US-Israel Iran War Highlights: इजरायल ने ईरान पर फिर की स्ट्राइक, तेहरान के कई इलाकों में हुए धमाके
Israel-US Iran War Highlights: मिडिल ईस्ट जंग का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. जंग में अबतक 2,428 मौतें हुईं हैं और नेतन्याहू ने ईरान की गैस फैसिलिटी पर हमले की अकेले जिम्मेदारी ली है.

बैकग्राउंड
मिडिल ईस्ट जंग का आज 21वां दिन है. अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर हमले (Israel Iran War) लगातार जारी हैं, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा...More
ईरानी सेना ने तेहरान के आसमान में एक अमेरिकी‑इज़रायली हथियारबंद ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराने की घोषणा की है. ड्रोन किसी भी लड़ाकू कार्रवाई को अंजाम देने से पहले ही नष्ट कर दिया गया, खबर तस्नीम समाचार एजेंसी ने दी. ईरानी सेना ने कहा, "हालिया युद्ध की शुरुआत से अब तक दुश्मन के 127 उन्नत ड्रोन को हमारे देश की वायु रक्षा ने निशाना बनाकर नष्ट किया है." इससे पहले, इज़रायली सेना ने तेहरान पर हमलों की नई लहर शुरू करने की बात कही थी. शहर के निवासियों ने शहर के पूर्व और पश्चिम दिशा में जोरदार धमाके सुनने की जानकारी दी.
इजरायल ने ईरान के खिलाफ नई लहर के हमले शुरू कर दिए हैं, जिसके चलते तेहरान प्रांत के माउंट दमावंद और पार्दिस इलाकों में कई भारी धमाकों की खबरें मिली हैं. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने तीन से चार जोरदार धमाके सुने. इससे ईरान की राजधानी के आसपास नए लक्ष्यों पर हमला किए जाने की आशंका बढ़ गई है.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने पूर्वी प्रांत (Eastern Province) में चार और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया. यह घोषणा कुछ ही घंटे पहले हुई थी, जब मंत्रालय ने रियाद (Riyadh) की ओर लॉन्च एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की जानकारी दी थी.
सऊदी अरब की रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने राजधानी रियाद की ओर तीन बैलिस्टिक मिसाइलों की लॉन्चिंग को ट्रैक किया. इनमें से एक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोक लिया गया, जबकि बाकी दो मिसाइलें बिना आबादी वाले इलाके में गिरीं. मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने ईरान की ओर से आने वाले छह ड्रोन को भी मार गिराया. ये ड्रोन सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र की ओर जा रहे थे, जो देश का कम आबादी वाला इलाका है और यहां बड़े तेल उद्योग स्थापित हैं. अभी तक किसी भी तरह के नुकसान या हताहत की खबर नहीं मिली है.
ईरान की सेना ने रविवार को अमेरिकी धमकियों के जवाब में क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे पर प्रतिशोध लेने की चेतावनी दी है. यह चेतावनी तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर हॉर्मुज जलसंधि को तुरंत खोलकर नौवहन के लिए सुरक्षित नहीं किया गया, तो वह ईरान के पावर प्लांट्स को "समाप्त" कर देंगे.
ईरान की सैन्य संचालन कमान खटम अल-अंबिया ने फ़ार्स समाचार एजेंसी के माध्यम से जारी बयान में कहा, "पिछली चेतावनियों के बाद, यदि ईरान के ईंधन और ऊर्जा ढांचे पर दुश्मन द्वारा हमला किया गया, तो क्षेत्र में अमेरिका और उसके समर्थक शासन के सभी ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और जल शोधन (desalination) ढांचे को निशाना बनाया जाएगा." यह बयान उस समय आया जब ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की चेतावनी दी थी कि वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलसंधि को फिर से नौवहन के लिए खोलें, जो मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के चलते प्रभावी रूप से बंद हो गई थी.
ईरान में पर्शियन न्यू ईयर से ठीक पहले हवाई हमले जारी हैं. राजधानी तेहरान के आसपास रात भर कई हमले हुए. यह ईरानी साल का आखिरी दिन है. रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के पूर्वी हिस्से से लेकर शहर के बीच तक करीब पांच हमले हुए. इनमें से एक हमला पारचिन सैन्य परिसर पर हुआ. यह भी बताया गया है कि शहर के बीच वाले इलाके में भी एक हमला हुआ, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. तेहरान के ऊपर कई बार एयर डिफेंस सिस्टम को भी सक्रिय किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि हवाई हमलों को रोकने की कोशिश की जा रही थी. इसी दौरान, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और सशस्त्र बलों ने दावा किया कि उन्होंने इजरायल पर कई चरणों में मिसाइल हमले किए हैं.
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध में आम नागरिकों की मौत का सिलसिला जारी है. ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (Iranian Red Crescent Society) ने बड़ा दावा किया है कि युद्ध शुरू होने से अब तक 204 से ज्यादा बच्चे मारे जा चुके हैं. इनमें 53 बच्चे 5 साल से कम उम्र के हैं. साथ ही दो गर्भवती महिलाओं की भी मौत हुई है. रेड क्रिसेंट ने कहा, 'जब बच्चे और गर्भवती मांएं निशाना बनती हैं, तो ये सिर्फ मिलिट्री घटना नहीं रह जाती. ये मानव गरिमा का गंभीर उल्लंघन है.'
संगठन ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, खासकर मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वो इन 'खुले उल्लंघनों' पर चुप न रहें. इस जंग में 18,000 से ज्यादा आम नागरिक घायल हुए हैं. 8 मार्च से अब तक एयर स्ट्राइक्स में 498 स्कूल, 251 मेडिकल सेंटर्स और 17 रेड क्रिसेंट सेंटर्स को नुकसान पहुंचा है. कुल मिलाकर 70,000 से ज्यादा सिविलियन यूनिट्स (घर, दुकानें आदि) क्षतिग्रस्त हुई हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है. IDF ने बताया कि पिछले 24 घंटों में इजरायली एयर फोर्स ने ईरान के पश्चिमी और मध्य इलाकों में 130 से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स पर हमला किया है. ये हमले ईरान के 'टेरर रिजीम' की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और डिफेंस सिस्टम को कमजोर करने के लिए किए गए हैं. IDF के आधिकारिक बयान के मुताबिक, इजरायली एयर फोर्स ने IDF की इंटेलिजेंस के आधार पर दर्जनों सॉर्टीज में ये हमले किए.
IDF ने कहा कि इजरायली एयर फोर्स अब भी ईरान के पश्चिमी और मध्य इलाकों में हमले जारी रखे हुए है. मकसद है इजरायल की तरफ आने वाली मिसाइल फायर को जितना हो सके कम करना और ईरान के ऊपर एरियल सुपीरियरिटी को और मजबूत करना. ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब मिडिल ईस्ट युद्ध अपने तीसरे हफ्ते में है. ईरान से लगातार मिसाइल और ड्रोन अटैक हो रहे हैं, जबकि इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान की मिसाइल प्रोडक्शन, स्टोरेज और लॉन्च साइट्स को निशाना बना रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से अब तक हजारों टारगेट्स पर हमले हो चुके हैं, जिसमें ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने समुद्री व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है. खाड़ी क्षेत्र में फंसे करीब 20,000 नाविकों (सीफेयर्स) की जान खतरे में है. इसी को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने बड़ा फैसला लिया है. IMO अब देशों के साथ बातचीत शुरू कर रही है ताकि एक सुरक्षित मानवीय समुद्री कॉरिडोर बनाया जा सके और फंसे हुए जहाजों-नाविकों को सुरक्षित निकाला जा सके.
IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने गुरुवार को तीन दिन चली विशेष बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बात कही. उन्होंने बताया कि IMO काउंसिल ने फैसला लिया है कि हाई-रिस्क इलाकों से मर्चेंट जहाजों को सुरक्षित जगहों पर निकालने के लिए एक फ्रेमवर्क बनाया जाएगा. ये कॉरिडोर स्वैच्छिक आधार पर होगा और इसका मकसद नाविकों की जान बचाना है. डोमिंगुएज ने कहा, 'मैं तुरंत तकनीकी, ऑपरेशनल और डिप्लोमैटिक बातचीत शुरू करने जा रहा हूं. सबसे पहले खाड़ी क्षेत्र के देशों से संपर्क होगा.' उन्होंने ये भी जोड़ा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में करीब 2,000 जहाज और 20,000 नाविक फंसे हुए हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक जहाजों पर हमलों में कम से कम 7 नाविक मारे जा चुके हैं और कई घायल हुए हैं.
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से भारत में प्राकृतिक गैस और तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है. इसी को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब देश की हर तेल और गैस कंपनी को Petroleum Planning & Analysis Cell (PPAC) को अपना पूरा डेटा देना पड़ेगा. कोई भी कंपनी इससे इनकार नहीं कर सकेगी, चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट. सरकार ने Essential Commodities Act 1955 की धारा 3 के तहत Petroleum and Natural Gas (Furnishing of Information) Order 2026 जारी किया है. इस आदेश में साफ कहा गया है कि कंपनियां अब ये बहाना नहीं चला सकेंगी कि जानकारी व्यावसायिक रूप से संवेदनशील है या प्राइवेट है. PPAC को रियल-टाइम डेटा मिलेगा, जिससे सरकार को देश के स्टॉक की सही तस्वीर पता चलेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा सकेंगे.
ऑस्ट्रेलिया की सरकार गैस निर्यात पर टैक्स लगाने पर विचार कर रही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने से देश में ईंधन महंगा हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के कार्यालय का कहना है कि ऊर्जा कंपनियों को ऊंची वैश्विक कीमतों का फायदा उठाकर घरेलू उपभोक्ताओं को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. ऑस्ट्रेलियाई ग्रीन्स पार्टी की नेता लरिसा वॉटर्स ने भी सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि वे गैस निर्यात पर कम से कम 25% टैक्स लगाने वाले कानून का समर्थन करेंगे. ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) निर्यातकों में से एक है, लेकिन वहां अन्य देशों की तुलना में बड़ी ऊर्जा कंपनियों पर कम टैक्स लगाया जाता है.
तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जब एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका और इजरायल के ड्रोन को निशाना बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश की. रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें गूंजीं. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई आने वाले ड्रोन हमलों को रोकने के लिए की गई, हालांकि नुकसान या हताहतों की अभी पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि अमेरिका के हमले और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता की हत्या अंतरराष्ट्रीय विवादों में एक नया और खतरनाक रुख दिखाते हैं, जो दुनिया की कानूनी व्यवस्था को कमजोर कर सकता है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट के खिलाफ मजबूती से खड़ा नहीं होता, तो इसका असर कई देशों पर पड़ेगा. पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि यह स्थिति आगे चलकर और बड़े संकट को जन्म दे सकती है.
UAE की राज्य सुरक्षा एजेंसी ने देश के अंदर सक्रिय एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और उससे जुड़े लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है. बताया गया कि यह नेटवर्क लेबनान के हिजबुल्लाह और ईरान से जुड़ा था. सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क फर्जी कारोबारी गतिविधियों की आड़ में काम कर रहा था और देश की अर्थव्यवस्था में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था. बयान में कहा गया कि यह नेटवर्क विदेशी सहयोगियों के साथ मिलकर पहले से बनाई गई योजना के तहत काम कर रहा था, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को फंडिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी गतिविधियां शामिल थीं. हालांकि, अधिकारियों ने गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या या उनकी राष्ट्रीयता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.
बहरीन की रक्षा बल ने बताया कि हाल के घंटों में उसने आने वाली 5 मिसाइलों को मार गिराया है. अलग बयान में रक्षा बल ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 139 मिसाइलें और 238 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया जा चुका है. बहरीन ने यह भी कहा कि नागरिक ठिकानों और निजी संपत्ति को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है.
इजरायली मीडिया के अनुसार, ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों के कारण इजरायल के मध्य हिस्सों में एयर रेड सायरन बजने लगे, जिसमें यरुशलम भी शामिल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो घंटों में इजरायली सेना ने तीन बार ईरान से आने वाली मिसाइलों का पता लगाया है. अन्य जानकारी के अनुसार, ऐसे हमलों के दौरान पूरे क्षेत्र में बार-बार सायरन बजाए जाते हैं ताकि लोग सुरक्षित जगहों पर जा सकें. हाल के दिनों में ईरान की ओर से लगातार मिसाइल हमलों के कारण इजरायल के कई हिस्सों में अलर्ट की स्थिति बनी हुई है.
अमेरिकी विमानन कंपनी लॉकहीड मार्टिन के शेयरों में भारी गिरावट आई है क्योंकि ईरान ने घोषणा की है कि उसने एक अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान पर सफलतापूर्वक हमला किया है. लॉकहीड मार्टिन पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ विमान एफ-35 का निर्माण करती है.
अमेरिका के वॉर डिपार्टमेंट की ओर से युद्ध को लेकर कहा गया है कि हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक मिशन पूरा नहीं हो जाता.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने युद्ध लड़ने के लिए कांग्रेस (संसद) से अतिरिक्त 200 बिलियन डॉलर की डिमांड पर कहा कि बुरे लोगों को मारने के लिए पैसे की जरूरत होती है.
