Israel-US Iran War Highlights: इस्लामाबाद में 'शांति वार्ता' का खुलासा! पाकिस्तान में ईरान-अमेरिका बैठक की गुंजाइश कम, जानें वजह
Israel-US Iran War Highlights: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुई जंग का आज 26वां दिन है. अमेरिका ने ईरान को धमकी दी थी, जिसके जवाब में तेहरान ने कहा कि उनके पास किसी तरह की कमी नहीं है.

बैकग्राउंड
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए साफ कहा कि अमेरिका ने इस युद्ध को जीत लिया है. ट्रंप ने दावा किया...More
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के 26वें दिन ईरान की सबसे बड़ी सैन्य कमान ने अमेरिका को करारा जवाब दिया है. ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मिलिट्री कमांड ने कहा, 'अमेरिका खुद से बातचीत कर रहा है. हम जैसे लोग तुम जैसे लोगों से कभी समझौता नहीं करेंगे, न अब और न कभी.'
यह बयान ईरान की सबसे पावरफुल सैन्य इकाई की ओर से आया है, जो देश की सुप्रीम लीडरशिप के सीधे नियंत्रण में काम करती है. कमांड ने साफ कहा कि ट्रंप की बातचीत की पेशकश सिर्फ दिखावा है और ईरान किसी भी हाल में अमेरिका या इजरायल के साथ कोई डील नहीं करेगा.
ईरान ने अमेरिका को सीधा और आक्रामक संदेश दिया है. ईरान के डिफेंस काउंसिल के सीनियर अधिकारी एडमिरल अली अकबर अहमादियन ने कहा कि ईरानी फोर्सेज 20 साल से ज्यादा समय से अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रही हैं और असिमेट्रिक वॉरफेयर की पूरी तैयारी कर चुकी हैं. अहमादियन ने अपने X पोस्ट में लिखा, 'कई सालों से हम अमेरिकियों के उन तयशुदा इलाकों में आने का इंतजार कर रहे हैं. पिछले दो दशकों से हम ठीक इसी पल के लिए असिमेट्रिक वॉरफेयर की रणनीति पर ट्रेनिंग कर रहे हैं. अब अमेरिकी सैनिकों के लिए हमारा सिर्फ एक संदेश है. 'आओ करीब आओ.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'युद्ध जीत लिया' वाले दावे के बीच ईरान ने मध्यस्थों के जरिए साफ संदेश दिया है कि वह ट्रंप पर भरोसा नहीं कर रहा. ईरान ने मध्यस्थों को बताया कि ट्रंप ने पहले दो बार धोखा दिया था, इसलिए तीसरी बार खुद को उजागर नहीं करेगा. तेहरान का कहना है कि अमेरिका द्वारा मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक भेजना उसकी शंकाओं को और मजबूत करता है. ईरानी पक्ष का मानना है कि ट्रंप की बातचीत की पेशकश सिर्फ एक बहाना (ruse) है.
ट्रंप ने कल व्हाइट हाउस में कहा था कि अमेरिका ने युद्ध जीत लिया है, ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और समझौते के लिए तैयार है. उन्होंने दावा किया कि ईरान ने तेल और गैस से जुड़ा 'बहुत बड़ा तोहफा' दिया है और बातचीत में जेडी वेंस, मार्को रूबियो जैसे अधिकारी शामिल हैं, लेकिन ईरान ने इन दावों से इनकार किया है और कहा है कि कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही, सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेश आ रहे हैं.
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के 26वें दिन बातचीत की कोशिशों पर बड़ा संदेह घिर गया है. ईरान ने मध्यस्थों को साफ बताया है कि ट्रंप ने पहले दो बार धोखा दिया था, इसलिए तीसरी बार खुद को उजागर नहीं करेगा. तेहरान का कहना है कि अमेरिका द्वारा मध्य पूर्व में और सैनिक भेजना ट्रंप की बातचीत की पेशकश को सिर्फ बहाना साबित करता है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत कराने की खबर ट्रंप और पाक आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के फोन पर बातचीत के बाद उड़ी थी.
पाकिस्तान ने खुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश किया और कहा कि वह दोनों देशों के बीच बातचीत होस्ट करने को तैयार है, लेकिन अब ईरान की तरफ से सख्त रुख आने के बाद इसकी संभावना काफी कम लग रही है. ईरान ने मध्यस्थों के जरिए साफ संदेश दिया है कि वह अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के साथ बातचीत नहीं करना चाहता. इसका कारण यह है कि युद्ध शुरू होने से ठीक पहले स्विट्जरलैंड में इनके साथ हुई बैठक फेल हो गई थी और ईरान को लगा कि उसे धोखा दिया गया. ईरान की पसंद है कि अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ही मुख्य बातचीतकर्ता बनें. ईरानी पक्ष का मानना है कि वेंस युद्ध को जल्द खत्म करने के पक्ष में ज्यादा हैं और उन पर भरोसा किया जा सकता है. पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक अगर बातचीत आगे बढ़ी तो वेंस को इस्लामाबाद भेजने की तैयारी थी, लेकिन ईरान के इस नए बयान से सब कुछ अटक गया है.
लेबनान की हिजबुल्लाह ने इजरायल के दो बड़े शहरों पर भारी रॉकेट हमला कर दिया. हिजबुल्लाह ने मंगलवार को हाइफा और नाहारिया पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागे. इसके साथ ही सीमा पर इजरायली सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. इजरायली मीडिया के मुताबिक, हाइफा बे एरिया और आसपास के इलाकों में सायरन बज गए. ज्यादातर रॉकेट एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिए, लेकिन कुछ खुले इलाकों में गिरे. फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
हिजबुल्लाह ने इसे 'व्यापक हमला' बताया और कहा कि कई तरह के मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजरायल पहले से ही ईरान और उसके समर्थक गुटों के साथ जंग में जुटा है. हिजबुल्लाह ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है और उसने पहले भी इजरायल पर कई हमले किए हैं. दूसरी तरफ, ईरान के दक्षिणी शहर शिराज में स्थित एयरपोर्ट पर इजरायली हमलों की खबर आई है. वहां धुएं के गुबार उठते दिखे. ईरानी मीडिया ने इसे इजरायल की कार्रवाई बताया. शिराज एयरपोर्ट ईरान की सैन्य सुविधाओं से जुड़ा माना जाता है. इससे पहले भी इजरायल और अमेरिका ने ईरान के कई एयर बेस और मिलिट्री ठिकानों पर हमले किए हैं.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के 26वें दिन ईरान ने इजरायल पर नया बड़ा हमला किया है. ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसके ड्रोन बेड़े ने इजरायल की मुख्य एयरोस्पेस और हथियार निर्माण उद्योगों पर सटीक हमले किए हैं. ईरानी आर्मी के बयान के मुताबिक, मंगलवार सुबह इन हमलों में हाइफा में राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स की हथियार फैक्टरियां और तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट के आसपास की एयरोस्पेस सुविधाएं निशाने पर थीं. इसके अलावा एयरपोर्ट पर तैनात कुछ रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी प्रभावित हुए.
राफेल कंपनी इजरायल की अहम रक्षा कंपनी है, जो आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग जैसे एयर डिफेंस सिस्टम और स्पाइक मिसाइलें बनाती है. वहीं इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) मिलिट्री एयरक्राफ्ट, ड्रोन, मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम का उत्पादन करती है. ईरान का कहना है कि ये हमले सटीक थे और इजरायल की सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचाने के मकसद से किए गए. ईरानी मीडिया ने इसे 'सटीक हमले' बताया है, लेकिन इजरायल की तरफ से अभी तक इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि या इनकार नहीं हुआ है.
ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिणी इलाके वरामिन में मंगलवार रात रिहायशी इलाकों पर हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 घायल हुए. ईरान में युद्ध की शुरुआत से अब तक 1,500 लोगों की मौत हो चुकी है और 18,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वहीं, इराक के एक उग्रवादी समूह इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने 24 घंटे में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर 23 हमले किए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले. उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे. आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है. इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है. टीम इंडिया की तरह काम करना होगा. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं, ये चिंताजनक है. हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं. गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है.
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद फ्यूल टैंक में आग लग गई. कुवैत के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने इसकी पुष्टि की है. एयरपोर्ट के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-रजही के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, सिर्फ प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए. फायर ब्रिगेड समेत संबंधित एजेंसियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं.
अमेरिका और इजरायल के हमले की वजह से ईरान में अब तक 82,000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है. इसके साथ ही 281 मेडिकल सेंटर्स को नुकसान पहुंचा है. ईरान की राजधानी तेहरान में भी भारी नुकसान हुआ है.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अहम खबर सामने आई है. सीएनएन के मुताबिक अमेरिका ने तेहरान से युद्ध रोकने को लेकर बात की है और तेहरान बात सुनने को तैयार हो गया है. दोनों देश जल्द ही स्थायी रूप से युद्ध को रोकने पर चर्चा कर सकते हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच जंग की वजह से दुनिया के कई देश परेशान हो रही हैं. युद्ध के बीच भारत ने कुवैत सब्जियों की सप्लाई की है. कुवैत ने कहा है कि सऊदी अरब के जरिए सब्जियां पहुंची हैं.
चीन के विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि सभी संवेदनशील मुद्दों का समाधान बल प्रयोग के बजाय बातचीत के माध्यम से होना चाहिए. वांग यी ने मिडिल ईस्ट में संघर्ष के सभी पक्षों से शांति के हर अवसर का लाभ उठाने और जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करने का आह्वान किया. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज सभी के लिए खुला है और जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं, लेकिन ईरान के साथ युद्धरत देशों पर विचार नहीं किया जा रहा है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथली से मुलाकात की. विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'इस चुनौतीपूर्ण समय में ईरान में रह रहे भारतीयों को दिए जा रहे समर्थन के लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं.'
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन किया. पीएम मोदी ने कहा, 'भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला, सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है.'
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के चलते बांग्लादेश ने जेट फ्यूल की कीमतों में 79 फीसदी की बढ़ोतरी की है. बांग्लादेश एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन ने एक महीने के भीतर दूसरी बार ये आदेश जारी किया. युद्ध के शुरू होने के बाद से एविएशन फ्यूल की कीमतों में 111 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. अब इसकी कीमत 1.32 डॉलर प्रति लीटर निर्धारित की गई है.
बांग्लादेश में फ्यूल की कमी से बंद हुए पेट्रोल पंप कर दिए गए हैं, जिस वजह से गाड़ी चलाने वालों को तेल के लिए भटकना पड़ा.
अयातुल्ला मोज्तबा खामेनेई की मंजूरी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के आदेश से मोहम्मद-बघेर जोलघा ने सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में शहीद अली लारिजानी का स्थान लिया.
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नजफाबाद में IRGC के ठिकानों पर हवाई हमले किए. शहर के दक्षिणी हिस्से में हुए इन हमलों में कथित तौर पर उस इलाके को लगातार चार बार निशाना बनाया गया, जबकि नजफाबाद के आस-पास के इलाकों पर इससे एक दिन पहले छह बार हमले किए गए थे.
