ईरान के टॉप सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि लारीजानी जैसी बड़ी शख्सियत की मौत से ईरान की सरकार या सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ईरान का सिस्टम आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भी सही तरीके से चल रहा है.

ईरान का सिस्टम एक लीडरशिप पर निर्भर नहीं: अराघची

अराघची ने कहा, 'मुझे समझ में नहीं आता कि अमेरिका और इजरायल अभी तक ये बात क्यों नहीं समझ पाए. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का राजनीतिक ढांचा बहुत मजबूत है. यहां राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थान अच्छे से कायम हैं.'

अब्बास अराघची ने आगे जोर देकर कहा, 'एक व्यक्ति के आने या जाने से पूरा सिस्टम नहीं हिलता. हां, हर शख्स का अपना रोल होता है. कोई बेहतर काम करता है, कोई कम, लेकिन असली बात ये है कि ईरान का राजनीतिक सिस्टम बहुत ठोस और मजबूत संरचना पर टिका हुआ है.' अराघची ने ये भी याद दिलाया कि सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भी ईरान का सिस्टम नहीं डिगा था, क्योंकि ये किसी एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि मजबूत संस्थानों पर चलता है.

क्या है पूरा मामला?

अली लारीजानी पर हमला अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर चल रहे बड़े संघर्ष का हिस्सा है. 28 फरवरी 2026 में खामेनेई की हत्या के बाद अब लारीजानी ईरान के सबसे सीनियर नेता हैं जिन्हें टारगेट किया गया. इजरायल का कहना है कि लारीजानी सुरक्षा नीति के आर्किटेक्ट थे और उन्होंने ईरान की तरफ से कई बड़े फैसले लिए थे. ईरान की तरफ से अब तक दो बड़े झटके लग चुके हैं, पहले सुप्रीम लीडर और अब लारीजानी.

देश की नीतियां नहीं बदलेंगी: अराघची

इसके बावजूद विदेश मंत्री का ये बयान ईरान की मजबूती का संदेश दे रहा है. अराघची ने साफ कहा कि देश का सिस्टम किसी एक या दो लोगों पर निर्भर नहीं है और ये पूरी तरह स्थिर है. वर्तमान में ईरान-इजरायल तनाव अपने चरम पर है. दोनों तरफ से हमले और जवाबी हमले जारी हैं. ईरान की तरफ से भी इजरायल पर हमले हो रहे हैं और स्थिति तेजी से बदल रही है. ये बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में ईरान की स्थिति पर नजरें टिकी हुई हैं. अराघची का इंटरव्यू ईरान की सरकार की तरफ से एक साफ मैसेज है कि भले ही बड़े नेता मारे जा रहे हों, लेकिन देश का सिस्टम और उसकी नीतियां नहीं बदलेंगी.