NATO चीफ मार्क रूटे ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों को सही बताया. पिछले 20 दिनों में पहली बार नाटो ने ईरान की ताकत को कम करना जायज ठहराया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने X पर लिखा, 'मैंने फिर से दोहराया कि हम कतर के साथ एकजुटता से खड़े हैं और क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. मैंने भारतीय समुदाय को दी गई देखभाल और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की. हम होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के पक्षधर हैं.'
चीन हमेशा से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग का विरोध करता रहा है क्योंकि उसका मानना है कि ईरानी नेताओं की हत्या और नागरिकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है.
वर्तमान में, मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग भड़क रही है और फैल रही है और तनावपूर्ण स्थिति में और भी वृद्धि और विस्तार देखने को मिल रही है. युद्धविराम और युद्ध को यथाशीघ्र रोकना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा आकांक्षा का विषय है.
चीन इस मामले से जुड़े सभी पक्षों से आग्रह करता है कि वे सैन्य अभियान तुरंत रोकें, ताकि क्षेत्र को ऐसी स्थिति में न धकेला जाए जहां से लौटना असंभव हो.
ईरान रिवोल्यूशनरी कॉर्प्स गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि मध्य ईरान के आसमान में एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है. ईरान का कहना है कि हमले के बाद विमान का भविष्य अज्ञात है, लेकिन संभावना है कि वह गिर गया है.
इस घटना के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ईरान ने पहले भी अमेरिकी और इजरायली विमानों को मार गिराने का दावा किया है. ईरान के पास Bavar-373 नामक एक उन्नत वायु रक्षा प्रणाली है, जो F-35 जैसे स्टेल्थ लड़ाकू विमानों को निशाना बना सकती है.
इजरायल ने हाइफा में ईरान के हमले से संबंधित किसी भी फिल्मिंग या प्रकाशन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध सुरक्षा कारणों से लगाया गया है, ताकि ईरान को इजरायली सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी न मिल सके.
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है. उनका कहना है कि इससे जापान की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. खासकर तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि ये दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा है. इस बात पर हर देश मुझसे सहमत है. वहीं सेना भेजने को लेकर यूएस प्रेसिडेंट ने कहा कि मैं कहीं भी सेना नहीं भेज रहा हूं. अगर भेज भी रहा होता तो मैं आपको बिल्कुल नहीं बताता. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायु सेना खत्म हो चुकी है. उनके विमानरोधी उपकरण भी खत्म हो चुके हैं.
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने मिडिल ईस्ट में जंग और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर संयुक्त बयान जारी किया है. इसमें ईरान के हमलों की निंदा की गई है. ईरान को तत्काल कार्रवाई रोकने की अपील की गई है.
ईरान ने इजरायल की हाइफा रिफाइनरी पर हमला किया है. मिसाइल अटैक के बाद हाइफा रिफाइनरी से धुआं उठ रहा है. ये इजरायल की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण रिफाइनरी है, जो देश की लगभग 50-60% ईंधन (लगभग 60% डीज़ल, 50% गैसोलीन) की आपूर्ति करती है. इजरायल में सिर्फ दो ही रिफाइनरियां हैं.
अमेरिका की इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने कबूला कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका और इजरायल के उद्देश्य अलग-अलग हैं. गबार्ड ने कहा ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के युद्ध के लक्ष्य एक जैसे नहीं हैं. राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा निर्धारित उद्देश्य इजरायली सरकार द्वारा निर्धारित उद्देश्यों से भिन्न हैं. हम इन अभियानों से देख सकते हैं कि इजरायली सरकार का ध्यान ईरानी नेतृत्व को निष्क्रिय करने पर केंद्रित रहा है. जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प का उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण क्षमता, उत्पादन क्षमता और नौसेना को नष्ट करना है.
कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट को ईरानी मिसाइल हमले के बाद भारी नुकसान हुआ है. एलएनजी उत्पादन क्षमता का 17% हिस्सा पांच साल तक के लिए ठप हो गया है. कतर एनर्जी के सीईओ साद अल-काबी ने बताया कि एलएनजी उत्पादन क्षमता पांच साल तक ठप रहने से अनुमानित 20 अरब डॉलर का वार्षिक राजस्व नुकसान होगा और यूरोप और एशिया को आपूर्ति खतरे में पड़ेगी. इन अभूतपूर्व हमलों में कतर की 14 एलएनजी ट्रेनों में से दो और इसकी दो गैस-टू-लिक्विड (जीटीएल) सुविधाओं में से एक क्षतिग्रस्त हो गई है. मरम्मत कार्य के कारण तीन वर्षों तक प्रति वर्ष 12.8 मिलियन टन एलएनजी का उत्पादन बाधित रहेगा.
कतर में अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर लोगों को चेतावनी दी है कि 'खतरा टलने तक' वे अपने घरों और अन्य सुरक्षित स्थानों में रहें. ईरान लगातार खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग रहा है, जिसमें वो ऊर्जा और नागरिक ठिकानों पर भी हमले कर रहा है.
अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी भंडार से और अधिक तेल जारी कर सकता है क्योंकि वह अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध से उत्पन्न दीर्घकालिक ऊर्जा संकट को टालने की कोशिश कर रहा है.
यूरोपीय देश और जापान ने ज्वाइंट स्टेटमेंट में ऊर्जा सप्लाई को स्थिर रखने, जरूरत पड़ने पर तेल भंडार जारी करने और प्रभावित देशों की मदद करने की बात भी कही है. अंत में सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की अपील की गई है.
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया है. इसमें ईरान की ओर से मर्चेंट शिप, तेल-गैस ठिकानों पर नागरिक ढांचे पर हमले को बहुत गंभीर और निंदनीय बताया गया है. इन देशों ने ईरान से तुरंत हमले, धमकियां, माइन बिछाना और जहाजों का रास्ता रोकने की कार्रवाई को बंद करने के लिए कहा है. उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज को बंद करना पूरी दुनिया के लिए खतरा है.
ईरान की ओर से दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट को निशाना बनाए जाने के बाद यूरोपीय गैस की कीमतों में 35 फीसदी की उछाल आई. ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि अगर उनके देश पर फिर से हमला हुआ तो तेहरान संयम नहीं बरतेगा. उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी अपनी पूरी ताकत नहीं दिखाई है.
पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला-II को फोन पर ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया. पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है. भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के प्रति प्रतिबद्ध हैं. वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं.'
UAE एयर डिफेंस ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से निपट रही हैं. UAE ने अब तक 334 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज मिसाइल और 1,714 ड्रॉन्स को इंटरसेप्ट किया है.
यह हमले ईरान द्वारा किए जा रहे हैं, जो UAE के साथ-साथ अन्य मध्य पूर्वी देशों को भी निशाना बना रहा है UAE ने हाल ही में 13 बैलिस्टिक मिसाइल और 27 ड्रॉन्स को इंटरसेप्ट किया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 800 से अधिक भारतीय नागरिक ईरान छोड़कर आर्मेनिया और अजरबैजान होते हुए भारत आ रहे हैं. जो भारतीय नागरिक ईरान-अजरबैजान की सीमा पार करना चाहते हैं, उन्हें तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करना होगा.
होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की योजना बनाने में मदद के लिए ब्रिटिश आर्मी का एक दल फ्लोरिडा जा रहा है. तेल की बढ़ती कीमतों के बीच होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की योजना बनाने में मदद के लिए ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों को अमेरिका भेजा गया है. मिडिल ईस्ट में ऊर्जा सुविधाओं पर हमले तेज होने के कारण गुरुवार की रात को कीमतों में भारी उछाल आया, जिससे वैश्विक आपूर्ति में बड़ी बाधा आने की आशंका बढ़ गई है.
ईरान से जंग के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने नागरिकों से अपील की है कि अगर वो सुरक्षित रूप से सऊदी छोड़ सकते हैं तो इस पर विचार करें.
खाड़ी देशों में ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'भारत ने पहले भी इस क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों समेत नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने से बचने की अपील की थी. इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल ही में हुए हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और ये पूरी दुनिया के लिए पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अधिक अस्थिर कर रहे हैं. ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें बंद किया जाना चाहिए.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद सबसे शक्तिशाली हस्तियों में से एक बनकर उभरे अली लारीजानी की भी इजराइल ने हत्या कर दी. अब उनकी जगह पर ईरान के पूर्व रक्षा मंत्री हुसैन देहगान को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया गया है.
ईरान होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों पर टोल और कर लगाने पर विचार कर रहा है, यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है जहां से दुनिया के एक/पांचवें हिस्से का तेल और तरल गैस गुजरता है.
ईरान के सांसदों ने एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें कहा गया है कि अगर देश होर्मुज की खाड़ी का उपयोग सुरक्षित मार्ग के रूप में करना चाहते हैं तो उन्हें ईरान को टोल और टैक्स का भुगतान करना होगा.
ईरान के इस कदम को वैश्विक ऊर्जा बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है क्योंकि होर्मुज की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा चोकपॉइंट्स में से एक है. ईरान ने पहले ही कहा है कि वह अपनी ऊर्जा संरचना की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और अगर आवश्यक हुआ तो वह होर्मुज की खाड़ी को बंद कर सकता है.
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा है कि अमेरिका ने अपनी विदेश नीति पर नियंत्रण खो दिया है और वाशिंगटन की ओर से मस्कट को इस 'अवांछित जाल' से निकालने में मदद करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका दोनों के राष्ट्रीय हित इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने में हैं.
अलबुसैदी ने कहा कि अमेरिका के दोस्तों की जिम्मेदारी है कि वे सच बताएं और इस युद्ध को रोकने में मदद करें. उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध में न तो ईरान को फायदा है और न ही अमेरिका को, और यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त होना चाहिए.
यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से बताया गया है कि अमेरिकी नेवी होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमला करने वाले ईरानी नौसैनिक ठिकानों को खत्म कर रही हैं.
पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बात की और ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'हम इस बात पर सहमत हुए कि तनाव कम करने और उसके बाद शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देना आवश्यक है. हमने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत की निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की. भारत और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित और फ्रीी मूवमेंट के लिए प्रतिबद्ध हैं.'
पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बात की और ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'हम इस बात पर सहमत हुए कि तनाव कम करने और उसके बाद शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देना आवश्यक है. हमने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत की निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की. भारत और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित और फ्रीी मूवमेंट के लिए प्रतिबद्ध हैं.'
पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, 'हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद, डिप्लोमेसी के माध्यम से तनाव कम करने और शांति की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की. पीएम मोदी ने बताया, 'राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल जरूरत के साथ-साथ बातचीत और डिप्लोमेसी की ओर लौटने के बारे में बात की.'
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने ने बताया कि पैनिक होकर लोग जो एलपीजी की बुकिंग करते थे उसमें कमी आई है. उन्होंने कहा, 'जो भी राज्य सरकारें पीएनजी नेटवर्क के विस्तार में सहयोग करेंगी, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी दी जाएगी. पिछले दो हफ्तों में लगभग 1.25 लाख नए घरेलू, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कनेक्शन दिए गए हैं.'
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली हमले में दक्षिणी लेबनान का एक अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गया. अस्पताल की ओर से कहा कि इजरायली एयरस्ट्राइक में उसके कई वार्ड क्षतिग्रस्त हो गए और मरीजों, कर्मचारियों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हो रही है. अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन था और इससे मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सीधा खतरा था.
कतर के इंटीरियर मिनिस्ट्री ने बड़ी राहत की खबर दी है. रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में ईरानी मिसाइल हमलों से लगी आग अब पूरी तरह कंट्रोल में आ चुकी है. मिनिस्ट्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया कि सिविल डिफेंस टीमों ने सभी फायर को बुझा दिया है. कोई भी इंजरी या मौत की खबर नहीं है. अभी भी कूलिंग और साइट को सिक्योर करने का काम चल रहा है. कतर एनर्जी ने पहले कहा था कि हमलों से 'साइजेबल फायर' लगे और 'एक्सटेंसिव डैमेज' हुआ है. रास लाफान दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट फैसिलिटी है, जो ग्लोबल सप्लाई का बड़ा हिस्सा हैंडल करता है.
यूरोपीय संघ (EU) के नेता ब्रुसेल्स में इकट्ठा हो गए हैं. आज 19 मार्च 2026 से शुरू होने वाली यूरोपीयन काउंसिल मीटिंग से पहले वे अपनी-अपनी पॉलिटिकल ग्रुप्स में मिल रहे हैं. मीटिंग में मुख्य मुद्दे हैं- ईरान युद्ध का असर, आसमान छूती एनर्जी कीमतें, माइग्रेशन का खतरा और हंगरी द्वारा रोका गया यूक्रेन के लिए बड़ा लोन. EU लीडर्स 19-20 मार्च को होने वाली इस समिट में ईरान में चल रहे मिलिट्री एस्केलेशन पर बात करेंगे.