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) के डिप्टी एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर कार्ल स्काउ ने चेतावनी दी है कि अगर जंग नहीं रुकी तो 45 मिलियन लोगों के भूख से मरने का खतरा है. यह स्थिति मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे खाद्य और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं और सप्लाई प्रभावित हो रही है.
चीन का फ्यूल टैंकर ब्राइट गोल्ड स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुका है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह केशम और लारक द्वीपों के बीच से गुजरा. ईरान के साथ सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था करने के बाद दो भारतीय शिप भी इसी रास्ते से गुजरा था.
आईआरजीसी ने कहा कि अगर इजरायल लेबनान और गाजा में नागरिकों को निशाना बनाता है तो आईआरजीसी इजरायल पर बिना किसी रोक-टोक के हमला करेगा. आईआरजीसी ने इजरायल पर लेबनान और फिलिस्तीन में नागरिकों के खिलाफ युद्ध करने के लिए मौजूदा परिस्थितियों का फायदा उठाने का आरोप लगाया है.
ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि मंगलवार को दो गैस संयंत्रों और एक पाइपलाइन को निशाना बनाया गया. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने की टिप्पणी के बाद किया गया.फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा, इजरायली और अमेरिकी दुश्मन के लगातार हमलों के तहत, इस्फहान में कावेह स्ट्रीट पर गैस एडमिनिस्ट्रेशन बिल्डिंग और गैस प्रेशर रेगुलेशन स्टेशन को निशाना बनाया गया.सेंट्रल ईरान में फैसिलिटी को हुए 'थोड़े नुकसान' को रिपोर्ट करने वाला फार्स ईरान का अकेला न्यूज आउटलेट है. इसने कहा कि एक हमले में देश के दक्षिण-पश्चिम में खोर्रमशहर पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन को भी निशाना बनाया गया.
हिज्बुल्लाह द्वारा लेबनान से रॉकेट हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद एकर और हाइफा के क्रायोट उपनगरों में सायरन बजने लगे. इजरायली सेना ने कहा कि अधिकांश रॉकेटों को रोक लिया गया और तत्काल किसी के घायल होने या किसी के प्रभाव की कोई रिपोर्ट नहीं है.
ईरान इंटेलिजेंस ने 30 जासूस गिरफ्तार किए. सभी लोगों पर मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप है. मोसाद इसराइल की खुफिया एजेंसी है.
ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) पर अनबार में हुए अमेरिकी हवाई हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है. इससे पहले बताया गया था कि अनबार स्थित पीएमएफ ऑपरेशन कमांड मुख्यालय पर हुए हमले में समूह के प्रमुख साद दवाई को निशाना बनाया गया था, जो मृतकों में शामिल थे.
हिज्बुल्लाह ने मंगलवार तड़के इजरायल के पांच ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है. समूह के मुताबिक, इन हमलों में इजरायली सैनिकों की जमावड़ा वाली जगह, एक बैरक, रडार साइट और तोपखाने की पोजीशन को निशाना बनाया गया. दक्षिणी लेबनान के कफर किला कस्बे के फातिमा गेट पर मौजूद इजरायली सैनिकों पर भी रॉकेट दागे गए.
हिज्बुल्लाह ने यह भी कहा कि उसने ड्रोन और रॉकेट की मदद से उत्तरी इजरायल के माअलोट-तारशीहा के पास रडार साइट और सासा व ऐन हाकोवशिम इलाकों में तोपखाने की पोजीशन पर हमला किया.
अमेरिका के सामने ईरान कमतर नजर नहीं आ रहा है. ईरान ने तेल अवीव पर क्लस्टर बम से हमला किया, जिनमें प्रत्येक बम का वजन लगभग 100 किलो बताया जा रहा है और ऐसे 3- 4 बम इस्तेमाल किए गए. उधर, यूएस एयरफोर्स मैगजीन के मुताबिक, तीन हफ्तों से जारी संघर्ष के दौरान अमेरिका की वायुसेना को भी बड़ा नुकसान हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में लगभग 20 एयरक्राफ्ट या तो क्षतिग्रस्त हुए हैं या पूरी तरह नष्ट हो गए.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में बन रहे हालात पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई.
ईरानी विदेश मंत्री के आधिकारिक टेलीग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट के अनुसार, ईरान और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने परामर्श जारी रखने के महत्व पर जोर दिया है. (रॉयटर्स)
स्टील्थ फाइटर जेट F-35 (लाइटनिंग) पर ईरान के अटैक के बाद अमेरिका ने अपने सबसे खतरनाक पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान F-22 ‘रैप्टर’ को मिडिल ईस्ट की जंग में उतार दिया है. खुद अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने दी जानकारी. ये विमान ऐसा है कि अमेरिका ने इसे इजरायल सहित किसी भी मित्र-देश को नहीं दिया है. ये सिर्फ, अमेरिका ऑपरेट करता है.
कांग्रेस नेता पवन खेरा ने एक्स पर लिखा- अब हमें बताया जा रहा है कि पश्चिम एशियाई युद्ध के कारण इस वर्ष भारत की जीडीपी वृद्धि दर में 4% की गिरावट आ सकती है, जिसे सरकार की रणनीतिक योजना की कमी ने और भी बदतर बना दिया है. यह उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें कहा गया है कि मोदी सरकार ने 2013-2023 के दशक में विकास दर को 1.5% बढ़ा-चढ़ाकर बताया है. इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए इस सरकार की तुलना में खाली कुर्सियां शायद बेहतर साबित होंगी. आखिरकार, खराब डॉक्टर होने से बेहतर है कि कोई डॉक्टर ही न हो.
ईरान के पास समंदर में अंदर आग लगने से ग्रीस भेजे गए अमेरिकी वॉर शिप गेराल्ड फोर्ड को ठीक होने में 12-14 महीने लग सकते हैं. अमेरिका ने कहा था लॉन्ड्री रूम में आग लगने के कारण वॉर शिप को मेंटेनेंस के लिए ड्यूटी से हटाया गया है. वहीं, ईरान ने वॉर शिप को हिट करने का दावा किया था.
इजरायल की सेना ने बताया कि ईरान से नए मिसाइल आने की खबर मिलते ही उनका एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है. सेना ने टेलीग्राम पर संदेश जारी कर कहा कि कुछ ही मिनट पहले होम फ्रंट कमांड ने संबंधित इलाकों में मोबाइल फोन पर सतर्कता संदेश भेजा. सेना ने आम लोगों से कहा है कि वे तुरंत सुरक्षित स्थान में जाएं और अगले आदेश तक वहीं रहें.
ब्रिटेन ने घोषणा की है कि वह सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन को एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराएगा. इस कदम का मकसद इन देशों को ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाना है.
चो ह्युन ने सोमवार शाम ईरान के अब्दुल्ला अराघची से फोन पर बातचीत की. चो ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध और मिडिल ईस्ट की स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रही है. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम होना चाहिए, और ईरान को पानी के रास्ते से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए. साउथ कोरियाई विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि उन जहाजों और उनकी टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जो स्ट्रेट में फंसे हैं, खासकर जो साउथ कोरियाई कंपनियों के हैं.
इरबिल में अमेरिकी कॉन्सलेट पर हमला हुआ है. हमले के बाद कॉन्सलेट से धुआं उठता देखा गया. अभी तक हमले में किसी के घायल होने या नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.
ईरान के इस्फहान और खोर्रमशहर में अमेरिकी और इज़राइली हमलों के कारण ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है. जानकारी के अनुसार, इस हमले में गैस प्रबंधन भवन और डबाव कम करने वाला स्टेशन प्रभावित हुआ, लेकिन किसी के घायल या मारे जाने की खबर नहीं है.
हालांकि, इस हमले के चलते पूरे इलाके में ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके ऊर्जा केंद्रों पर आगे भी हमला किया गया, तो वे जवाब में इज़राइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी बेसों के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएंगे. इससे साफ है कि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है और क्षेत्र में सुरक्षा हालात गंभीर बने हुए हैं.
कुवैत में एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. कुवैत की सेना ने कहा कि एक घंटे से भी कम समय में दूसरी बार उनकी एयर डिफेंस सिस्टम हमलों का जवाब दे रही है. लोगों से कहा गया है कि वे अधिकारियों के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें. वहीं, इजरायल ने बताया कि उनके इलाके की ओर ईरान से नई मिसाइल लहरें भेजी गई हैं. इजरायली सेना ने कहा कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम हमलों को रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
पेजेश्कियान ने ईरान की सेना और देश की सुरक्षा में लगे सभी बहादुर जवानों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, “मैं अपने देश की रक्षा करने वाले सभी बहादुर सैनिकों और देशभक्तों के हाथों और कंधों को चूमता हूँ. देश का उज्जवल भविष्य और बच्चों का सुरक्षित और शांत कल, जनता की हिम्मत और लगातार समर्थन के कारण ही संभव है. जनता और सैनिकों की यह पवित्र एकता ही ईरान की रक्षा करती है.”
हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने इजरायल की मागद अल-टीफेन रडार साइट पर ड्रोन से हमला किया है. यह रडार साइट माअलोत-तारशीहा बस्ती के दक्षिण में स्थित है. हिजबुल्लाहका कहना है कि उनका यह हमला रडार और निगरानी क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किया गया. इलाके में सुरक्षा बल सतर्क हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
इराक के अंबार प्रांत में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) के एक ठिकाने पर हमला हुआ. इस हमले में कम से कम 6 लड़ाके मारे गए, जिनमें अंबार ऑपरेशन कमांडर भी शामिल हैं. पीएमएफ ने आरोप लगाया कि यह हमला अमेरिका ने किया है. इलाके में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है.
इजरायल के हालिया टारगेट किलिंग अभियान में ईरान के एक युवा इलेक्ट्रिक इंजीनियर की हत्या कर दी गई. जानकारी के मुताबिक यह इंजीनियर तेहरान यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भी थे और एविएशन मामलों के जानकार माने जाते थे. ईरान में इस हत्या को लेकर लोगों में चिंता और हैरानी दोनों का माहौल है. विशेषज्ञ भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनकी हत्या का मकसद क्या था.
सऊदी अरब की रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले दो घंटों में देश के पूर्वी प्रांत को निशाना बनाने वाले अलग-अलग हमलों में भेजे गए कुल 19 ड्रोन को उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया.
इसमें से हाल ही में 3 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक कर उड़ा दिया गया. सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनकी हवाई रक्षा लगातार सक्रिय है और देश के सुरक्षा क्षेत्र पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. लोगों से अनुरोध किया गया है कि सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और घबराएं नहीं, क्योंकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
कुवैत में पावर ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचने के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है. कुवैत सेना ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस टीम इस समय ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है. अगर लोगों ने धमाके की आवाज़ें सुनीं, तो समझ लें कि ये एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्शन की वजह से हुई हैं. सेना और रक्षा मंत्रालय ने आम जनता से अनुरोध किया है कि सभी सुरक्षा और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें. कुवैत के लोग फिलहाल सतर्क रहें और अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निर्देशों को गंभीरता से मानें.
अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कम से कम 12 महम-3 और महम-7 नामक नौसैनिक माइन लगा दी हैं. ये माइनें बहुत एडवांस हैं और इनमें मैग्नेटिक और ध्वनिक सेंसर लगे हैं. इसके जरिए ये पास से गुजरने वाली किसी भी नाव या जहाज को निशाना बना सकती हैं. खास बात ये है कि हर माइन में सैकड़ों पाउंड विस्फोटक भरे हुए हैं, जिससे किसी भी हादसे की स्थिति में भारी नुकसान हो सकता है.
तेहरान में इस वक्त तनाव बढ़ गया है. खबर है कि इजरायल और अमेरिका की वायु सेना ने राजधानी के कई इलाके में एयरस्ट्राइक की हैं. साथ ही कुवैत की सेना ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर रही है. इंटरसेप्शन के दौरान धमाके की आवाज़ें भी सुनाई दीं. पूरे देश में सायरन बज रहे हैं और लोगों में डर का माहौल है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी आज रात “मिनी-सिक्योरिटी कैबिनेट” की बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने ईरान में हालात का जायजा लिया और अगले कदम पर चर्चा की. स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है और आसपास के देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
अमेरिकी न्यूज एजेंसी ANI ने कैरोलिन लेविट से सवाल किया कि क्या अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस, राष्ट्रपति के खास दूत स्टीव विटकॉफ और बिजनेसमैन जेरेड कुशनर इस हफ्ते इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मिलने वाले हैं या नहीं. इस सवाल पर जवाब देते हुए कैरोलिन लेविट ने साफ तौर पर कुछ भी कन्फर्म नहीं किया. उन्होंने कहा कि ये बहुत ही संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत है और अमेरिका इस तरह की चीजों पर मीडिया के जरिए बात नहीं करता. उन्होंने ये भी कहा कि अभी हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए जो भी खबरें या अटकलें लगाई जा रही हैं, उन्हें तब तक सही नहीं माना जाना चाहिए जब तक व्हाइट हाउस खुद आधिकारिक तौर पर कुछ घोषित न कर दे.
मंगलवार सुबह जेरूसलम में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आसमान में जोरदार धमाका सुनाई दिया. बताया जा रहा है कि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों की वजह से ये धमाका हुआ. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर पर दो बार मिसाइल अटैक किया गया. दूसरी बार जब सायरन बजा, उसके थोड़ी देर बाद ही तेज धमाका सुनाई दिया, जिससे एक इमारत को नुकसान पहुंचा.
इजरायली सेना ने तुरंत रेस्क्यू टीम मौके पर भेजी और हालात को संभाला. अच्छी बात ये रही कि इस हमले में किसी के घायल या मारे जाने की खबर नहीं है. फिलहाल सेना ने लोगों को शेल्टर से बाहर निकलने की इजाजत दे दी है, लेकिन पूरे इलाके में अभी भी डर और तनाव का माहौल बना हुआ है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप से बात की है. उनके मुताबिक, ट्रंप का मानना है कि अभी जो बड़ी कामयाबी अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हासिल की है, उसके आधार पर अब जंग के लक्ष्यों को किसी समझौते के जरिए भी पूरा किया जा सकता है.
नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजरायल एक तरफ समझौते की संभावना देख रहा है, लेकिन दूसरी तरफ उसकी सैन्य कार्रवाई भी लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि इजरायल लगातार ईरान और लेबनान में हमले कर रहा है. खास तौर पर मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया जा रहा है.
इसके अलावा, उन्होंने ये भी कहा कि इजरायल हिज़्बुल्लाह को लगातार बड़े झटके दे रहा है. कुछ दिन पहले ही दो परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराने का दावा भी किया गया है. आखिर में नेतन्याहू ने कहा कि चाहे हालात जैसे भी हों, इजरायल अपने जरूरी हितों की हर हाल में रक्षा करेगा.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का कहना है कि उन्हें ईरान-अमेरिका की बातचीत के बारे में पता था. स्टार्मर ने सोमवार को कहा, 'हम इस बात से अवगत थे कि बातचीत हो रही है.'
स्टार्मर ने तनाव कम करने का अपील की, लेकिन ब्रिटिश सांसदों से कहा, 'हमें इस गलतफहमी में नहीं पड़ना चाहिए कि यह युद्ध शीघ्र ही समाप्त हो जाएगा.'
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से बात की है. बता दें कि Axios की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र मध्यस्थता कर रहे हैं.
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने संसद अध्यक्ष गालिबाफ से शनिवार को मुलाकात का अपील की है. तेहरान ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और यह प्रस्ताव अभी भी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के समक्ष विचाराधीन है.
ईरान की संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है और फर्जी खबरों का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से बचने के लिए किया जा रहा है जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की योजना ईरान पर अपने हमले जारी रखने की है, लेकिन फिलहाल वह ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने से बच रहा है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने डोनाल्ट ट्रंप के बातचीत वाले दावों को खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि हमने अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं की है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और युद्ध समाप्ति की शर्तों के संबंध में ईरान का रुख में कोई बदलाव नहीं है.पिछले कुछ दिनों में कुछ मित्र देशों के माध्यम से संदेश प्राप्त हुए हैं कि अमेरिका युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से बातचीत करना चाहता है. इन संदेशों का उचित और ईरान के सैद्धांतिक रुख के अनुरूप जवाब भी दिया गया.
ईरान के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने कहा कि ईरान इस्लामी गणराज्य नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान का नागरिक ढांचा ईरानी जनता का है और एक स्वतंत्र ईरान के भविष्य का आधार है. इस्लामी गणराज्य का ढांचा दमन और आतंक का वह तंत्र है जिसका इस्तेमाल उस भविष्य को साकार होने से रोकने के लिए किया जाता है. ईरान की रक्षा की जानी चाहिए. शासन को उखाड़ फेंकना होगा.
फ्लोरिडा के पाम बीच से निकलते समय रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान 'बहुत बुरी तरह' से डील करना चाहता है. उन्होंने कहा, 'मैं बस इतना कह रहा हूं कि हम एक डील करने की संभावना के करीब हैं और मुझे लगता है अगर मैं बेटिंग करने वाला आदमी होता तो मैं इसके लिए बेट लगाता. लेकिन मैं किसी चीज़ की गारंटी नहीं दे रहा हूं.'
मिडिल ईस्ट से एलपीजी लेकर आ रहे दो और भारतीय जहाज स्टेट ऑफ़ हार्मुज़ से सुरक्षित निकल आए हैं. ये दोनों एलपीजी जहाज 26 और 28 मार्च के बीच भारत पहुंच जाएंगे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगले कुछ ही दिनों में हम डील कर सकते हैं. ट्रंप के इस बयान पर इजरायल का रिएक्शन सामने आया है. इजरायल ने कहा कि ट्रंप का बयान हैरान करने वाला है.
ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान के सामने बातचीत के 15 पाइंट रखे गए हैं. इनमें सबसे पहला पाइंट है कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार कभी नहीं होगा और वो इस पर तैयार भी हो गए हैं.
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने ईरान के सुप्रीम लीडर से कोई बात नहीं की है. हम मुज्तबा खामेनेई को ईरान का लीडर नहीं मानते हैं. उन्होंने कहा कि हम ईरान के असली नेता के साथ बात कर रहे हैं और आज उनसे फोन पर बात हो सकती है. अमेरिका की ओर से व्हाइट हाउस से सलाहकार स्टीव बिटकॉफ और जेरेड कुशनर ने कल रात ईरान के साथ वार्ता में भाग लिया. तीन क्षेत्रीय देशों के विदेश मंत्रियों ने व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ अलग-अलग वार्ता की.
ईरानी डॉक्टर सईद शामकाधरी अपने परिवार के साथ तेहरान स्थित अपने घर पर हुए हवाई हमले में मारे गए. वे नियंत्रण अभियांत्रिकी के विशेषज्ञ थे, जो मिसाइलों और ड्रोनों से जुड़ा एक दोहरा उपयोग वाला क्षेत्र है.
नेतन्याहू ने तो अपनी पहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा था कि उनके तीन बड़े टारगेट हैं. पहला परमाणु खतरा खत्म करना. दूसरा ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करना और तीसरा ईरानी जनता के लिए आजादी के हालात बनाना, लेकिन ये तीनों ही टारगेट मिस होते दिख रहे हैं क्योंकि ईरान अभी भी मिसाइल अटैक कर रहा है. ईरान के परमाणु साइट्स को नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है और ईरान में रिजीम चेंज भी नहीं हुआ है और ना अब होने की संभावना है.
अमेरिका की नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के पूर्व डायरेक्टर जो कैंट ने कहा कि अगर ईरान से तनाव कम करना है तो इसके लिए सबसे पहले इजरायल को कंट्रोल करना चाहिए, नहीं तो बातचीत के सभी प्रयास इसी पैटर्न पर चलेंगे. ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा देने के बाद कैंट ने लिखा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से तनाव कम करने की घोषणा करते हैं.इजरायल बातचीत को विफल करने और बदले में हमारी बातचीत करने की क्षमता को कमजोर करने के लिए बड़े हमले करता है. युद्ध और तेज हो जाता है.'
इजरायली डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि उसकी एयरफोर्स ने आतंकी ईरानी शासन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमलों की नई लहर शुरू की है.
यूएस प्रेसिडेंट ने ईरान को लेकर एक और बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर समझौता चाहता है. उन्होंने कहा कि बीती रात ही ईरान के साथ बातचीत हुई है. ईरान के साथ ये डील पांच दिन या उससे पहले ही हो सकती है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 14 फीसदी की गिरावट आई है. अब उसकी कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है.
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेज़ाई ने कहा कि लड़ाई जारी है और शैतान की एक और हार.ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका एक बार फिर पराजित हो गए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति के बातचीत वाले दावे को ईरान ने खारिज किया है. आईआरजीसी से संबद्ध ईरानी मीडिया का कहना है कि ट्रंप के साथ कोई बातचीत नहीं हुई और उनका दावा है कि ट्रंप ने ईरानी जवाबी कार्रवाई के डर से पीछे हट गए.
ईरान के साथ वार्ता और बिजली संयंत्रों पर हमले की योजनाओं को रोकने के बारे में ट्रंप के पोस्ट के बाद तेल की कीमतों में 10% की गिरावट आई.
क्रेमलिन ने सोमवार को पॉलिटिको की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि रूस ने यूक्रेन को अमेरिका द्वारा समर्थन समाप्त करने के बदले ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद करने की पेशकश की थी.क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, 'यह रिपोर्ट असत्य या यों कहें कि झूठी है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान में पावर प्लांट पर हमले का प्लान फिलहाल टाल दिया है. ट्रंप ने बताया कि बीते दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत रही है, जोकि आगे भी जारी रहेगी.
भारतीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि रिटेल आउटलेट पर स्थिति सामान्य है. मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा पिछले तीन हफ्तों में लगभग 3.5 लाख पीएनजी कनेक्शन एक्टिवेट किए गए हैं. उन्होंने कहा कि एलपीजी सप्लाई चिंता का विषय है. राहत की बात ये है कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है.
इजरायल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने कहा कि हमारे और लेबनान के बीच लिटानी नदी सीमा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गाजा पट्टी के 55% हिस्से पर हमारा नियंत्रण है, उसी प्रकार लेबनान में भी होना चाहिए.
भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने ट्वीट किया, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से 2 मिलियन डॉलर की रकम मिलने के कुछ दावों के जवाब में, यह जोर देकर कहा जाता है कि ऐसे दावे बेबुनियाद हैं. इस बारे में दिए गए बयान सिर्फ़ लोगों के निजी विचार दिखाते हैं और किसी भी तरह से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की आधिकारिक राय नहीं बताते हैं.'
ईरान के नए नियुक्त सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई घायल और अलग-थलग हैं और संदेशों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं. इससे यह सवाल उठ रहा है कि संघर्ष जारी रहने के दौरान क्या वे सीधे तौर पर कमान संभाल पाने में सक्षम होंगे. उनकी इस स्थिति के बावजूद, इजरायल के आकलन बताते हैं कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भीतर मौजूद वरिष्ठ धर्मगुरुओं और कमांडरों ने सरकारी संस्थानों पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है, जिससे सक्रिय नेतृत्व के संचार के अभाव में भी शासन की निरंतरता सुनिश्चित हो रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी धमकी दे चुके हैं कि वो खर्ग द्वीप पर कब्जा कर लेंगे. इस बीच इजरायली खुफिया एजेंसी की ओर से कहा गया है, 'अमेरिका ने इजरायल और अन्य देशों को सूचित किया है कि खारग पर नियंत्रण करने का विकल्प खुला है.'
ईरान के जारी जंग के बीच अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड फोर्ड क्रीड नेवल बेस पर लौट आया है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएफपी ने दी है.
ईरान की डिफेंस काउंसिल ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी द्वीपों पर हमला होता है, तो वे पूरे पर्शियन गल्फ और हॉर्मुज स्ट्रेट में माइन बिछा देंगे, जिससे इन समुद्री मार्गों का उपयोग करना असंभव हो जाएगा. यह चेतावनी अमेरिका और इज़राइल के बीच तनाव बढ़ने के बीच आई है, जहां ईरान ने कहा है कि वह अपने तटों और द्वीपों की रक्षा के लिए किसी भी हमले का जवाब देगा.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया है. उसने कहा है कि हॉर्मुज पैसेज खुला है. यह केवल दुश्मन देशों के लिए बंद है.
ईरान के सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फागरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 48 घंटे की समय सीमा के करीब आने पर एक नया बयान जारी किया है. ज़ोल्फागरी ने ट्रम्प को 'आप बर्खास्त कर दिए गए' कहकर मजाक उड़ाया और कहा कि अगर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला किया गया, तो होर्मुज़ की खाड़ी पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी और तब तक नहीं खोली जाएगी जब तक कि नष्ट किए गए संयंत्रों को फिर से नहीं बना लिया जाता.
अमेरिका ने होर्मुज़ की खाड़ी को खोलने के लिए लगभग 4,500 मरीन तैनात किया है, जिनके साथ F-35 जेट और हेलिकॉप्टर हैं. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "ये मरीन सिर्फ दिखावे के लिए नहीं हैं." यह तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है और होर्मुज़ की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है. अमेरिकी सेना का कहना है कि उनका उद्देश्य होर्मुज़ की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करना और ईरान को अपनी गतिविधियां बंद करने के लिए मजबूर करना है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी ऊर्जा संरचनाओं पर हमला किया जाता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा.
भारत के दो और जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पार कर रहे हैं. इन पर एलपीजी गैस लदी हुई है. जग वसंत और पाइन गैस एलपीजी लेकर जल्द ही देश पहुंचेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल-ईस्ट संकट को लेकर दोपहर 2 बजे संसद में बोलेंगे. अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से दुनिया के कई देशों में तेल और गैस का संकट बन गया. हालांकि भारत में अभी तक तेल को लेकर दिक्कत नहीं हुई है. पीएम मोदी इन मसलों पर भी बोल सकते हैं.
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में नफरत की एक और खौफनाक घटना सामने आई है. उत्तर लंदन में यहूदी समुदाय की आपातकालीन सेवाएं देने वाली चार एम्बुलेंसों को आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने इसे संभावित एंटीसेमिटिक हेट क्राइम बताया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और असुरक्षा का माहौल बन गया है.
ईरान इराक में अमेरिकी बेस पर लगातार अटैक कर रहा है. इस बीच अमेरिका के सैनिक वापसी कर रहे हैं. वे बगदाद छोड़कर लौट रहे हैं. नाटो देश पहले ही इराक से अपने सैनिकों को बुला चुके हैं.
इजरायल ने अभी तक युद्ध के दौरान ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है. सूत्रों के मुताबिक इजरायल ने ईरान के 236 हेल्थकेयर सेंटर्स को तबाह किया है. वहीं 9218 कमर्शियल यूनिट्स को भी क्षतिग्रस्त किया है. अहम बात यह भी है कि ईरान के अंदर 67,414 घरों को भी नुकसान पहुंचाया है.
अमेरिका ने ईरान पर हमले को और ज्यादा तेज करने की तैयारी कर ली है. वॉशिंगटन ने हेवी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को मिडिल ईस्ट में पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध भयानक रूप ले चुका है. ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ताकत के बल पर ही शांति आएगी.
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के निदेशक फातिह बिरोल ने मध्य पूर्व की स्थिति को खतरनाक बताया है और कहा है कि वर्तमान संकट 1970 के दशक के दोनों तेल संकटों से भी बदतर है. उन्होंने कहा कि यह युद्ध वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इससे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं.
अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक तेहरान में कई बार धमाकों की आवाज सुनाई दी है. अमेरिका ने तेहरान पर घातक अटैक किया है. उसने पांच जगहों को निशाना बनाया है.
अमेरिका ने ईरान पर हमले की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं. यूएस सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसने ईरान के ड्रोन और विमानों के इंजन बनाने वाले अड्डे को तबाह कर दिया है. अमेरिका ने हमले के पहले और बाद की तस्वीरें शेयर की हैं.
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के निदेशक फातिह बिरोल ने मध्य पूर्व की स्थिति को खतरनाक बताया है और कहा है कि मौजूदा संकट 1970 के दशक के दोनों तेल संकटों से भी बदतर है. उन्होंने कहा कि यह युद्ध वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इससे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं.
ईरान ने अमेरिका और इजरायल की साइट्स पर घातक अटैक किया है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उसने 75 मिसाइलें दागी हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्स ने ईरान में दमावंद की अंडरग्राउंड फैसिलिटी पर हमले की घोषणा की है और इसे IRGC-ASF की हथियार उत्पादन साइट बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुविधा तेहरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों में योगदान दे रही थी, जो ईरान की रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करने के इजरायल के चल रहे प्रयासों का एक हिस्सा है.
अमेरिका की धमकी पर ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अली आबादी ने कहा है कि देश में बिजली उत्पादन सरप्लस है, लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश के बुनियादी ढांचे पर हमला लोगों पर हमला है. ईरान के ऊर्जा मंत्री ने लोगों से शांत रहने और बिजली की बचत करने की अपील की है.
अमेरिका के वित्त सचिव बेसेंट ने ईरान युद्ध को लेकर कहा कि यूएस के पास पर्याप्त धनराशि है. बता दें कि हाल ही में उन्होंने कहा था कि ईरान से जंग के लिए उन्हें कांग्रेस से 200 बिलियन डॉलर चाहिए.
अमेरिका ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें अमेरिकी फाइटर जेट F-15 को मार गिराने की बात कही गई थी. यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि ये महज एक अफवाह है कि यूएस के फाइटर जेट को ईरानी रिजीम ने मार गिराया.
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर राहत उपायों की समीक्षा के लिए सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया, 'हमने अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर व्यापक चर्चा की, जिनमें किसानों के लिए उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना, प्रमुख क्षेत्रों के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाना, नए गंतव्यों को निर्यात को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं. हम अपने नागरिकों को संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के अल्टीमेटम का जवाब देते हुए कहा कि देश के खिलाफ धमकियां उसकी एकता को और मजबूत करेंगी. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'ईरान को मिटाने के प्रयास हताशा दर्शाते हैं.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान की सीमा का उल्लंघन करने वालों को छोड़कर सभी के लिए खुला है.
IDF ने ईरान में एयरस्ट्राइक को लेकर एक वीडियो मैप भी जारी किया है. जिन-जिन ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं, उन्हें मैप के जरिए दिखाया गया है.
इजरायली सेना ने कहा कि उसने रात भर तेहरान में हवाई हमले किए, जिसमें कई ईरानी हथियार उत्पादन सुविधाओं और प्रमुख सैन्य और खुफिया मुख्यालयों को निशाना बनाया गया.
IDF के मुताबिक, इजरायली एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने एक मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर पर हमला किया, जिसमें इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टोर, ईरान के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी एक हथियार उत्पादन और स्टोरेज और IRGC की एयरफोर्स की हथियार बनाने वाली जगह शामिल है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि बीते 48 घंटों में ईरान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सभ्यता का दुश्मन और स्वतंत्र दुनिया के लिए खतरा है. उन्होंने कहा कि उसने बच्चों, परिवारों, बुजुर्गों को मिसाइलों से निशाना बनाया, यरूशलम के पवित्र स्थलों को धमकी देना, लंबी दूरी की मिसाइलें दागना और होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश करना. मैं दुनिया के नेताओं से पूछना चाहता हूं कि आप किस बात का इंतजार कर रहे हैं. इजरायल न केवल अपने लिए, बल्कि आप सभी के लिए लड़ रहा है.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी पर अमल करता है तो होर्मुज स्ट्रेट को 'पूरी तरह से बंद' कर दिया जाएगा, जिससे खाड़ी में तनाव बढ़ गया है. यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को अल्टीमेटम जारी करने के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान से महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग को फिर से खोलने या अपने बिजली संयंत्रों पर हमलों का सामना करने की धमकी दी है.
संयुक्त राष्ट्र निकाय का कहना है कि ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद ईरान के अड़ियल रवैये के चलते मिडिल ईस्ट अब 'खतरनाक दौर' में है.
श्रीलंका में तेल का संकट गहरा गया है, जिसके बाद वहां की सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी की है. अब वहां पेट्रोल की कीमत 455 रुपये प्रति लीटर 382 रुपये पहुंच गई है.
