ड्रोन स्ट्राइक से लिमिटेड डैमेज हुआ था, जिसमें 4 लोग घायल हुए और इलाका सिक्योर किया गया. आज की नई रिपोर्ट्स में एयरपोर्ट के पास धमाकों की बात है, लेकिन अभी आधिकारिक कन्फर्मेशन नहीं आया कि कितना नुकसान हुआ या कोई कैजुअल्टी है या नहीं. बहरीन में अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट का हेडक्वार्टर है, जिसे ईरान बार-बार टारगेट कर रहा है.
ईरान के सुसाइड ड्रोन ने बहरीन की राजधानी मनामा में इजरायली दूतावास को टारगेट किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमला बहरीन फाइनेंशियल हार्बर के एक हाई-राइज बिल्डिंग पर हुआ, जहां इजरायली एंबेसी स्थित है. रॉयटर्स और कई सोशल मीडिया सोर्सेज ने इसकी पुष्टि की है, लेकिन बहरीन सरकार या इजरायल की तरफ से अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है. यह हमला ईरान के बड़े रिटेलिएटरी अटैक्स का हिस्सा है, जो अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के जवाब में हो रहा है. ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिकी बेस, एंबेसी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल लॉन्च किए हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों पर बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक्स शुरू कर दिए हैं. अल जजीरा के मुताबिक, इजरायली जेट फाइटर प्लेन दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई शहरों पर बम गिरा रहे हैं, जिसमें बेकाआ वैली का दौरीस गांव भी शामिल है. यह हमले 2 मार्च से चल रहे इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष का हिस्सा हैं, जो ईरान पर अमेरिका-इजरायल के अटैक के बाद और तेज हो गया है. हिजबुल्लाह ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन अटैक किए थे, जिसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए.
ईरान ने अजरबैजान पर भी मिसाइल हमला किया है. इसके साथ ही ईरान अब तक 13 देशों पर हमला कर चुका है. इससे खाड़ी और पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश भी हालात पर नजर रख रहे हैं. फिलहाल कुछ देश सीधे युद्ध में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से उन्हें अपनी सुरक्षा और ऊर्जा हितों के लिए कदम उठाने पड़ सकते हैं. ईरान ने इराक के इरबिल और डेकाला, बहरीन, इजरायल के नबलुस और गलील के साथ ही साइप्रस में ब्रिटिश सैन्य ठिकाने पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने तेहरान में ईरान के 'टेरर रिजीम' की इंफ्रास्ट्रक्चर पर ब्रॉड-स्केल वेव ऑफ स्ट्राइक्स शुरू कर दी है. IDF ने ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा कि यह ऑपरेशन ईरानी रिजीम की मिलिट्री और सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट कर रहा है. IDF ने X पर पोस्ट किया, 'ऑपरेशन 14: IDF ने तेहरान में ईरानी टेरर रिजीम की इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्ट्राइक्स की ब्रॉड वेव शुरू की है. IDF ने अब तेहरान में ईरानी टेरर रिजीम की इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं.' यह हमला US-इजरायल के जॉइंट कैंपेन का हिस्सा है, जो 28 फरवरी से चल रहा है और अब छठे दिन में है.
हिजबुल्लाह ने हिब्रू भाषा में एक चेतावनी जारी की है. हिजबुल्लाह ने देश के उत्तर में रहने वाले इजरायली निवासियों को लेबनान की सीमा से 5 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी बस्तियों को खाली करने का निर्देश दिया है. अपने बयान में, समूह ने घोषणा की कि लेबनानी संप्रभुता और नागरिकों के खिलाफ इजरायली सेना की आक्रामकता, साथ ही लेबनान में बुनियादी ढांचे का विनाश और निवासियों का विस्थापन, 'अनदेखा नहीं किया जाएगा.' लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सोमवार से अब तक इजरायली हमलों में 123 लोग मारे गए हैं और 683 लोग घायल हुए हैं.
बहरीन की सबसे बड़ी सरकारी ऑयल रिफाइनरी पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले से एक यूनिट में आग लग गई, लेकिन इमरजेंसी टीमों ने इसे जल्दी काबू कर लिया. बहरीन सरकार के नेशनल कम्युनिकेशन सेंटर (NCC) ने ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा कि आग पूरी तरह बुझा दी गई है, कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ और रिफाइनरी का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है. हमला बहरीन के सितरा द्वीप पर स्थित बापको एनर्जीज रिफाइनरी पर हुआ, जो देश की मुख्य पेट्रोलियम फैसिलिटी है और मनामा से दक्षिण-पूर्व में स्थित है. एनसीसी ने बताया, 'ईरानी मिसाइल हमले के बाद बापको एनर्जीज रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लगी. आग को पूरी तरह काबू कर लिया गया है. कोई चोट नहीं आई और रिफाइनरी नॉर्मल तरीके से चल रही है. डैमेज का पूरा आकलन चल रहा है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को 'निर्धारित समय से पहले और अभूतपूर्व स्तर पर' तबाह किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि देश के पास अब 'कोई वायुसेना नहीं है, कोई वायु रक्षा नहीं है' और वायु सेना 'खत्म हो गई है.' अल जजीरा ने बताया है कि कुवैत में हवाई हमले के सायरन बजने लगे हैं, जो शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजों के साथ मेल खाते हैं. वहीं, ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाजें और साथ ही विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गई हैं.
एतिहाद एयरवेज ने घोषणा की है कि वह 6 मार्च से 19 मार्च के बीच सीमित कमर्शियल उड़ानें फिर से शुरू करेगा. कंपनी के बयान के अनुसार, ये उड़ानें अबू धाबी से और वहां तक प्रमुख शहरों के लिए संचालित की जाएंगी, इनमें काहिरा, दिल्ली, लंदन, फ्रैंकफर्ट, न्यूयॉर्क, पेरिस, मॉस्को, टोरंटो और ज्यूरिख शामिल हैं.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सोमवार से अब तक इजरायली हमलों में 123 लोगों की मौत हो चुकी है और 683 लोग घायल हुए हैं. मंत्रालय ने बताया कि पिछले अपडेट में मृतकों की संख्या 100 के करीब बताई गई थी, जो अब बढ़कर 123 हो गई है. इजरायल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष के बीच हवाई हमलों में तेजी आई है, जिससे नागरिक हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
अमेरिकी प्रसारक CBS ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिका कुवैत में स्थित अपने दूतावास को खाली करा रहा है. इससे पहले ईरानी हमले में निशाना बनाए जाने के बाद दूतावास को बंद कर दिया गया था. बताया गया है कि रियाद में अमेरिकी दूतावास और दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को भी हमलों का निशाना बनाया गया है. हालांकि इन घटनाओं में किसी नुकसान या हताहतों के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार तड़के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया. रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया.
तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर IRGC नेवी की मिसाइलों से हमला हुआ. एयरक्राफ्ट कैरियर पर इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स नेवी के ड्रोन ने हमला किया.
अमेरिका ने ईरान के एक और युद्धपोत को समंदर में डुबो दिया है. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने बताया कि अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा एक अन्य ईरानी फ्रिगेट को डुबोए जाने के एक दिन बाद, श्रीलंका ने ईरानी नौसेना के एक जहाज के 208 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया है.
ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की चेतावनी, कहा अमेरिका ईरान पर जमीनी आक्रमण की योजना बना रहे हैं। हमारे बहादुर बेटे, इमाम खुमैनी और इमाम खामेनेई के अनुयायी, उन दुष्ट अमेरिकी अधिकारियों को हजारों लोगों को मारकर और बंदी बनाकर अपमानित करने के लिए तैयार हैं. ईरान शैतानों के नाचने की जगह नहीं है.'
पश्चिमी एशिया में बढ़ी टेंशन के बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से बात की. हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने की जरूरतों पर चर्चा की. हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए घनिष्ठ रूप से जुड़े रहेंगे और प्रयासों का समन्वय करेंगे.'
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को लेकर क्रेमलिन का बड़ा बयान सामने आया है. कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है, इस युद्ध को केवल वही रोक सकता है, जिसने इसको शुरू किया है. वहीं, रूस की ओर से यह कहा गया है कि रूस को अब तक ईरान की ओर से किसी भी तरह की सैन्य या अन्य मदद नहीं मांगी गई है.
अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमलों को लेकर रूस एक बार फिर भड़का है. रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि अमेरिका-इजरायल की ओर से हमलों में कोई कमी नहीं की जा रही है, रमजान के पवित्र महीने में इस्लामी दुनिया में फूट डालने की कोशिश की जा रही है.
लेबनान के प्रधानमंत्री ने ईरान के आईआरजीसी से जुड़े किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी और देश में इस समूह की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है. सरकार ने लेबनान में प्रवेश करने के लिए ईरानियों के लिए वीजा अनिवार्य कर दिया है.
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज (5 फरवरी) को छठवां दिन है, लेकिन इसके थमने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. अमेरिका-ईरान की ओर से किए गए हमले में ईरान में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 1230 पहुंच चुका है.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'अमेरिका और इजरायल ने पूरी दुनिया को युद्ध की आग में झोंक दिया, जिसकी आंच भारत तक आ रही है. उन्होंने ईरान की शिप पर हुए हमले को लेकर कहा, भारत में नेवी प्रोग्राम में हिस्सा लेने आया था, वह हमारा मेहमान था हमारे मेहमान पर हमला हो जाता है और हमारे प्रधानमंत्री इतना डर गए हैं की उसकी निंदा भी नहीं कर रहे हैं. इतने कमजोर प्रधानमंत्री की हम उम्मीद नहीं करते हैं. ऐसे तो कल चाइना भी हमें डराएगा. आज हमें मजबूती के साथ खड़े होने की जरुरत है.'
4 मार्च (बुधवार) सुबह से ही ईरान में एक अमेरिकी F15 फाइटर जेट के क्रैश होने की अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं, इस पर अमेरिका बयान सामने आया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से बताया गया कि इस तरह की खबरें पूरी तरह से निराधार और फेक हैं.
ईरान ने अजरबैजान पर ड्रोन अटैक से इनकार किया है. ईरान के जनरल स्टाफ की ओर से कहा गया है कि हमने अजरबैजान के क्षेत्र में कोई ड्रोन नहीं दागा है.
इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की है. आज विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारत में ईरानी दूतावास जाकर खामेनेई की मौत पर दुख भी जताया है.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर फोन पर बातचीत की.
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने ईरान और इराक में कुर्द नेताओं से संपर्क किया है और ईरान की सरकार को कमज़ोर करने की कोशिशों में मदद मांगी है.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है. तेहरान की ओर से हमलों का जवाब दिया जा रहा है. इसी बीच IRGC ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसकी ओर से इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मिसाइलें दागी हैं. ईरानी ब्रिगेडियर ने अमेरिका को भी धमकी दी है.
ईरानी ब्रिगेडियर जनरल हैदरी ने इजरायल और इराक को धमकी देते हुए कहा, 'इज़राइलियों को सायरन की आवाज़ की आदत डाल लेनी चाहिए.' उन्होंने कहा कि ईरान 'ईरानी ज़मीन पर हमलों' के बाद इज़राइलियों को 'सुरक्षा और आराम का स्वाद' नहीं चखने देगा. हैदरी ने चेतावनी दी कि अब US सैनिकों का 'बुरा हश्र' होगा.
कहा, अमेरिकी सेना को 'समुद्र में भेज दिया जाएगा' या 'ताबूतों में घर लौटा दिया जाएगा.'
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी है. एयर स्ट्राइक के साथ तेहरान की नेवी और बंदरगाहों पर भी हमले हो रहे हैं. आज (5 मार्च) सुबह ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर हुए हमलों के बाद वहां से धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठ रहे हैं.
नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की.
रूस ने ईरान के साथ छिड़ी जंग में अमेरिका और इजरायल द्वारा अरब देशों को घसीटने का बड़ा आरोप लगाया है. रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से इसको लेकर बयान दिया गया है. साथ ही यह भी कहा गया कि संघर्ष में अभी कोई कमी आने की संभावना नजर नहीं आ रही है.
मंत्रालय ने बयान में कहा, 'उन्होंने (अमेरिका-इजरायल) जानबूझकर ईरान को कुछ अरब देशों में जवाबी हमले करने के लिए उकसाया, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ, जिसके लिए रूसी पक्ष को गहरा खेद है. ऐसा करके अमेरिका-इजरायल हितों के लिए अरबों को युद्ध में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं. बयान में यह भी कहा गया कि संघर्ष को रोकने के लिए ईरान पर हमले रोकने होंगे, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है.'
अमेरिका और इजरायल से युद्ध लड़ रहे ईरान की मदद को लेकर रूस की ओर से बड़ा बयान दिया गया है. बयान में कहा गया कि ईरान की ओर से रूस से किसी भी तरह की सैन्य या किसी और तरह की सहायता नहीं मांगी गई है.
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी है. तेहरान की ओर से भी पलटवार किया जा रहा है. ईरानी ड्रोन ने अज़रबैजान के नखचिवान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया है.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका-इजरायल के हमलों को लेकर सरकार को घेरा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, 'अमेरिकी-इज़राइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुँचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है और इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है. स्पष्ट किया जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बँधना’ माना जाए. भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं. जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है?
पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग के चलते हालात बिगड़े हुए हैं. युद्ध की आग अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तक ही सीमित नहीं रह गई है बल्कि पूरी मिडिल ईस्ट इसकी चपेट में है. इसी बीच कतर ने अपने ऊपर मिसाइल से अटैक होने का दावा किया है. कतर ने कहा, उसका एयर डिफेंस सिस्टम इसको रोक रही हैं, रॉयटर्स ने कतर रक्षा मंत्रालय के हवाले से इसकी जानकारी दी है.
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने एक बार फिर जंग रोकने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस युद्ध को खत्म किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि ओमान अपनी जमीन पर फंसे सभी लोगों को उनके घर भेजने में मदद करेगा. इसके लिए ओमान सरकार अलग-अलग देशों की सरकारों और इंटरनेशनल एयरलाइंस के साथ मिलकर फ्लाइट्स का इंतजाम कर रही है. बुसैदी ने कहा कि यह मदद हर किसी के लिए होगी, चाहे उसका पासपोर्ट किसी भी देश का हो. उनके मुताबिक हर इंसान को सुरक्षित रहने का अधिकार है.
सऊदी अरब ने ईरान की तरफ से आ रहे एक और ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह ड्रोन पूर्व दिशा से आ रहा था और जॉर्डन सीमा के पास अल-जौफ इलाके के करीब पहुंच रहा था. आज सुबह भी सऊदी अरब ने तीन ड्रोन को मार गिराने की जानकारी दी थी.
US-इजरायल और ईरान के बीच जंग में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में काफी चर्चा हो रही है. ईरान का कहना है कि इस हमले में कम से कम 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें 7 से 12 साल की कई बच्चियां भी शामिल हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सलाहकार ओफिर फाल्क ने एक इंटरव्यू में कहा कि हो सकता है गलती यह हमला ईरान की ही मिसाइल से हुआ हो, जो रास्ता भटककर स्कूल पर गिर गई. उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी जानबूझकर आम लोगों को निशाना नहीं बनाते. वहीं ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक जो तस्वीरें सबूत के तौर पर दिखाई जा रही हैं, वे घटना वाली जगह से करीब 1600 किलोमीटर दूर की हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने घोषणा की है कि अब इजरायली नागरिक बम शेल्टर्स से सुरक्षित बाहर निकल सकते हैं. ये फैसला रातभर हुई ईरान की तीसरी बैलिस्टिक मिसाइल अटैक के बाद लिया गया है. होम फ्रंट कमांड ने साफ कहा कि खतरा खत्म हो गया है, लेकिन लोग शेल्टर्स के पास ही रहें और अलर्ट रहें. IDF के मुताबिक, ईरान से लॉन्च की गई मिसाइलों को उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर इंटरसेप्ट कर लिया. इस अटैक में कोई मौत या गंभीर चोट की रिपोर्ट नहीं आई है. कुछ इलाकों में मिसाइल के टुकड़े गिरे, लेकिन कोई बड़ा डैमेज नहीं हुआ. ये तीसरी रात की बैराज थी, जहां ईरान ने जवाबी हमले तेज किए थे.
इजरायल की सेना ने कहा है कि उसने ईरान के कोम शहर में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को हमला करके तबाह कर दिया. यह लॉन्चर इजरायल पर हमला करने की तैयारी में था. इजरायली सेना के प्रवक्ता अवीचाय अदरई ने बताया कि इजरायल की वायुसेना ने इस्फहान शहर में एक एयर डिफेंस सिस्टम को भी खत्म कर दिया. वहीं, नई सैटेलाइट तस्वीरों में उत्तर ईरान के कर्मानशाह मिसाइल बेस को हुए नुकसान का पता चला है. तस्वीरों के मुताबिक, हमलों में बेस की ज्यादातर इमारतें टूट गई हैं. वहीं जमीन के नीचे बने हिस्सों में जाने वाले रास्ते भी डैमेज हो गए हैं.
लेबनान में तनाव बढ़ते ही हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम ने इजरायल पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह लेबनानी सरकार के साथ हुए समझौते का पूरा सम्मान कर रहा था, लेकिन इजरायल ने एक भी शर्त का पालन नहीं किया. कासिम ने ये बातें टीवी पर दिए गए स्पीच में कहीं, जो ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच आई है. कासिम ने कहा, 'हम लेबनानी सरकार के साथ हुए समझौते के प्रति पूरी तरह कमिटेड थे, लेकिन इजरायल ने इसकी एक भी क्लॉज फॉलो नहीं की. हमने डिप्लोमैटिक रास्ता अपनाया, लेकिन 15 महीनों में लेबनान को कोई रिजल्ट या अचीवमेंट नहीं मिला.' उन्होंने ये भी जोड़ा कि हिजबुल्लाह ने इजरायली हमलों पर रेस्पॉन्स नहीं दिया ताकि डिप्लोमैसी में रुकावट न आए, लेकिन अब सब्र की हद पार हो गई है.
ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच पश्चिमी ईरान में तनाव बढ़ गया है. कुर्दिस्तान प्रांत की राजधानी सनंदज में कई जोरदार धमाके रिपोर्ट हुए हैं. लोकल सोर्सेज और मीडिया के मुताबिक, ये हमले अमेरिका-इजरायल की तरफ से किए गए हैं, जिनका मुख्य निशाना IRGC के मिलिट्री और सिक्योरिटी ठिकाने हैं. रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि धमाके शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए, जिसमें IRGC कमांड सेंटर्स, लॉ एनफोर्समेंट कमांड (LEC) हेडक्वार्टर और बेसिज बेस शामिल हैं. लोकल लोगों ने बताया कि एक जगह पर रेडियो और टेलीविजन अथॉरिटी (IRIB या लोकल ब्रॉडकास्टिंग सेंटर) के पास ब्लास्ट हुआ, जिससे पड़ोस के घरों की खिड़कियां टूट गईं. आसमान में काला धुआं और आग की लपटें दिख रही हैं.