US और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद ईरान ने गल्फ देशों पर मिसाइल-ड्रोन अटैक किए, जिससे होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण रूट पर खतरा बढ़ गया है. इससे ऑयल और गैस की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं और यूरोप में एनर्जी क्राइसिस गहरा रहा है. कई लीडर्स ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट को सिक्योर करने के लिए मिलिट्री मदद मांग को ठुकरा दिया है.
स्पेन के विदेश मंत्री जोसे मैनुएल अल्बारेस ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर यूरोपीय संघ की तरफ से मजबूत रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को 'एकतरफा युद्ध' का विरोध करना चाहिए, जो 'हमारा युद्ध नहीं है' और जिसके बारे में यूरोपीय देशों को पहले से 'सूचित नहीं किया गया था.' अल्बारेस ने पोलिटिको को दिए इंटरव्यू और EU फॉरेन अफेयर्स काउंसिल में कहा कि ये संघर्ष इजरायल-US की तरफ से शुरू हुआ है, लेकिन अब इसका असर पूरी तरह यूरोप पर पड़ रहा है.
उन्होंने खास तौर पर बढ़ती ऊर्जा कीमतों की बात की, जो ईरान-इजरायल तनाव और खाड़ी में हमलों की वजह से आसमान छू रही हैं. यूरोप के नागरिक बिजली और गैस की महंगाई से परेशान हैं और नए माइग्रेशन क्राइसिस का खतरा भी मंडरा रहा है.
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने अब आसमान को भी असुरक्षित बना दिया है. यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है. एजेंसी ने यूरोपीय एयरलाइंस को सलाह दी है कि वो ईरान, इजरायल, सऊदी अरब, बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के हवाई क्षेत्र से पूरी तरह बचें. ये सलाह सभी ऊंचाइयों (ऑल अल्टीट्यूड) पर लागू है. EASA ने Conflict Zone Information Bulletin (CZIB 2026-03) जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद ईरान ने जवाबी हमले किए. इससे इलाके में मिसाइल, ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम और मिलिट्री एयरक्राफ्ट की गतिविधियां बहुत बढ़ गई हैं. इनकी वजह से सिविल फ्लाइट्स पर 'स्पिल-ओवर रिस्क', गलत पहचान, गलतफहमी या इंटरसेप्शन फेलियर का खतरा है.
EASA का कहना है कि ये जोखिम इतना ज्यादा है कि एयरलाइंस को इन देशों के हवाई क्षेत्र में बिल्कुल नहीं जाना चाहिए. ये बुलेटिन फरवरी 2026 के आखिर से जारी है और बार-बार एक्सटेंड किया जा रहा है. लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, ये मार्च 2026 के मध्य तक वैलिड है और स्थिति देखकर आगे फैसला होगा.
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने एक बड़ी घटना की जानकारी दी है. मिना अल-अहमदी रिफाइनरी में एक ऑपरेशनल यूनिट पर ड्रोन से हमला हुआ, जिससे वहां 'आग' लग गई. कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के मुताबिक, कंपनी ने कहा कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है. आग को 'सबसे ऊंचे सेफ्टी स्टैंडर्ड्स' के अनुसार जल्दी कंट्रोल कर लिया गया. मिना अल-अहमदी रिफाइनरी कुवैत सिटी से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. ये कुवैत की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण ऑयल रिफाइनरी में से एक है, जो देश के क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग का बड़ा हिस्सा हैंडल करती है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बड़ा डिप्लोमैटिक कदम उठाया गया है. कतर, अजरबैजान, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्किये और UAE के विदेश मंत्रियों ने रियाद में बुधवार (18 मार्च 2026) को एक आपातकालीन मीटिंग की. इसके बाद इन 12 देशों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें ईरान से 'तुरंत अपने हमले रोकने' की मांग की गई है. विदेश मंत्रियों ने कहा कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से GCC देशों, जॉर्डन, अजरबैजान और तुर्किये पर जानबूझकर हमले कर रहा है. ये हमले रिहायशी इलाकों, तेल सुविधाओं, डिसेलिनेशन प्लांट्स, एयरपोर्ट्स, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स और डिप्लोमैटिक मिशन्स को टारगेट कर रहे हैं. स्टेटमेंट में कहा गया कि ऐसे हमले किसी भी हाल में जायज नहीं हैं और ये अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं.
हांगकांग की कैथे पैसिफिक एयरलाइन ने दुबई और रियाद जाने वाली अपनी सभी फ्लाइट्स 30 अप्रैल तक बंद कर दी हैं. एयरलाइन ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात ठीक नहीं हैं, इसलिए यह फैसला लिया गया है. कंपनी ने यह भी कहा कि आगे और फ्लाइट्स में बदलाव हो सकता है. एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है.
इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव में नई बहस छिड़ गई है. पूर्व अमेरिकी राजदूत टू इजराइल डेन शापिरो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर जोरदार सवाल उठाए हैं, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि उन्हें इजरायल के ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी. 2011 से 2017 तक इजरायल में अमेरिका के राजदूत रह चुके शापिरो ने कहा कि ऐसा होना नामुमकिन है. उनके मुताबिक, इजरायल की सेना (IDF) इतना बड़ा और संवेदनशील हमला (खासकर दुनिया के सबसे बड़े नैचुरल गैस फील्ड पर, जो ईरान और कतर दोनों के साथ शेयर होता है) बिना अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को पहले से सूचित किए नहीं कर सकती. उन्होंने साफ कहा, 'ट्रम्प जो भी पोस्ट करें या कहें, लेकिन इस बात की जीरो चांस है कि IDF ऐसा हमला अकेले करे और अमेरिका को न बताए.'
अमेरिकी नौसेना ने मिडल ईस्ट में तैनात अपने सबसे बड़े और सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड को ग्रीस के सौदा बे नेवल बेस पर भेजने का आदेश दे दिया है. पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर बताया कि यह कदम मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए है. पिछले हफ्ते जहाज पर लॉन्ड्री एरिया में आग लग गई थी, जिसकी वजह से कुछ सैनिकों को नुकसान हुआ और अब जहाज को करीब एक हफ्ते के लिए ग्रीस भेजा जा रहा है ताकि मरम्मत की जा सके.
यह खबर ऐसे समय में आई है जब ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका हॉर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की कोशिश कर रहा है. ईरान ने इस स्ट्रेट में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं और तेल-गैस की सप्लाई लगभग बंद कर दी है. कई लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह आग असल में ईरानी हमले की वजह से लगी थी? क्या ईरान ने हॉर्मुज को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका के इस विशाल वॉरशिप को निशाना बनाया? हालांकि पेंटागन ने साफ कहा है कि आग नॉन-कॉम्बैट वजह से लगी थी और जहाज अभी भी पूरी तरह ऑपरेशनल है.
ईरान की सरकार ने जनवरी 2026 में हुए बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिस अधिकारियों की हत्या के मामले में तीन लोगों को फांसी दे दी है. अल जजीरा के मुताबिक, इन तीनों को अदालत ने दोषी करार दिया था और सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद फांसी की सजा को अमल में लाया गया.
ये प्रदर्शन दिसंबर 2025 के आखिर से शुरू हुए थे और जनवरी में पूरे देश में फैल गए थे. इनमें भारी हिंसा हुई, जिसमें हजारों लोग मारे गए. ईरान की सरकारी मीडिया और मार्टर्स फाउंडेशन के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान कुल 3,117 लोगों की मौत हुई. इसमें 2,427 नागरिक और सुरक्षा बल के जवान शामिल थे. सरकार का कहना है कि ये मौतें 'आतंकवादियों' और विदेशी साजिश की वजह से हुईं.
अमेरिका में सुरक्षा की चिंता एकदम बढ़ गई है. सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो और डिफेंस सेक्रेटरी पेट हेगसेथ के घर के पास एक आर्मी बेस के ऊपर अनजान ड्रोन उड़ते पकड़े गए हैं. ये बेस वाशिंगटन में है और वहां दोनों बड़े नेता रहते हैं. तीन सूत्रों ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक अमेरिकी अधिकारी इन ड्रोन्स की तहकीकात कर रहे हैं, लेकिन अभी तक ये पता नहीं चल पाया कि ये ड्रोन कहां से आए थे. ये घटना पिछले 10 दिनों में एक रात में कई ड्रोनों को देखने के बाद हुई. इसके बाद पूरे देश के कई मिलिट्री बेस पर लॉकडाउन लगा दिया गया है. साथ ही विदेशों में अमेरिकी दूतावासों के लिए ग्लोबल सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है. अधिकारी डर रहे हैं कि ईरान की तरफ से बदला अमेरिकी जमीन पर भी हो सकता है, खासकर टॉप नेताओं पर.
अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर (DNI) तुलसी गबार्ड ने सीनेट इंटेलिजेंस कमिटी के सामने साफ कहा है कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर एनरिचमेंट प्रोग्राम फिर से शुरू नहीं किया है. उन्होंने लिखित बयान में बताया कि पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर सुविधाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया गया था. उसके बाद से अब तक ईरान ने इसे दोबारा बनाने की कोई कोशिश नहीं की है. हमलों से सुविधाओं के प्रवेश द्वार को कंक्रीट से बंद कर दिया गया है.
यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दोहराए गए दावों से अलग है. ट्रंप ने युद्ध को जस्टिफाई करते हुए कहा है कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम बड़ा खतरा था और वह 'इमिनेंट थ्रेट' बन चुका था, इसलिए अमेरिका और इजरायल को कार्रवाई करनी पड़ी. गबार्ड ने सीनेट हियरिंग में कहा कि इंटेलिजेंस कम्युनिटी का आकलन है कि ईरान 2025 के हमलों के बाद अपनी न्यूक्लियर क्षमता को रिकवर करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कोई नई एनरिचमेंट एक्टिविटी नहीं शुरू की.
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा है कि देश की महिला फुटबॉल टीम की जो खिलाड़ियां ऑस्ट्रेलिया से वापस लौट रही हैं, उनका जनता खुलकर स्वागत करेगी. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ये खिलाड़ियां और सपोर्ट स्टाफ इस देश की लाड़लियां हैं और ईरान की जनता उन्हें गले लगाएगी. यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ईरान की महिला फुटबॉल टीम ऑस्ट्रेलिया में महिला एशियन कप के उद्घाटन मैच में साउथ कोरिया के खिलाफ राष्ट्रगान गाने से इनकार कर गई. टीम ने साइलेंट प्रोटेस्ट किया, जिसके बाद ईरान में उन्हें देशद्रोही करार दिया गया और राज्य मीडिया ने कड़ी आलोचना की. कुछ कमेंटेटर्स ने इसे युद्ध के समय में बड़ा विश्वासघात बताया.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के रास्ते प्रभावित होने के कारण पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर नजर रखने के लिए एक नया टास्कफोर्स बनाया है. इस टास्कफोर्स की कमान एंथिया हैरिस को सौंपी गई है, जो पहले ऑस्ट्रेलियन एनर्जी रेगुलेटर (AER) की CEO रह चुकी हैं. प्रधानमंत्री अल्बानीज ने होबार्ट में नेशनल कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश में अभी पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सुरक्षित है, लेकिन सरकार पहले से तैयारी कर रही है ताकि अगर मिडिल ईस्ट का संघर्ष लंबा चला तो कोई परेशानी न हो. उन्होंने कहा, 'हम ओवर-प्रिपेयर्ड रहना चाहते हैं. सबसे अच्छा नतीजा यही होगा कि हम पहले से ज्यादा तैयार रहें.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि इजरायल ईरान के दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर कोई और हमला नहीं करेगा. ट्रंप ने इजरायल के इस हमले की आलोचना भी की और कहा कि इजरायल गुस्से में आकर यह कदम उठाया, जिसमें सिर्फ एक छोटे हिस्से को ही नुकसान पहुंचा. ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा कि अमेरिका को इस हमले की कोई पहले से जानकारी नहीं थी. उन्होंने यह भी साफ किया कि कतर का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं था. ट्रंप ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान कतर पर फिर से हमला करता है, तो अमेरिका साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह कर देगा. उन्होंने लिखा, 'मैं इतना बड़ा विनाश नहीं चाहता क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर लंबा असर पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के LNG ठिकानों पर फिर हमला हुआ तो मैं झिझक नहीं करूंगा.'
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने पेंटागन द्वारा ईरान युद्ध के लिए मांगे गए 200 अरब डॉलर से ज्यादा के अतिरिक्त बजट का खुलकर विरोध कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि वे इस प्रस्ताव पर कतई वोट नहीं करेंगे. सीनेटर वैन होलेन ने कहा, 'यह एक अनचाहा युद्ध है जिसे अमेरिकी लोग नहीं चाहते. इससे हमारी सुरक्षा बढ़ नहीं रही, बल्कि कम हो रही है, इसलिए इसमें एक डॉलर भी खर्च नहीं होना चाहिए.'