पोप लियो ने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण होने वाली मृत्यु और पीड़ा 'पूरी मानवता के लिए कलंक' है और उन्होंने तत्काल युद्धविराम की अपनी अपील दोहराई. अमेरिकी पोप ने कहा कि वे मिडिल ईस्ट और अन्य संघर्षग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति को 'निराशा' के साथ देख रहे हैं. सेंट पीटर स्क्वायर में वीकली प्रेयर के दौरान लियो ने कहा, 'हम इतने सारे लोगों की पीड़ा, इन संघर्षों के निहत्थे पीड़ितों के सामने चुप नहीं रह सकते. जो उन्हें दुख पहुंचाता है, वह पूरी मानवता को दुख पहुंचाता है.'
ईरान लगातार खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग रहा है. इस बीच यूएई ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है, जबकि 25 ड्रोन तबाह किए गए हैं. यूएई की ओर से बताया गया है कि जब से युद्ध हुआ है तबसे 345 बैलिस्टिक मिसाइलें, 15 क्रूज मिसाइलें और 1773 ड्रोन को तबाह किया गया है.
ब्रिटेन के मंत्री स्टीव रीड ने कहा कि ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया के संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर दो मिसाइलें दागीं, जिनमें से एक लक्ष्य से चूक गई और दूसरी को रोक दिया गया. उन्होंने बीबीसी को बताया, 'हमारा आकलन है कि ईरानियों ने निश्चित रूप से डिएगो गार्सिया को निशाना बनाया था.' उन्होंने ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित इस अड्डे का जिक्र किया.
चागोस द्वीप समूह का हिस्सा डिएगो गार्सिया उन दो अड्डों में से एक है जिन्हें ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में 'रक्षात्मक अभियानों' के लिए अमेरिका को इस्तेमाल करने की अनुमति दी है.
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया तो वह पूरे क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर देंगे. गालिबफ ने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'हमारे देश में बिजली स्टेशनों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों, तेल रिफाइनरियों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ताबड़तोड़ हमले किए जाएंगे और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा. तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कहा आईडीएफ साउथ लेबनान में हिजबुल्ला द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे पुलों को बर्बाद कर देगी. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मैंने भारतीय रक्षा विभाग (IDF) को लिटानी नदी पर बने उन सभी पुलों को तुरंत नष्ट करने का निर्देश दिया है जिनका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, ताकि हिज़्बुल्ला के आतंकवादियों और हथियारों को दक्षिण की ओर जाने से रोका जा सके.'
ईरान लगातार खाड़ी देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दाग रहा है, इससे गुस्साए सऊदी अरब ने तेहरान के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. सऊदी ने मिलिट्री अटैचे और दूतावास के चार कर्मचारियों को देश छोड़ने के लिए कह दिया है.
मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से तेल संकट जैसे हालात पैदा हुए. इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल बैठक बुलाई है. इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी समेत कई अन्य मंत्री मौजूद हैं. मीटिंग में देश में LPG डिस्ट्रीब्यूशन और उर्वरक की उपलब्धता आदि को लेकर चर्चा होगी.
ईरान ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज स्ट्रेट के पास दुश्मन के F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है. ईरानी मीडिया की ओर से इसका वीडियो भी शेयर किया गया है. इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने F-35 और F-16 को भी टारगेट बनाया था.
ईरान ने अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त एयरबेस डिएगो गार्सिया पर IRBM मिसाइल दाग दी थी, हालांकि अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने इसे 500 किलोमीटर पहले ही मार गिराया था, लेकिन उसके बाद से दुनिया को ईरान की ताकत का अंदाजा हो गया है. अब इजरायली डिफेंस फोर्स ने चेतावनी दी है कि ईरान की रेंज में जर्मनी, इटली और फ्रांस भी आ चुके हैं.
मिडिल ईस्ट जंग पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यह युद्ध अमेरिका की सुप्रीमेसी का खात्मा कर देगा. ईरान ने वर्ल्ड पॉवर्स के खिलाफ अपनी दृढ़ता से जवाब दिया है. अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण, ईरान विश्व भर के व्यवसायों को प्रभावित कर सकता है क्योंकि वह रणनीतिक समुद्री मार्गों को नियंत्रित करता है. ईरान के साथ युद्ध के गंभीर परिणाम होंगे, जिससे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी.'
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच टोमाहॉक मिसाइलों से लैस ब्रिटिश पनडुब्बी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पहुंच गई है. अल जजीरा ने डेली मेल की रिपोर्ट का हवाला देते हुआ बताया कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाली ब्रिटिश पनडुब्बी एचएमएस एनसन अरब सागर में पहुंच गई है. यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तेज करने की धमकी दे रहा है.
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण आपूर्ति में आई कमी के बीच अमेरिका से LPG लेकर एक जहाज रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पहुंच गया है. अधिकारियों ने बताया कि 'पिक्सिस पायनियर' जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के 'पोर्ट ऑफ नीदरलैंड' से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन LPG लदी हुई है, जिसे एजिस लॉजिस्टिक्स को उतारा जाएगा.
बहरीन ने दावा किया है कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से उसने कुल 145 मिसाइल और 246 ड्रोन को इंटरसेप्ट और नष्ट किया है. सेना के बयान में कहा गया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम लगातार “लगातार हमला करने वाली लहरों” का सामना कर रही है, जिसे उसने ईरान की कार्रवाई से जोड़ा है.
बयान में जनता से सावधानी बरतने और खतरनाक या संदिग्ध क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई. साथ ही कहा गया कि कोई भी व्यक्ति सैन्य ऑपरेशन या हमले के निशानों की वीडियोग्राफी न करे. सेना ने यह भी बताया कि “सिविलियनों की इमारतों और निजी संपत्ति को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का साफ उल्लंघन है.”
रिपोर्ट के अनुसार, दो अलग-अलग ईरानी मिसाइल हमलों ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना, जहां देश का मुख्य परमाणु संयंत्र स्थित है और पास के अरद शहर को निशाना बनाया. ये हमले युद्ध के शुरू होने के बाद अब तक की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक मानी जा रही हैं. ईरानी राज्य टीवी ने इन हमलों को “प्रतिक्रिया” बताया और कहा कि इसका जवाब उस दिन ईरान के नटांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर हुए हमले के तौर पर दिया गया है.
ईरान द्वारा खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सभी छह सदस्य देशों पर सैन्य कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराने के आरोपों को “बेबुनियाद” बताया गया है. GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदाइव ने कहा कि ईरान के आरोप निराधार हैं. अलबुदाइव ने ईरान द्वारा GCC देशों पर लगातार और धोखेबाज़ हमलों की भी कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि इनमें जानबूझकर बुनियादी ढांचे और तेल संस्थानों को निशाना बनाना शामिल है.
युद्ध शुरू होने के बाद से, ईरान खाड़ी देशों में ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा है और दावा कर रहा है कि उसका निशाना केवल अमेरिकी हित हैं. ईरान ने कुछ खाड़ी देशों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने क्षेत्र को अमेरिकी हमलों के लिए लॉन्चपैड बनने की अनुमति दी. सऊदी अरब ने रविवार को ईरान के सैन्य अटैशे और ईरानी दूतावास के चार कूटनीतिक कर्मचारियों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” घोषित कर 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया. कतर ने बुधवार को वही कदम उठाया, जब ईरान ने इजरायल के पार्स फील्ड पर हमले के जवाब में देश के एक महत्वपूर्ण गैस संयंत्र पर हमला किया.
हिज़्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इज़रायल की सीमा के पास इज़रायली ठिकानों और सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन और रॉकेट हमलों की श्रृंखला चलाई. समूह ने कई बयानों में बताया कि उसने रात और सुबह के समय इज़रायली सैनिकों और सैन्य स्थलों पर हमले किए. इन हमलों का लक्ष्य उत्तर इज़रायल के हनीता और अविविम इलाकों और दक्षिणी लेबनान के रस अन-नकौरा इलाके में स्थित सैन्य स्थल थे. हिज़्बुल्लाह ने कहा कि इन हमलों में ड्रोन और रॉकेट का इस्तेमाल किया गया और उनका निशाना “इज़रायली सैनिकों के जमावड़े” और सैन्य छावनियां थीं.
इजरायल की पत्रकार सामाह वतद ने अल जज़ीरा से बातचीत में बताया कि ईरानी हमले लगातार तेज हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरानी हमलों के कारण केंद्रीय इजरायल में सायरन बज उठी और लेबनान से दागा गया एक मिसाइल उत्तर इजरायल में एक कार से टकराया, जिससे नुकसान हुआ. सामाह वतद ने कहा, “पिछले 30 मिनट में यह तीसरी चेतावनी है. हमलों की गति पहले की तुलना में बढ़ रही है और अब यह और भी तीव्र हो गई है.”
उन्होंने बताया कि अराद और डिमोना में रात के हमलों में लगभग 100 लोग घायल हुए और काफी नुकसान हुआ. इजरायल ी सेना ने इस मामले की जांच शुरू की है क्योंकि मिसाइलें हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा नहीं रोकी जा सकीं. हालांकि, न्यूक्लियर सुविधाओं पर हमले की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वतद ने कहा कि संवेदनशील साइटों और पूरे देश में नुकसान के आसपास भारी सेंसरशिप लागू है.
तेल अवीव. लेबनान से दागा गया एक प्रोजेक्टाइल उत्तर इजरायल के एक शहर में गिरा, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और लोगों के घायल होने की खबर है. यह जानकारी इजरायली सेना के प्रवक्ता ने दी. इजरायली प्रवक्ता अविचय अद्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि यह घटना थोड़ी देर पहले हुई और इसकी जांच की जा रही है. हालांकि, अभी तक घायल लोगों की संख्या या उनकी गंभीरता के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई है.
तेहरान. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने ओमान समकक्ष बद्र अलबुसैदी के साथ फोन पर वार्ता की, जिसमें अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की हाल की परिस्थितियों पर चर्चा हुई. यह जानकारी ईरानी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने दी. अराघची ने क्षेत्र में हाल की घटनाओं पर ईरान का दृष्टिकोण साझा किया, जबकि अलबुसैदी ने ईद-उल-फ़ित्र और फ़ारसी नए साल, नौरोज़, की शुभकामनाएं दीं.
IRNA के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने वार्ता को समाप्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में भी दोनों पक्षों के बीच परामर्श जारी रहेगा. ओमान ने युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई थी और उस समय महत्वपूर्ण प्रगति की रिपोर्ट दी गई थी.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जब देश लगातार घातक हवाई हमलों की चपेट में है, तब ईरान से संयम की उम्मीद करना बेकार है. स्काई न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में एसमाएल बाक़ाई ने कहा कि हमला शुरू करने वाले “आक्रामक पक्षों” को पहले रुकना होगा, तभी तेहरान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया आएगी. ईरानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर ईरान की बिजली ग्रिड पर हमला किया गया तो वह क्षेत्र में अमेरिका और इज़रायल के ऊर्जा संसाधनों को निशाना बनाएगी.