सीनेट ने एक प्रस्ताव को रोक दिया, जिसमें कोशिश की जा रही थी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान पर मिलिट्री हमले जारी रखने से रोका जाए. वोटिंग में बहुमत (ज्यादातर रिपब्लिकन) ने इस कोशिश को नाकाम कर दिया और अब ट्रंप को और हमले जारी रखने की छूट मिल गई है. ये वोट बुधवार को हुआ, जहां सीनेट ने 53-47 के अंतर से वॉर पावर्स रेजोल्यूशन को आगे बढ़ने नहीं दिया. ये रेजोल्यूशन डेमोक्रेट्स की तरफ से लाया गया था, जिसमें 1973 के वॉर पावर्स एक्ट के तहत कहा गया था कि राष्ट्रपति को किसी देश में कोई और मिलिट्री एक्शन के लिए कांग्रेस से अप्रूवल लेनी होगी. अगर पास हो जाता तो अमेरिकी फोर्सेस को हमले रोकने पड़ते, जब तक कांग्रेस ऑथराइज न करे. वोटिंग ज्यादातर पार्टी लाइन्स पर हुई. ज्यादातर रिपब्लिकन सीनेटर्स ने इसके खिलाफ वोट किया, जबकि डेमोक्रेट्स ने सपोर्ट किया. सिर्फ एक रिपब्लिकन, सीनेटर रैंड पॉल (केंटकी) ने डेमोक्रेट्स के साथ दिया. वहीं एक डेमोक्रेट, सीनेटर जॉन फेटरमैन (पेंसिल्वेनिया) ने रिपब्लिकन्स के साथ वोट किया.
लेबनानी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) ने बड़ी खबर दी है कि दक्षिणी लेबनान में एक ड्रोन अटैक हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. हमला टायर-नाकौरा रोड पर हुआ, जो कलीला शहर के पास है. NNA के मुताबिक, ड्रोन ने रोड पर टारगेट किया और ब्लास्ट हुआ, जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए. अभी तक ये क्लियर नहीं हुआ कि मारे गए लोग कौन थे, सिविलियन, हिजबुल्लाह के मेंबर या कोई और. मौतों में कोई बच्चा शामिल है या नहीं, इसकी डिटेल नहीं आई है. इलाके में जांच चल रही है और लोकल सोर्सेज से ज्यादा जानकारी इकट्ठा की जा रही है.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के बीच तीखी बयानबाजी तेज हो गई है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ को सीधे 'सेक्रेटरी ऑफ वॉर क्राइम्स' कह दिया है. बघाई ने हेगसेथ के हाल के बयानों का हवाला देकर लिखा कि ये जंग अपराधों का कबूलनामा है. बघाई ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, 'तेहरान के ऊपर से उड़ान भरते हुए, ईरान के ऊपर से उड़ान भरते हुए, उनकी राजधानी के ऊपर से उड़ान भरते हुए... ईरानी ऊपर देखते हैं तो उन्हें सिर्फ अमेरिकी-इजरायली हवाई ताकत ही दिखाई देती है. दिनभर आसमान से मौत और विनाश होता रहता है. ये बयान वॉर क्राइम और क्राइम अगेंस्ट ह्यूमैनिटी का कन्फेशन है. सिर्फ नाजी मेंटालिटी वाला इंसान किसी दूसरी कौम पर ठंडे दिल से मौत और तबाही ला सकता है, वो भी सिर्फ अपने बॉस की खुशी के लिए.'
इराक के प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने नीनवे प्लेन्स ऑपरेशंस सेक्टर में इंटेलिजेंस अपैरेटस (खुफिया तंत्र) के सभी अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है. ये जानकारी इराकी पीएमओ (प्राइम मिनिस्टर ऑफिस) के X अकाउंट से आई है. नीनवे प्लेन्स इराक के उत्तरी इलाके में आता है, जहां पहले ISIS के खिलाफ जंग हुई थी. ये इलाका क्रिश्चियन, यजीदी, कुर्द और अरब कम्युनिटीज का मिश्रित इलाका है. यहां जॉइंट ऑपरेशंस कमांड के तहत मिलिट्री और इंटेलिजेंस ऑपरेशंस चलते हैं.
सुदानी का ये फैसला ऐसे वक्त में आया है जब मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग का असर इराक पर भी पड़ रहा है. हाल के दिनों में इराक ने कई बार साफ कहा है कि वो रीजनल वॉर में नहीं फंसना चाहता. सुदानी ने हाल ही में सिक्योरिटी मीटिंग्स में जोर दिया कि इराक की जमीन किसी और की जंग के लिए इस्तेमाल नहीं होनी चाहिए. उन्होंने डिप्लोमैटिक मिशन्स और महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं. साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी ग्रुप इराक को ड्रैग करने की कोशिश करेगा तो सख्त कार्रवाई होगी.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि कनाडा, ईरान के खिलाफ युद्ध में सेना भेजेगा या नहीं. उन्होंने कहा कि कनाडा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य मदद देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच भारत ने एक बड़ी अफवाह को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि अमेरिका भारतीय पोर्ट्स या नेवल बेस का इस्तेमाल करके ईरान पर हमले नहीं कर रहा. ये क्लेम पूरी तरह 'फेक और फॉल्स' है. MEA के फैक्ट चेक अकाउंट ने X पर पोस्ट करके इसे 'बेसलेस' बताया. पोस्ट में लिखा, 'Fake News Alert! OAN जैसे अमेरिकी चैनल पर दावे कि भारतीय बंदरगाहों का अमेरिकी नौसेना इस्तेमाल कर रही है, नकली और गलत हैं. हम ऐसी बेबुनियाद और जाली टिप्पणियों से सावधान करते हैं.'
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) ने मिडिल ईस्ट में चल रही तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पैसेंजर्स के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. एयरपोर्ट अथॉरिटी (DIAL) ने कहा कि कुछ वेस्टबाउंड इंटरनेशनल फ्लाइट्स (यानी पश्चिम दिशा की उड़ानें, जैसे यूरोप, अमेरिका, मिडिल ईस्ट की तरफ) में डिले हो सकती हैं या उनका शेड्यूल बदल सकता है. एडवाइजरी में पैसेंजर्स से अपील की गई है कि वो एयरपोर्ट आने से पहले अपनी एयरलाइन से लेटेस्ट जानकारी जरूर चेक करें. ये एडवाइजरी ऐसे वक्त में आई है जब ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के कारण मिडिल ईस्ट के कई देशों का एयरस्पेस बंद या रिस्ट्रिक्टेड है. इससे फ्लाइट्स को लंबे रूट से जाना पड़ रहा है, क्रू ड्यूटी लिमिट्स प्रभावित हो रही हैं और कई फ्लाइट्स कैंसल या डिले हो रही हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने कन्फर्म किया कि ईरान से एक नई बैलिस्टिक मिसाइल अटैक लॉन्च किया गया है, जो इजरायल की तरफ जा रही हैं. इस वजह से यरुशलम इलाके, सेंट्रल इजरायल और वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों में सायरन बज गए हैं. लोग तुरंत प्रोटेक्टेड स्पेस और बम शेल्टर्स में जा रहे हैं. IDF का कहना है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम अभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में लगे हुए हैं. होम फ्रंट कमांड ने मोबाइल फोन्स पर डायरेक्ट अलर्ट भेजे हैं, जिसमें कहा गया है कि अलर्ट मिलते ही सुरक्षित जगह में जाएं और तब तक बाहर न निकलें जब तक नया मैसेज न आए. रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यरुशलम, तेल अवीव और सेंट्रल इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जो इंटरसेप्शन के कारण हैं.