पेंटागन ने व्हाइट हाउस से 200 बिलियन डॉलर से अधिक का सप्लीमेंटल बजट मंजूर करने की मांग की है. यह पैसा ईरान के साथ चल रहे युद्ध को फंड करने, हथियारों का स्टॉक बढ़ाने और उत्पादन तेज करने के लिए चाहिए. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद अब तक अमेरिका पर इसकी लागत 11 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है. कुछ रिपोर्ट्स में रोजाना करीब 1 बिलियन डॉलर खर्च होने की भी बात कही जा रही है.
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने व्हाइट हाउस से 200 बिलियन डॉलर से अधिक राशि का अतिरिक्त बजट मंजूर करने की मांग की है. यह पैसा ईरान के साथ चल रहे युद्ध को फंड करने और हथियारों का तेजी से उत्पादन बढ़ाने के लिए चाहिए. द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन यह बड़ा प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस के पास भेजने की तैयारी कर रहा है. यह राशि पिछले तीन हफ्तों में हुए हमलों से कहीं ज्यादा है और मुख्य रूप से उन महंगे हथियारों को जल्दी से दोबारा बनाने पर खर्च होगी, जिनका इस्तेमाल अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हजारों टारगेट्स पर हमले करते हुए किया है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि युद्ध शुरू होने के बाद अब तक अमेरिका पर इसकी लागत 11 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है. सिर्फ पहले हफ्ते में ही खर्च 11.3 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया था. शुरुआती दो दिनों में अकेले हथियारों पर 5.6 बिलियन डॉलर खर्च हो गए थे.
गुरुवार की सुबह इजरायल के तेल अवीव में ईरान की मिसाइल हमले से एक इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमारत में कई लोग फंस गए हैं. एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, बचाव कार्य जोरों पर चल रहा है. इजरायली सेना ने बताया कि बुधवार देर रात ईरान की तरफ से मिसाइलों की एक नई लहर दागी गई. एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ हिस्सों में प्रभाव हुआ. स्थानीय मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों ने आसमान में तेज चमक और जोरदार धमाकों की बात कही.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने हबशन गैस सुविधा और बाब ऑयलफील्ड पर हुए हमलों को खतरनाक बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. मंत्रालय ने कहा कि यूएई अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है. साथ ही, यह भी बताया गया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने हमलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया और कोई हताहत नहीं हुआ. मंत्रालय ने जोर दिया कि ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए सीधा खतरा है.
इजरायल के मध्य हिस्सों में बुधवार को जोर-जोर से धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. पूरे इलाके में एयर रेड सायरन बजने लगे और लोग जल्दी से शेल्टर की तरफ भागे. इजरायली सेना (IDF) ने बताया कि ईरान की तरफ से बैलिस्टिक मिसाइलों की एक नई खेप (नई वेव) दागी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय लोगों के मुताबिक, आसमान में तेज चमक (फ्लैश) दिखाई दी और कई जगहों पर बड़े विस्फोट हुए. ये इंटरसेप्शन (मिसाइलों को बीच में रोकना) और कुछ मिसाइलों के प्रभाव के संकेत थे. कुछ इलाकों में क्लस्टर मुनिशन के इस्तेमाल की भी खबरें आ रही हैं, जिससे कई जगहों पर आग लगी और नुकसान हुआ.
यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, UAE के खौर फक्कान से करीब 11 नॉटिकल मील दूर एक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई. एजेंसी ने जहाजों को सलाह दी है कि वे सावधानी से यात्रा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें. फिलहाल, अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं. गौरतलब है कि ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि वह अमेरिका और इज़रायल से जुड़े जहाजों को निशाना बना सकता है, खासकर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे अहम व्यापारिक मार्ग पर.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल-सऊद ने कहा कि ईरान के पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए दिए जा रहे तर्क भरोसेमंद नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान नागरिक ठिकानों पर हमले जारी रख रहा है और यह कहना कि ये हमले अमेरिकी सैन्य ठिकानों की वजह से हैं, सही नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि इन हमलों के परिणाम होंगे और इससे ईरान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग स्थिति और बढ़ेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान पड़ोसी देशों के साथ संवाद में विश्वास नहीं करता और समुद्री रास्तों की सुरक्षा को खतरा होने पर सामूहिक कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने यह भी बताया कि रियाद में हुई बैठक में सभी विदेश मंत्रियों ने सहमति जताई कि ईरान को अपने सहयोगी समूहों (प्रॉक्सी) को समर्थन तुरंत बंद करना चाहिए.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल-सऊद ने कहा कि ईरान पर भरोसा अब पूरी तरह खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों पर ईरान के हमले पहले से सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थे और मौजूदा घटनाएं इसे साबित करती हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान इस संदेश को समझेगा, अपने फैसलों पर दोबारा विचार करेगा और पड़ोसी देशों पर हमले बंद करेगा.
ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर हमला होने के बाद ईरान ने सऊदी अरब और कतर को धमकी दी है. तेहरान ने सऊदी, यूएई और कतर के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. पार्स गैस फील्ड दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार का हिस्सा है, जिसे ईरान कतर के साथ शेयर करता है.
इजरायली सेना ने एएफपी को बताया कि ईरानी मिसाइल हमले के बाद बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मलबा गिरा है. इजरायली मीडिया ने बताया कि तेल अवीव के पास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खड़े निजी विमानों को नुकसान पहुंचा है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित पांच ऑयल प्लांट के पास रहने वाले लोगों के लिए वहां से निकलने की चेतावनी जारी की. ईरानी सरकारी मीडिया ने निवासियों से इन क्षेत्रों को खाली करने का आग्रह करते हुए कहा, 'बिना किसी देरी के इन क्षेत्रों को तुरंत छोड़ दें और सुरक्षित दूरी पर चले जाएं.'
इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने रमत गान में ईरानी मिसाइल हमले वाली जगह को दौरा किया. उन्होंने कहा, 'रमत गान पर बमबारी पहली बार नहीं हुई है. छह महीने पहले, नौ महीने पहले और यहां तक कि 40 साल पहले भी यहां बमबारी हुई थी. कल रात ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल से निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई. यही इस लड़ाई की असली परीक्षा है. हमारे सामने बुराई का एक साम्राज्य है जिसके सभी एजेंट तेहरान से संचालित होते हैं. ईरान के लोगों को जागना होगा और अपनी मांगें रखनी होंगी.'
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने बुधवार को ईरान से दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 यूएवी (ड्रोन) को निष्क्रिय किया. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'ईरानी आक्रामकता की शुरुआत से अब तक यूएई की वायु रक्षा ने 327 बैलिस्टिक मिसाइलों, 15 क्रूज मिसाइलों और 1,699 यूएवी को रोका है. इन हमलों में राष्ट्रीय कर्तव्य निभाते हुए सशस्त्र बलों के दो जवान शहीद हो गए. साथ ही पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के छह नागरिकों की भी मौत हुई है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, 'हम संप्रभु और स्वतंत्र ईरान के साथ-साथ अन्य देशों के नेतृत्व से जुड़े सदस्यों की सेहत को नुकसान पहुंचाने या उनकी हत्या करने अथवा उन्हें खत्म करने के उद्देश्य से की गई किसी भी कार्रवाई की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं. हम ऐसी कार्रवाइयों की भर्त्सना करते हैं.' पेस्कोव ने कहा कि किसी संप्रभु देश के नेताओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने ऐसे हमलों को अस्वीकार्य बताया और तत्काल संघर्ष रोकने और बातचीत शुरू करने की अपील की.
रूस ने यूएस-इजरायल के ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमले की निंदा की है. क्रेमलिन का मानना है कि ये मौत नहीं शीर्ष नेताओं की हत्या है जो निंदनीय है. यह बयान ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी की एयरस्ट्राइक में मौत के बाद आया.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत के प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद से फोन पर बात की. दोनों नेताओं के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बहाल करने को लेकर भी चर्चा हुई.
ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब की मौत के बाद तेहरान ने इजरायल को चेतावनी दी है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा कि वे युद्ध में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल करेंगे जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया है. उन्होंने कहा, 'ईरान अपनी रक्षा के लिए और दुश्मनों को जवाब देने के लिए तैयार है. हमारे पास हाइपरसोनिक मिसाइल और कई एडवांस हथियार हैं, जो अब जंग में इस्तेमाल किए जाएंगे.'
ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की अंतिम विदाई में तेहरान में भारी संख्या में लोग पहुंचे. इस अंतिम यात्रा में IRIS डेना हादसे में मारे गए नाविकों के साथ-साथ लारीजानी के बेटे और कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी को भी श्रद्धांजलि दी गई.
इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि आईडीएफ को ईरान में हमला करने के लिए अब सरकार के इजाजत की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मैंने सेना को ईरानी अधिकारियों की हत्या करने की अनुमति दे दी है. यह निर्णय ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खतीब की हत्या के बाद आया है.
इजरायल के रक्षा मंत्री बुधवार (18 मार्च 2026) दावा किया है कि IDF ने ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब को मार दिया है. उन्होंने कहा कि खतीब को रात भर चले हमले में मार गिराया गया.
सरकार का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित हैं. पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा, 'कल OMCs ने LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स पर 2300 से ज्यादा सरप्राइज इंस्पेक्शन किए.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली एक मिसाइल खतरे से निपट रही है. यह जानकारी ऐसे समय में आई जब दुबई और देश के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी. स्थानीय लोगों ने रात और सुबह के समय ये आवाजें सुनीं, जिससे कुछ देर के लिए दहशत फैल गई. UAE के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि जो आवाजें सुनी गईं, वे मिसाइलों या ड्रोन के सीधे हमले की नहीं थीं, बल्कि ये देश की एयर डिफेंस सिस्टम के ईरान से लॉन्च किए गए मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोकने की आवाजें थीं. मंत्रालय ने कहा कि खतरा सफलतापूर्वक डील कर लिया गया है और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
ईरान ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को सूली पर टांग दिया है. ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने बताया कि आरोपी ने देश के संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें और महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी मोसाद को भेजी थी. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस शख्स को जून 2025 में सवजबलाघ शहर से गिरफ्तार किया गया था. उस समय ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन का युद्ध चल रहा था. ईरानी अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को स्वीडन में ऑनलाइन भर्ती किया गया था. मोसाद ने एक ट्रैवल लिंक के जरिए उससे संपर्क किया और उसे जासूसी करने के लिए तैयार किया. गिरफ्तारी के बाद उसे जासूसी और देशद्रोह का दोषी ठहराया गया और फांसी की सजा सुनाई गई, जिसे हाल में लागू कर दिया गया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी में बढ़े तनाव के बीच भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर 'जग लाडकी' सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंच गया है. यह टैंकर UAE के फुजैराह बंदरगाह से 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है. भारतीय नौसेना की सुरक्षा में यह जहाज पूरा रूट तय करके मुंद्रा पहुंचा. 'जग लाडकी' भारतीय शिपिंग कंपनी का जहाज है और इसमें भारतीय झंडा लगा हुआ है. हाल के दिनों में ईरान ने गल्फ क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ने के बाद भारतीय नौसेना ने अपने झंडे वाले सभी तेल टैंकरों और LPG कैरियर को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब तनावपूर्ण इलाके में भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और मजबूती दिखाई है. भारतीय LPG कैरियर और ऑयल टैंकरों को सुरक्षा मुहैया कराने के दौरान भारतीय युद्धपोत के ऊपर 26 हजार फीट की ऊंचाई पर एक ‘हॉस्टाइल’ एयरक्राफ्ट उड़ान भरता दिखा. जहाज के कैप्टन ने तुरंत रेडियो पर कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की. उन्होंने साफ कहा कि विमान करीब न आए और एक निश्चित दूरी बनाए रखे, वरना उचित कार्रवाई की जाएगी. चेतावनी मिलते ही वह एयरक्राफ्ट अपना रास्ता बदलकर चला गया.
इजरायल में एक और कठिन रात गुजरी है. ईरान ने फिर से बैलिस्टिक मिसाइलों और क्लस्टर मुनिशन की बौछार कर दी, जिससे तेल अवीव के बहुत करीब दो इजरायली नागरिकों की मौत हो गई. इस हमले में एक अपार्टमेंट में सीधा निशाना लगा. गवाहों ने बताया कि मिसाइल के प्रभाव से दीवार में बड़ा छेद हो गया. मरने वाले दोनों बुजुर्ग थे और उनके पास सेफ रूम था, लेकिन सायरन इतनी देर से बजे कि उन्हें जाने का समय ही नहीं मिला. अब इजरायल में सवाल उठ रहे हैं कि चेतावनी सिस्टम इतना देर से क्यों सक्रिय होता है? कई लोग पूछ रहे हैं कि ईरान से मिसाइल लॉन्च होने के बाद भी सायरन समय पर क्यों नहीं बज रहे, जिससे लोग सुरक्षित जगह पर पहुंच सकें. यह मुद्दा पहले भी उठ चुका है. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के लगातार मिसाइल हमलों से इजरायली रडार और वॉर्निंग सिस्टम की क्षमता प्रभावित हुई है. अब उन्हें मिसाइलों को लॉन्च होते ही सटीक समय पर डिटेक्ट करने में दिक्कत हो रही है.