रविवार को ईरान ने ब्रिटेन के सैन्य अड्डे दीगो गार्सिया पर मिसाइल हमले में शामिल होने से इनकार किया. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अल जज़ीरा को बताया कि तेहरान इस मिसाइल हमले के पीछे नहीं है. यह इनकार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान ने चागोस द्वीप समूह में संयुक्त यूएस-यूके सैन्य अड्डे की ओर दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक मिसाइल उड़ान के दौरान फेल हो गई, जबकि दूसरी संभवत: इंटरसेप्ट कर दी गई. रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि मिसाइलें कब दागी गई थीं. अभी तक किसी हताहत या नुकसान की जानकारी नहीं मिली है.
अल जज़ीरा अरबी के अनुसार, ईरानी मिसाइल हमले के बाद इजरायल के मध्य भाग में धमाके सुने गए. धमाके ईरान से इजरायल की तरफ मिसाइल दागे जाने के तुरंत बाद हुए. अभी तक किसी हताहत या नुकसान की जानकारी नहीं मिली है.
जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने फुजी टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर यूएस‑इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में युद्धविराम होता है, तो जापान अपनी सेना को होर्मुज जलसंधि में माइनस्वीपिंग के लिए तैनात कर सकता है. जापान ने पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांगों के बावजूद इस महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग को सुरक्षित करने के लिए सैनिक भेजने से इनकार कर दिया था.
फरवरी में यूएस‑इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दुनिया की 20 सबसे बड़ी पब्लिकली लिस्टेड एयरलाइंस का लगभग 53 अरब डॉलर का मूल्य घट गया है, यह जानकारी फाइनेंशियल टाइम्स ने दी. ब्रिटेन के अखबार ने बताया कि युद्ध के कारण खाड़ी के हब एयरपोर्ट प्रभावित हुए हैं और उड़ानों में रुकावट आई है. यही वजह है कि एयरलाइन इंडस्ट्री कोविड-19 महामारी के बाद सबसे बड़ी संकट की स्थिति में है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एयरलाइन के अधिकारी ईंधन की कमी को लेकर चिंता जता रहे हैं क्योंकि युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. जेट फ्यूल, जो एयरलाइंस के खर्च का लगभग एक‑तिहाई हिस्सा होता है, युद्ध शुरू होने के बाद से दोगुना हो गया है. इससे हवाई टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है.
इजरायली आर्मी रेडियो ने बताया कि सोरोका मेडिकल सेंटर के निदेशक डॉ. ज़ाची स्लुट्ज़की ने पुष्टि की है कि डिमोना और अराद में हुए हमलों के बाद अस्पताल में 150 घायल लोगों को लाया गया है.
इजरायली सेना ने कहा है कि ईरान ने इज़राइल की तरफ नई मिसाइल दागी है. सेना ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली इन मिसाइलों को रोकने के लिए सक्रिय है.
ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों से इजरायल के अराद और डिमोना शहर में हमला हुआ, जिसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. डिमोना अपने न्यूक्लियर सेंटर के ऊपर बने गुंबद जैसी संरचना के लिए जाना जाता है और इसे लोकप्रिय रूप से ‘लिटिल इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है.
ईरानी सेना ने तेहरान के आसमान में एक अमेरिकी‑इज़राय ली हथियारबंद ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराने की घोषणा की है. ड्रोन किसी भी लड़ाकू कार्रवाई को अंजाम देने से पहले ही नष्ट कर दिया गया, खबर तस्नीम समाचार एजेंसी ने दी.
ईरानी सेना ने कहा, "हालिया युद्ध की शुरुआत से अब तक दुश्मन के 127 उन्नत ड्रोन को हमारे देश की वायु रक्षा ने निशाना बनाकर नष्ट किया है." इससे पहले, इज़रायली सेना ने तेहरान पर हमलों की नई लहर शुरू करने की बात कही थी. शहर के निवासियों ने शहर के पूर्व और पश्चिम दिशा में जोरदार धमाके सुनने की जानकारी दी.
ईद-उल-फितर के दिन ईरान ने जेरूशलम में मिसाइल दागी, जोकि अल-अक्सा मस्जिद से कुछ ही मीटर की दूरी पर गिरी. अल-अक्सा मस्जिद दुनिया की दूसरी सबसे पवित्र मस्जिद मानी जाती है.
बहरीन की सेना ने कहा कि युद्ध के दौरान उसके डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई 143 मिसाइलों और 242 ड्रोनों को मार गिराया.
UAE ने दुबई में ईरान से जुड़े सरकारी अस्पताल को बंद करने का आदेश दिया. AFP की रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देशों के खिलाफ तेहरान के हवाई हमलों के बीच दोनों पड़ोसी देशों के बीच बिगड़ते संबंधों के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने दुबई में ईरान से जुड़े एक सरकारी अस्पताल को बंद करने का आदेश दिया है.
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से, तेहरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी है, जिनमें अकेले UAE पर 2,000 से अधिक हमले शामिल हैं.
ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को धमकी दी है. तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी सैन्य सूत्र ने कहा कि अगर अमेरिका खर्ग द्वीप के खिलाफ सैन्य आक्रामकता की अपनी धमकियों पर अमल करता है तो उसे ईरान की ओर से चौंकाने वाला जवाब मिलेगा.
एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आज शाम ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात हुई. उन्हें नवरोज और ईद की शुभकामनाएं दीं. हमारी बातचीत मिडिल ईस्ट क्षेत्र में संघर्ष से जुड़े ताज़ा घटनाक्रमों और व्यापक क्षेत्र पर उनके प्रभावों पर केंद्रित थी.
इजरायल डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि उसने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए हैं. इनमें बैलिस्टिक मिसाइलें डेवलेप करने वाले एक कैंपस, मिसाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान के स्टोर शामिल हैं.
ईरान ने अमेरिका के सबसे करीबी देश जापान को बड़ी राहत दी है. ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि जापानी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की परमिशन दी जाएगी. उन्होंने जापानी क्योडो न्यूज से बातचीत में कहा, 'हमने होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं किया है. हमारी राय में स्ट्रेट खुला है. यह केवल हमारे शत्रु देशों, यानी हम पर हमला करने वाले देशों के जहाजों के लिए बंद है. अन्य देशों के जहाज यहां से गुजर सकते हैं.'
इजरायली डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि आज सुबह ईरान की नतांज न्यूक्लियर साइट पर अमेरिका ने अटैक किया था, इजरायल ने नहीं. आईडीएफ ने कहा कि उसने इस क्षेत्र में कोई हमला नहीं किया और युद्ध के दौरान अमेरिकी गतिविधियों पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा.
21 मार्च (शनिवार) को जर्मनी, फ्रांस, जापान समेत 22 देशों ने ईरान से हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील की. उन्होंने एक संयुक्त बयान में कहा, 'ईरान की कार्रवाइयों का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों पर पड़ेगा, खासकर सबसे कमजोर वर्गों पर.'
रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने एक बयान में कहा, 'यह अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है.'
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने एक पोस्ट में बताया कि ईरान ने शनिवार को नतांज न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले की जानकारी दी है. ईरान ने कहा कि हमले के बाद रेडिएशन लीक नहीं हुआ है.
रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने एक बयान में कहा, 'यह अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है.'
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने एक पोस्ट में बताया कि ईरान ने शनिवार को नतांज न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले की जानकारी दी है. ईरान ने कहा कि हमले के बाद रेडिएशन लीक नहीं हुआ है.
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, वहां के सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका और इजरायल खाड़ी में यात्री जहाजों को निशाना बना रहे हैं और उन्होंने अज्ञात जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल के एक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है. ईरान की न्यूज एजेंसी इरना ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने बताया कि IRGC एयरोस्पेस फोर्स के डिफेंस सिस्टम ने मिडिल ईरान में सुबह 3:45 बजे इजरायल के एक और फाइटर जेट F-16 को मार गिराया है.' F-16 को अमेरिका ने डेवलेप किया है और ये दुनिया में सबसे ज्यादा देशों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला फाइटर जेट है.
पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग के चलते देश में ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. 23 मार्च से कमर्शियल LPG की आपूर्ति को बढ़ाकर प्री-क्राइसिस स्तर के 50 प्रतिशत तक कर दिया जाएगा. सरकार ने कमर्शियल गैस की सप्लाई 20 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया है.
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा कि वह ईरान से मिली उन रिपोर्टों की जांच कर रही है जिनमें कहा गया है कि अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान नतांज परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया था.
IAEA के चीफ राफेल ग्रॉसी ने सैन्य संयम बरतने की अपील दोहराई और परमाणु हादसे का जोखिम पैदा करने वाली किसी भी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी. एजेंसी ने यह भी कहा कि ईरान के अनुसार, अब तक परमाणु ठिकाने के बाहर रेडिएशन लीक नहीं हुआ है.
इराक में फंसे ऑयल टैंकर MT Safesea Vishnu के 15 क्रू मेंबर सुरक्षित भारत पहुंच गए हैं.
पश्चिम एशिया संकट पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'दो टैंकरों से एक दिन या डेढ़ दिन का राशन मिल पाएगा. भारत एक बड़ा देश है. हमारी खपत बहुत अधिक है. इसका असर हर किसी पर पड़ रहा है. हम चाहते हैं कि यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो. युद्ध को समाप्त करने के लिए सार्वजनिक रूप से आह्वान करने की आवश्यकता इससे अधिक नहीं हो सकती.'
ईरान युद्ध को लेकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी- ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं.'
राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार चाहे इसे 'नॉर्मल' बताए, लेकिन हकीकत ये है:
• उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे
• MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी
• रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ेंगे
• FII का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाज़ार पर दबाव बढ़ेगा
यानी, हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है और यह सिर्फ वक्त की बात है- चुनाव के बाद पेट्रोल, डीज़ल, LPG की कीमतें भी बढ़ा दी जाएंगी. मोदी सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति - सिर्फ बयानबाज़ी है. सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है - सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है.'
हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका के एयरबेस पर ईरान द्वारा मिसाइलें दागे जाने के बाद ब्रिटेन ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें 'लापरवाहीपूर्ण हमले' करार दिया.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा कि आने वाले सप्ताह में ईरान के खिलाफ हमले काफी बढ़ जाएंगे. काट्ज ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार करने की घोषणा के बाद ये बयान दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन बात की है. पीएम मोदी ने बताया उन्हें नवरोज और ईद की मुबारकबाद दी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हम उम्मीद जताते हैं कि ये त्योहारी मौसम पश्चिमी एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए. पीएम ने बताया कि इस दौरान क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं. इस दौरान उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और वहां से सुरक्षित जहाजों की आवाजाही का मुद्दा भी उठाया.