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी एयरोस्पेस फोर्सेस ने अमेरिका और इजरायल (जिन्हें वो 'अमेरिकी-जायोनी' कह रही हैं) के ठिकानों पर 40 से ज्यादा मिसाइलें फायर की हैं. ये हमले जंग के पांचवें दिन में आए हैं, जब अमेरिका और इजरायल तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर लगातार बमबारी कर रहे हैं. IRGC का कहना है कि ये उनकी 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV' की नई लहर है. उन्होंने ये भी दावा किया कि उन्होंने 10 और एडवांस्ड ड्रोन मार गिराए हैं, जिनमें इजरायल के Hermes (हर्मीस) और अमेरिका के MQ-9 Reaper ड्रोन शामिल हैं. IRGC ने कहा कि कुल मिलाकर उन्होंने अब तक दर्जनों ऐसे ड्रोन तबाह किए हैं, जो अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर निगरानी और हमलों के लिए इस्तेमाल हो रहे थे.
ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार सुबह तक लगातार कई घंटों से बड़े धमाके हो रहे हैं. पूरी रात शहर में कई जगहों पर जोरदार ब्लास्ट हुए, जिससे आसमान में धुआं और आग की लपटें दिख रही हैं. Dअल जजीराये हमले अमेरिका और इजरायल की तरफ से जारी हैं, जो अब ईरान के मिलिट्री हेडक्वार्टर, पुलिस स्टेशन और IRGC (रेवोल्यूशनरी गार्ड) के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. ईरान की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, हाल के हमलों में 900 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए हैं और 6,000 से अधिक घायल हुए हैं. ये आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं क्योंकि हमले लगातार जारी हैं.
तेहरान के अलावा दूसरे शहरों जैसे इस्फहान, कुम, करज और केरमानशाह में भी मिलिट्री और पॉलिटिकल सेंटर्स पर हमले रिपोर्ट हो रहे हैं. ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की बात कही है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इजराइल पर 17वीं और 18वीं लहर के हमले किए हैं. IRGC का कहना है कि उन्होंने इजरायल के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कुछ एडवांस रडार सिस्टम को टारगेट किया है. हालांकि इजरायल की तरफ से अभी इन दावों पर कोई कन्फर्मेशन नहीं आया है, लेकिन तेल अवीव और दूसरे इलाकों में सायरन बजते रहे हैं.
IRGC ने कहा है कि ईरानी हमलों का मुख्य निशाना खाड़ी इलाके में अमेरिकी बेस हैं, खासकर कुवैत और बहरीन में. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत में कैंप अरिफजान और अली अल सालेम एयरबेस जैसे अमेरिकी ठिकानों पर पहले भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले हो चुके हैं, जहां कुछ मौतें और नुकसान रिपोर्ट हुए हैं. बहरीन में US Navy की Fifth Fleet हेडक्वार्टर पर मिसाइल और ड्रोन अटैक हुए, जहां सैटेलाइट इमेज में बिल्डिंग्स और रडार सिस्टम को नुकसान दिख रहा है.
ट्रंप के ईरान जंग वाले बयान के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है. लेबनान से बड़ी खबरें आ रही हैं जहां इजराइल ने हमले तेज कर दिए हैं.. अल जजीरा के रिपोर्टर्स के मुताबिक, बेरूत के दक्षिणी इलाकों (सदर्न सबर्ब्स) में तीन बड़े धमाके हुए हैं. ये इलाका हिजबुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है. इसके साथ ही इजरायल की सेना ने लेबनान के उत्तरी शहर त्रिपोली (Tripoli) में एक फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर हमला किया है. रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ये हमला फिलिस्तीनी कैंप पर हुआ, जहां पहले भी इजरायल ने ऐसे टारगेट किए हैं. हालांकि ताजा हमले में मौतों या घायलों की संख्या अभी कन्फर्म नहीं हुई है, लेकिन इलाके में तनाव बहुत ज्यादा है.
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने अब तक ईरान के 20 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अमेरिकी बलों ने ईरान सरकार से जुड़े 20 से ज्यादा जहाजों पर हमला किया है. अमेरिकी कमांड के मुताबिक रात में किए गए एक हमले के बाद सोलैमानी-क्लास युद्धपोत को भी इस सूची में शामिल किया गया है.
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, 'अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियां, अपनी युद्ध शक्ति के साथ, जल्द ही ईरान को नियंत्रित कर लेंगी और जमीन पर सैनिकों की मौजूदगी के बिना ही ईरान के हवाई क्षेत्र और जलमार्गों पर नियंत्रण कर लेंगी.'
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश से बाहर निकलने पर प्रतिबंध और सोशल मीडिया गतिविधियों से संबंधित स्थानीय कानूनों के कारण सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है. साथ ही यह भी कहा गया है कि कुछ क्षेत्रों में जोखिम का स्तर बढ़ गया है.'
श्रीलंका के तट पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टॉरपीडो से एक ईरानी युद्धपोत के डूबने के बाद, श्रीलंकाई अधिकारियों ने अब तक 87 शव बरामद किए हैं और 32 लोगों को बचाया है. ईरानी पोत भारत से लौट रहा था जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने उसे निशाना बनाया. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पनडुब्बी द्वारा किसी जहाज को डुबाने की यह घटना कुछ गिनी-चुनी घटनाओं में से एक है.
मध्य प्रदेश सरकार ने खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेशवासियों की सहायता के लिए नई दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन में कंट्रोल रूम स्थापित किया है. इसके तहत, अध्ययन, रोजगार, व्यवसाय, पर्यटन आदि के लिए खाड़ी देशों में गए मध्य प्रदेश के सभी निवासी, जिन्हें मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता है, इस नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं. नियंत्रण कक्ष की सहायता से, मध्य प्रदेश सरकार भारत सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों से संपर्क करके जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करेगी.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर उड़ानों पर भी पड़ रहा है. एयर इंडिया ने अपने ग्राहकों को 28 फरवरी 2026 या उससे पहले की गई मिडिल ईस्ट से आने-जाने वाली उड़ानों की कंफर्म बुकिंग के लिए फ्री रीशेड्यूलिंग या रद्द करने पर रिफंड का विकल्प दे रही है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'ईरान पर हमला हुआ. हमले के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई जिस तरह शहीद हुए, उनके साथ कई अन्य लोग भी थे. हमने अपना दुख और संवेदना व्यक्त की. हमें अपना दुख, शोक और आक्रोश व्यक्त करना चाहिए, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से. यही हम सभी की अपील है, और हमें उम्मीद है कि यह जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों तक पहुंचेगी.'
इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने ईरान के स्पेशल ऑपरेशन कमांडर को मार गिराया है. अहम बात यह भी है कि ईरान में अब तक 1145 लोगों की मौत हो चुकी है.
अमेरिकी एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा, 'मैं आज यहां अमेरिकी जनता को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की जानकारी देने आया हूं. सबसे पहले, गहरे दुख और आभार के साथ मैं हमारे छह शहीद नायकों में से चार के नाम साझा कर रहा हूं. इस अभियान को शुरू हुए चार दिन हो चुके हैं, यानी 103 घंटे बीत चुके हैं. यह अभियान स्पष्ट सैन्य उद्देश्यों के साथ शुरू किया गया था, जिसका मकसद आज और भविष्य में ईरान की अपनी सीमाओं के बाहर शक्ति दिखाने की क्षमता को खत्म करना है.'
इजराइल-ईरान संघर्ष पर अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, 'एक सप्ताह से भी कम समय में अमेरिका-इजरायल का ईरानी आसमान पर कंट्रोल होगा, ईरानी सेना के मिसाइल और रक्षा औद्योगिक अड्डे को खोजेंगे और नष्ट करेंगे और पूरी तरह से ध्वस्त कर देंगे, उनके नेताओं और सैन्य नेताओं को खोजेंगे और उन्हें निष्क्रिय कर देंगे. उन्हें हर मिनट, हर दिन केवल अमेरिकी और इजरायली हवाई शक्ति ही दिखाई देगी, जब तक कि हम इसे समाप्त करने का निर्णय नहीं ले लेते.'
अमेरिका ने कराची और लाहौर में अपने दूतावासों में काम कर रहे गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों से पाकिस्तान छोड़ने को कहा है. यह फैसला कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया. रविवार को हुए इस प्रदर्शन में 10 लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हुए थे. कुछ लोगों ने कॉन्सुलेट के अंदर घुसने की भी कोशिश की. पूरे देश में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में कुल 24 लोगों की जान जा चुकी है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज यानी बुधवार (4 मार्च) को पांचवां दिन है, लेकिन अभी भी युद्ध रुकने की बजाय आक्रमक होता नजर आ रहा है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है. सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के पांच दिनों के हमलों में मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है. तुर्की ने बताया कि पूर्वी भूमध्य सागर में नाटो की हवाई और मिसाइल रक्षा प्रणालियों ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर दिया.
अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है.
श्रीलंका के तट पर एक ईरानी जहाज पर पनडुब्बी हमले के बाद कम से कम 101 लोग लापता हो गए और 78 लोग घायल हो गए. श्रीलंका की नौसेना और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को रॉयटर्स को यह जानकारी दी.
ईरान में हाल ही में हुए हमलों और अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के चलते, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अन्य पीडीपी नेताओं के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर जलाए.
अमेरिका ने कराची और लाहौर में अपने दूतावासों में काम कर रहे गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों से पाकिस्तान छोड़ने को कहा है. यह फैसला कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया. रविवार को हुए इस प्रदर्शन में 10 लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हुए थे. कुछ लोगों ने कॉन्सुलेट के अंदर घुसने की भी कोशिश की. पूरे देश में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में कुल 24 लोगों की जान जा चुकी है.
ईरान की राजधानी तेहरान में आज रात 12 बजे (भारतीय समयानुसार) से ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामेनेई की याद में तीन दिनों का कार्यक्रम शुरू होगा. ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी लोग तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में इकट्ठा होकर खामेनेई को श्रद्धांजलि देंगे. खामेनेई के अंतिम संस्कार की तारीख और बाकी जानकारी जल्द ही बताई जाएगी.
ईरानी सेना का कहना है कि उसने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों के खिलाफ हवाई हमलों की 17वीं लहर में 40 से अधिक मिसाइलें दागी हैं. वहीं, AFP न्यूज एजेंसी के मुताबिक इराक के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन हमला हुआ. हालांकि, ड्रोन को मार गिराया गया है. यहां पहले अमेरिकी दूतावास के सहायता शिविर को निशाना बनाकर हमला किया गया था.
ईरानी सेना ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी कंट्रोल कर लिया गया है. यह तेल और गैस सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है. ईरानी सेना ने कहा है कि जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को मिसाइलों या ड्रोन से निशाना बनाया जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल कहा था कि अमेरिकी नौसेना महत्वपूर्ण खाड़ी शिपिंग मार्ग से तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके जवाबी हमलों में पहले दो दिनों के अंदर करीब 650 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं. IRGC के प्रवक्ता के मुताबिक, ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के हेडक्वार्टर और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए. ईरान ने यह भी दावा किया कि उसके मिसाइल हमलों से एक अमेरिकी सैन्य जहाज को भारी नुकसान पहुंचा. यह जानकारी चीनी न्यूज एजेंसी शिनहुआ ने दी है.
लेबनान की राजधानी बेरूत के बाहर एक होटल पर इजराइल ने हवाई हमला किया है. लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला हजमियेह इलाके में हुआ, जो बेरूत के डाउनटाउन से करीब 5 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है. एजेंसी ने बताया कि हमले के तुरंत बाद मौके पर एंबुलेंस भेजी गईं.
इजरायल-ईरान युद्ध अब पांचवें दिन में तेज हो गया है. इजरायली सेना (IDF) ने बड़ा दावा किया है कि जंग शुरू होने के बाद से अब तक उसकी एयरफोर्स ने ईरान के करीब 300 मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं. इनमें बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल हैं. इजरायल का कहना है कि हमलों का मुख्य फोकस ईरान की मिसाइल ताकत और हवाई रक्षा को कमजोर करना है.
IDF ने बताया कि ये हमले लगातार चल रहे हैं और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल स्टॉक को कम करने के लिए राउंड-द-क्लॉक ऑपरेशन हो रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि इजरायल ने तेहरान के पास एक सीक्रेट न्यूक्लियर साइट को भी तबाह किया है, जहां ईरान ने जून 2025 के बाद अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम शिफ्ट किया था.
व्हाइट हाउस ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की डिटेल जारी कर दी है. अमेरिका ने कहा है कि इसका मकसद ईरान की मिसाइलों को पूरी तरह खत्म करना और नौसेना को तबाह कर देना है. साथ ही यह भी तय करना कि ईरान से जुड़े हथियारबंद समूह दुनिया में अस्थिरता न फैला सकें और यह पक्का करना कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके हैं. अमेरिका का कहना है कि वह यह लड़ाई जीतेगा और ईरान की मौजूदा हुकूमत को हरा दिया जाएगा.