ईरान ने सेंट्रल इजरायल पर एक नई बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है. इस हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मिसाइल हवा में टूटती हुई दिख रही है और कई छोटे-छोटे हिस्से अलग होकर नीचे गिर रहे हैं. इजरायली अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मिसाइल क्लस्टर वॉरहेड से लैस थी. क्लस्टर बम वाली मिसाइल हवा में फटकर दर्जनों छोटे-छोटे बम छोड़ देती है, जो बड़े इलाके में फैलकर विस्फोट करते हैं. इससे इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम (आयरन डोम) को चकमा देना आसान हो जाता है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि मिसाइल कई छोटे टुकड़ों में बंट गई और वे अलग-अलग जगहों पर गिरकर धमाके हुए.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब पूरी दुनिया पर पड़ेगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस जंग का असर अभी शुरू हुआ है और धीरे-धीरे हर देश पर पड़ेगा, चाहे वह अमीर हो या गरीब. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप और अमेरिका के कुछ नेता इस जंग को गलत बता रहे हैं और बाकी देशों को भी इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया है. जो केंट ने अपना इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक रूप से शेयर किया, जो उन्होंने सीधे राष्ट्रपति ट्रंप को भेजा था. यह इस्तीफा प्रशासन के अंदर ईरान युद्ध को लेकर पहला बड़ा सार्वजनिक मतभेद माना जा रहा है. अपने इस्तीफा पत्र में जो केंट ने साफ लिखा, 'बहुत सोच-विचार के बाद मैंने फैसला किया है कि आज से मैं नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे रहा हूं. मैं अच्छे विवेक से इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता. ईरान हमारे देश के लिए कोई तत्काल या आसन्न खतरा नहीं था. यह साफ है कि हमने यह युद्ध इजरायल और उसके शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया है.'
ईरान ने एक और व्यक्ति को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में फांसी की सजा दे दी है. मृतक की पहचान कुरोश कीवानी के रूप में हुई है. ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी मिजान ने इसकी पुष्टि की. मिजान न्यूज के अनुसार, कुरोश कीवानी पर आरोप था कि उन्होंने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें और गोपनीय जानकारी दी. इनमें सैन्य, सुरक्षा और रणनीतिक महत्व की जगहें शामिल बताई जा रही हैं. कोर्ट ने उन्हें जासूसी और देशद्रोह का दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई, जिसे हाल ही में लागू कर दिया गया.
कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कतर की सशस्त्र सेना ने एक मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक रोक लिया है. यह हमला कतर की तरफ किया गया था. मंत्रालय ने X पर पोस्ट करके कहा कि सशस्त्र बलों ने मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया. हमले को रोकने के बाद दोहा और आसपास के इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी. राष्ट्रीय अलर्ट सिस्टम ने लोगों को सुरक्षा खतरे की चेतावनी भी जारी की थी. अधिकारियों के मुताबिक, मिसाइल के टुकड़ों से एक इंडस्ट्रियल एरिया में छोटी आग लग गई, जिसे सिविल डिफेंस की टीमों ने काबू में कर लिया. किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है. बाद में मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा खतरा समाप्त हो गया है और स्थिति सामान्य हो गई है.
लेबनान की स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार देर रात इजरायल ने सेंट्रल बेरूत पर दो हवाई हमले किए. इन हमलों में कम से कम 6 लोग मारे गए और 24 लोग घायल हो गए. हमले जुक्काक अल-ब्लात और बस्ता इलाके में हुए. ये दोनों जगहें बेरूत के बीचों-बीच आवासीय इलाके हैं. इजरायली विमानों ने बिना किसी पहले से चेतावनी दिए इन इलाकों में मिसाइलें दागीं. हमलों का निशाना कुछ अपार्टमेंट बिल्डिंग्स थे, जिनमें आम नागरिक रहते हैं. लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, मरने वालों और घायलों में महिलाएं और बच्चे भी हो सकते हैं, हालांकि अभी सटीक डिटेल्स नहीं आई हैं. घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई जगहों पर बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के ठिकानों पर हमले किए हैं. IDF ने इन हमलों का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें मिसाइलों और ड्रोन से बसीज के पोस्ट्स और चेकपॉइंट्स को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है. इससे पहले कल इजरायली हमले में बसीज फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल घोलामरेजा सुलेमानी की मौत हो गई थी. ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी है. सुलेमानी 2019 से बसीज फोर्स के कमांडर थे और ईरान की आंतरिक सुरक्षा में बहुत अहम भूमिका निभाते थे.
सऊदी अरब आज शाम को रियाद में अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक करेगा. सऊदी विदेश मंत्रालय ने X पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी. मंत्रालय के मुताबिक, यह बैठक 'क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के तरीकों पर परामर्श और समन्वय' करने के लिए बुलाई गई है. इसमें अरब और इस्लामिक देशों के एक समूह के विदेश मंत्री शामिल होंगे. यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है. पिछले कुछ हफ्तों में ईरान ने कई गल्फ देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इन हमलों के बाद गल्फ देशों में चिंता बढ़ गई है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है.
इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी को मार गिराने का दावा किया है. इसके साथ ही उनके बेटे मुर्तजा लारीजानी और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष या ऑफिस हेड अली रेजा बियात की भी मौत हो गई. ईरान ने भी इन मौतों की पुष्टि कर दी है. लरीजानी ईरान के बहुत प्रभावशाली नेता थे. सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद वो देश की सुरक्षा नीति और बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभा रहे थे. कई लोग उन्हें हाल के हफ्तों में ईरान का डी-फैक्टो लीडर मान रहे थे. इजरायल उन्हें 'ईरान चलाने वाली गिरोह का बॉस' बता रहा है.
ईरान के बूशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के परिसर में मंगलवार शाम एक मिसाइल (प्रोजेक्टाइल) गिरने की घटना हुई है. ईरान ने खुद इसकी सूचना अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को दी है. IAEA के मुताबिक, प्लांट की इमारतों या उसके मुख्य हिस्से को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही किसी स्टाफ सदस्य को चोट आई है. यह हमला प्लांट के ठीक परिसर में हुआ, लेकिन न्यूक्लियर रिएक्टर या संवेदनशील हिस्सों पर सीधा असर नहीं पड़ा. बूशहर प्लांट ईरान का एकमात्र चल रहा कमर्शियल न्यूक्लियर पावर प्लांट है. यह फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है और रूस की मदद से बना है. यहां रूस का बना रिएक्टर लगाया गया है, जो देश की बिजली उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
ईरान के टॉप सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि लारीजानी जैसी बड़ी शख्सियत की मौत से ईरान की सरकार या सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अराघची ने कहा, 'मुझे समझ में नहीं आता कि अमेरिका और इजरायल अभी तक ये बात क्यों नहीं समझ पाए. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का राजनीतिक ढांचा बहुत मजबूत है. यहां राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थान अच्छे से कायम हैं.'
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में पैदा हुई मौजूदा स्थिति के लिए अमेरिका जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि क्षेत्र के कई दोस्त देशों और वहां के लोगों को इस संघर्ष से नुकसान हुआ है. इसी वजह से ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने क्षेत्र के लोगों से माफी भी मांगी थी. अराघची ने कहा कि अमेरिका के हमले और उसके जवाब में ईरान की कार्रवाई के कारण क्षेत्र के अन्य देश प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने कहा, 'हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया, हम सिर्फ अपनी रक्षा कर रहे हैं.'
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि तेल अवीव पर किया गया हमला अली लारीजानी की हत्या का बदला था. फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार IRGC ने दावा किया कि उसकी मिसाइलों ने इजरायल के कब्जे वाले इलाकों के अंदर 100 से ज्यादा सैन्य और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया. IRGC ने यह भी कहा कि यह हमला इसलिए संभव हुआ क्योंकि इजरायल की बहु-स्तरीय और उन्नत रक्षा प्रणाली को पार कर लिया गया. इससे पहले इजरायल की आपातकालीन सेवाओं ने बताया था कि तेल अवीव में गिरने वाले छर्रों से एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई.
इजरायली मीडिया के मुताबिक, ईरान के ताजा मिसाइल हमले के बाद मध्य इजरायल के कफर कासेम शहर में कम से कम चार जगहों पर मिसाइल गिरीं. चैनल 12 की रिपोर्ट में कहा गया कि इन हमलों से काफी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है. एक जगह पर दो लोगों को घबराहट और सदमे की स्थिति में इलाज दिया गया. इससे पहले खबर आई थी कि पास के रमत गन इलाके में छर्रे लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी.
ईरान ने UAE और दूसरे गल्फ देशों पर हमला करके बड़ी चूक कर दी. इससे इन देशों के इजरायल और अमेरिका के साथ रिश्ते और मजबूत हो गए हैं. UAE के राष्ट्रपति के सीनियर एडवाइजर डॉ. अनवर गर्गाश ने ये साफ कहा कि ईरान की इस रणनीति ने उल्टा असर दिखाया है. ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में गर्गाश ने बताया, 'ईरान ने गलत अनुमान लगाया. उसने UAE और दूसरे गल्फ देशों पर हमले किए, लेकिन इसका नतीजा ये निकला कि ये देश इजरायल और अमेरिका के ज्यादा करीब आ गए.' उन्होंने कहा कि ये हमले दिखाते हैं कि इलाका ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और मिसाइल प्रोग्राम को बर्दाश्त नहीं कर सकता.
इराक की राजधानी बगदाद में एक और धमाके की आवाज सुनी गई. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमाका ऐसे समय हुआ है जब शहर के कड़े सुरक्षा वाले ग्रीन जोन इलाके में स्थित अमेरिकी दूतावास को ड्रोन और रॉकेट से निशाना बनाए जाने की खबरें आ रही हैं. इस दौरान बगदाद में अमेरिकी दूतावास आग लग गई है.
कुवैत की सेना के मुताबिक, देश का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिया गया है और वह दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है. सेना का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनी गई तेज धमाकों की आवाजें कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम से मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही मार गिराने की कार्रवाई की वजह से थीं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, 'हमारे ज्यादातर NATO एलाइज ने यूनाइटेड स्टेट्स को बताया है कि वे मिडिल ईस्ट में ईरान के टेररिस्ट राज के खिलाफ हमारे मिलिट्री ऑपरेशन में शामिल नहीं होना चाहते, जबकि लगभग हर देश इस बात से पूरी तरह सहमत है कि हम क्या कर रहे हैं और ईरान को किसी भी तरह से न्यूक्लियर वेपन रखने की इजाज़त नहीं दी जा सकती. हालांकि, मैं उनके एक्शन से हैरान नहीं हूं, क्योंकि मैंने हमेशा NATO को, जहां हम इन्हीं देशों की सुरक्षा पर हर साल सैकड़ों बिलियन डॉलर खर्च करते हैं, एकतरफा रास्ता माना है. हम उनकी सुरक्षा करेंगे, लेकिन वे हमारे लिए, खासकर जरूरत के समय में, कुछ नहीं करेंगे.'
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'अपने भाई HH शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, UAE के प्रेसिडेंट से बात की और ईद की एडवांस बधाई दी. हमने वेस्ट एशिया के मौजूदा हालात पर बात की. UAE पर हुए सभी हमलों की भारत की तरफ से कड़ी निंदा दोहराई गई, जिनमें बेगुनाह लोगों की जान गई और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ. हम होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और फ्री नेविगेशन पक्का करने की अहमियत पर सहमत हुए. हम इस इलाके में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.'
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो जारी कर ईरान के लोगों को नवरोज की शुभकामनाएं दीं. नवरोज ईरानी नववर्ष का नाम है, जिसे फारसी नया साल भी कहा जाता है. नेतन्याहू ने वीडियो मैसेज ऐसे समय में जारी किया है जब उनकी मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी.
ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी ने बताया कि शारजाह बंदरगाह पर एक जहाज में विस्फोट हुआ है, यह घटना एक अन्य अमीराती स्थान पर एक टैंकर पर हमले के कुछ घंटों बाद हुई है. ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी के अनुसार, मंगलवार को इससे पहले ओमान की खाड़ी में फुजैराह के प्रमुख तेल बंदरगाह के पास एक जहाज पर हमला हुआ.
इजरायली सेना का कहना है कि उसने तेहरान में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमले शुरू कर दिए हैं. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान और ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की खबरें आ रही हैं.
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की ओर से मिसाइल दागे जाने की चेतावनी के बाद उत्तरी इजरायल में सायरन की आवाजे सुनाई दे रही है. यरुशलम में कई जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. इजरायली सेना का कहना है कि उसने मिसाइलों की पहचान कर ली है.
इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने दावा किया है कि IDF के हमले में लारीजानी की मौत हो गई. दूसरी तरफ लरिजानी के ऑफिस ने कहा कि थोड़ी देर में वह प्रेस को संबोधित करेंगे.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे महत्वपूर्ण तेल बंदरगाह फुजैराह में तेल लोडिंग पूरी तरह रोक दी गई है. ब्लूमबर्ग न्यूज ने एक शिपिंग एजेंट और मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि ये फैसला हाल के ड्रोन हमलों की वजह से लिया गया है. फुजैराह होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर UAE का एकमात्र बड़ा कच्चा तेल निर्यात मार्ग है और यहां से रोजाना करीब 10 लाख बैरल से ज्यादा मुर्बान क्रूड और अन्य ईंधन एक्सपोर्ट होते हैं. फुजैराह होर्मुज से बाहर है, इसलिए ईरान जंग में जहां होर्मुज बंद होने से गल्फ देशों का तेल एक्सपोर्ट ठप है, फुजैराह UAE के लिए बैकअप रूट था. यहां हबशन-फुजैराह पाइपलाइन से क्रूड आता है और ये दुनिया के सबसे बड़े बंकरिंग और स्टोरेज हब्स में से एक है.
इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने मंगलवार को बड़ा ऐलान किया कि उन्होंने ईरान के बसिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया है. ये हमला कल (सोमवार) हुआ, जिसमें IDF ने सटीक टारगेट स्ट्राइक की. सुलेमानी पिछले 6 साल से बसिज यूनिट के कमांडर थे. IDF के आधिकारिक X अकाउंट ने पोस्ट में लिखा, 'बसिज यूनिट का कमांडर मार गिराया गया. कल IDF ने गोलामरेज़ा सुलेमानी को टारगेट करके मार गिराया, जो पिछले 6 साल से बसिज यूनिट चला रहे थे. सुलेमानी के नेतृत्व में बसिज यूनिट ने ईरान में मुख्य दमनकारी ऑपरेशन चलाए, जिसमें नागरिक प्रदर्शनकारियों पर भारी हिंसा, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और जबरदस्ती का इस्तेमाल किया गया.'
मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स का कहना है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी मजबूत पकड़ का पूरा फायदा उठा रहा है. इससे वो अमेरिका को एक लंबी, महंगी और मुश्किल जंग में फंसा चुका है. ईरान सीधे टक्कर की बजाय असिमेट्रिक वॉरफेयर (असमानी युद्ध) की रणनीति अपना रहा है, जिसमें वो धीरे-धीरे आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाता रहे और समय के साथ अमेरिका को कमजोर कर दे. रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट की बुर्कू ओजकेलिक और सूफान सेंटर की रिपोर्ट का मानना है कि ईरान जानता है कि वो अमेरिका से पारंपरिक जंग नहीं जीत सकता, इसलिए वो अनियमित तरीके इस्तेमाल कर रहा है. जैसे होर्मुज को बंद रखना, जहाजों पर हमले, गल्फ देशों में मिसाइल-ड्रोन अटैक और तेल की कीमतें आसमान पर पहुंचाना.
ईरान की सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने अमेरिकी राष्ट्रप के ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा है कि युद्ध का अंत सोशल मीडिया से नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में तय होगा. ईरान के अन्य सैन्य अधिकारियों ने भी कहा कि युद्ध कब खत्म होगा और कितना लंबा चलेगा, यह फैसला ईरान करेगा, अमेरिका नहीं. उन्होंने कहा, 'आपने इसे शुरू किया है, हम इसे खत्म करेंगे.'
इजरायल की सेना ने कहा है कि वह लेबनान में लगातार हमले कर रही है. सेना ने दक्षिणी लेबनान के लोगों, खासकर अरब अल-जाल गांव के निवासियों से तुरंत इलाका खाली करने को कहा है. इजरायल का कहना है कि वह जल्द ही हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला करेगा, इसलिए लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की चेतावनी दी गई है. वहीं लेबनान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार सुबह राजधानी बेरूत के तीन इलाकों में भी हवाई हमले हुए हैं.
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने मंगलवार को साफ कहा कि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को बाहर से थोपना गलत है. उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा टिकाऊ (सस्टेनेबल) होनी चाहिए और ये बाहर की ताकतों से नहीं, बल्कि इलाके के देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग से बनी होनी चाहिए.
रॉयटर्स ने ईरान के सरकारी टीवी चैनल के हवाले से बताया कि कलीबाफ ने ये बातें ऐसे समय कहीं जब अमेरिका और इजरायल के साथ चल रही जंग अपने चरम पर है. उन्होंने कहा, 'क्षेत्र की सुरक्षा को किसी बाहरी ताकत से लागू नहीं किया जा सकता. ये सिर्फ स्थानीय स्तर पर, इलाके के देशों के बीच विश्वास और सहयोग से ही मजबूत और लंबे समय तक टिक सकती है.'
UAE के फुजैराह पोर्ट के पास समुद्र में एक ऑयल टैंकर (जहाज) पर हमला हुआ है. यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) सेंटर के मुताबिक, जहाज पर किसी अनजान चीज से हमला किया गया. उस समय जहाज वहीं खड़ा था. हमले में जहाज को थोड़ा नुकसान हुआ, लेकिन वह सुरक्षित है. हमले में किसी भी इंसान को चोट नहीं लगी और समुद्र में कोई नुकसान नहीं हुआ. अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और बाकी जहाजों को सावधान रहने को कहा गया है. इसी बीच फुजैराह के ऑयल इंडस्ट्री एरिया में भी ड्रोन हमले के बाद आग लग गई. यह इलाका दुबई से करीब 150 किलोमीटर दूर है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को घोषणा की कि उन्होंने 10 विदेशी जासूसों को गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारियां अमेरिका और इजरायल के साथ चल रही जंग के बीच हुई हैं, जहां ईरान को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है. IRGC के मुताबिक, इनमें से 4 लोग संवेदनशील साइट्स (जैसे मिलिट्री और सिक्योरिटी इंस्टॉलेशंस) और आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जानकारी इकट्ठा कर रहे थे. बाकी आरोपी एक 'राजशाही आतंकवादी ग्रुप' से जुड़ा है, जो ईरान के खिलाफ साजिश रच रहे थे.
IRGC ने कहा कि ये लोग विदेशी ताकतों के लिए काम कर रहे थे. गिरफ्तारियां अलग-अलग प्रांतों में हुईं और जांच में इनके पास संवेदनशील जानकारी और संपर्क मिले हैं. IRGC का दावा है कि ये गिरफ्तारियां ईरान की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने का हिस्सा हैं, क्योंकि जंग के दौरान दुश्मन जासूसी बढ़ा देते हैं.
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग ने तेल के बाजार को हिला दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब मिडिल ईस्ट का कच्चा तेल दुनिया में सबसे महंगा हो गया है. दुबई क्रूड ऑयल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर 153.24 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जो 2008 के ब्रेंट के हाई से भी ज्यादा है. ओमान क्रूड भी करीब 147-148 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है. रिपोर्ट में S&P Global Platts के हवाले से बताया गया कि कैश दुबई की कीमत मई लोडिंग के लिए 153.25 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. इसका प्रीमियम स्वैप्स के मुकाबले 56 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंचा, जो फरवरी के औसत 90 सेंट से बहुत ज्यादा है. ये प्रीमियम अब क्रूड की वैल्यू का करीब एक तिहाई बन गया है.
अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े और सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड (CVN-78) पर आग लग गई. यह आगजनी मुख्य लॉन्ड्री एरिया में हुई. नौसेना ने बताया कि ये आग किसी लड़ाई या हमले की वजह से नहीं लगी, बल्कि एक ड्रायर के वेंट में शुरू हुई और तेजी से फैल गई. आग बुझाने में 30 घंटे से ज्यादा समय लगा, जिसके बाद अब हालात पूरी तरह काबू में हैं. इस हादसे में 600 से ज्यादा सैनिकों के बेड खराब हो गए हैं.
मिडिल ईस्ट में चल रही ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच भारतीय दूतावास ने अच्छी खबर दी है. दूतावास ने 17 मार्च 2026 को ऑफिशियल नोटिस जारी कर साफ कहा है कि सभी कांसुलर सेवाएं पूरी तरह पहले की तरह चल रही हैं. पासपोर्ट, वीजा, OCI कार्ड और अन्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के उपलब्ध हैं. दूतावास ने खासतौर पर चार भारतीय कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर्स (ICAC) के बारे में बताया कि ये रामदान के दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुले रहेंगे. ये सेंटर्स हैं:
1. कुवैत सिटी: अल जवाहरा टावर (इंडिगो एयरलाइंस बिल्डिंग के पास)
2. जलीब अल शौख: नेस्टो हाइपरमार्केट बिल्डिंग
3. फहाहील: अल अनूद शॉपिंग कॉम्प्लेक्स
4. जहरा: अल खालिफा बिल्डिंग
दूतावास ने आगे कहा कि कोई इमरजेंसी हो या कोई सवाल हो तो 24×7 हेल्पलाइन नंबर +965 6550 1946 पर फोन करें या ईमेल community.kuwait@mea.gov.in पर लिखें.
मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमलों के पहले दो हफ्तों (28 फरवरी से 14 मार्च 2026 तक) की एक डरावनी रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान पूरे देश में कम से कम 4,765 लोग मारे गए या घायल हुए हैं. इनमें 205 बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें ज्यादातर छोटे बच्चे हैं. 20 अस्पताल, 36 स्कूल और 98 रिहायशी इलाके या बिल्डिंग्स को नुकसान पहुंचा है. करीब 32 लाख लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए. ये लोग अब सुरक्षित जगहों की तलाश में हैं, लेकिन जंग के कारण हालात बहुत खराब हैं.
ईरान के मध्य इलाके अराक के पास अमरबाद गांव में सोमवार सुबह अमेरिका-इजरायल के हमले में एक परिवार की पूरी तरह तबाही हो गई. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि इस हमले में सिर्फ 3 दिन का नवजात बच्चा अपनी मां की गोद में सोते हुए शहीद हो गया. उसके साथ ही उसकी 2 साल की बहन, मां और दादी भी मारे गए. ये चारों एक ही मिसाइल से मारे गए, जो उनके घर पर लगी. प्रेस टीवी ने लोकल सूत्रों के हवाले से पुष्टि की कि नवजात इस जंग का सबसे छोटा शहीद बन गया है. हमला सुबह-सुबह हुआ, जब पूरा परिवार सो रहा था. मिसाइल सीधे घर पर गिरी, जिससे घर तबाह हो गया और चारों की मौत हो गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों पर भड़ास निकालते हुए कहा कि ईरान के साथ चल रही जंग में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा सुरक्षित और खोलने के लिए वॉरशिप भेजने की अपील की, लेकिन ज्यादातर देशों ने मना कर दिया. ट्रंप ने कहा, 'हमें किसी की जरूरत नहीं. हम दुनिया का सबसे मजबूत राष्ट्र हैं. हमारी मिलिट्री सबसे ताकतवर है.'
हांगकांग के नेता जॉन ली ने कहा है कि बढ़ती तेल की कीमतों को लेकर वह बहुत चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि जंग की वजह से तेल की सप्लाई पर असर पड़ रहा है. इसका असर सिर्फ हांगकांग ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया पर पड़ सकता है. आगे चलकर कीमतें और बढ़ सकती हैं और हालात बदल सकते हैं. सरकार का कहना है कि वह कोशिश कर रही है कि तेल की कमी न हो और लोगों को ज्यादा परेशानी न झेलनी पड़े. इसके लिए सरकार एयरलाइंस और पेट्रोल कंपनियों से बात कर रही है, ताकि सब मिलकर हालात संभाल सकें.
इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए गए हैं, जिसे हमलों की शुरुआत के बाद से 'सबसे भीषण हमला' बताया जा रहा है. खबरों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के कारण बंद किए गए अपने हवाई क्षेत्र को फिर से खोल दिया है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के इस बयान से नाराजगी जताई है कि ब्रिटेन ईरान को लेकर किसी 'व्यापक युद्ध' में शामिल नहीं होगा.
समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, मंगलवार तड़के मिसाइल अलर्ट के बाद दुबई भर में तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई. ये धमाके उस समय हुए जब दुबई के लोगों को मोबाइल फोन पर एक चेतावनी मिली जिसमें उन्हें 'संभावित मिसाइल खतरे' के कारण 'तुरंत एक सुरक्षित स्थान पर जाने' का आग्रह किया गया था.
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग की वजह से तेल की सप्लाई पर असर पड़ रहा है. इसी वजह से श्रीलंका ने ईंधन बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब देश में हफ्ते में सिर्फ 4 दिन ही काम होगा. सरकार ने कहा है कि बुधवार से सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज सिर्फ 4 दिन ही खुलेंगे. साथ ही प्राइवेट कंपनियों से भी कहा गया है कि वे भी हर बुधवार छुट्टी रखें, ताकि तेल की बचत हो सके. तेल लाने का एक बड़ा रास्ता होर्मुज स्ट्रेट अभी प्रभावित है, जिससे कई देशों को तेल मिलने में दिक्कत हो सकती है. श्रीलंका पहले ही आर्थिक संकट झेल चुका है, इसलिए उसने यह कदम उठाया है.
