ईरान ब्रॉडकास्टिंग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुवैत में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वह क्रैश हो गया. रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 23 तारीख को हुई, हालांकि विमान किस तरह का था और उस पर किस तरह हमला हुआ, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.

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अब तक नहीं हुई पुष्टि, अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजारJin10 के अनुसार, इस घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और हालात को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है. वहीं, अमेरिकी सेना की ओर से भी इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

F-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाने का किया था दावाकुवैत में अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिरने के दावे से कुछ दिन पहले भी ईरान ने अमेरिका के F-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाने का दावा किया था. बताया गया कि तेहरान में ऑपरेशन के दौरान विमान को नुकसान पहुंचा था. हालांकि कुवैत में गिरा विमान कौन सा था, इसकी अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है और न ही अमेरिका की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है. वहीं ईरान ने भी कुवैत में किसी विमान को गिराने का दावा नहीं किया है, जिससे स्थिति अब भी साफ नहीं है.

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F-35 हमले पर अलग-अलग दावेईरान ने कहा था कि 19 मार्च को उसने अमेरिकी F-35 विमान को मार गिराया या उसे गंभीर नुकसान पहुंचाया. हालांकि यूएस सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि विमान सुरक्षित लैंड कर गया और पायलट की हालत स्थिर है. लेकिन घटना को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई.

मिसाइल हमले की आशंकारिपोर्ट्स के मुताबिक, F-35 की ऊंचाई को देखते हुए माना जा रहा है कि उस पर सर्फेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) से हमला किया गया होगा. Air & Space Forces Magazine की रिपोर्ट के अनुसार पायलट को कुछ चोटें आई थीं, लेकिन वे गंभीर नहीं थीं और उनकी हालत स्थिर बताई गई.

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुई घटनायह पूरी घटना अमेरिका के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुई बताई जा रही है, जिसमें F-35A स्टील्थ फाइटर ईरान के ऊपर मिशन पर थे. IRGC ने दावा किया था कि उन्होंने विमान को गंभीर नुकसान पहुंचाया और इसके समर्थन में थर्मल इमेजिंग वीडियो भी जारी किया था, जबकि अमेरिकी पक्ष ने केवल इमरजेंसी लैंडिंग की बात कही.