ईरान की राजधानी तेहरान में एक बार फिर धमाके गूंज उठे हैं. ईरान की समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, पिछले एक घंटे में शहर के अलग-अलग हिस्सों से विस्फोट की आवाजें सुनी गई हैं. इसी बीच इजरायली सेना ने कहा है कि उसने ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट, डिफेंस सिस्टम और दूसरे मिलिट्री ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए हैं.
इजरायल ने कोम शहर में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बिल्डिंग पर हवाई हमला किया. इसका मकसद नए सुप्रीम लीडर के चुनाव की प्रक्रिया को खत्म करना था. हालांकि मौके पर कोई भी मौजूद नहीं था. हमले में बिल्डिंग पूरी तरह तबाह हो गई. इजरायल को आशंका थी कि नए सुप्रीम लीडर के चुनाव के लिए यहां धार्मिक गुरु इकट्ठा हुए है.
इजरायली मीडिया के मुताबिक, अयातुल्लाह खामेनेई के बेटे मोजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता चुना गया है. खबरों के मुताबिक, उन्हें ईरान की विशेषज्ञ सभा ने खामेनेई के उत्तराधिकारी के रूप में चुना गया था. हालांकि, ईरान ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. वहीं, ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को मशहद में दफनाया जाएगा. हालांकि दिन-तारीख तय नहीं है. खामेनेई को इमाम रजा (अलैहिस्सलाम) की दरगाह के पास सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. खामेनेई का जन्म भी मशहद में ही 1939 में हुआ था.
लेबनान बॉर्डर के पास कुछ कस्बों में रॉकेट वॉर्निंग सायरन एक्टिवेट हो गए हैं, मिलिट्री ने लोगों से तुरंत शेल्टर में जाने का कहा है. वहीं, अमेरिकी सेंट्रल फोर्स के कमांडर ने एक वीडियो मैसेज जारी किया है. उन्होंने बताया है कि अब तक 17 ईरानी मिलिट्री जहाज और एक सबमरीन नष्ट कर दिए हैं. साथ ही यह भी कहा कि अरब की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट या ओमान स्ट्रेट में कोई भी ईरानी जहाज अब नहीं है. ईरान ने अब तक 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 ड्रोन दागे हैं.
ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, 'तेहरान शहर में बढ़ते खतरे को देखते हुए, भारतीय दूतावास ने तेहरान में मौजूद अधिकांश भारतीय छात्रों को शहर से बाहर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है. दूतावास ने उनके परिवहन, भोजन और आवास की व्यवस्था कर दी है. दूतावास के प्रस्ताव को अस्वीकार करने वाले कुछ ही छात्र तेहरान में रह गए हैं. ईरान में मौजूद अन्य भारतीय छात्रों और भारतीय नागरिकों के लिए सहाह है कि वे जहां हैं वहीं रहें, यथासंभव घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें. हर समय उचित सावधानी बरतें.'
डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका-इजरायल का सैन्य अभियान समाप्त होने के बाद ईरानी शासन के भीतर से ही किसी व्यक्ति का सत्ता संभालना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है.
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'मैंने आज डिफेंस मिनिस्टर इसराइल कैट्ज और चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर के साथ पालमाचिम एयर फोर्स बेस का दौरा किया. मैंने एक ऑपरेशनल रिव्यू लिया, ड्रोन ऑपरेटर्स और टेक्निकल टीमों से बात की और ऑपरेशन द रोर ऑफ द ईगल के दौरान उनकी जरूरी एक्टिविटीज के लिए उनकी तारीफ की. एयर फोर्स के लोग, फाइटर्स, कमांडर्स और टेक्निकल टीमें, डिफेंस और ऑफेंस में बहुत अच्छा काम कर रही हैं.'
अमेरिकी दूतावास ने कहा, 'मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते, अमेरिकी दूतावास बेरूत अगले आदेश तक बंद रहेगा. सभी नियमित और आपातकालीन कांसुलर नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं. दूतावास के सामान्य रूप से कार्य शुरू होने पर हम आपको सूचित करेंगे.'
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन के हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले के बाद कीर स्टार्मर ने साइप्रस में युद्धपोत भेजने का फैसला किया है. उन्होंने कहा, 'ब्रिटेन साइप्रस और वहां तैनात ब्रिटिश सैन्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. मैंने साइप्रस के राष्ट्रपति से बात करके उन्हें बताया है कि हम एंटी ड्रोन क्षमता से लैस हेलीकॉप्टर भेज रहे हैं और एचएमएस ड्रैगन को क्षेत्र में तैनात किया जाएगा.'
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ईरान में ऐसे समूहों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं, जो वहां की सरकार को हटाने के लिए हथियार उठाने को राजी हों. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह एक ऐसा विचार है, जिसके तहत ईरानी गुट जमीनी बलों के रूप में काम कर सकते हैं, जिन्हें वॉशिंगटन का समर्थन प्राप्त हो. हालांकि इसे लेकर व्हाइट हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन गरिमा के साथ.'
अमेरिकी इंटेलिजेंस असेसमेंट के मुताबिक ईरान और उसके प्रॉक्सी खामेनेई की हत्या के बाद में अमेरिका पर हमला कर सकता है. पार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने 28 फरवरी को किए गए थ्रेट असेसमेंट में कहा था कि ईरान और उसके प्रॉक्सी शायद यूएसए पर टारगेटेड हमलों का खतरा पैदा कर सकते हैं, हालांकि बड़े पैमाने पर फिजिकल हमले की संभावना नहीं है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस पर होमलैंड सिक्योरिटी ने कहा है कि हम सभी एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं और हर संभावित खतरे पर नजर रख रहे हैं.
इजरायल ने काउंसिल के 88 सदस्यों पर तब हमला किया जब वो अगले ईरानी सुप्रीम लीडर को चुनने के लिए वोटिंग कर रहे थे. इसमें कई लोगों की मौत हुई है.
ईरान की राजधानी तेहरान और कोम शहर में जहां नए नेता का चुनाव होना था वहां इजरायल और अमेरिका ने हमला किया है. ईरानी तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि तेहरान के संसद भवन में स्थित सभी परिसर पर भी इजरायल ने हमला किया. हमले में सभा के कई सदस्य मारे गए या घायल हुए हैं.
इजरायल के विदेश मंत्री ने विदेशी राजदूतों को एक ब्रीफिंग में कहा, 'इजरायल खत्म होने के खतरे में जीने को तैयार नहीं है. ईरान के खाड़ी देशों पर किया जा रहा हमला दिखाता है कि वह क्षेत्र के सभी देशों के लिए खतरनाक है.'