कुवैत के गृह मंत्रालय ने बताया कि उसने हिजबुल्लाह से जुड़े 16 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें 14 कुवैती और 2 लेबनानी नागरिक शामिल हैं. मंत्रालय के मुताबिक, इन लोगों पर कुवैत में तोड़फोड़ की साजिश रचने का आरोप है.
इजरायल की एयर फोर्स ने मंगलवार सुबह दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों पर एयर स्ट्राइक्स कीं. ये हमले सुबह के समय शुरू हुए, जिसमें आर्टिलरी शेलिंग भी शामिल थी. लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) ने बताया कि इजरायली विमानों ने तायबे (Taybe) शहर पर रेड किया, जहां भारी तोपखाने की गोलाबारी भी हो रही थी. इसके अलावा काना (Qana) में एक रिहायशी घर को भी निशाना बनाया गया. NNA के मुताबिक, इन हमलों से अभी तक किसी मौत या घायल होने की कोई शुरुआती रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन इलाके में तनाव बहुत ज्यादा है और लोग डर के मारे घरों में छिपे हुए हैं.
इजरायल-ईरान युद्ध के बीच वेस्ट बैंक के कई इलाकों में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें आसमान में साफ दिखाई दीं. ये मिसाइलें ईरान से लॉन्च होकर इजरायल की ओर जा रही थीं. स्थानीय लोगों ने रात के अंधेरे में आग की लकीरें और चमकती हुई मिसाइलें देखीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. ये घटना अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के 17-18वें दिन हुई है. ईरान ने इजरायल पर कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं और इनमें से कुछ मिसाइलें वेस्ट बैंक के ऊपर से गुजर रही हैं.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान का कहना है कि ईरान ने अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध शुरू नहीं किया था. ईरान को अपने ऊपर होने वाले हमले से खुद की रक्षा करने का अधिकार है. पजशकियान ने X पर लिखा कि इस रीजन में ईरान के खिलाफ अमेरिकी ठिकानों का इस्तेमाल बंद किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता तब तक हासिल नहीं की जा सकती, जब तक हमारे देश पर हो रहे इजरायल और अमेरिकी हमलों की अनदेखी की जाती रहेगी.
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इजरायली बल लेबनान-इजरायल सीमा पर स्थित आइता अल-शाब गांव के बाहरी इलाके में पहुंच गए हैं, जबकि इलाके में युद्धक विमानों ने हवाई हमले भी किए. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की ओर से गांव खाली करने की चेतावनी भरे फोन कॉल मिलने के बाद लेबनानी सेना सिद्दीकिन कस्बे की ओर बढ़ी, ताकि वहां मौजूद बाकी परिवारों को सुरक्षित जगह पर निकाला जा सके.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन का मुकाबला कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं. दुबई के अधिकारियों ने अलग से बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में जो तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनी गईं, वे दरअसल एयर डिफेंस के मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराने की कार्रवाई का नतीजा हैं. यह घटनाक्रम मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिसमें ईरान की ओर से कई खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायल और कतर में स्थित अल-उदीद एयर बेस पर हमले किए हैं. IRGC के बयान में कहा गया कि 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4' के 57वें चरण को पूरा किया गया. इसमें मिसाइलों के जरिए इजरायल के कमांड, कंट्रोल और मिसाइल रक्षा से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. बयान में यह भी कहा गया कि कतर के अमेरिकी अल-उदीद बेस को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया.
तेहरान के उत्तरी हिस्से में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, ये धमाके सादाबाद पैलेस परिसर के पास हुए हैं. इन धमाकों की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विस्फोट पूर्व शाही महल के काफी करीब सुनाई दिए गए हैं. इससे पहले भी खबरें आई थीं कि खराज, शाहरीयार और शिराज़ की ओर के इलाकों को हवाई हमलों में निशाना बनाया गया. ये हमले सोमवार को तेहरान के केंद्रीय हिस्से में हुए बड़े हमले के बाद सामने आए हैं.
बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन हमले के बाद धमाके की खबर सामने आई है. एक सुरक्षा सूत्र के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले का जवाब दिया. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान इराक की राजधानी बगदाद में दूतावास के आसपास धमाके की आवाज सुनी गई.
ईरान के हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दिया है. UAE के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि यह कदम उड़ानों और विमान कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और देश की सुरक्षा के लिए एहतियातन उठाया गया है. सरकारी मीडिया के अनुसार, यह फैसला उस समय लिया गया जब UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वह ईरान की ओर से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर का सामना कर रहा है.
ईरान के उप विदेश मंत्री ने स्काई न्यूज़ को बताया कि अगर अमेरिका ने जमीन पर सेना उतारी तो उसे एक और वियतनाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने ईरान जब तक जरूरी होगा, तब तक लड़ने को तैयार है और देश फिलहाल कूटनीतिक समाधान पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब अमेरिका का कंट्रोल है. उन्होंने दावा किया कि यूएस ने ईरानी नौसेना के 100 से ज्यादा जहाजों को समंदर में डुबो दिया है. यूएस प्रेसिडेंट ने कहा कि हमने ईरान पर 7 हजार से ज्यादा टारगेट तबाह किए. इसके बाद ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल दागने में 90 फीसदी कमी आई है, जबकि ड्रोन हमले 95 फीसदी से भी कम हो गए हैं.
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने मुस्लिम देशों को संदेश देते हुए कहा है कि ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपनी लड़ाई में 'दृढ़' बना हुआ है. लारीजानी ने ईरान पर हुए हमले के दौरान मुस्लिम बहुल देशों से मिले समर्थन की कमी पर निराशा जताई. उन्होंने कहा, 'कुछ देशों ने तो हद ही कर दी है, उन्होंने ईरान को अपना शत्रु घोषित कर दिया है, सिर्फ इसलिए कि उसने अपने ही क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों, अमेरिकी और इजरायली हितों को निशाना बनाया.'
लारीजानी ने कहा कि जब पड़ोसी देशों में अमेरिकी ठिकाने मौजूद हैं तो ईरान से 'हाथ बांधकर चुपचाप बैठे रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती.'
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को शेयर कर लिखा, 'ईरान के पास उन सभी चीजों का बचाव करने की कोई क्षमता नहीं है जिनसे हम हमला करना चाहते हैं- वे इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकते!'
ईरान युद्ध के कारण खाड़ी देशों में हाहाकार मचा हुआ है. बैंक और वित्तीय संस्थान पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं. गूगल और अमेजॉन जैसे कई नामी MNC ने ऑपरेशन बंद कर दिया है. दुबई में प्रॉपर्टी के दाम में 30-40 फीसदी की गिरावट आ गई है.
(जगविंदर पटियाल)
ईरान की Mehr न्यूज एजेंसी के अनुसार, सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के पूर्व कमांडर मोहसेन रेजाई को अपना सैन्य सलाहकार नियुक्त किया है.
अमेरिकी वित्त सचिव ने डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात पर कहा कि यूएस प्रेसिडेंट अपनी चीन यात्रा स्थगित कर सकते हैं. इस दौरान उन्होंने साफ किया कि ये होर्मुज स्ट्रेट पर बीजिंग पर दबाव डालने के लिए नहीं है.
अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध के दौरान समर्थन देने के लिए ईरान ने पाकिस्तान का आभार जताया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'मैं अमेरिका और जायोनी शासन की आक्रामकता के सामने ईरान के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता और समर्थन व्यक्त करने के लिए पाकिस्तान सरकार और लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं.'
भारत ने कहा, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को गुजरने में मदद करने के बारे में अमेरिका के साथ कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, 'हम जानते हैं कि इस मामले पर कई देशों के बीच द्विपक्षीय चर्चा हो रही है. हमारी अभी तक ऐसी कोई द्विपक्षीय चर्चा नहीं हुई है.'
बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि वहां भी चेतावनी सायरन बजा दिए गए हैं. जनता से अपील की गई है कि वे निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाएं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा, 'हम होर्मुज स्ट्रेट के लिए एक विश्वसनीय योजना बनाने के लिए दूसरों के साथ काम कर रहे हैं ताकि जहाजों का आवागमन फिर से शुरू हो सके. मैं स्पष्ट कर दूं, यह नाटो मिशन नहीं होगा और न ही कभी ऐसा सोचा गया है. यह साझेदारों का एक गठबंधन होगा, इसीलिए हम यूरोप, खाड़ी देशों और अमेरिका में साझेदारों के साथ काम कर रहे हैं. मेरा मानना है कि अमेरिका सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करना ही आगे बढ़ने का सही तरीका है और इस बारे में मेरी कल राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अच्छी चर्चा हुई.'
यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर ने सोमवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह ईरान के खर्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर सटीक हमला किया, जिसमें नौसैनिक खदानों और मिसाइलों के भंडारण स्थलों सहित 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
ईरान युद्ध के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी चीन यात्रा में देरी कर सकते हैं, लेकिन वित्त मंत्री बेसेंट का कहना है कि यह होर्मुज जलडमरूमध्य पर बीजिंग पर दबाव डालने के लिए नहीं है.
ईरान के विदेश मंत्री ने विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'मुझे लगता है कि अब तक उन्हें सबक मिल गया होगा और वे समझ गए होंगे कि वे किस तरह के राष्ट्र से निपट रहे हैं - एक ऐसा राष्ट्र जो आत्मरक्षा करने में संकोच नहीं करता और युद्ध को चाहे जिस भी दिशा में ले जाए, उसे जारी रखने के लिए तैयार है, और चाहे जितनी भी जरूरत हो.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के बीच व्हाइट हाउस के पोस्ट को फिर से शेयर किया है, जिसमें लिखा हुआ है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. इस इमेज में अमेरिकी फ्लैग के साथ बॉम्बर भी छपा हुआ है.
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने ईरान में जारी जंग पर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों का आना-जाना पूरी तरह ठप हो गया है. 20 मार्च से हमारे देश में कच्चे तेल के आयात में काफी कमी आने की आशंका है. हालांकि, हमारे देश में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के संयुक्त भंडार में लगभग आठ महीने का पेट्रोलियम भंडार है, इसलिए घरेलू ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति में तत्काल कोई बाधा नहीं आएगी.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, हमारे दृष्टिकोण से, होर्मुज स्ट्रेट खुला है और केवल हमारे दुश्मनों के लिए बंद है. हमने कोई संदेश नहीं भेजा है और न ही युद्धविराम का अनुरोध किया है. कहा कि ईरान इजराइल और अमेरिका के साथ युद्ध के लिए तैयार है. ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि तेहरान ने यह दिखा दिया है कि वह इजराइल और अमेरिका के साथ युद्ध के लिए तैयार है, चाहे कुछ भी जरूरी हो.
गुजरात: होर्मुज स्ट्रेट को पार करके आया एलपीजी टैंकर शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा.
IRGC ने बताया कि आज (16 मार्च) को उसके खिलाफ किन-किन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया और कहां-कहां किया.
1. इजरायल के खिलाफ सुपर हेवी हाइपरसोनिक मिसाइल, फतह-2, इमाद और गदर का इस्तेमाल किया गया.
2. इनमें इजरायल की सबसे बड़ी हथियार बनाने वाली कंपनी IAI (इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज) की फैसिलिटी पर हमला किया गया.
3. बहरीन में अमेरिका के अल जुफैर नेवल सपोर्ट बेस और शेख इसा एयर बेस पर अटैक.
इजरायल का कहना है कि उसने तेहरान में ईरान के दिवंगत नेता द्वारा इस्तेमाल किए गए विमान को नष्ट कर दिया है. इजरायली सेना का कहना है कि उसने कल रात (15 मार्च) तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा इस्तेमाल किए गए विमान को नष्ट कर दिया है. उसका कहना है कि इस विमान का इस्तेमाल ईरान के अन्य शीर्ष अधिकारियों और सैन्य कर्मियों द्वारा हथियारों की खरीद को आगे बढ़ाने और सहयोगी देशों के साथ समन्वय करने के लिए किया जाता था. इसके अलावा, इजरायली सेना के मुख्य लक्ष्यों में से एक ईरान में स्थित मिसाइल लॉन्चर हैं. एक इजरायली रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 70 प्रतिशत को अब नष्ट या निष्क्रिय कर दिया गया है.
पिछले 17 दिनों में पहली बार ईरान ने इजरायल की किसी हथियार बनाने वाली फैसिलिटी पर अटैक किया है. अभी तक अमेरिका और इजरायल ही ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्लांट पर अटैक कर रहे थे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 'ओमान में 2 भारतीयों की मौत हुई है. वहीं, ईरान से 550 भारतीय अरमानिया पहुंचे और कई लोग सुरक्षित अजरबैजान पहुंच गये. तेहरान की एंबेसी से हमें काफी मदद मिली है. ईरान में भारतीय नागरिकों में नाविक और मछुआरे समुदाय के लोग भी हैं. उनकी कंपनियों से हमारे दूतावास की बातचीत लगातार जारी है. भारत सरकार वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.'