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ईरानी नववर्ष नवरोज की शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने एक्स पर पारसी में लिखा कि नवरोज के आने के साथ ही हम सभी द्वेष, मनमुटाव और मतभेदों को भुलाने का प्रयास करें. उन्होंने लिखा, 'इस वर्ष, पहले से कहीं अधिक हमें नवरोज़ की जरूरत है- वो नवरोज जो हमारी संस्कृति में एकता, सामंजस्य और राष्ट्रीय सद्भाव को प्रदर्शित करे. आइए हम सभी मिलकर अपने ईरान को उन तूफानों से उबारें जिनमें वह फंसा हुआ है और उसे गौरवान्वित और विजयी होकर उभरने में मदद करें.'
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला हुआ है, लेकिन ये दुश्मनों के लिए पूरी तरह बंद है. अराघची ने जापान के क्योडो न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'हमने होर्मुज को बंद नहीं किया है. हमारी राय में ये खुला है. यह केवल हमारे शत्रु देशों यानी हम पर आक्रमण करने वाले देशों के जहाजों के लिए बंद है. अन्य देशों के जहाज इस स्ट्रेट से गुजर सकते हैं.'
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी सेना ने कहा है कि उसने ड्रोन हमले में इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर ईंधन टैंकों और ईंधन भरने वाले विमानों को निशाना बनाया.
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका ने एक बार फिर नतांज परमाणु ठिकाने पर हवाई हमले किए हैं. एपी की खबर के मुताबिक, ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मिज़ान ने बताया कि शनिवार को ईरान के नतान्ज़ परमाणु संवर्धन संयंत्र पर हवाई हमला हुआ. हालांकि कोई रिसाव नहीं हुआ है.
अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने 12 मार्च को घोषणा की थी कि वॉशिंगटन बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के प्रयास में 120 दिनों में भंडार से कुल 172 मिलियन बैरल तेल जारी करेगा.
बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु संसाधनों को हासिल करने या निकालने के लिए रणनीति बना रहा है. इसके विपरीत, पिछले हफ्ते जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के परमाणु संवर्धन संयंत्रों को नष्ट करने वाले हमलों के बाद अमेरिका ईरान के लगभग हथियार-योग्य यूरेनियम को जब्त करने की दिशा में कदम उठाएगा, तो उन्होंने संकेत दिया कि यह व्हाइट हाउस की सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं है. उन्होंने कहा, 'हम इस पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं, लेकिन किसी समय हम ऐसा कर सकते हैं.'
ईरान के शीर्ष सैन्य संचालन मुख्यालय खातम अल-अनबिया ने UAE को चेतावनी दी है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न किया जाए. यह चेतावनी खास तौर पर फारस की खाड़ी में स्थित अबू मूसा और ग्रेटर टुनब द्वीपों को निशाना बनाए जाने की आशंका को लेकर दी गई है.
अमेरिका ने विश्व स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास में समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने की घोषणा की है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस अस्थायी कदम से 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल वैश्विक बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा.
मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए अप्रैल में दोहा में आयोजित होने वाला आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स विश्व कप स्थगित कर दिया गया है. यह फैसला वर्ल्ड जिमनास्टिक्स द्वारा लिया गया है. वर्ल्ड जिमनास्टिक्स ने शुक्रवार रात एक बयान में कहा, एक आपात ऑनलाइन वोट के बाद और मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए, उसकी कार्यकारी कमेटी ने दोहा में 15 से 18 अप्रैल तक होने वाले आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स अपैरेटस विश्व कप के 2026 एडिशन को स्थगित करने का फैसला किया है.
मध्य पूर्व में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच पोलैंड ने इराक से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है. रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक कामिश ने इसकी घोषणा की. यह निर्णय परिचालन स्थितियों और संभावित जोखिमों के आकलन के बाद लिया गया. कोसिनियाक कामिश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि ईरान और अमेरिका-इजराल युद्ध के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक परिणाम हो सकते हैं, इसलिए इसे जल्द से जल्द समाप्त करने की आवश्यकता है. अब्दुल्ला ने यहां हजरतबल दरगाह में जुमे की नमाज अदा करने के बाद पत्रकारों से कहा, 'न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी इस (युद्ध) के गंभीर परिणाम होंगे.'
ईरान के सर्वोच्च नेता ने लिखित बयान जारी करके हमलों के बीच मजबूती से डटे रहने के लिए ईरानी लोगों की प्रशंसा की.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जापानी मीडिया को बताया है कि तेहरान जापान से जुड़े जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने के लिए तैयार है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नाकाबंदी के बीच होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयास करने की इच्छा जताने वाले छह देशों में जापान भी शामिल है.
ईरान ने डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे की ओर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही विफल हो गई. दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने SM-3 इंटरसेप्टर दागा, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उसे सफलतापूर्वक नष्ट किया गया या नहीं. रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि यह हमला कब हुआ.
तेहरान विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर फाउड इजादी ने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले को 'गैरकानूनी' बताते हुए कहा कि इसमें 2,000 से अधिक नागरिकों की मौत हुई, जिनमें 165 बच्चियां भी शामिल हैं. उनका दावा है कि पहले ही दिन अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों से एक स्कूल पर हमला किया गया. इजादी के अनुसार, इस संघर्ष का कूटनीतिक समाधान संभव था और यह युद्ध अनावश्यक है. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के लिए कोई खतरा नहीं था और यह कार्रवाई इजरायल के दबाव में की गई.
अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा दावा किया. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और उसके जहाज अब समुद्र की तलहटी में हैं.
रियाद में इस हफ्ते ईरान द्वारा किये गए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. इसके साथ ही, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में अब तक कुल छह भारतीयों की जान जा चुकी है. मामले से अवगत लोगों के अनुसार, बुधवार को रियाद में हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह व्यक्ति हमले की जद में सीधे तौर पर आया या फिर मार गिराई गई मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से उसकी मौत हुई.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग में लेबनान में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 1021 तक पहुंच गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, लाखों लोगों ने ईरान में शरण मांगी है ताकि वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.
NATO ने कंफर्म किया है कि मिडिल ईस्ट से सभी नाटो सैनिकों को सुरक्षित यूरोप री-लोकेट किया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी NATO देशों ने इराक को खाली कर दिया है. हाल के दिनों में इराक की राजधानी बगदाद स्थित ग्रीन जोन (डिप्लोमैटिक एंड सिक्योरिटी एनक्लेव) में नाटो और ईयू के ऑफिस को ड्रोन अटैक सहने पड़े हैं.
व्हाइट हाउस के अधिकारी के मुताबिक, नए सैनिकों की तैनाती के बावजूद, ट्रंप की ईरान में सेना भेजने की कोई योजना नहीं है. अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने कहा है कि उनकी ईरान में सेना भेजने की कोई योजना नहीं है, लेकिन उनके पास सभी विकल्प खुले हैं और वे अपनी सैन्य रणनीति का प्रचार नहीं करते. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना 'किसी भी समय खर्ग द्वीप को निशाना बना सकती है.'
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने एक बार फिर कहा कि हम मुस्लिम देशों के साथ युद्ध नहीं चाहते. वे हमारे भाई हैं. यह संघर्ष 'क्रूर शत्रु' द्वारा भड़काया गया है जो मुसलमानों के बीच फूट डाल रहा है.
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कहा कि नए साल के इन शुरुआती पलों में, आइए हम अपने दिलों की लौ को और तेज करें. अपनी एकता को और मजबूत करें और एक स्वतंत्र तथा समृद्ध ईरान की ओर और भी अधिक दृढ़ कदमों के साथ आगे बढ़ें.
अमेरिकी वॉर डिपार्टमेंट मिडल ईस्ट में तीन वॉरशिप और हजारों अतिरिक्त मरीन भेज रहा है, हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प का कहना है कि वह ईरान में जमीन पर सैनिकों को तैनात नहीं करेंगे. इनमें USA बॉक्सर एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के लगभग 2,200 से 2,500 मरीन शामिल हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'उनके नेता जा चुके हैं, उनके अगले नेता भी जा चुके हैं और उनके बाद के नेता भी लगभग जा चुके हैं. अब वहां कोई नेता बनना नहीं चाहता. हम उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन बात करने वाला कोई है ही नहीं.'
वेनेजुएला का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहीं से लोगों ने उस प्रतिभा को पहचानना शुरू किया जिसे मैंने फिर से खड़ा किया था. मैंने अपने पहले कार्यकाल में सेना का पुनर्निर्माण किया. मुझे नहीं पता था कि हमें इसका इतना इस्तेमाल करना पड़ेगा, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने ऐसा किया. जब यह सब शुरू हुआ तो उन्होंने मध्य पूर्व में उन देशों पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दीं जो इसमें शामिल नहीं थे क्योंकि वे मध्य पूर्व पर कब्जा करना चाहते थे, और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता तो वे उसका इस्तेमाल करते. बस यही सवाल होता कि पहला घंटा या पहला दिन कब बीतता.'
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी NATO देशों ने इराक को खाली कर दिया है. हाल के दिनों में इराक की राजधानी बगदाद स्थित ग्रीन जोन (डिप्लोमैटिक एंड सिक्योरिटी एनक्लेव) में नाटो और ईयू के ऑफिस को ड्रोन अटैक सहने पड़े हैं. NATO के करीब 600 अधिकारियों ने इराक खाली किया. स्पेन ने अपने सैनिकों को इराक से वापस बुलाया. ये स्पेनिश सैनिक, ईराक में अमेरिका के साथ मिलकर ISIS से लड़ रहे थे और कुछ सैनिक नाटो के तहत इराक में तैनात थे. बता दें कि स्पेन पहला NATO देश था जिसने ईरान के खिलाफ जंग के लिए अमेरिका और इजरायल का खुलकर विरोध किया था.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं. दो हफ्ते पहले उनके पास नौसेना थी, अब उनके पास कोई नौसेना नहीं है. सब कुछ समुद्र की तलहटी में समा गया है. दो दिनों में 58 जहाज तबाह कर दिए गए. हम उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे क्योंकि अगर उनके पास ये हथियार आ गए तो वे इनका इस्तेमाल जरूर करेंगे और हम ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे.'
पीएम मोदी ने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बात की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बहरीन के किंग और जनता को ईद-उल-फितर की बधाई दी है. पीएम मोदी ने लिखा, 'हमने पश्चिम एशियाई क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की. क्षेत्र में ऊर्जा और नागरिक अवसंरचना पर हुए हमलों की निंदा की और वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर उनके प्रतिकूल प्रभाव को रेखांकित किया. नौकायन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और जहाजरानी मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया. बहरीन में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए महामहिम को धन्यवाद दिया.'
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया है कि ईरानी खुफिया मंत्रालय के प्रमुख कमांडर मेहदी रस्तामी श'मस्तान मारे गए. IDF ने कहा कि श'मस्तान पूरी दुनिया में इजरायली और यहूदी नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों और हमलों को बढ़ावा देते थे. खुफिया मंत्रालय ईरानी आतंकवादी शासन का मुख्य खुफिया संगठन है और यह शासन के दमन और आतंक फैलाने वाले केंद्रीय तंत्रों में से एक के रूप में काम करता है.