ईरान के नए रक्षा मंत्री माजिद इबन अल रजा की उनके पद संभालने के सिर्फ दो दिन बाद ही मौत हो गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. उन्होंने कहा, 'उनका एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो गया है. वे बात करना चाहते हैं. मैंने कहा कि बहुत देर हो चुकी है.'
अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग के बीच पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए पिछले 48 घंटों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 देशों के नेताओं से बातचीत की है. पीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, इजरायल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर शामिल है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान में चल रहे जंग से पूरी तरह अवगत है और यह संकट केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने कहा, 'दुनिया अंधी नहीं है. हर कोई इसे देख रहा है और अगर वह जानबूझकर अनदेखी करती है या अनजान बनने का दिखावा करती है तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे.' उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान में चल रहा युद्ध जल्द ही यूरोप और व्यापक विश्व को प्रभावित कर सकता है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर ईरान ने धमकी दी है कि यह युद्ध यूरोप और बाकी देशों तक फैल सकती है. तुर्किए ने कहा कि हम बातचीत के लिए जरिए समाधान निकलाने की कोशिश कर रहे हैं.
मिडिल ईस्ट में जंग के शुरू होने और दुनिया भर में एनर्जी की बदलती स्थिति के बाद, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मौजूदा हालात में देश की तैयारियों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, 'भारत दुनिया भर में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है. मिडिल ईस्ट से होने वाली शॉर्ट-टर्म दिक्कतों से निपटने के लिए देश में क्रूड ऑयल और पेट्रोल, डीजल और ATF जैसे जरूरी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अच्छा स्टॉक है.'
मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के प्रिंस से फोन पर बातचीत की. पीएम मोदी ने वहां मौजूद भारतीय लोगों के कल्याण और सुरक्षा पर चर्चा की
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमारी व्यापार और ऊर्जा सप्लाई चेन भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं. किसी भी बड़ी रुकावट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ता है. भारत मर्चेंट शिपिंग पर हमलों का भी कड़ा विरोध करता है. पिछले कुछ दिनों में ऐसे हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं या लापता हैं. दुर्भाग्य से, रमजान के पवित्र महीने में, क्षेत्र में स्थिति लगातार और काफी बिगड़ गई है.'
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत ने यूएई पर हमले को लेकर गहरी चिंता जताई है. भारत सरकार बदलती हुई स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखेगी और राष्ट्रीय हित में आवश्यक निर्णय लेती रहेगी. हम इस क्षेत्र की सरकारों के साथ-साथ अन्य प्रमुख साझेदार देशों के संपर्क में हैं.'
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच रूस ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान न्यूक्लियर हथियार बना रहा था. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका और इजरायल पर निशाना साधते हुए कहा कि इसी दावे का इस्तेमाल युद्ध को सही ठहराने के लिए किया गया.
ईरान द्वारा किए गए नवीनतम बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद यरुशलम और आसपास के इलाकों में सायरन बजने लगे. जिन इलाकों में सायरन बज रहे हैं, वहां के नागरिकों को अगली सूचना तक शेल्टर होम में रहने का निर्देश दिया गया है. आईडीएफ का कहना है कि वह मिसाइलों को मार गिराने के लिए काम कर रही है.
भारत ने मंगलवार को ईरान में अपने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की सलाह दी, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के ताजा सैन्य हमलों के मद्देनजर वहां स्थिति बिगड़ गई है. तेहरान में भारतीय दूतावास ने कहा, ‘भारतीय खबरों पर नजरें बनाए रखें, परिस्थिति के आधार पर जागरुकता बनाए रखें और भारतीय दूतावास से किसी भी अन्य परामर्श का इंतजार करें.'
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी का कहना है कि युद्ध में अब तक अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों में ईरान में कम से कम 787 लोग मारे गए हैं.
सरकारी सूत्रों के अनुसार कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के मामले में हमारी स्थिति काफी अच्छी है. हमारे पास 25 दिनों का कच्चे तेल का भंडार है और 25 दिनों का उत्पाद भंडार है, जिसमें ट्रांसपोर्ट में मौजूद माल भी शामिल है.
इजरायल ने ईरान के राष्ट्रपति भवन पर हमला किया. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बिल्डिंग पर भी इजराइल ने एयरस्ट्राइक किया है.
मिडिली ईस्ट में लड़ाई तेज होने के साथ ही, संयुक्त राज्य अमेरिका का कहना है कि वह इजरायल से अपने नागरिकों को नहीं निकाल सकता. यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास ने सभी अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को अगले आदेश तक अपने घरों में और उसके आसपास ही शरण लेने को कहा है.
ईरान ने मंगलवार तड़के रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला किया और मध्य पूर्व में कई अन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया. सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दो ड्रोनों के हमले से मामूली आगजनी और क्षति हुई. दूतावास ने अमेरिकियों से परिसर से दूर रहने का आग्रह किया है.
जंग के चौथे दिन ईरान ने इजरायल की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की हैं. इजरायली एयर फोर्स ने हिब्रू में पोस्ट करके बताया कि IDF ने कुछ देर पहले ईरान से इजरायल की तरफ मिसाइलें लॉन्च होने की पहचान की है. डिफेंस सिस्टम्स ऑपरेट हो रहे हैं और खतरे को इंटरसेप्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. होम फ्रंट कमांड ने रिलेवेंट एरिया में मोबाइल फोन पर डायरेक्ट अलर्ट भेजा है. लोगों से अपील की गई है कि जिम्मेदारी से काम लें और अलर्ट मिलते ही प्रोटेक्टेड स्पेस में जाएं. वहां रहें जब तक नया ऐलान न हो. बाहर निकलने की इजाजत सिर्फ क्लियर निर्देश मिलने पर होगी. होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें, क्योंकि ये जान बचाते हैं.
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि विश्व की तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है. ईरानी अधिकारियों के बयानों के बावजूद अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट खुले होने का दावा किया है. हालांकि, सेंटकॉम ने रॉयटर्स के टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल यहीं से गुजरता है.
सोशल मीडिया पर अफवाहें फैल रही हैं कि कहीं ये ईरान का न्यूक्लियर टेस्ट तो नहीं? क्योंकि युद्ध में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले हो रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स और USGS ने इसे साफ किया कि 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप न्यूक्लियर टेस्ट जैसा नहीं होता. टेस्ट में आमतौर पर ज्यादा तीव्रता और अलग पैटर्न होता है. ये इलाका ईरान में भूकंपों के लिए जाना जाता है, जहां साल में कई छोटे-मोटे झटके आते रहते हैं.
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