इजरायली मीडिया के मुताबिक, ईरान की एक मिसाइल को रोके जाने के बाद उसके टुकड़े मध्य इजरायल के कई इलाकों में गिरे हैं. इजरायली चैनल 12 ने बताया कि तेल अवीव के पास स्थित शोहम, रिशोन लेज़ियन, लोद और नेस जियोना शहरों में मिसाइल के टुकड़े गिरे. हालांकि किसी के घायल होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है.
लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रही जंग में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को लेटेस्ट अपडेट दिया कि 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 850 लोग मारे जा चुके हैं. इसमें 107 बच्चे, 66 महिलाएं और 32 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं. घायलों की संख्या 2,105 पहुंच गई है. यह आंकड़ा पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के मुताबिक, इजरायल ने दक्षिण लेबनान, बेरूत के दक्षिणी इलाकों (दाहिया) और दूसरे इलाकों पर लगातार एयरस्ट्राइक्स किए हैं. हाल ही में बेरूत के दक्षिणी सबर्ब्स पर फिर से बड़े हमले हुए, जहां धुएं के गुबार उठते दिखे. कई जगहों पर ग्राउंड ऑपरेशंस भी रिपोर्ट हुए हैं.
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच एक नई वीडियो और फुटेज वायरल हो रही है. ईरान के दक्षिण-पूर्वी इलाके में चाबहार पोर्ट के आसमान में अमेरिकी नौसेना का F-18 सुपर होरनेट लड़ाकू विमान कम ऊंचाई पर उड़ता हुआ दिखा. कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की गई वीडियोज में यह प्लेन चाबहार के ऊपर स्ट्रैफिंग रन (गन फायरिंग) करते हुए कैद हुआ है. यह फुटेज 15 मार्च 2026 की है और कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्लेन USS Abraham Lincoln कैरियर से लॉन्च हुआ था. चाबहार पोर्ट ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में है, जो पाकिस्तान बॉर्डर के बहुत करीब है. इस पोर्ट को भारत ने बनाया है. इसके पास ही कोनराक नेवल बेस है, जो ईरानी नौसेना का महत्वपूर्ण ठिकाना है. युद्ध शुरू होने से अब तक अमेरिका और इजरायल ने इस बेस पर कई हमले किए हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने एक बड़ा हमला किया है. इजरायली एयर फोर्स ने तेहरान के मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टारगेटेड स्ट्राइक की, जिसमें ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेईका इस्तेमाल किया जाने वाला प्लेन पूरी तरह तबाह कर दिया गया. IDF के स्पोक्सपर्सन ने ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा, 'एयर फोर्स ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर ईरानी टेरर रिजीम के लीडर का प्लेन डिस्ट्रॉय कर दिया. यह प्लेन खामेनेई, ईरान के सीनियर ऑफिशियल्स और मिलिट्री एलिमेंट्स इस्तेमाल करते थे. यह घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के जरिए मिलिट्री प्रोक्योरमेंट आगे बढ़ाने, एक्सिस देशों के साथ रिलेशंस मैनेज करने और मिलिट्री कोऑर्डिनेशन के लिए यूज होता था.'
ईरान में रूस के राजदूत काजेम जलाली ने कहा है कि मिनाब स्कूल हमले के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. इस हमले में 170 लोगों की मौत हुई थी. तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, जलाली ने कहा, 'हमला करने वाले को उस युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. उसे नुकसान की भरपाई करनी होगी.'
इजरायली सेना ने कहा है कि उसकी 91वीं ब्रिगेड ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी अभियान शुरू कर दिया है, जिसका मकसद फॉरवर्ड डिफेंस जोन का विस्तार करना है. सेना ने X पर पोस्ट करक बताया कि हाल के दिनों में शुरू किए गए इस अभियान का मकसद हिजबुल्लाह के ढांचे को नष्ट करना, खतरों को खत्म करना और लेबनान सीमा के पास रहने वाले इजरायली नागरिकों को सुरक्षा देना है.
निर्वासित ईरानी क्राउंन प्रिंस रजा पहलवी ने दुनिया भर में ईरानियों से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की. रजा ने कहा कि इस हफ्ते होने वाले स्प्रिंग फेस्टिवल से पहले लोग प्रदर्शन करें. अमेरिका में रहने वाले पहलवी ने X पर लिखा, 'मैं विदेशों में रहने वाले सभी ईरानियों से अपील करता हूं कि वे चारशनबे सूरी (20-21 मार्च को मनाया जाने वाला ईरानी त्योहार) के दिन दुनिया भर में शासन की दूतावासों के सामने इकट्ठा हों और एक आवाज में कहें कि ईरानी राष्ट्र तब तक शांत नहीं बैठेगा जब तक ईरान आजाद नहीं हो जाता.'
UAE की राजधानी अबू धाबी के अल बहया इलाके में एक सिविलियन व्हीकल पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. मृतक एक फिलिस्तीनी नागरिक था. अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करके इसकी पुष्टि की है. अरेबियन बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना ईरान से लॉन्च की गई मिसाइल या ड्रोन अटैक्स का नतीजा है. UAE की एयर डिफेंस ने ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन इंटरसेप्शन के दौरान गिरे डेब्री (टुकड़े) ने सिविलियन व्हीकल को हिट किया. इससे वाहन पूरी तरह तबाह हो गया और ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई. कोई और घायल होने की खबर नहीं है.
ईरान के मध्य प्रांत मार्कजी में स्थित अराक शहर के घनी आबादी वाले नारेंजिस्तान रिहायशी कॉम्प्लेक्स पर अमेरिका-इजरायल की संयुक्त फोर्सेस ने मिसाइल अटैक किया. यह इलाका बहुत घना बसा हुआ है, जहां हजारों लोग रहते हैं. हमले से कॉम्प्लेक्स में भारी तबाही हुई. कई इमारतें ढह गईं, आग लग गई और मलबे में लोग फंसे हुए हैं. ईरानी मीडिया और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला हाजीाबाद इंडस्ट्रियल जोन के पास हुआ, जो अराक में है. इस जोन में कई डिफेंस और इंडस्ट्रियल साइट्स हैं, लेकिन हमला रिहायशी इलाके पर हुआ, जिससे नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचा है. ईरान का कहना है कि यह 'सिविलियन टारगेट' था और कई परिवार प्रभावित हुए हैं. मौतों और घायलों की संख्या अभी कन्फर्म नहीं हुई, लेकिन रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है.
अमेरिकी तेल कंपनियों ने कहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से पैदा हुआ ऊर्जा संकट आगे और गंभीर हो सकता है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सॉन, शेवरॉन और कोनोकोफिलिप्स के सीईओ ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा होगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस जलमार्ग से तेल और गैस की आवाजाही में रुकावट के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है.
वहीं, दूसरी तरफ इराकी सुरक्षा सूत्रों ने बताया है कि बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास और बलाद एयरबेस के पास दिखाई दिए ड्रोन के जवाब में देश की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई है. इससे पहले बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित विक्ट्री बेस पर हुए हमले में आग लग गई थी. इसमें पांच लोग घायल हो गए थे.
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के चाबहार फ्री ट्रेड जोन के पास एक पहाड़ी इलाके में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. इस क्षेत्र में फ्री ट्रेड जोन के पीछे जोरदार विस्फोटों की आवाज सुनी गई. चाबहार फ्री ट्रेड जोन ईरान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान में स्थित है और यह पाकिस्तान की सीमा के पास पड़ता है.
इराक के जुरफ अल-सखर इलाके में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के मुख्यालय पर हवाई हमला किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में तीन लोग घायल हुए हैं. पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स, शिया अर्धसैनिक गुटों का संगठन है. यह इराक की सरकारी सुरक्षा बलों में शामिल है और इसमें ईरान से जुड़े कई समूह भी शामिल हैं.
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को एक नई लहर में रिटेलिएटरी एयरस्ट्राइक्स लॉन्च किए हैं. उन्होंने हाइपरसोनिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करके अमेरिकी और इजरायली टारगेट्स पर हमला किया है. IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने स्टेटमेंट जारी किया है कि ये 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4' की 53वीं लहर है. ये ऑपरेशन US-इजरायल की 'अनप्रोवोक्ड एग्रेशन' के जवाब में शुरू हुआ था. IRGC ने दावा किया है कि अटैक सफल रहा है और टारगेट्स को भारी नुकसान पहुंचा है. प्रेस टीवी, मेहर न्यूज एजेंसी और अल मयादीन जैसे ईरानी मीडिया ने ये रिपोर्ट की है. कुछ रिपोर्ट्स में सैटेलाइट इमेजेस भी शेयर की गई हैं, जिनमें बेस पर डैमेज दिख रहा है.
दुबई और दोहा से बहुत गंभीर खबर आ रही है. ईरान के मीडिया ऑपरेशंस सेंटर ने आज (16 मार्च 2026) सुबह एक अर्जेंट वार्निंग जारी की है. उन्होंने दुबई और कतर की राजधानी दोहा के कुछ खास इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत वहां से निकलने को कहा है. ईरान का दावा है कि इन जगहों पर अमेरिकी मिलिट्री के जवान और अधिकारी छिपे हुए हैं और आने वाले घंटों में इन पर अटैक हो सकता है. प्रेस टीवी (ईरान की स्टेट मीडिया) ने ये बयान जारी किया है. उन्होंने मैप्स भी शेयर किए हैं, जिसमें दोहा के तीन इलाके बताए गए हैं, ऐन खालिद (दोहा के बाहर), लुसैल (शहर के उत्तर में) और अल वाब डिस्ट्रिक्ट. दुबई के लिए स्पेसिफिक इलाके नहीं बताए गए, लेकिन कहा गया है कि कुछ स्पेसिफिक एरियाज में अमेरिकी फोर्सेस छिपे हैं.
जापान की प्रधानमंत्री सना ताकाइची ने संसद में कहा है कि टोक्यो का होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना भेजने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा, 'हमने एस्कॉर्ट जहाज भेजने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है. हम यह देख रहे हैं कि जापान अपने स्तर पर क्या कर सकता है और कानूनी ढांचे के भीतर क्या संभव है.'
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में चीन पर दबाव डालते हुए कहा, 'मुझे लगता है चीन को भी मदद करनी चाहिए क्योंकि चीन को स्ट्रेट्स से 90% तेल मिलता है. जो देश इस रूट से फायदा उठाते हैं, उन्हें सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां कुछ गलत न हो.' ट्रंप ने ये भी कहा कि अगर चीन मदद नहीं करता तो वो चाइनीज प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के साथ प्लान्ड समिट को टाल सकते हैं. ये समिट इस महीने के आखिर में होना है. ट्रंप ने स्पेसिफिक मदद के बारे में बताया कि माइंसवीपर्स चाहिए और ऐसे लोग जो ईरानी शोर पर कुछ बैड एक्टर्स को नेस्तनाबूद करें. ट्रंप ने ये भी जोड़ा कि अमेरिका ईरान को बहुत जोर से मार रहा है, उनके पास अब सिर्फ थोड़ी सी मुश्किल का सामना करने की ताकत बची है.
ट्रंप ने NATO को बड़ी वार्निंग दे दी है. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर NATO के सहयोगी देश ईरान के मामले में और खासकर हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने में अमेरिका की मदद नहीं करते तो NATO का 'बहुत बुरा भविष्य' होगा. ट्रंप ने कहा, 'अगर कोई रिस्पॉन्स नहीं आया या नेगेटिव रिस्पॉन्स आया तो NATO के फ्यूचर के लिए बहुत बुरा होगा.' उन्होंने यूक्रेन में NATO की मदद का हवाला दिया कि अमेरिका ने यूक्रेन को रूस के खिलाफ सपोर्ट किया, अब मदद की बारी उनकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को फॉक्स न्यूज रेडियो पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान में ग्राउंड ट्रूप्स (जमीन पर सैनिक) भेजने से मना नहीं करेंगे. लेकिन अभी ऐसा कोई प्लान नहीं है. ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के मिसाइल और ड्रोन को तबाह करने पर पूरा फोकस कर रहा है. ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा, 'हम अभी उस पर फोकस नहीं कर रहे हैं, लेकिन किसी पॉइंट पर हो सकता है.' ये बात ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम (उन्नत यूरेनियम) को जब्त करने के ऑपरेशन के बारे में पूछे जाने पर कही गई. उन्होंने बोला, 'नहीं, बिल्कुल नहीं. हम अभी उस पर नहीं हैं, लेकिन आगे चलकर हो सकता है. राइट नाउ, हम उनके मिसाइल और ड्रोन को बुरी तरह नेस्तनाबूद करने पर लगे हैं.'
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा है कि संगठन के पास मौजूद अधिकांश हथियारों का भंडार अभी भी सुरक्षित है. उनके मुताबिक ज्यादा एडवांस्ड हथियारों को अभी रिजर्व में रखा गया है. नैनी ने सरकारी प्रसारक IRIB से कहा कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर लगभग 700 मिसाइलें और 3,600 ड्रोन दागे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल अमेरिका और इजरायल के साथ हुए 12 दिन के युद्ध के बाद से ईरान की हमलावर क्षमता में काफी बढ़ोतरी हुई है.
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