ईरान जंग पर चीनी विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. चीनी प्रवक्ता ने कहा कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष लगातार बढ़ता और फैलता जा रहा है. इतिहास और वास्तविकता ने हमें बार-बार यह दिखाया है कि बल का प्रयोग कोई समाधान नहीं है और सशस्त्र संघर्ष केवल नई नफरत ही पैदा करेंगे.
संघर्ष में शामिल पक्षों को जल्द से जल्द सैन्य अभियान रोक देने चाहिए और स्थिति को और बिगड़ने से बचाना चाहिए. चीन लड़ाई को समाप्त करने और #MiddleEast में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए अपने मध्यस्थता प्रयासों को जारी रखेगा.
तेल अवीव एयरपोर्ट पर सायरन बजे हैं. ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागी हैं, जिनमें से कुछ तेल अवीव और अन्य शहरों में गिरी हैं. इजरायल का डिफेंस सिस्टम एक्टिव है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप का वीडियो शेयर करते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा कि हम उसूलों वाले हैं. ईरानी लोग बातचीत के दौरान अपने दुश्मनों पर छिपकर हमला नहीं करते. हम तभी ज़ोरदार जवाब देते हैं, जब हम पर हमला होता है.
हमारे पास इस बात की खुफिया जानकारी है कि इज़रायल हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने की योजना बना रहा है. एक बार फिर दोहराता हूं कि अगर हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो हम जरा भी संयम नहीं बरतेंगे.
ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में स्थित एक परमाणु पनडुब्बी बेस में घुसने की कोशिश करने वाले दो संदिग्ध ईरानी जासूसों को गिरफ्तार किया गया है. ये दोनों व्यक्ति सुविधा में प्रवेश करने से पहले ही पकड़े गए थे. इन दोनों व्यक्तियों पर ब्रिटेन में ईरानी खुफिया सेवा के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें उन्होंने लंदन के यहूदी समुदाय से जुड़े स्थानों और व्यक्तियों की निगरानी की थी. इनमें से एक व्यक्ति का नाम नेमतोल्लाह शाहसवानी है, जो एक ईरानी-ब्रिटिश नागरिक है, दूसरा अलीरेजा फरासती है, जो एक ईरानी नागरिक है.
ईरान युद्ध अब तक का सबसे खतरनाक ऊर्जा संकट है. यह इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है. उनका कहना है कि इस युद्ध से वैश्विक तेल बाजार में बड़ी गड़बड़ी हो सकती है, जिसे ठीक होने में छह महीने तक का समय लग सकता है. IEA ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं, जैसे कि घर से काम करना, हाईवे पर गति सीमा कम करना और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाना होगा.
बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिका के टॉप अफसरों में शामिल रहे डैनियल बेनैम का कहना है कि खाड़ी देश भारत को भविष्य की महाशक्ति के रूप में देखते हैं.
ईरान से जंग के बीच यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड ने डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है. स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को हथियारों का निर्यात रोक दिया है.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि मिडिल ईस्ट जंग के बीच अलग-अलग घटनाओंल 6 भारतीयों की मौत हुई है तो वहीं एक घायल हैं. MEA ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक 3 लाख लोग भारत आ चुके हैं. भारतीय दूतावास ने कहा कि रियाद में एक भारतीय की मौत हो गई.
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा, 'करीब 7500 कंज्यूमर LPG से PNG पर शिफ्ट हो गए हैं. जंग की वजह से हालात अभी भी चिंताजनक हैं, लेकिन हमारे डिस्ट्रीब्यूटर के यहां कोई ड्राई आउट की खबर नहीं है. ऑथेंटिकेशन कोड के ज़रिए डिलीवरी की जा रही है.'
इजरायल-ईरान युद्ध के बीच अल-अकसा मस्जिद को ईद अल-फितर की नमाज के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. इजरायली पुलिस ने मस्जिद के कंपाउंड और आसपास के इलाकों में जाने पर सख्त रोक लगा दी है. यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है, लेकिन फिलिस्तीनी लोग इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता पर बड़ा हमला मान रहे हैं. मिडिल ईस्ट आई की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अथॉरिटीज ने इस्लामिक वक्फ डिपार्टमेंट को सूचना दी है कि अल-अकसा मस्जिद ईद अल-फितर और उसके बाद भी बंद रहेगी.
फिलहाल मस्जिद में सिर्फ 25 वक्फ स्टाफ मेंबर्स को एक शिफ्ट में जाने की इजाजत है, वो भी बहुत सख्ती से. यह बंदिश 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई थी, जब इजरायल-US ने ईरान पर हमले शुरू किए थे. तब से अब तक करीब 18-20 दिन हो चुके हैं. रमजान के दौरान यह पहली बार है कि इतने लंबे समय तक अल-अकसा मस्जिद बंद रही. शुक्रवार की नमाज, तरावीह और लैलतुल कद्र जैसी खास रातों में भी हजारों मुसलमानों को मस्जिद में दाखिल होने नहीं दिया गया. लोग ओल्ड सिटी की दीवारों के बाहर सड़कों पर नमाज पढ़ने को मजबूर हुए, जहां पुलिस ने कई बार बल प्रयोग किया, स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
कतर एनर्जी के CEO और कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद अल-काबी ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में बताया कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए हमलों से देश की LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) एक्सपोर्ट क्षमता का करीब 17% हिस्सा प्रभावित हो गया है. इससे सालाना लगभग 20 अरब डॉलर का राजस्व नुकसान हो सकता है. हमलों में रास लाफान के दो LNG ट्रेन (जो गैस को लिक्विड बनाने वाली यूनिट्स हैं) और एक गैस-टू-लिक्विड (GTL) प्लांट को गंभीर क्षति पहुंची है. इनकी मरम्मत में 3 से 5 साल तक का समय लग सकता है, जिससे हर साल करीब 12.8 मिलियन टन LNG प्रोडक्शन बंद रहेगा.
रास लाफान दुनिया का सबसे बड़ा LNG प्रोडक्शन हब है, जहां से ग्लोबल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा आता है. कतर एनर्जी ने इन हमलों के बाद LNG और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन पूरी तरह रोक दिया है. साद अल-काबी ने कहा, 'मैंने अपने सबसे बुरे सपनों में भी नहीं सोचा था कि रमजान के महीने में किसी भाई मुस्लिम देश से कतर और इस क्षेत्र पर ऐसा हमला होगा.' उन्होंने बताया कि कंपनी को इटली, बेल्जियम, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को जाने वाली लॉन्ग-टर्म LNG सप्लाई पर फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ सकता है, यानी हमलों की वजह से तय मात्रा में गैस सप्लाई नहीं कर पाएंगे. फोर्स मेज्योर पहले भी घोषित किया जा चुका है, और यह अब 5 साल तक लागू रह सकता है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख स्पोक्सपर्सन ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है. ईरान पर हुए हमलों में नैनी मारे गए. IRGC के सभी आधिकारिक बयान और प्रोपगैंडा नैनी की मंजूरी के बाद ही जारी किए जाते थे. उन्हें IRGC की साइकोलॉजिकल वॉरफेयर और पब्लिक रिलेशंस टीम का प्रमुख माना जाता था.
ईरान के साथ चल रहे युद्ध और बढ़ते तनाव की वजह से भारत की सिविल एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने भारतीय एयरलाइंस को एक अर्जेंट सेफ्टी एडवाइजरी जारी की है. इसमें मिडिल ईस्ट और पर्शियन गल्फ के हवाई क्षेत्रों में उड़ान भरने से सख्ती से मना किया गया है. DGCA ने कहा है कि ये इलाके अब हाई-रिस्क जोन हैं, जहां सिविल एयरक्राफ्ट के लिए बड़ा खतरा है. यह एडवाइजरी यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) के कॉन्फ्लिक्ट जोन इंफॉर्मेशन बुलेटिन के आधार पर जारी की गई है.
ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में अमेरिका और इजरायल लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान की मिसाइल क्षमता लगभग खत्म हो गई है, लेकिन ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. IRGC ने कहा है कि युद्ध के दौरान भी मिसाइल प्रोडक्शन पूरी तरह जारी है, कोई कमी नहीं आई है और न ही उनकी मिसाइल ताकत घटी है. उन्होंने चेतावनी दी कि जितना आगे बढ़ेंगे, उतने ही ज्यादा आश्चर्य होंगे और लड़ाई और जटिल हो जाएगी.
IRGC के एक प्रवक्ता और एयरोस्पेस फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल माजिद मूसवी ने हाल ही में कहा कि ईरान ने पुरानी पीढ़ी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, लेकिन नई और एडवांस्ड जेनरेशन की मिसाइलें अभी इस्तेमाल नहीं की गई हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरान कम से कम 6 महीने की हाई-इंटेंसिटी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है. IRGC एडवाइजर इब्राहिम जब्बारी ने भी कहा कि ईरान के पास ऐसी एडवांस्ड मिसाइलें हैं जो अभी तक युद्ध में नहीं उतारी गई हैं, जिससे युद्ध लंबा खिंच सकता है.
ईरान के साथ चल रहे बड़े युद्ध के बीच इजरायल ने अब सीरिया में भी सक्रिय मोर्चा खोल दिया है. इजरायली सेना (IDF) ने गुरुवार को दक्षिणी सीरिया के स्वेइदा इलाके में सीरियन सरकार के सैन्य ठिकानों पर हमला किया. IDF का कहना है कि यह हमला स्वेइदा में द्रूज नागरिकों पर हुए हमलों के जवाब में किया गया, जहां सीरियन फोर्सेस और उनके साथी ग्रुप्स ने द्रूज़ आबादी पर अटैक किए थे. IDF ने बयान जारी करके कहा कि उन्होंने स्वेइदा क्षेत्र में सीरियन कमांड हेडक्वार्टर, टैंक्स, रॉकेट लॉन्चर्स और अन्य लड़ाकू उपकरणों को निशाना बनाया. ये हमले एयर स्ट्राइक्स के जरिए किए गए और IDF ने चेतावनी दी है कि अगर द्रूज पर खतरा जारी रहा तो हमले और तेज होंगे. इजरायली डिफेंस मिनिस्टर इजरायल काट्ज ने कहा कि दक्षिणी सीरिया को 'टेरर स्ट्रॉन्गहोल्ड' नहीं बनने दिया जाएगा और द्रूज़ की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा.
ईरान की नेशनल महिला फुटबॉल टीम को तेहरान में शानदार इस्तकबाल किया गया है. ऑस्ट्रेलिया में वुमेंस एशियन कप के दौरान हुए असाइलम ड्रामा के सिर्फ हफ्तों बाद टीम घर लौटी और अधिकारियों ने उन्हें 'देश की बेटियां' कहकर सम्मान दिया. हजारों लोग वलियास्र स्क्वायर में इकट्ठा हुए, जहां ईरानी झंडे लहराए गए, फूलों की मालाएं पहनाई गईं और टीम को ट्रॉफी जैसी चीजें देकर स्वागत किया गया.
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